*भगवंत मान सरकार ने बोर्ड परीक्षा देने वाले 6,695 विशेष क्षमता वाले विद्यार्थियों के लिए 3,255 विशेष केंद्र स्थापित किए: हरजोत सिंह बैंस*
- तनाव-मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए 2,804 केंद्र एक-एक विद्यार्थी के लिए स्थापित किए गए: हरजोत सिंह बैंस
- बोर्ड परीक्षाओं में सभी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना भगवंत मान सरकार की प्रमुख प्राथमिकता: हरजोत सिंह बैंस
- राइट्स टू पर्सन्स विद डिसएबिलिटी एक्ट के तहत विद्यार्थियों के लिए स्क्राइब, अतिरिक्त समय, निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की गई: हरजोत सिंह बैंस
- 11 अपंगता श्रेणियों को कवर करने वाला व्यापक नेटवर्क पंजाब सरकार के समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है: डॉ. अमरपाल सिंह
चंडीगढ़, 19 फरवरी: पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज बताया कि भगवंत मान सरकार द्वारा 17 फरवरी, 2026 से शुरू हुई पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की वार्षिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले विशेष क्षमता वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सभी के लिए शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने पंजाब भर में 6,695 विशेष क्षमता वाले विद्यार्थियों के लिए 3,255 विशेष परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि हर विद्यार्थी परीक्षा में सम्मान और विश्वास के साथ भाग ले सके।
उन्होंने बताया कि कुल 3,255 विशेष केंद्रों में से 2,804 केंद्र एक-एक विद्यार्थी के लिए स्थापित किए गए हैं, जो विशेष आवश्यकताओं वाले विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत, तनाव-मुक्त और अनुकूल परीक्षा वातावरण सुनिश्चित करते हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "हमारी सरकार समावेशी शिक्षा को मजबूत कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षाएं करवाने तक सीमित नहीं है। यह हर बच्चे के लिए सम्मान और समानता सुनिश्चित करने के बारे में है। हम एक ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जहां हमारे विशेष क्षमता वाले विद्यार्थी खुद को सशक्त महसूस करें।"
राइट्स टू पर्सन्स विद डिसएबिलिटी एक्ट, 2016 के प्रावधानों के अनुसार, हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप स्क्राइब और अतिरिक्त समय, रैंप और निर्बाध पहुंच वाली ग्राउंड-फ्लोर पर स्थित परीक्षा हॉल, ध्यान भटकाने को न्यूनतम करने के लिए अलग शांत कमरे, बड़े प्रिंट वाले प्रश्न पत्र और अन्य पहुंचयोग्य फॉर्मेटों के साथ-साथ जहां आवश्यक हो चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित की गई है।
इस पहल को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए, हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "यह एक न्यायपूर्ण और समान समाज निर्माण की दिशा में हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पंजाब सरकार हर विद्यार्थी को सफल होने के लिए आवश्यक संसाधनों और अवसरों से सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
पीएसईबी के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि सभी केंद्रों के सुपरिंटेंडेंट और स्टाफ को अपनी ड्यूटी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से निभाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा, "11 श्रेणियों की अपंगताओं को कवर करने वाले इन विशेष केंद्रों का नेटवर्क पंजाब सरकार की समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद करेगा।"
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*पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बैल गाडिय़ों की दौड़ों पर रोक लगी थी, हमने कानून में संशोधन करके फिर से शुरू किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और घरों में पदक लाएंगे तो किसी भी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*किला रायपुर में 8 एकड़ में फैले तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गांव में आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*हम पिछली सरकारों द्वारा की गई लूट-खसोट की लीकेज को बंद कर रहे हैं, जनता के पैसे की बचत कर रहे हैं और इसे लोगों पर खर्च कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*नशों के खात्मे के लिए खेल सबसे घातक हथियार हैं, खेलों के बजट में वृद्धि की जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*किला रायपुर खेलों का पुनरुत्थान पंजाब की ग्रामीण विरासत और सांस्कृतिक ताकत को दर्शाता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*नई खेल नीति 2023 पंजाब की खेलों की शान को बहाल कर रही है, हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
लुधियाना, 19 फरवरी 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स में शामिल होकर खेलों को नशों के खात्मे के लिए सबसे घातक हथियार घोषित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पंजाब के बजट में खेलों के बजट में वृद्धि की जाएगी, जिससे पंजाब के युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में ले जाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान बंद की गई बैल गाडिय़ों की दौड़ों को अब कानून में संशोधन के बाद फिर से शुरू किया गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चे मैदान में पसीना बहाएंगे और घरों को पदक लाएंगे तो किसी भी नशा विरोधी मुहिम की जरूरत नहीं रहेगी।
किला रायपुर खेलों के पुनरुत्थान को पंजाब की ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए, मुख्यमंत्री ने नई खेल नीति 2023 को राज्य की खेलों की शान को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसके तहत हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि किला रायपुर में आठ एकड़ में फैले तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और गांव में एक आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हम पिछली सरकारों द्वारा की गई लूट-खसोट की लीकेज को बंद कर रहे हैं, जिससे जनता का पैसा बचाया जा रहा है और इसे सीधे लोगों पर खर्च किया जा रहा है।
किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "खेल नशों के खात्मे का सबसे घातक हथियार हैं और राज्य सरकार राज्य के आने वाले बजट में खेलों के बजट में वृद्धि करेगी।" उन्होंने कहा कि सरकार पहले से ही खेलों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने आगे कहा, "पिछली सरकारों द्वारा युवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया था, हमारी सरकार ने इस पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है।" उन्होंने कहा कि युवाओं की अथाह ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए खेलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
संरचनात्मक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "नई खेल नीति 2023 पंजाब की खेलों की शान को बहाल करने के लिए शुरू की गई थी और अब खेल बजट को भी और बढ़ाया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने "खेड्डां वतन पंजाब दियां" के तीन सीजन सफलतापूर्वक करवाए गए जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढिय़ां हिस्सा लेती दिखीं। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार के ठोस प्रयासों के कारण पंजाब आज खेलों में देश का नेतृत्व कर रहा है और मुख्य भारतीय टीमों के कप्तान पंजाब से हैं।"
पंजाब सरकार की नशों के खिलाफ जंग के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार ने राज्य में ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम शुरू की है और खेल इस जंग में सबसे बड़ा हथियार हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के हर गांव में स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पंजाब और देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
किला रायपुर खेलों को ग्रामीण संस्कृति और विरासत की झलक बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह खुशी की बात है कि पंजाब सरकार ने इस विरासत को फिर से जीवित किया है।" इसे एक ऐतिहासिक पल बताते हुए उन्होंने कहा कि ये खेल विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं और लंबे समय से बैल गाडिय़ों की दौड़ों को फिर से शुरू करने की मांग की जा रही थी।
उन्होंने कहा, "हम ऐतिहासिक पलों के गवाह बन रहे हैं। लोगों को अपने बैलों से बहुत प्यार है और वे उन्हें अपने पुत्रों की तरह पालते हैं।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लगातार तीसरे साल किला रायपुर के ग्रेवाल स्टेडियम में ग्रामीण ओलंपिक 2026 करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मेले का मुख्य आकर्षण बैल गाडिय़ों की दौड़ें 12 साल के अंतराल के बाद फिर से जीवंत हुई हैं।
बैल गाडिय़ों की दौड़ों को फिर से शुरू करने संबंधी कानूनी व्यवस्था के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "11 जुलाई, 2025 को पंजाब विधानसभा में ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025’ सर्वसम्मति से पास किया गया था जिससे बैल गाडिय़ों की दौड़ों को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हुआ था।" उन्होंने आगे कहा कि कानून पास होने के बाद 29 जुलाई, 2025 को लुधियाना के गांव महिमा सिंह वाला में विरासती खेल प्रेमियों द्वारा एक शानदार समागम करवाया गया था। उन्होंने कहा, "बैल गाडिय़ों की दौड़ें हमारी ग्रामीण विरासत को दर्शाती हैं और हमें हमारे संस्कृति और विरासत से जोड़ती हैं। यह परंपरागत खेलों का पुनरुत्थान है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "बैल राज्य की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग हैं और पहले सिख गुरु साहिब श्री गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में लंबा समय बैलों के साथ खेती की।" उन्होंने आगे कहा कि जब बैल गाडिय़ों की दौड़ों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया गया तो विरासती खेल प्रेमियों को बड़ा झटका लगा और परंपरागत खेल विरासत को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, "यह खेल मेला पंजाबी संस्कृति की एक जीवंत तस्वीर है, जहां कुश्ती, नाच-गाना जैसी खेलों के माध्यम से पंजाब की महान विरासत को निहारा जा सकता है।"
इस समागम से जुड़ी विरासत को याद करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि ध्यान चंद, बलवीर सिंह, ऊधम सिंह, प्रिथीपाल सिंह, अजीतपाल सिंह और सुरजीत सिंह जैसे महान हॉकी खिलाडिय़ों ने इस समागम में अपनी प्रतिभा के जोहर दिखाए। उन्होंने आगे कहा कि मिल्खा सिंह, मक्खन सिंह, प्रदुमन सिंह, गुरबचन सिंह रंधावा और परवीन कुमार समेत देश भर के शीर्ष एथलीट भी इस ट्रैक पर दौड़े। इन खेलों की शुरुआत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरदार इंदर सिंह की सरपरस्ती के तहत साल 1933 में इस स्टेडियम को बनाने का सपना देखा गया था जब ग्रेवाल एजुकेशन सोसाइटी और ग्रेवाल स्पोट्र्स एसोसिएशन बनाई गई थी।
उन्होंने कहा कि यहां पहले कुश्ती मुकाबले साल 1933 में हुए और साल 1942 में इस मैदान पर रथ दौड़ें शुरू हुईं, जो 1950 में छतरी हटाने के बाद बैल गाडिय़ों की दौड़ों में बदल गईं। उन्होंने कहा, "बैल गाडिय़ों की दौड़ों के साथ-साथ, इस स्टेडियम में एथलेटिक्स मुकाबले भी शुरू हुए जिसने कई पीढिय़ों को खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।" उन्होंने कहा कि साल 1964 में यहां लड़कियों के एथलेटिक्स मुकाबले शुरू किए गए, जिससे लड़कियों के एथलेटिक्स करवाने वाला यह पहला ग्रामीण स्टेडियम बन गया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साल 1933 में शुरू हुई किला रायपुर की खेलें अब "मिनी ओलंपिक" या "ग्रामीण ओलंपिक" के रूप में जानी जाती हैं और भारत के राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख व्यक्तित्व भी इनमें शामिल होते रहे हैं।
