हरजोत बैंस ने इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट एक्सपो में पंजाब के स्कूलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित संभावनाओं को तलाशा
- शिक्षा मंत्री द्वारा पंजाब के स्कूलों में तकनीकी क्रांतिकारी सुधार लाने के लिए गूगल, एनवीडिया, ओपन एआई और अन्य विश्व-स्तरीय कंपनियों के साथ विचार-विमर्श
- पंजाब की शिक्षा प्रणाली में उन्नत ए.आई. तकनीकों के साथ शिक्षा के भविष्य पर भी चर्चा
चंडीगढ़/नई दिल्ली, 20 फरवरी-
राज्य की शैक्षिक संरचना के भविष्य को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में शामिल हुआ। यहां उन्होंने राज्य के विशाल स्कूली ढांचे के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित विस्तृत संभावनाओं और शिक्षा के अधिक रचनात्मक परिणामों के लिए समाधान तलाशने हेतु विश्व-स्तरीय तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों और केंद्र सरकार के संस्थानों के साथ लगातार रणनीतिक विचार-विमर्श में भाग लिया।
प्रदर्शनी हॉलों के व्यापक दौरे के दौरान, जिसमें उनके साथ स्कूल शिक्षा के सचिव सोनाली गिरि, पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह और डी.जी.एस.ई. श्री अरविंद भी मौजूद थे, शिक्षा मंत्री ने गूगल, डेलॉइट, इंटेल, ओपन एआई, एनवीडिया और डेल सहित प्रमुख विश्व तकनीकी कंपनियों के साथ बातचीत की। उन्होंने पंजाब की शिक्षा प्रणाली में उन्नत एआई तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान देते हुए भविष्य की शिक्षा के बारे में विचार-चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और देश की एआई रणनीति, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा गवर्नेंस मॉडलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की, जो पंजाब के कक्षाओं के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा और ए.आई. पारिस्थितिकी तंत्र में अग्रणी कंपनियों, जिनमें वाधवानी एआई, जीएनएएनआई. एआई और बोध एआई शामिल हैं, के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया। ये विचार-विमर्श एआई-सक्षम स्कूल शिक्षा एप्लिकेशनों पर केंद्रित थे, जिसमें व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण (पी.ए.एल.), मूलभूत साक्षरता और गणित शिक्षा (एफएलएन), एआई-सक्षम मूल्यांकन, बहुभाषी शिक्षण उपकरण, शिक्षक सहायता तथा मजबूत शासन और बुनियादी ढांचे की निगरानी के लिए समय-आधारित निगरानी प्रणालियों के विश्लेषण पर चर्चा की गई।
श्री हरजोत सिंह बैंस ने एक्सपो में पंजाब स्टार्टअप पैवेलियन का दौरा किया, जहां उन्होंने पंजाब सरकार के कार्यक्रमों के तहत तैयार किए गए कई विशेष, क्षेत्र-विशेष एआई स्टार्टअप्स के साथ बातचीत की, जो शैक्षिक तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में पंजाब को एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभार रहे हैं।
श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह दौरा पंजाब की आने वाली पीढिय़ों को भविष्य के साधनों से लैस करने में मदद करेगा। एनवीडिया, गूगल और ओपन एआई जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ चल रही हमारी चर्चा और हमारे घरेलू स्टार्टअप्स ने हमें एक स्पष्ट भविष्य की दिशा प्रदान की है। हम अब विशेष रूप से व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण और एआई के माध्यम से फाउंडेशनल लिटरेसी तथा न्यूमरेसी को मजबूत करने पर केंद्रित हैं। इन तकनीकों को एमईआईटीवाई और शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए मजबूत नीतिगत ढांचे के साथ जोडक़र, हम ऐसा मॉडल तैयार करेंगे जहां तकनीक हमारे शिक्षकों के लिए एक सार्थक साधन और पंजाब के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक व्यक्तिगत मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगी।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने उद्योगपति सज्जन जिंदल से की मुलाकात; राजपुरा में स्टील क्षेत्र के लिए 1500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा
राजपुरा में स्टील क्षेत्र में 1500 करोड़ रुपये का निवेश पंजाब की निर्माण क्षमता को मजबूत करेगा और बड़े पैमाने पर पैदा करेगा रोजगार के अवसर : संजीव अरोड़ा
जेएसडब्ल्यू ग्रुप पंजाब में रक्षा निर्माण, ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में और निवेश की संभावनाओं की जांच करेगा: संजीव अरोड़ा
मजबूत औद्योगिक नीति और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल के साथ निवेश के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है पंजाब: संजीव अरोड़ा
चंडीगढ़, फरवरी 20:
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज मुंबई में प्रमुख उद्योगपति एवं स्ड्डद्भद्भड्डठ्ठ छ्वद्बठ्ठस्रड्डद्य, चेयरमैन, छ्वस्ङ्ख त्रह्म्शह्वश्च से महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पंजाब इन्वेस्ट के सीईओ अमित ढाका भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सज्जन जिंदल ने राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि छ्वस्ङ्ख समूह पंजाब में अपने विविध व्यवसायिक क्षेत्रों में अतिरिक्त निवेश की संभावनाओं का अन्वेषण करेगा। प्रस्तावित निवेश से राज्य के विनिर्माण आधार को मजबूती मिलेगी, इस्पात मूल्य श्रृंखला गहरी होगी तथा क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित होंगे।
जिंदल ने 13 मार्च को क्कद्यड्डद्मह्यद्धड्ड ठ्ठद्ब1द्गह्म्ह्यद्बह्ल4 में आयोजित होने वाले इन्वेस्ट पंजाब समिट के उद्घाटन सत्र में अपनी उपस्थिति की भी पुष्टि की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे उद्योग-अनुकूल वातावरण और सक्रिय औद्योगिक पहुँच प्रयासों की सराहना की।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब की मजबूत औद्योगिक नींव को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य उत्तरी बाजारों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, सशक्त एमएसएमई तंत्र, कुशल मानव संसाधन तथा इस्पात, ऑटो कंपोनेंट्स, वस्त्र, खेल सामान, खाद्य प्रसंस्करण और लाइट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विकसित औद्योगिक क्लस्टरों से युक्त है। उन्होंने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों में पंजाब को लगातार "टॉप अचीवर" के रूप में मिली मान्यता तथा समयबद्ध स्वीकृतियों के लिए प्रगतिशील सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली का भी उल्लेख किया।
मंत्री ने जानकारी दी कि पंजाब सरकार नई, सुदृढ़ एवं भविष्य उन्मुख औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के उन्नत चरण में है, जिसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के विनिर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित निवेश को प्रोत्साहित करना है। यह नीति प्रतिस्पर्धी वित्तीय प्रोत्साहन, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक अवसंरचना, क्षेत्र-विशिष्ट पार्क, त्वरित स्वीकृतियाँ, बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता तथा रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत सामग्री, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए मजबूत नीति समर्थन पर केंद्रित होगी। मूल्य संवर्धित विनिर्माण को बढ़ावा देने, निर्यात में वृद्धि तथा पंजाब के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पंजाब सरकार की सक्रिय एवं उद्योग-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए जिंदल ने राज्य में नए निवेश आकर्षित करने हेतु मंत्री संजीव अरोड़ा के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की तथा स्थिर एवं अनुकूल कारोबारी वातावरण सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को स्वीकार किया। उन्होंने रक्षा निर्माण, ऑटोमोबाइल क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में संभावनाएँ तलाशने में गहरी रुचि व्यक्त की।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने उद्योगों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रस्तावित छ्वस्ङ्ख परियोजनाओं के लिए हर संभव सहयोग, मार्गदर्शन और त्वरित स्वीकृतियों का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बेहतर लॉजिस्टिक्स अवसंरचना और उत्तरदायी प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बैठक प्रगतिशील पंजाब निवेशक शिखर सम्मेलन 2026 से पूर्व समावेशी विकास, औद्योगिक विविधीकरण और रोजगार सृजन के विजन के अनुरूप, पंजाब को भारत के सबसे पसंदीदा और प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के सतत प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब की सभी एस.सी. कर्मचारी संगठनों की समस्याएं सुनने के लिए 23 फरवरी को विशेष बैठक: जसवीर सिंह गढ़ी
- हर यूनियन की ओर से दो प्रतिनिधि बैठक में शामिल होंगे
चंडीगढ़, 20 फरवरी:
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित पंजाब की एस.सी. कर्मचारी संगठनों की समस्याओं तथा संवैधानिक अधिकारों को लागू करवाने में आ रही कठिनाइयों को सुनने के लिए 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को एक विशेष बैठक बुलाई गई है। यह बैठक पंजाब भवन, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी।