गांवों में भाईचारा और एकता पर जोर देते हुए उन्होंने किला रायपुर के निवासियों द्वारा खेल विरासत को एकजुट होकर फलने-फूलने के लिए प्रशंसा की और सभी गांवों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर गांवों के विकास में योगदान देने की अपील की।
किला रायपुर के निवासियों की मांगों का जिक्र करते हुए भगवंत सिंह मान ने कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव की फिरनी वाली सडक़ को 1.5 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जाएगा, गांव की सहकारी सभा को पुनर्जीवित किया जाएगा, गांव के आठ एकड़ में फैले तालाब को 95 लाख रुपये की लागत से सीवेज मॉडल पर विकसित किया जाएगा, गांव की लाइब्रेरी को 10 लाख रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा और सिक्स-ए-साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ के निर्माण पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। स्टेडियम में फ्लड लाइटें लगाई जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा कि डेहलों से पखोवाल सडक़ का 30 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाएगा और काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य योजना के तहत लोगों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कार्ड के लिए नाम दर्ज करवाने की अपील करते हुए कहा, "यह राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। हर परिवार अब 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज प्राप्त करने का हकदार है।" उन्होंने आगे कहा कि समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए बनाई गई इस महत्वपूर्ण योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से हलवारा हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग की है, जो 19 साल की उम्र में शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा, "यह उस महान नायक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिसने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से आजाद करवाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाली पीढिय़ों के लिए इन शहीदों की शानदार विरासत को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर 'आप' के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और तरुणप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य व्यक्तित्व मौजूद थे।
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*श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के लिए पंजाब सरकार ने 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लिया: हरपाल सिंह चीमा*
*करतारपुर रोड पर बनेगा अत्याधुनिक श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र; बिजली की लाइनों को शिफ्ट करने के लिए 55 लाख रुपये स्वीकृत: हरपाल सिंह चीमा*
*श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर मनाया जाएगा: हरपाल सिंह चीमा*
*श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र गुरु जी की शिक्षाओं को विश्व स्तर पर फैलाएगा और समर्पित विद्वान तैयार करेगा: हरपाल सिंह चीमा*
*भगवंत सिंह मान सरकार ने अध्ययन केंद्र पर समयबद्ध कार्रवाई करके संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी की: हरपाल सिंह चीमा*
चंडीगढ़/जालंधर, 19 फरवरी: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने करतारपुर रोड पर स्थित गांव नौगज्जा और फरीदपुर में 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा लेकर 'श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र' की स्थापना की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह कदम गुरु रविदास जी की विरासत के सम्मान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कब्जा लेने की पूरी प्रक्रिया वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, विधायक बलकार सिंह, पंजाब कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन टीनू, डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल और डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की गई।
इस मौके पर बोलते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "यह बहुत खुशी की बात है कि पंजाब सरकार ने अत्याधुनिक श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र के निर्माण के लिए 10.50 एकड़ भूमि का कब्जा हासिल कर लिया है। इस भूमि का उपयोग अब गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को समर्पित एक विश्व स्तरीय संस्था बनाने के लिए किया जाएगा।"
उन्होंने आगे घोषणा की, "पंजाब सरकार इस जगह से हाई-टेंशन बिजली की तारों को शिफ्ट करने के लिए 55 लाख रुपये का खर्च वहन करेगी ताकि निर्माण कार्य बिना किसी देरी के सुचारू रूप से चल सके।"
वित्त मंत्री ने बताया, "भूमि की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है और अब कब्जा मिलने से यह प्रोजेक्ट लागू होने के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गया है। इस केंद्र का डिजाइन और लेआउट प्लान डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रतिनिधियों की सलाह से विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जा रहा है। जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे ताकि निर्माण कार्य तुरंत शुरू हो सके।"
भगवंत मान सरकार के संकल्प को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र दुनिया भर में गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के प्रसार और उनके संदेश को फैलाने वाले विद्वानों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पंजाब सरकार गुरु जी की आध्यात्मिक और सामाजिक विरासत को संरक्षित करने और प्रचार करने के लिए दृढ़ है।"
उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व संबंधी साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा, "श्री गुरु रविदास जी की विरासत का सम्मान देने और गुरु जी द्वारा दर्शाई गई सांप्रदायिक सद्भावना को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे राज्य में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।"
डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रतिनिधियों ने इस प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और संगतों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ईमानदारी और तेजी से पूरा करने के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद किया।
बाद में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधायक बलकार सिंह, चेयरमैन पवन टीनू, सीनियर ‘आप’ नेता नितिन कोहली और राजविंदर कौर थियाड़ा समेत डेरा सच्चखंड बल्लां में नतमस्तक होकर डेरा प्रमुख संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लिया।
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*गैंगस्टरां ते वार का 30वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 645 ठिकानों पर छापेमारी; 236 गिरफ्तार*
पुलिस टीमों ने 79 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की, 121 को पूछताछ के बाद रिहा किया
लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं
नशों के खिलाफ युद्ध के 355वें दिन 100 नशा तस्कर 7.7 किलोग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार
चंडीगढ़, 19 फरवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ के 30वें दिन पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में गैंगस्टरों के साथियों के चिह्नित और मैप किए गए 645 ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग, जिसकी शुरुआत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने 20 जनवरी, 2026 को की थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ.) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्रवाइयां कर रही हैं।
आज 30वें दिन पुलिस टीमों ने 236 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चार हथियार बरामद किए, जिसके साथ मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 10,214 हो गई है।
इसके अलावा 79 व्यक्तियों के खिलाफ सतर्कता कार्रवाई की गई है, जबकि 121 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान 12 भगोड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर—93946-93946 के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध तथा अपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा की जा सकती है।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘नशों के खिलाफ युद्ध’ को 355वें दिन भी जारी रखते हुए, 100 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 7.7 किलो हेरोइन, 100 ग्राम अफीम, 6631 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 8760 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इसके साथ ही केवल 355 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 50,338 हो गई है। नशा छुड़ाऊ मुहिम के तहत पंजाब पुलिस ने आज 37 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास के इलाज के लिए राजी किया है।
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वन मंत्री लाल चंद कटारूचक ने छत्तबीर चिडिय़ाघर में बाघ के तीन मादा बच्चों का नाम गरिमा, गुंजन और गज़़ल रखा
- जंगली जीवों की संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए छत्तबीर चिडिय़ाघर का फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट लॉन्च किया गया
- इस साल अप्रैल में चिडिय़ाघर के 50 वर्ष पूरे होने पर एक भव्य समारोह आयोजित करने पर किया जा रहा है विचार
चंडीगढ़, 19 फरवरी: छत्तबीर चिडिय़ाघर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक ने मादा बाघ गौरी से जन्मे तीन मादा बच्चों का नाम गरिमा, गुंजन और गज़़ल रखा।
उल्लेखनीय है कि ये तीनों बच्चे पिछले साल 5 नवंबर को जन्मे थे और अब इन्हें 3 महीने की उम्र पूरी होने के बाद किसी बड़े स्थान में छोड़ा जाएगा। इन तीनों में से दो का रंग सफेद है और एक का रंग भूरा है। इससे चिडिय़ाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है।
वन्यजीवों की देखभाल और लोगों को उनकी भलाई एवं संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में, मंत्री ने छत्तबीर चिडिय़ाघर का फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट भी लॉन्च किया। सोशल मीडिया को वन्यजीवों और प्रकृति संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए मंत्री ने आशा व्यक्त की कि इससे वन्यजीव संरक्षण संबंधी राज्य सरकार के प्रयासों की पहुंच में और भी वृद्धि होगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए श्री कटारूचक ने बताया कि अप्रैल माह में चिडिय़ाघर की गोल्डन जुबली (50 वर्ष) पूरी हो जाएगी और विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण अवसर को भव्य ढंग से मनाने पर विचार किया जा रहा है।
इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा मुख्य वन्यजीव वार्डन बसंता राज कुमार और छत्तबीर चिडिय़ाघर के फील्ड डायरेक्टर नलिन यादव भी उपस्थित थे।
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* डा.बलबीर सिंह ने एल.एम.एच.पी. फैलोज़ को पंजाब की नशा छुड़ाओ मुहिम में ‘ आस की किरण’ बनने के लिए प्रेरित किया*
* सेहत मंत्री ने एल.एम.एच.पी. फैलोज़ के पहले बैंच के साथ किया विचार- चर्चा, नशे विरुद्ध लड़ाई में उनको कहा,‘ लाईटहाऊस’
नशाखोरी को ‘ तूफ़ानी समुद्र’ और फैलोज़ को नशों के साथ जूझ कर रहे लोगों के प्ररेणास्त्रोत बताया*
चंडीगढ़, 19 फरवरी: पंजाब के सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह ने पंजाब भर में मानसिक सेहत और नशा छुड़ाओ मुहिम को ओर मज़बूत करने के लिए एक अहम पहलकदमी के अंतर्गत लीडरशिप इन मैंटल हैल्थ प्रोगराम (एल.एम.एच.पी.) फैलोज़ के पहले बैंच के साथ मुलाकात की, जोकि राज्य में चल रही नशा विरोधी मुहिम ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ के द्वारा नशे को रोकने और मानसिक तंदरुस्ती बढ़ाने के लिए सरकार की वचनबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