बताया गया कि बैठक में राज्य के हर एस.सी. कर्मचारी संगठन की ओर से दो-दो प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रत्येक संगठन की ओर से अपने प्रतिनिधियों संबंधी अधिकृत पत्र, पहचान पत्र या अन्य संबंधित दस्तावेज पंजाब भवन के प्रवेश द्वार पर जमा करवाना अनिवार्य होगा।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार: एक महीने में 10 हजार से अधिक व्यक्ति 205 हथियारों सहित गिरफ्तार
- एक महीने में, पुलिस टीमों ने 5294 व्यक्तियों के खिलाफ की एहतियातन कार्रवाई, 664 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया: स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला
- लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के द्वारा गुप्त रूप से दे सकते हैं
गैंगस्टरों के बारे में जानकारी
- युद्ध नशेयां विरुद्ध के 356वें दिन 87 नशा तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 20 फरवरी:
पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू की गई मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ के एक महीना पूरा होने पर पंजाब पुलिस ने मुहिम की शुरुआत से अब तक पूरे राज्य में 32,342 छापेमारी करके गैंगस्टरों और उनसे जुड़े अपराधियों समेत 10,412 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक जंग है, जो 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू की गई थी। सभी जिलों की पुलिस टीमें गैंगस्टरों के साथियों से जुड़े पहचाने गए और मैप किए गए स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।
विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि पुलिस टीमों ने गिरफ्तार व्यक्तियों के कब्जे से 205 हथियारों सहित 396 जिंदा कारतूस और 34 मैगजीन, 104 तेजधार हथियार और चार हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।
इसके अलावा, 5,294 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई है, जबकि 10,090 व्यक्तियों की जांच की गई और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि मुहिम शुरू होने से अब तक पुलिस टीमों ने 664 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
उल्लेखनीय है कि 31वें दिन पुलिस टीमों ने 664 ठिकानों पर छापेमारी करके 198 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जबकि 100 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई और 18 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर- 93946-93946 के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध तथा आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा की जा सकती है।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 356वें दिन भी जारी रखी है, जिसमें 87 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 458 ग्राम हेरोइन, 600 ग्राम अफीम, 439 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 2200 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है। इसके साथ ही केवल 356 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 50,496 हो गई है। नशा छुड़ाने की मुहिम के तहत पंजाब पुलिस ने आज 26 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास इलाज करवाने के लिए राजी किया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*मान सरकार किसानों को बीज से बाजार तक पूरा सहयोग दे रही है: मोहिंदर भगत*
*राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी भलाई के लिए प्रतिबद्ध*
चंडीगढ़, 20 फरवरी:
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने शुक्रवार को कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसानों की आय में वृद्धि करने और बागवानी को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को बीज से लेकर बाजार तक हर स्तर पर पूर्ण सहयोग उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली बीज सामग्री, तकनीकी सलाह, आधुनिक खेती के तरीके और मजबूत बाजार लिंकेज उपलब्ध करवाने के लिए सरकार द्वारा लगातार काम किए जा रहे हैं।
बागवानी मंत्री श्री भगत ने कहा कि सरकार की किसान-पक्षीय नीतियां और हर स्तर पर पूर्ण सहयोग किसानों को पारंपरिक फसलों के चक्र से बाहर अधिक मूल्य वाली बागवानी फसलों की ओर प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फल, सब्जियां और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलें किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित हो रही हैं। इसके साथ ही पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, कोल्ड चेन, पैकहाउस और प्रोसेसिंग सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री ने कहा कि फसलों की विविधता समय की आवश्यकता है और इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत और भूजल की संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र को मजबूत करके राज्य को कृषि में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रयास जारी रहेंगे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
सामाजिक सुरक्षा विभाग के 8 नव-नियुक्त क्लर्कों को डॉ. बलजीत कौर ने सौंपे नियुक्ति पत्र
- नव-नियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी और लोक-सेवा की भावना से काम करने की अपील
चंडीगढ़, 20 फरवरी:
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब सिविल सचिवालय में अपने कार्यालय कक्ष में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग में पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त किए गए 8 नव-नियुक्त क्लर्कों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मंत्री ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्हें लोक-हित में अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी और तनदेही से निभाने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ा हुआ है। इसलिए हर कर्मचारी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कर्मचारियों का समर्पण भाव से काम करना बहुत जरूरी है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित तरीके से की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवा वर्ग को रोजगार के अवसर प्रदान करके उन्हें आत्म-निर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि अब तक पंजाब सरकार द्वारा लगभग 64,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं, जो युवा रोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी किसी भी विभाग की रीढ़ की हड्डी होते हैं और उनके द्वारा ईमानदारी और जिम्मेदारी से किया गया काम ही सरकारी नीतियों और योजनाओं को लोगों तक सफलतापूर्वक पहुंचाता है। इसलिए हर कर्मचारी का योगदान राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पारदर्शी, लोक-हितैषी और युवा-केंद्रित नीतियों के माध्यम से रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे एक तरफ परिवारों को आर्थिक सहारा मिल रहा है और दूसरी तरफ सरकारी विभागों की कार्यक्षमता और मजबूत हो रही है।
इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर श्री अमरजीत सिंह भुल्लर विशेष रूप से उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने वाले पंजाब के पहले शिक्षा मंत्री बने हरजोत सिंह बैंस
- भगवंत मान सरकार पठानकोट से लेकर फाजिल्का तक सरकारी स्कूलों की नुहार बदलने के मिशन पर: हरजोत सिंह बैंस
- स्कूलों में लापरवाही के प्रति कोई नरमी ना बरतने की नीति को दोहराया; बच्चों को सही तरीके से न पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: हरजोत सिंह बैंस
- 500 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में कैंपस मैनेजर, सुरक्षा गार्ड तैनात किए; जेईई जैसी परीक्षाओं में छात्रों की सफलता क्रांतिकारी शिक्षा सुधारों पर मोहर: हरजोत सिंह बैंस
चंडीगढ़ / अमृतसर, 20 फरवरी:
पंजाब में शिक्षा सुधारों की श्रृंखला में एक और मील का पत्थर स्थापित करते हुए शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने राज्य की सरकारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और इसके सुधार से संबंधित अपनी निरंतर मुहिम के हिस्से के रूप में आज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झीता कलां का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरे के दौरान स. बैंस ने बताया कि उन्होंने पद संभालने से अब तक पंजाब भर के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया है, जिसे उन्होंने राज्य के इतिहास में एक नया मानक करार दिया।
शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मैंने पद संभालने से लेकर राज्य भर के 2,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का जमीनी स्तर पर दौरा करके नया रिकॉर्ड कायम किया है। यह पंजाब के इतिहास में पहली बार है जब किसी शिक्षा मंत्री ने शिक्षा प्रणाली की इतने बड़े स्तर पर जमीनी स्तर पर समीक्षा की है।
उन्होंने आगे कहा कि इस मुहिम के तहत मैंने पठानकोट से फाजिल्का, फिरोजपुर से मोहाली तक कोई जिला नहीं छोड़ा है, जो राज्य के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रति मेरे जुनून को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगभग 20,000 स्कूल हैं, जिनके जमीनी स्तर पर निरीक्षण के लिए मैं एक मिशन पर हूं।
स्टाफ और विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल में शिक्षा और प्रबंधन के मानकों की समीक्षा की और ‘समर्थ’ कार्यक्रम की प्रगति का मूल्यांकन भी किया, जो प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई-लिखाई से संबंधित समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई एक प्रमुख पहल है।
स. बैंस ने पद संभालने के समय सरकारी स्कूल शिक्षा प्रणाली की स्थिति को याद करते हुए कहा कि प्राइमरी स्तर पर बड़ी संख्या में बच्चे पढऩे या लिखने में असमर्थ थे। सीखने की खाई को भरने में इस पहल के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करते हुए वे जब ऐसे बच्चों से बात करते हैं, जो अक्षरों की पहचान करने में संघर्ष से लेकर अब शब्दों और वाक्यों को आत्मविश्वास से पढऩे तक प्रगति कर चुके हैं, तो उन्हें बहुत खुशी और संतुष्टि होती है।
स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ‘समर्थ’ कार्यक्रम के माध्यम से हमने ऐसे बच्चों की पहचान करके उन पर काम किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी तरह पढ़ाने वाले शिक्षक शानदार परिणाम दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऐसी किसी भी लापरवाही के प्रति भगवंत मान सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति की पुष्टि करते हुए शिक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि अपनी जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित और अनुकूल शिक्षा वातावरण सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डालते हुए कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि 500 से अधिक विद्यार्थियों के दाखिले वाले सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में कैंपस मैनेजर और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं।
यह कहते हुए कि गलत चीजें बहुत जल्दी वायरल हो जाती हैं, स. बैंस ने जनता और मीडिया से मेहनती और कुशल शिक्षकों के अच्छे कामों को भी साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी से अपील करता हूं कि झीता कलां जैसे स्कूलों की अच्छी कार्यप्रणाली को अधिक से अधिक दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि हमने इस स्कूल के कैंपस और बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि यह स्कूल शानदार परिणाम दे रहा है और यहां से एक विद्यार्थी ने जेईई पास किया है।
विद्यार्थियों की हालिया परीक्षा कार्यप्रणाली और स्कूल में बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण कार्यों की सराहना करते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने भगवंत मान सरकार की सरकारी स्कूलों में उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत किए जा रहे शिक्षा सुधारों की रफ्तार को बनाए रखने के लिए चल रहे विकास प्रोजेक्टों को तेज किया जाए।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर
पंजाब राज्य सूचना आयोग द्वारा पंजाबी भाषा की महत्ता को दर्शाता साहित्यिक ब्रोशर जारी
- राज्य मुख्य सूचना आयुक्त इंद्रपाल सिंह धन्ना एवं सूचना आयुक्तों के कर-कमलों द्वारा जारी किया गया ब्रोशर
- हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है मातृभाषा, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग: राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू
चंडीगढ़, 20 फरवरी:
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस-2026, जो हर वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है, की महत्ता को मान्यता देते हुए और मातृभाषा पंजाबी को और अधिक प्रफुल्लित करने के लिए पंजाब के मुख्य सूचना आयुक्त इंद्रपाल सिंह धन्ना द्वारा राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू, वरिंदरजीत सिंह बिलिंग, डॉ. भूपिंदर सिंह बाथ, संदीप सिंह धालीवाल, पूजा गुप्ता तथा डी.के. तिवारी (आई.ए.एस.), अतिरिक्त मुख्य सचिव पंजाब सरकार की उपस्थिति में, आज यहां पंजाबी मातृभाषा को दर्शाता एक साहित्यिक ब्रोशर जारी किया गया।
यह साहित्यिक ब्रोशर राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब हरप्रीत संधू द्वारा लिखा गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस-2026 के थीम ‘‘बहुभाषी शिक्षा पर युवाओं की आवाज’’ को उजागर करते हुए समाज में मातृभाषा ‘‘पंजाबी’’ को मान्यता देने और उसकी शान बहाल करने की आवश्यकता पर जोर देता है।
पंजाब सूचना आयोग मुख्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान पंजाब राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू ने बताया कि उन्होंने यह पिक्टोरियल (तस्वीरों सहित) ब्रोशर नेल्सन मंडेला द्वारा कही गई प्रसिद्ध उक्ति से प्रेरित होकर तैयार किया है, ‘‘यदि आप किसी व्यक्ति से उस भाषा में बात करते हैं जिसे वह समझता है, तो शब्द उसके दिमाग में जाते हैं, लेकिन यदि आप उससे उसकी मातृभाषा में बात करते हैं, तो वे उसके दिल तक पहुंचते हैं।’’ ताकि मातृभाषा पंजाबी की शानदार विरासत को और अधिक प्रफुल्लित किया जा सके।
राज्य सूचना आयुक्त पंजाब ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस-2026 का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोडक़र मातृभाषा को अपनाने, सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करना है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव, सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी, पंजाब, डी.के. तिवारी ने हरप्रीत संधू द्वारा तैयार साहित्यिक ब्रोशर की प्रशंसा की और इसे पंजाबी भाषा के प्रचार के लिए सार्थक प्रयास बताया।
इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू, वरिंदरजीत सिंह बिलिंग, डॉ. भूपिंदर सिंह बाथ, संदीप सिंह धालीवाल तथा पूजा गुप्ता ने भी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की महत्ता पर अपने विचार साझा किए, क्योंकि मातृभाषा हमारी सांस्कृतिक पहचान और विरासत की आत्मा है, जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है और हमारे इतिहास तथा रीति-रिवाजों को अगली पीढिय़ों तक पहुंचाती है। राज्य सूचना आयुक्तों ने कहा कि अपनी मातृभाषा को संभालकर और उत्साहित करके, हम न केवल अपनी विरासत का सम्मान करते हैं बल्कि मानवता की विविधता और एकता में भी योगदान डालते हैं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
अनुसूचित जातियों के सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम: बलजिंदर सिंह चौंदा ने पंजाब एस.सी. भूमि विकास और वित्त निगम के चेयरमैन के रूप में संभाला कार्यभार
- कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर और तरुणप्रीत सिंह सौंद की मौजूदगी में नव-नियुक्त चेयरमैन ने पदभार ग्रहण किया
- सरकार की प्राथमिकता: एस.सी. वर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता
चंडीगढ़, 20 फरवरी
पंजाब अनुसूचित जातियां और भूमि विकास और वित्त निगम के नव-नियुक्त चेयरमैन श्री बलजिंदर सिंह चौंदा ने आज पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर तथा ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद की मौजूदगी में सरकारी तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्रियों ने नव-नियुक्त चेयरमैन को बधाई दी।
इस मौके पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. बलजीत कौर और ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जातियों और दिव्यांग व्यक्तियों के आर्थिक तथा सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एस.सी. वर्ग के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं, आसान ऋण सुविधाएं और ऋण माफी जैसे ऐतिहासिक फैसले यह साबित करते हैं कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर योग्य लाभार्थी तक सरकारी सहायता पहुंचाना है।
उन्होंने आगे कहा कि नव-नियुक्त चेयरमैन के नेतृत्व में निगम एस.सी. वर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभाएगा।
कार्यभार संभालने के बाद चेयरमैन श्री बलजिंदर सिंह चौंदा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, ग्रामीण विकास मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद का उन पर विश्वास जताने के लिए धन्यवाद किया।
चेयरमैन ने कहा कि अनुसूचित जातियों के वर्ग को समाज की मुख्यधारा से जोडऩा पंजाब सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर ठोस और परिणाम-केंद्रित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एस.सी. वर्ग से संबंधित पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए सरल, पारदर्शी और आसान प्रक्रिया के माध्यम से ऋण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार द्वारा एस.सी. वर्ग के 4,727 परिवारों का ऋण माफ किया जा चुका है, जो सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील कदम है। इसके साथ ही एस.सी. वर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि हर योग्य लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर पंजाब सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की निदेशक श्रीमती विम्मी भुल्लर आई.ए.एस., अन्य विशेष व्यक्तित्व और नव-नियुक्त चेयरमैन के पारिवारिक सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थे।
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