यहां किसान भवन में हुई विचार चर्चा दौरान डा. बलबीर सिंह ने एल.एम.एच.पी. फैलोज़ को नशे विरुद्ध पंजाब की निर्णायक जंग में ‘ लाईटहाऊस ’ बताया। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नशे के साथ जूझ रहा व्यक्ति ‘‘ समुद्र में तूफ़ान की लपेट में आए जहाज़ जैसा होता है - अशांत और दिशाहीण।’ ’ उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह एक लाईटहाऊस जहाजों को सुरक्षित ढंग के साथ किनारे पर पहुंचा देता है, उसी तरह एल.एम.एच.पी. फैलोज़ भी नशा पीडितों और परिवारों को मुख्य धारा और स्थिरता की तरफ ले जाएंगे।
सेहत मंत्री ने ज़ोर दे कर कहा कि फैलोज़ को सौंपी गई जि़म्मेदारी अहम और परिवर्तनशील है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा धैर्य और हमदर्दी की मांग करती है, लोगों को नशे की गिरफ़्त से बाहर निकालना किसी इनाम से कम नहीं। उन्होंने आगे कहा कि फैलोज़ को जनतक सेहत ढांचो में शामिल किया जा रहा है जिससे प्रणालियों को मज़बूत किया जा सके, प्रक्रियाओं को मानक, निगरान विधियों में विस्तार और जिलों में संस्थागत सामथ्र्य बनाई जा सके।
मानसिक सेहत प्रोगराम में लीडरशिप को एक अग्रणी पहलकदमी बताते डा.बलबीर सिंह ने कहा कि यह भारत की पहली फैलोशिप है, जो विशेष तौर पर प्रणालीगत मानसिक सेहत मज़बूती के द्वारा नशीले पदार्थों का दुरुपयोग रोकने पर समर्पित है। टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साईंसिज़ के सहयोग के साथ तैयार किया यह प्रोगराम, नशा छुड़ाओ केन्द्रों, ओओएटी केन्द्रों और जि़ला प्रशासनों को निगरानी करन, सामथ्र्य निर्माण और पूर्ण तालमेल में सहायता प्रदान करने के लिए जिले में प्रशिक्षण प्राप्त मानसिक सेहत पेशेवरों को तैनात करता है।
उन्होंने आगे बताया कि फैलोज़ की तरफ से युवाओं में नशे का प्रयोग को शुरू में ही रोकने के लिए स्कूलों, कालेजों और जनतक स्थानों के साथ भी सक्रियता के साथ संपर्क किया जाएगा। इस तरह रोकथाम, इलाज और पुर्नवास को एक व्यापक जनतक स्वास्थ्य ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा।
डा. बलबीर सिंह ने ज़ोर देते कहा कि नशाखोरी सिफऱ् पंजाब स्तर का मुद्दा नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय स्तर की सेहत चुनौती है जिसका मुकाबला करने के लिए निरंतर और ढांचागत दखलअंदाज़ी की ज़रूरत है। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि एलएमएचपी माडल में देश भर के दूसरे राज्यो के लिए एक ठोस ढांचे के तौर पर उभरने की सामथ्र्य है।
मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की दूरअन्देशी को उजागर करते उन्होंने कहा कि राज्य ने सेहत, शिक्षा और साफ़ पीने वाले पानी तक पहुंच को मानवीय विकास के मुख्य मापदण्डों के तौर पर प्राथिकता दी है। मानसिक सेहत सेवाओं को मज़बूत करना और नशे के साथ निपटना, सभी के लिए बराबर और पहुंचयोग जनतक सेहत मुहैया करवाना, इस सोच के अंग है।
सेहत मंत्री ने फैलोज़ को शुभकामनाएं दी और आशा व्यक्त की कि वह पेशेवर और नैतिक उत्तमता के मानक को कायम रखेंगे और पंजाब में नशाखोरी विरुद्ध चल रही लड़ाई में सुहिरदता के साथ योगदान देंगे।
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पंजाब सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि करने और फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि-प्रसंस्करण यूनिटों का विस्तार
- कृषि मंत्री ने किसानों को सशक्त बनाने और निर्यात क्षमताओं को बढ़ाने के लिए फाजिल्का जिले में तीन उच्च-प्रभाव वाली परियोजनाओं का किया उद्घाटन
- विश्वव्यापी फ्लेवर के मानकों पर खरा उतरने के लिए सिट्रस प्रसंस्करण यूनिट का किया आधुनिकीकरण
- मिर्च प्रसंस्करण यूनिट की क्षमता चार गुना बढक़र 4 मीट्रिक टन प्रति घंटा हो जाएगी
- हाई-टेक प्रोटेक्टेड कल्टिवेशन नर्सरी से वार्षिक बीज उत्पादन क्षमता 16 लाख से बढ़ाकर 40 लाख पौधे (सीडलिंग्स) हो जाएगी
चंडीगढ़, 19 फरवरी: पंजाब के कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र को और मजबूत करने तथा फसली विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए फाजिल्का जिले में स्थापित तीन प्रसंस्करण यूनिटों में व्यापक विस्तार किया है।
पंजाब के कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने फाजिल्का जिले के गांव आलमगढ़ में पंजाब एग्री एक्सपोर्ट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (पी.ए.जी.आर.ई.एक्स.सी.ओ.) द्वारा स्थापित तीन महत्वपूर्ण विस्तारित यूनिटों का उद्घाटन किया। इन यूनिटों में मिर्च प्रसंस्करण यूनिट, सिट्रस प्रसंस्करण यूनिट और हाई-टेक प्रोटेक्टेड कल्टिवेशन नर्सरी शामिल हैं।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि ये यूनिटें न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेंगी, बल्कि पंजाब को उच्च-मूल्य वाले प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में भी स्थापित करेंगी।
इस क्षेत्र के मिर्च उत्पादकों की सुविधाओं में वृद्धि करते हुए श्री खुड्डियां ने बताया कि पी.ए.जी.आर.ई.एक्स.सी.ओ. द्वारा आलमगढ़ में अपने मौजूदा फल एवं सब्जी प्रसंस्करण संयंत्र में एक नई अत्याधुनिक मिर्च प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 3 मीट्रिक टन प्रति घंटा की विस्तृत क्षमता के साथ, यह यूनिट कुल मिर्च प्रसंस्करण क्षमता को 1 मीट्रिक टन प्रति घंटा से बढ़ाकर 4 मीट्रिक टन प्रति घंटा कर देगी।
मंत्री ने कहा कि इस यूनिट में लाल और हरी मिर्च दोनों को विशेष रूप से निर्यात के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले फर्मेंटेड और अनफर्मेंटेड मिर्च पेस्ट में प्रसंस्कृत किया जाएगा। यह पहल ताजा उत्पादों के लिए एक समर्पित खरीद चैनल प्रदान करेगी, जिससे स्थानीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और मिर्चों को धूप में सुखाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि हर सीजन में लगभग 6,500 मीट्रिक टन मिर्चों की प्रसंस्करण करके, यह यूनिट बेहतर कीमत सुनिश्चित करेगी और कटाई के बाद के नुकसान में भारी कमी लाएगी।
पंजाब के प्रसिद्ध किन्नू उत्पादन से अधिकतम लाभ उठाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पी.ए.जी.आर.ई.एक्स.सी.ओ. द्वारा अपनी सिट्रस प्रसंस्करण यूनिट में बड़ा तकनीकी अपग्रेड किया गया है। इस अपग्रेडेशन के तहत उन्नत मशीनरी शामिल की गई है, जिसमें एक डीएसिडिफिकेशन यूनिट, एक विशेष सिट्रस पील ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट और एक डीबिटरिंग यूनिट शामिल है।
श्री खुड्डियां ने बताया कि इस अपग्रेडेशन से किन्नू के जूस में लिमोनिन जैसे प्राकृतिक मिश्रणों के कारण होने वाली देरी से कड़वाहट की समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा, ‘कड़वाहट को हटाकर और एसिडिटी को नियंत्रित करके, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पंजाब का सिट्रस वैश्विक फ्लेवर मानकों पर खरा उतरे।’ उन्होंने आगे कहा कि पील ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट उस उपकरण को बदल देगी जो पहले अवशेषों को उच्च-मूल्य वाले उत्पाद डी-लिमोनिन से भरपूर आवश्यक तेल में प्रसंस्कृत कर रही थी, जिसकी फूड फ्लेवर, कॉस्मेटिक और फार्मास्यूटिकल उद्योगों में भारी मांग है। इससे स्वाद और लाभ दोनों में वृद्धि होगी।
हाई-टेक नर्सरी से सब्जियों की खेती में क्रांति लाने के बारे में बात करते हुए, श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पी.ए.जी.आर.ई.एक्स.सी.ओ. द्वारा आलमगढ़ में एक नई हाई-टेक प्रोटेक्टेड कल्टिवेशन नर्सरी स्थापित की जा रही है। यह यूनिट कॉर्पाेरेशन की वार्षिक बीज उत्पादन क्षमता को 16 लाख से बढ़ाकर 40 लाख पौधों (सीडलिंग्स) तक पहुंचा देगी।
मंत्री ने कहा कि सुचारू बुवाई और जलवायु-नियंत्रित पॉलीहाउसों के उपयोग से, यह नर्सरी सब्जियों के एकसमान और स्वस्थ पौधों का उत्पादन करेगी। यह तकनीक-आधारित दृष्टिकोण पारंपरिक प्रणालियों में महंगे हाइब्रिड बीजों से संबंधित पौधों की मृत्यु दर को कम करती है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्री ने आगे कहा, ‘हम अपने किसानों के लिए किफायती दरों पर उच्च-गुणवत्ता वाली बुवाई सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। यह उनकी लागत को कम करेगा और बेहतर फसल सुनिश्चित करेगा, जिससे सब्जियों की खेती में उच्च उत्पादकता और लाभ के लिए रास्ता प्रशस्त होगा।’
श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, ‘मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी नेतृत्व में, हमारी सरकार पारंपरिक खेती से आगे अधिक लाभ के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बना रही है। ये परियोजनाएं कटाई के बाद के नुकसान से लेकर कीमतों में अस्थिरता तक किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों को बाजार से सीधा संबंध बनाकर और प्रसंस्करण क्षमताओं को बढ़ाकर हल करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।’ उन्होंने कहा कि पी.ए.जी.आर.ई.एक्स.सी.ओ. की पहलें पंजाब के कृषि क्षेत्र के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हैं, जो सतत विकास के लिए रास्ता प्रशस्त करती हैं और वैश्विक कृषि बाजारों में अपनी स्थिति को मजबूत करती हैं।
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* युद्ध नशियां विरुद्ध: डीजीपी गौरव यादव ने जालंधर में अति-आधुनिक ए.एन.टी.एफ. रेंज दफ़्तर का किया उद्घाटन, राज्य से नशे के ख़ात्मे के लिए लिया अहद*
— नई ए.एन.टी.एफ. सुविधा अति-आधुनिक फोरेंसिक साधनों, डेटा विश्लेषण प्रणालियों, फोरेंसिक डेटा ऐकस्टरैकशन और डीक्रिपशन सामथ्र्य के साथ लैस: डीजीपी गौरव यादव
— इन उन्नत प्रणालियों की प्रभावी और पेशेवर प्रयोग को यकीनी बनाने के लिए तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ किया तैनात
— 1 मार्च, 2025 से अब तक 50 हज़ार से अधिक नशा तस्कर किए काबू ; 2229 किलो हेरोइन, 667 किलो अफ़ीम, 16. 68 करोड़ की ड्रग मनी की ज़ब्त
चंडीगढ़/ जालंधर, 19 फरवरी: मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा- निर्देशों पर राज्य में चलाई जा रही मुहिम ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ को आगे बढ़ाते डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज जालंधर में पुलिस लाईनज़ में नई बनी अति- आधुनिक एंटी- नारकोटिकस टास्क फोर्स (एएनटीएफ) जालंधर रेंज इमारत का उद्घाटन किया। डीजीपी के साथ विशेष डीजीपी ए.एन.टी.एफ. कुलदीप सिंह, ए.डी.जी.पी. ए.एन.टी.एफ. नीलाभ किशोर और एडीजीपी स्टेट आम्र्ड पुलिस पंजाब एम.एफ.फारूकी भी मौजूद थे।
जि़क्रयोग्य है कि लगभग 9000 वर्ग फुट के कवरड क्षेत्र में फैली और 1.60 करोड़ रुपए की लागत के साथ बनी यह अति- आधुनिक इमारत, रेंज की कार्य-कुश्लता को बढ़ाने और नशा तस्करी के साथ और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें गज़टिड अधिकारियों के लिए समर्पित दफ़्तर, जांच अधिकारियों और सहायक स्टाफ के लिए केबिन, रीडर का कमरा और एक आधुनिक कान्फ्ऱेंस रूम शामिल है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अति- आधुनिक साधनों के साथ लैस इस सुविधा का उद्देश्य बड़े नशा तस्करों को रोक लगाना और राज्य में फैल रहे अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नैट्टवरकों को तबाह करना है। उन्होंने बताया कि इस विशेष यूनिट में मोबाइल और कंप्यूटर फोरेंसिक टूल, उन्नत डेटा विश्लेषण प्रणालियों, फोरेंसिक डेटा ऐकस्टरैकशन, डीक्रिपशन और विश्लेषण सामथ्र्य के साथ-साथ क्रिप्टोकरंसी की ट्रेकिंग वाले उपकरण भी शामिल है।
डीजीपी ने कहा, ‘‘ ड्रग इनफोरसमैंट में तकनीकी अपग्रेडेशन की विशेष ज़रूरत को पहचानते हमने न केवल बुनियादी ढांचा प्रदान किया है बल्कि इन उन्नत उपकरणों को चलाने में माहिर तकनीकी स्टाफ भी तैनात किया गया है।’ ’
उन्होंने बताया कि एएनटीएफ ने, अब 70, 000 से अधिक अपराधियों की आवाज वाले डेटाबेस और अन्य अति-आधुनिक विशेषताएं वाले पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम( पी.ए.आई.एस. 2. 0) के साथ अपनी तकनीकी सामथ्र्य को और अपग्रेड किया है, जिससे अपराधियों को और अधिक आसानी के साथ काबू करने में मदद मिलेगी।
‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ मुहिम के नतीजे सांझा करते डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने 1 मार्च, 2025 से अब तक 35, 133 एफ.आई.आरज़. दर्ज की और 50, 238 नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया है और उनके कब्ज़े से 2229 किलो हेरोइन, 667 किलो अफ़ीम, 28 टन भुक्की, 68 किलो चरस, 783 किलो गांजा, 29 किलो आईसीई, 4 किलो कोकीन, 48. 64 लाख नशीली गोलियां/ कैप्सूल और 16. 68 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की है।
डीजीपी गौरव यादव ने ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ मुहिम को बड़ी सफलता करार देते कहा कि यह अभियान राज्य से नशे के पूरी तरह ख़ात्मे तक जारी रहेगा। उन्होंने लोगों को सेफ पंजाब चैटबोट 97791- 00200 के द्वारा गुप्त तौर पर नशे सम्बन्धित जानकारी देने के लिए भी अपील की।
इस मौके पुलिस कमिशनर (सीपी) जालंधर धनप्रीत कौर, डीआईजी जालंधर रेंज नवीन सिंगला, डीआईजी ए.एन.टी.एफ. संजीव कुमार रामपाल, डी.आई.जी. ए.एन.टी.एफ. अखिल चौधरी और ए.आई.जी.ए.एन.टी.एफ. अश्वनी गोटियाल भी मौजूद थे।
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व्यापारियों की सुरक्षा और व्यापार करने में आसानी के प्रति भगवंत मान सरकार की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता
- पंजाब सरकार ने सुरक्षित व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और व्यापारियों के तालमेल को मजबूत किया: हरपाल सिंह चीमा
- जिला पुलिस प्रमुखों को तीन स्तरीय ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश: हरपाल सिंह चीमा
- पंजाब में व्यापारी बिना किसी डर के अपना व्यापार कर सकते हैं: हरपाल सिंह चीमा
- ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियां और पुलिस की बैठक का उद्देश्य व्यापार करने में आसानी को प्रोत्साहित करना और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना: हरपाल सिंह चीमा
- डी.जी.पी. गौरव यादव द्वारा ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियों के सदस्यों से पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच पुल के रूप में काम करने की अपील
चंडीगढ़, 19 फरवरी: व्यापारियों के विश्वास को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर तालमेल को संस्थागत बनाने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए, भगवंत मान सरकार ने पंजाब के व्यापारिक समुदाय के आसपास सुरक्षा घेरा सख्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन (पी.एस.टी.सी.), जिला और हलका स्तर की व्यापारिक कमेटियों तथा पुलिस प्रशासन के बीच संरचनात्मक और पूर्ण तालमेल के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और यह राज्य के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (व्यापार करने को आसान बनाना) का मुख्य हिस्सा है।
पंजाब स्टेट ट्रेडर्स कमीशन के चेयरमैन के रूप में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) गौरव यादव और आबकारी एवं कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल के साथ पंजाब भवन से उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने व्यापारी वर्ग की सुरक्षा संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की सख्त हिदायतें जारी कीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन और व्यापारी कमीशन तथा कमेटियों के सदस्यों को आपसी तालमेल मजबूत करने के निर्देश दिए, और जिला पुलिस प्रशासन को हिदायत की कि वे इस तहत की जाने वाली कार्रवाइयों की रिपोर्टें सीधे डी.जी.पी. कार्यालय के साथ लगातार साझा करें।
आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, ‘सरकार का मकसद ट्रेडर्स कमीशन को अधिकृत करना और इसे राज्य भर के कारोबारियों तक पुलिस की पहुंच को महत्वपूर्ण ढंग से बेहतर बनाने के लिए एक मुख्य ताकत के रूप में इस्तेमाल करने का है।’
इस संबंध में जमीनी स्तर पर निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने समूह जिला पुलिस बलों को व्यापारी कमीशन और कमेटी सदस्यों के साथ निरंतर बातचीत जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि हलका और जिला स्तर पर व्यापारी कमीशन और कमेटी की सभी बैठकों में सक्षम पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि पेश चुनौतियों को मौके पर ही हल किया जा सके। वित्त मंत्री ने कहा, ‘ट्रेडर्स कमीशन एवं कमेटियों के सदस्यों या व्यक्तिगत व्यापारियों द्वारा साझा की गई किसी भी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाना चाहिए। संबंधित पुलिस अधिकारी सूचना देने वालों की सुरक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी लेंगे, और इस ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही के परिणामस्वरूप सख्त जवाबदेही तय की जाएगी।’
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला और हलका स्तर की व्यापारी कमेटियों के पदाधिकारियों से भी अपील की कि वे कारोबारियों में विश्वास पैदा करें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि सरकार उनके घर-दहलीज तक सक्रिय पहुंच बनाने के लिए काम कर रही है ताकि वे बिना किसी डर या झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
इन्हीं विचारों को दोहराते हुए, डी.जी.पी. गौरव यादव ने ट्रेडर्स कमीशन और कमेटियों के सदस्यों से राज्य की पुलिस और व्यापारी वर्ग के बीच एक महत्वपूर्ण पुल के रूप में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा, "जमीनी स्तर पर अधिकारियों में व्यापारियों का विश्वास बढ़ाने के लिए आपको पुलिस बल की आंखें और कान बनकर सेवा करनी चाहिए, जिससे समग्र सुरक्षा मजबूत होगी। पुलिस एक बहुत ही प्रभावशाली मिआरी प्रोटोकॉल (स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल) के तहत काम करती है, और समय पर कार्रवाई योग्य जानकारी प्राप्त होने पर मामलों को हल करने की सफलता दर बहुत अधिक होती है।"
पंजाब के डी.जी.पी. ने समूह जिला पुलिस प्रमुखों को ट्रेडर्स कमीशन और कमेटियों के सदस्यों के साथ निरंतर और सक्रिय संचार बनाए रखने तथा फीडबैक व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "ट्रेडर्स कमीशन या कमेटियों के सदस्यों द्वारा प्रदान की गई किसी भी गोपनीय जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखना बेहद जरूरी है।" उन्होंने इस मौके पर कमीशन और कमेटियों के सदस्यों तथा अन्य व्यापारिक समुदाय से भी अफवाहों का शिकार होने या फैलाने से बचने की अपील की।
बैठक सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई, जिसमें राज्य भर के जिला पुलिस मुख्यालयों से जुड़े ट्रेडर्स कमीशन और जिला व हलका स्तर की कमेटी सदस्यों ने वित्त मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रचनात्मक फीडबैक साझा किया। इन प्रतिनिधियों ने पुलिस और व्यापार क्षेत्र के बीच सहयोग का एक मजबूत माहौल पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के सक्रिय प्रयासों की सराहना की तथा इस प्रयास की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया।
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*भगवंत मान सरकार परेशानी-रहित और अनुकूल व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: हरपाल सिंह चीमा*
*प्री-जी.एस.टी. बकायों की वसूली के लिए पंजाब सरकार ने 91.10 करोड़ रुपये की 136 संपत्तियां अटैच कीं: हरपाल सिंह चीमा*
*वन टाइम पॉलिसी के माध्यम से व्यापारियों के लिए सुनहरा अवसर, लेकिन जानबूझकर की गई टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: हरपाल सिंह चीमा*
*व्यापार की सुविधा के साथ-साथ सख्त कार्रवाई भगवंत मान सरकार के टैक्स प्रशासन मॉडल की पहचान: हरपाल सिंह चीमा*
चंडीगढ़, 19 फरवरी: पंजाब के वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां कहा कि भगवंत मान सरकार व्यापार की सुविधा और सख्त टैक्स अनुपालन (टैक्स नियमों की पालना) के बीच मजबूती से संतुलन बनाए रख रही है, जिसके चलते पंजाब कर विभाग ने जी.एस.टी. व्यवस्था से पहले के कर बकायों की वसूली के लिए एक बड़ी मुहिम के तहत 91.10 करोड़ रुपये की 136 संपत्तियां अटैच की हैं। उन्होंने कहा कि जहां सरकार ने व्यापारियों को पुराने बकाये चुकाने में मदद करने के लिए एक बहुत ही लाभदायक एकमुश्त निपटान योजना की अवधि बढ़ाई है, वहीं लगातार डिफॉल्टर रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "पंजाब सरकार परेशानी-रहित और अनुकूल व्यापारिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कारण हमने एकमुश्त निपटान योजना की अवधि बढ़ाई है, जो व्यापारियों को जी.एस.टी. व्यवस्था से पहले के उनके बकायों का सुगम माहौल में निपटान करने के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है।"
आबकारी और कर मंत्री ने आगे कहा, "हालांकि, जानबूझकर की गई कर चोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 91 करोड़ रुपये से अधिक की 136 संपत्तियों को अटैच करना एक स्पष्ट संदेश देता है कि कर विभाग बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। मैं सभी संबंधित व्यापारियों से जोरदार अपील करता हूं कि वे अपने बकाये का निपटान करें और अपनी संपत्तियों को आगामी नीलामी से बचाने के लिए एकमुश्त निपटान योजना का तुरंत लाभ उठाएं।"
18 फरवरी, 2026 तक बकायों के विवरण के बारे में आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, "विभाग ने विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में कुल 136 संपत्तियां अटैच की हैं जिनकी कीमत 91.10 करोड़ रुपये है। इसमें प्राथमिक जिलों में स्थित 50.58 करोड़ रुपये की 78 संपत्तियां, और अन्य जिलों, राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 40.52 करोड़ रुपये की अन्य 58 संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ संपत्तियों की पहले ही नीलामी की जा चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप 15.27 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।"
उन्होंने आगे बताया, "मुख्य कार्यालय ने 33.77 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियों को बेचने की पहले ही अनुमति दे दी है। इन मंजूरशुदा मामलों में से, 13.68 करोड़ रुपये की 21 संपत्तियों की नीलामी की अंतिम तिथियां तय कर दी गई हैं। जिला अधिकारियों द्वारा भी अपने स्तर पर 16.42 करोड़ रुपये की अन्य 15 संपत्तियों की नीलामी की कार्रवाई शुरू की गई है, जिनकी बिक्री के लिए औपचारिक अनुमति फिलहाल प्रक्रिया अधीन है।"
वित्त मंत्री ने कहा, "व्यापक अंतर-अधिकार क्षेत्र वसूली सुनिश्चित करने के लिए, रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं और 10.61 करोड़ रुपये की 24 संपत्तियों के लिए संबंधित डिप्टी कमिश्नरों के स्तर पर लंबित हैं। इन प्रवर्तन कार्रवाइयों के बढ़ते दबाव के ठोस नतीजे सामने आ रहे हैं, क्योंकि कई लाइसेंसधारकों और जमानतदारों ने अपनी संपत्तियों की आगामी नीलामी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से अपना बकाया जमा कराना शुरू कर दिया है।"
अंत में, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि कर विभाग वसूली प्रक्रिया की निकट निगरानी कर रहा है और यदि संबंधित करदाता जिसके खिलाफ जी.एस.टी. से पहले का बकाया खड़ा है, चल रही ओ.टी.एस. का लाभ लेने में असफल रहता है तो जिन संपत्तियों की तिथियां पहले ही तय हो चुकी हैं, उनकी अंतिम नीलामी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी।