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पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 22, 2026 07:46 AM

* हरजोत सिंह बैंस द्वारा पंजाबियों को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की बधाई; पंजाबी भाषा के विकास के लिए किए प्रयासों पर डाला प्रकाश *

* क भाषा मंत्री ने पंजाबी बोली के विकास प्रति मान सरकार की वचनबद्धता को दोहराया*

चंडीगढ़, 21 फरवरी:

पंजाब के शिक्षा और भाषा मंत्री स.हरजोत सिंह बैंस ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मौके लोगों को शिक्षा, संचार, सभ्याचार संभाल और टिकाऊ विकास में मातृ भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका का हवाला देते मातृभाषा पंजाबी को अपने रोज़ाना के जीवन में अपनाने का न्योता दिया।

लोगों को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुभकामनाएं देते स.हरजोत सिंह बैंस ने ज़ोर देकर कहा कि सभी भाषाएं बराबर सम्मानीय है। उन्होंने पंजाबी के प्रसार और सभ्याचार की संभाल प्रति मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की अटूट वचनबद्धता को दोहराया।

स.बैंस ने बताया कि राज्य के कोने- कोने तक पंजाबी भाषा के प्रसार और सम्मान को यकीनी बनाने के लिए भाषा विभाग ने अंतरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस पर पंजाब भर में 13 समागम आयोजित किए है। इन समागमों में कवि दरबार, नाटक, भाषा सैमीनार, विद्यार्थियों के भाषण मुकाबले और साहित्यक चर्चाएं शामिल है।

पंजाब सरकार की तरफ से मातृ भाषा की संभाल और इसके विश्वव्यापी प्रचार के लिए किए गए कई प्रयासों को उजागर करते भाषा मंत्री ने कहा कि पंजाबी साहित्य के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली शख़्सियतों के सम्मान के लिए विभाग की तरफ से जरूरतमंद लेखकों, साहित्यकारों और उनके आश्रित परिवारों को 15, 000 रुपए की महीनावार पैन्शन/ वित्ती सहायता प्रदान की जा रही है। इसके इलावा विभाग साल 2025 के लिए बैस्ट लिटरेरी पंजाबी बुक्क अवार्ड योजना के अंतर्गत अलग- अलग श्रेणियों में 10 पुरुस्कार प्रदान किए है। इसके साथ ही विभाग की तरफ से 11 पंजाबी साहित्यक सभाओं को वित्तीय सहायता भी दी गई जिससे वह मातृभाषा के प्रसार के लिए समर्पित समागम करवा सकें।

उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में पंजाबी भाषा प्रति लगाव पैदा करने के यत्नों के अंतर्गत विभाग ने 20 जि़ला भाषा दफ़्तरों में पंजाबी साहित्यक सृजित करना और कविता गान मुकाबले करवाए है। इसीके साथ ही राज्य भर में पंजाबी बाल साहित्य क्विज़ मुकाबले करवाए गए, जिनके फ़ाईनल मुकाबले मोगा में रखे गए और भाषायी उत्तमता प्रति मुकाबले की भावना को उत्साहित करते विजेताओं को अलग- अलग पुरुस्कारों के साथ सम्मानित किया गया।

विभाग के साल भर चलने वाले विभिन्न साहित्यक समागमों में साहित्यक शख्सियतों के साथ पांच 'रू-ब-रू' प्रोगराम,'कहानी दरबार','सावन कवि दरबार'और नवांशहर में शहीद भगत सिंह को समर्पित एक विशेष सैमीनार शामिल है। इसके साथ ही विभाग ने तीन- भाषाई कविता गान, उर्दू मुशायरयों, हिंदी दिवस और संस्कृत दिवस जैसे समागम करवा कर भाषाई विभिन्नता का जश्न भी मनाया गया। कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि इन प्रयासों में श्री फतेहगढ़ साहिब में ऐतिहासिक शहीदी जोड़ मेल में धार्मिक कविता मुकाबले करवाना भी शामिल है।

नवंबर 2025 का महीना 'पंजाबी महीने' के तौर पर समर्पित किया गया, जिसमें लोगों को उनकी भाषाई जड़ों के साथ जोडऩे के लिए राज्य भर में 10 प्रमुख समागम करवाए गए। उन्होंने कहा कि विभाग ने अपनी लाईब्रेरी में उपलब्ध 1.25 लाख किताबों के डिजिटल संग्रह के लिए एक बड़े स्तर का प्रोजैक्ट शुरू किया है, जिसमें पंजाबी, हिंदी, उर्दू, संस्कृत और अंग्रेज़ी शामिल है। यह पहल दुनिया भर के पाठकों को क्लासिक और समकालीन साहित्य तक डिजिटल पहुंच प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही परंपरा और प्रौद्यौगिकी के अतंर को खत्म करते विभाग की वैबसाईट पहले ही शब्दकोश और शब्दावलियों के भंडार साथ पंजाबी में विश्व क्लासिक साहित्य की सुविधा प्रदान कर रही है।

स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भाषा सिफऱ् संचार का साधन नहीं है; यह हमारी पहचान है। हमारे लेखकों के परिवारों की सहायता से ले कर 1.25 लाख किताबें आनलाईन डालने तक, हमारी सरकार यह यकीनी बना रही है कि पंजाबी भाषा की संभाल के साथ इसको विश्व स्तर पर अधिक से अधिक प्रफुल्लित किया जाए।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

* गैंगस्टरां ते वार का 32वां दिन: पंजाब पुलिस ने 631 स्थानों पर की छापेमारी ; 217 काबू*

— पुलिस टीमों ने 95 व्यक्तियों विरुद्ध की एहतियाती कार्यवाही, 151 को पूछताछ के बाद किया रिहा

— लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर दे सकते है गैंगस्टर बारे जानकारी

— युद्ध नशियां विरुद्ध के 357वें दिन 117 नशा तस्कर 3.1 किलोग्राम हेरोइन सहित गिरफ़्तार

चंडीगढ़, 21 फरवरी:

मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चल रहे निर्णायक अभियान ’ गैंगस्टरां ते वार’ के 32वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मेप किए 631 टिकानों पर छापेमारी की।

जि़क्रयोग्य है कि ‘ गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक युद्ध है, जिसकी सुरूआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस डायरैक्टर जनरल ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने की थी। एंटी- गैंगस्टर टास्क फोर्स ( एजीटीएफ) पंजाब के पूरे तालमेल के साथ सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्यवाहियां कर रही है।

मुहिम के 32वें दिन, पुलिस टीमों ने 217 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया और उनके कब्ज़े में से छह हथियार बरामद किए, जिसके साथ मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ़्तारियों की गिनती 10, 412 हो गई है।

इसके इलावा 95 व्यक्तियों विरुद्ध एहतियाती कार्यवाही की गई है, जब कि 151 व्यक्तियों की जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्यवाही दौरान आठ भगौड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ़्तार किया है।

उन्होंने कहा कि लोग वाछिंत अपराधियों और गैंगस्टरों बारे एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर जानकारी दे सकते है और अपराध और अपराधिक गतिविधियों बारे सूह/ जानकारी भी सांझी की जा सकती है।

इस दौरान पुलिस टीमों ने नशे विरुद्ध अपनी मुहिम ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ को 357वें दिन भी जारी रखते आज 117 नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया और उनके कब्ज़े में से 3.1 किलो हेरोइन, 3 किलो अफ़ीम, 446 नशीली गोलियां/ कैप्सूल और 63250 रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ केवल 357 दिनों में गिरफ़्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 50691 हो गई है। नशा छुड़ाओ मुहिम के अंतर्गत पंजाब पुलिस ने आज 37 व्यक्तियों को नशा छुड़ाओ और पुर्नवास इलाज करवाने के लिए राज़ी किया।
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मुख्यमंत्री कार्यालय, पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संदीप गिलहोत्रा के परिवार के साथ दुख साझा किया


- प्रसिद्ध समाजसेवी संदीप गिलहोत्रा का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

- संदीप गिलहोत्रा का निस्वार्थ सेवा वाला जीवन आने वाली पीढिय़ों को प्रेरित करता रहेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

- संदीप गिलहोत्रा के अचानक निधन से उत्पन्न खालीपन कभी भरा नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

फाजिल्का, 21 फरवरी:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज प्रसिद्ध समाजसेवी संदीप गिलहोत्रा के निधन पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और गिलहोत्रा परिवार के साथ दुख साझा करने पहुंचे, जिनका कुछ दिन पहले निधन हो गया था। संदीप गिलहोत्रा कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के ससुर थे।

इस दुखद घड़ी में पीडि़त परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘स्वर्गीय संदीप गिलहोत्रा निस्वार्थ सेवा के प्रकाशस्तंभ और समर्पित समाजसेवी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, खासकर हाशिए पर पड़े समुदायों की बेहतरी के लिए अथक कार्य किया। वे दबे-कुचले और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।’

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘संदीप गिलहोत्रा के नेक कार्य हमेशा लोगों के दिलों में अंकित रहेंगे और आने वाली पीढिय़ों को निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उनके असमय निधन ने एक ऐसा खालीपन पैदा कर दिया है, जो कभी भरा नहीं जा सकता। इस महान समाजसेवी का योगदान हमेशा समाज सेवा के मार्ग को रोशन करता रहेगा।’

परिवार की लोक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इस महान आत्मा के नक्शेकदम पर चलते हुए, उनके दामाद और पंजाब के कैबिनेट मंत्री उत्साह के साथ राज्य के लोगों की सेवा कर रहे हैं।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परमात्मा के समक्ष प्रार्थना की कि वह पीडि़त परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें तथा दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें।

इस अवसर पर विधायक नरिंदरपाल सिंह सवना, अमनदीप सिंह गोल्डी मुसाफिर, जगदीप कंबोज गोल्डी और अन्य भी मौजूद थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज में प्रवेश शुरू, परीक्षा 7 जून को, आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 अप्रैल*
चंडीगढ़, 21 फरवरी:

राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आर.आई.एम.सी.), देहरादून द्वारा जनवरी 2027 टर्म में प्रवेश के लिए योग्य लडक़ों और लड़कियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि लिखित प्रवेश परीक्षा 7 जून, 2026 (रविवार) को लाला लाजपत राय भवन, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का जन्म 2 जनवरी, 2014 से पहले तथा 1 जुलाई, 2015 के बाद नहीं होना चाहिए और वे या तो 7वीं कक्षा में अध्ययनरत हों या किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से 7वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो। चयनित उम्मीदवारों को 8वीं कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा। लिखित परीक्षा में तीन प्रश्नपत्र होंगे—अंग्रेज़ी, गणित और सामान्य ज्ञान।

प्रॉस्पेक्टस-कम-आवेदन पत्र सहित अधिक जानकारी आर.आई.एम.सी. की वेबसाइट 222.ह्म्द्बद्वष्.द्गस्रह्व.द्बठ्ठ से निर्धारित शुल्क 600 रुपये (सामान्य श्रेणी के लिए) तथा 555 रुपये (एस.सी./एस.टी. के लिए) जमा करवाकर ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र एक डिमांड ड्राफ्ट, जो ‘द कमांडेंट आर.आई.एम.सी. फंड’ के पक्ष में तथा देहरादून में देय होगा, सहित लिखित अनुरोध भेजकर भी मंगवाया जा सकता है।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित 5 अप्रैल, 2026 को या उससे पहले निदेशालय रक्षा सेवाएं कल्याण, पंजाब, सैनिक भवन, सेक्टर-21-डी, चंडीगढ़ भेजा जाए। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

डीजीपी पंजाब द्वारा 1951 बैंच के आईपीएस अधिकारी जगजीत सिंह बावा को उनके 100वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं

— सीनियर अधिकारियों ने आईपीएस अधिकारी को उनके निवास स्थान पर मिल कर पुलिस फोर्स की तरफ़ से बधाई दी

चंडीगढ़, 21 फरवरी:

डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज 1951 बैंच के सेवामुक्त आईपीएस अधिकारी श्री जगजीत सिंह बावा को उनके 100वें जन्मदिन मौके शुभकामनाएं दी है।

डीजीपी ने अपने एक्स हैंडल ( पहले टविट्टर) पर पोस्ट में कहा कि इंडियन पुलिस सर्विस के पंजाब कैडर की प्रमुख हस्ती श्री बावा अधिकारियों की एक पीढ़ी का नेतृत्व करते है, जिन्होंने पेशेवर, सैद्धांतिक और निडर पुलिसिंग की मज़बूत नींव रखी। उन्होंने लिखा कि पंजाब कैडर लंबे समय से अपनी समर्पित सेवा भावना, लीडरशिप और देश प्रति योगदान के लिए प्रशंसा का पात्र रहा है और श्री बावा पंजाब कैडर के आई.पी.एस. अधिकारियों की पहली कतार की हस्तियों में से एक है।

बताने योग्य है कि विशेष डीजीपी हैडक्वाटर एस.एस.श्रीवास्तव और डीआईजी परसोनल अमनीत कौंडल ने वैटर्न अधिकारी के साथ उनके निवास स्थान पर मुलाकात करके उनको पूरी पुलिस फोर्स की तरफ़ से शुभकामनाएं दी।

श्री जगजीत सिंह बावा ने 13 जुलाई, 1951 को अपना सेवाकाल शुरू किया और एसएसपी फिऱोज़पुर के तौर पर नियुक्त होने से पहले उन्होंने अलग- अलग जिलों में एएसपी और एसपी के तौर पर सेवाएं निभाई। उन्होंने डीआईजी और आईजीपी के तौर पर भी कई महत्वपूर्ण पदो पर काम किया और आईजीपी पंजाब के तौर पर भी सेवा निभाई। इसके बाद उनको 27 सितम्बर, 1977 को केंद्रीय डैपूटेशन पर नई दिल्ली में डायरैक्टर सीबीआई नियुक्त किया गया। श्री बावा को सेवामुक्ति की आयु के बाद सेवा में एक साल का विस्तार दिया गया और फिर 28 फरवरी, 1985 को को वह सेवामुक्त हो गए।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आईजीपी पंजाब और डायरैक्टर सीबीआई के तौर पर अपनी मिसाली सेवा के द्वारा श्री बावा ने इमानदारी, संस्थागत ताकत और जनतक विश्वास के उच्च स्तर को कायम रखा। उन्होंने कहा कि श्री बावा का जीवन और करियर लगातार अधिकारियों को प्रेरित करता आ रहा है।

डीजीपी ने आगे कहा कि जब हम आज श्री बावा का 100वां जन्मदिन मना रहे है, पंजाब पुलिस देश प्रति ड्यूटी, सम्मान और सेवा के लिए उनके प्रति अपना गहरा मान- सम्मान व्यक्त करती है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

* भगवंत मान सरकार द्वारा माता सुंदरी यूनिवर्सिटी गर्लज़ कालेज में 10 करोड़ रुपए की लागत के साथ बनने वाले लड़कियों के होस्टल के निर्माण की शुरुआत: हरपाल सिंह चीमा*

* 122 बिस्तरों वाला होस्टल 6 महीनों में होगा पूरा, 13 लाख रुपए की डिजिटल लाईब्रेरी भी की जाएगी स्थापित: हरपाल सिंह चीमा*

* 4 सालों में 63, 000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी, युवाओं का विदेश जाने का रुझान कम हुआ: हरपाल सिंह चीमा*

* पंजाब की अमन- कानून की स्थिति को खऱाब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, नशे और गैंगस्टरों विरुद्ध अभियान तेज: हरपाल सिंह चीमा*

चंडीगढ़/ मानसा, 21 फरवरी 2026:

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज माता सुंदरी यूनिवर्सिटी गर्लज़ कालेज, मानसा में लड़कियों के नए होस्टल का नींव पत्थर रखा। इस मौके उन्होंने उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने और पंजाब के कोने- कोने से आने वाली बेटियों के लिए सुरक्षित और मानक शिक्षा सुविधाएं सुनिश्चित बनाने के लिए भगवंत मान सरकार की वचनबद्धता को दोहराया।

समागम दौरान सभा को संबोधित करते वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, " लगभग 10 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के साथ बनने वाले इस गर्लज़ होस्टल का निर्माण अगले छह महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। यह सुविधा उन छात्राओं को बड़ी राहत देगी जो दूर के इलाकों से पढ़ाई के लिए आती है।"

उन्होंने आगे घोषणा की कि, " कालेज में 13 लाख रुपए की लागत के साथ एक अति- आधुनिक डिजिटल लाईब्रेरी भी स्थापित की जाएगी। यह डिजिटल लाईब्रेरी विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई और मुकाबले की परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होगी। "

राज्य के व्यापक विकास के एजंडे पर ज़ोर देते वित्त मंत्री ने कहा, " मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सभी क्षेत्रों में सर्वपक्क्षीय विकास का गवाह बन रहा है। "
अपने पिछले दौरे को याद करते उन्होंने कहा, " मेरी पिछली फेरी दौरान छात्राओं ने रिहायशी सुविधाओं की कमी कारण आ रही मुश्किलों के बारे बताया था। उनकी चिंताओ का तुरंत नोटिस लेते हमने संबंधित विभागों के साथ तालमेल किया और पी.एम- उषा योजना के अंतर्गत इस करोड़ों रुपए के प्रोजैक्ट की शुरुआत की। " उन्होंने कहा, " होस्टल में 122 छात्राओं के रहने के लिए कमरे होंगे, जो हमारी बेटियों के लिए एक सुरक्षित और सहायक माहौल यकीनी बनाएगे। "

रोजग़ार के मोर्चे पर पंजाब सरकार के रिकार्ड बारे बताते वित्त मंत्री चीमा ने कहा, " पिछले चार सालों में पंजाब के युवाओं को 63, 000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई है। इन पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती ने जनता का विश्वास बहाल किया है और युवाओं के विदेश जाने के रुझान में स्पष्ट गिरावट आई है। "

अमन- कानून को बरकरार रखने के बारे सरकार की सख़्त वचनबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, " पंजाब में से नशा और गैंगस्टरों के ख़ात्मे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि राज्य की अमन- कानून की स्थिति को खराब की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। "

इस मौके मानसा के विधायक डा.विजे सिंगला ने भी सभा को संबोधित किया और धन्यवाद प्रकट करते कहा, " मैं मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस अहम बुनियादी ढांचे के लिए धन्यवाद करता हूं, जिसके साथ इस क्षेत्र की छात्राओं को बहुत लाभ होगा। "

प्रोगराम की शुरुआत कालेज के प्रिंसीपल डा.बरिंदर कौर और पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के डायरैक्टर ( सी.सी.) डा. अमर इन्द्र सिंह के स्वागती भाषण के साथ हुई, जिन्होंने शैक्षणिक संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए सरकार के लगातार सहयोग की प्रशंसा की।

अपनी फेरी दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैंपस में किक्क- बाक्सिंग के मैच भी देखे, खिलाडिय़ों की लगन और अनुशासन के लिए उनका मनोबल बढाया और उनके साथ यादगारी तस्वीरें भी खिंचवाई।

इस मौके बुढलाडा के विधायक प्रिंसीपल बुद्ध राम, डिप्टी कमिश्नर मानसा नवजोत कौर, जि़ला योजना बोर्ड के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह भुच्चर वित्त मंत्री के ओ.एस.डी तपिन्दर सिंह सोही, डायरैक्टर अमन मित्तल, एस.डी.एम काला राम कांसल, नगर कौंसिल प्रधान सुनील कुमार नीनू और कई अन्य प्रशासकीय और राजनीतिक गणमान्य उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति के ऐतिहासिक परिणाम सामने आने लगे, सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पास किया जेईई मेन्ज़: हरजोत सिंह बैंस

- पिछले साल सरकारी स्कूलों के 187 विद्यार्थियों ने पास किया जेईई मेन्ज़, एक साल में ही संख्या लगभग दोगुनी हो गई: हरजोत सिंह बैंस

- सरकारी स्कूलों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण गरीब परिवारों के कई बच्चों ने पास की परीक्षा: हरजोत सिंह बैंस

-  ‘आप’ ने शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के मुद्दों पर पंजाब में चुनाव लड़े और भारी बहुमत से सरकार बनाई: हरजोत सिंह बैंस

- किसी भी राज्य में शिक्षा का स्तर उसके परिणामों से तय होता है, इस मापदंड के अनुसार पंजाब देश भर में अग्रणी: हरजोत सिंह बैंस

- 1.2 लाख से 1.5 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों, मजदूरों, दर्जियों और अन्य कामगारों के बच्चे जेईई में चमके: हरजोत सिंह बैंस

- भगवंत मान सरकार विद्यार्थियों को जेईई एडवांस की तैयारी के लिए 3 हफ्तों का विशेष आवासीय कैंप लगाएगी: हरजोत सिंह बैंस

चंडीगढ़, 21 फरवरी:

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज पंजाब भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर सुधारों के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने पहली कोशिश में ही जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन्ज़-2026 पास करने में सफलता हासिल की है, जो पिछले साल के 187 सफल उम्मीदवारों से 63 प्रतिशत की शानदार वृद्धि को दर्शाती है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य की स्कूल शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के पांच विद्यार्थियों ने भी यह प्रतिष्ठित परीक्षा पास की है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार योग्य विद्यार्थियों को जेईई एडवांस की तैयारी के लिए तीन हफ्तों का विशेष आवासीय प्रशिक्षण कैंप लगाएगी ताकि अगले चरण के लिए उनका उचित मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।

स. बैंस ने कहा, "यह उपलब्धि हमारे पूरे स्कूल शिक्षा विभाग के लिए बहुत गर्व की बात है। मैं अपने सभी समर्पित शिक्षकों का दिल से धन्यवाद करता हूं। हाल ही में आए जेईई मेन्ज़ फेज़ 1 के परिणामों ने पंजाब के सरकारी स्कूलों के शानदार प्रदर्शन की तस्वीर पेश की है, जिसमें 305 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी इंजीनियरिंग परीक्षा पास की है। यह उपलब्धि पिछले साल के 187 सफल उम्मीदवारों से 63 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक साल में ही इतना बड़ा मील का पत्थर स्थापित करना हमारी पंजाब शिक्षा क्रांति पहल की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हम अपनी प्रगति को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

इन विद्यार्थियों की सफलता की कहानियां साझा करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्या, जो स्कूल ऑफ एमिनेंस, टाउन हॉल, अमृतसर का 12वीं कक्षा नॉन-मेडिकल का विद्यार्थी है, ने 98.182 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, भले ही वह सिर्फ 1.5 लाख की वार्षिक आय वाले गरीब परिवार से आता है। उसके पिता मोबाइल मरम्मत की दुकान चलाते हैं और मां कपड़े सिलती है। मंत्री ने बताया कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद, इंजीनियरिंग करने और अपने परिवार के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने का उसका इरादा अडिग रहा। स्कूल के पूर्ण समर्थन और अनुशासित तैयारी के कारण उसने शानदार सफलता हासिल की।

शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि बठिंडा के सरकारी स्कूल के विद्यार्थी दिलखुश झाअ ने जेईई मेन्ज़ में 95.091 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। एक मजदूर पिता और गृहिणी मां तथा सिर्फ 1.2 लाख की वार्षिक पारिवारिक आय वाले इस मेहनती विद्यार्थी ने स्व-अध्ययन और पीस क्लासेस के माध्यम से यह सफलता हासिल की।

शिक्षा मंत्री ने कहा, "स्कूल ऑफ एमिनेंस, संगरूर की 12वीं कक्षा की साइंस की विद्यार्थिनी प्रियंका शर्मा एक साधारण परिवार से आती है। उसके पिता अकाउंटेंट हैं और मां एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती हैं। लगभग 3.5 लाख की वार्षिक पारिवारिक आय के बावजूद उसने पूरे अनुशासन और लगन से तैयारी की, पीस क्लासेस, नियमित मॉक टेस्ट और मजबूत अकादमिक मार्गदर्शन से लाभ लिया। उसके प्रयासों के परिणामस्वरूप जेईई मेन्ज़ में शानदार 96.44 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए, साथ ही वह नीट की तैयारी भी कर रही थी।"

एक और सफलता की कहानी बताते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "स्कूल ऑफ एमिनेंस, छाजली संगरूर की 12वीं कक्षा की नॉन-मेडिकल की विद्यार्थिनी हरमनदीप शर्मा एक ऐसे परिवार से आती है जहां पिता अकाउंटेंट है और मां गृहिणी है तथा परिवार की वार्षिक आय लगभग 2.5 लाख है। इंजीनियरिंग करने की इच्छा रखने वाली इस होनहार विद्यार्थिनी ने बिना किसी प्राइवेट ट्यूशन के स्कूल सहायता द्वारा पूरी तैयारी की, शिक्षक मार्गदर्शन और पीस लर्निंग से पूरा लाभ लिया। उसकी अनुशासित तैयारी के कारण उसने जेईई मेन्ज़ में शानदार 98.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।"

शिक्षा मंत्री ने कहा, "अमृतसर के एक सरकारी स्कूल की 12वीं कक्षा की विद्यार्थिनी पलक कौर एक साधारण पृष्ठभूमि वाली लडक़ी है और अपने पिता को खोने के बाद उसे कई व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उसकी परवरिश उसकी मां, जो एक गृहिणी है, द्वारा की जा रही है। इस परिवार की वार्षिक आय 1,00,000 से भी कम है। वित्तीय तंगी और अन्य मुश्किलों के बावजूद, वह अपनी शिक्षा पर केंद्रित रही। उसकी लगन के परिणामस्वरूप जेईई मेन्ज़ में 90.11 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।"

उन्होंने आगे कहा कि एसएएस नगर के एक सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा की विद्यार्थिनी काजल, जो एक आम परिवार से संबंधित है और उसके पिता एक निजी सुरक्षा कंपनी में सुपरवाइजर के रूप में काम करते हैं तथा मां एक गृहिणी है। उन्होंने कहा कि काजल के परिवार की वार्षिक आय लगभग 80,000 है, फिर भी इन वित्तीय तंगियों के बावजूद, शिक्षा की ओर उसका जुनून कभी नहीं डगमगाया। वह आईआईटी मद्रास से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहती है। उसने अच्छी तैयारी और अपने जुनून से जेईई मेन्ज़ 2026 में 92.66 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि इसी तरह एसएएस नगर के एक सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा का विद्यार्थी परदीप भी एक आम परिवार से संबंधित है और उसके पिता एक वाटर कूलर फैक्टरी में मजदूर के रूप में काम करते हैं तथा मां एक गृहिणी है। उन्होंने कहा कि परदीप के परिवार की वार्षिक आय तकरीबन 1,20,000 है, जिस कारण उसे हमेशा वित्तीय चुनौतियों से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि परदीप की इच्छा एक अच्छी नौकरी लेने की है ताकि उसके पिता को आगे फैक्टरी के मुश्किल हालातों में काम न करना पड़े। उन्होंने कहा कि परदीप ने अपनी मेहनत से जेईई मेन्ज़ 2026 में 93.11 प्रतिशत अंक हासिल किए।

इस सफलता का श्रेय पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों को देते हुए, खासकर पीएसीई कोचिंग पोर्टल जैसी पहलों को, जो सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बिना कोई पैसा लिए उच्च-गुणवत्ता के साथ परीक्षाओं के लिए तैयार करती हैं, कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि हमारे पास ऐसे और भी अनगिनत किस्से हैं जिनमें साधारण पृष्ठभूमि से जुड़े बच्चे आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और बिट्स पिलानी में पढऩे का सपना देख रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि वे अभी सिर्फ परीक्षा के पहले चरण की बात कर रहे हैं और जेईई मेन्ज़ की अगली परीक्षा के परिणामों से यह संख्या और भी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि जेईई मेन्ज़ की अगली परीक्षा भी नजदीक आ रही है और मुझे विश्वास है कि हमारे ताजा आंकड़े और भी प्रभावशाली होंगे।

शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने जोर देकर कहा कि उपलब्धियों के नजरिए से देखें तो पंजाब के सरकारी स्कूलों के बराबर किसी अन्य राज्य ने अभी तक ऐसा करके नहीं दिखाया। उन्होंने सभी 305 विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को बधाई दी और शिक्षकों का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे पंजाब की सरकारी स्कूल प्रणाली में एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जेईई परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई करने वाली विद्यार्थिनियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इस बार 134 लड़कियों ने यह परीक्षा पास की है, जो सरकारी स्कूलों में स्टेम (एसटीईएम) शिक्षा क्षेत्र में बढ़ रही लिंग समानता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस सफलता का श्रेय पीस प्रोग्राम के तहत दो साल की जेईई परीक्षा तैयारी, गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान मुफ्त आवासीय कोचिंग कैंप, नियमित मॉक टेस्ट, विद्यार्थियों की कार्यगुजारी का विश्लेषण, पीस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल शिक्षा तक पहुंच और अवंति फेलो तथा अन्य प्रमुख कोचिंग संस्थानों की विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा प्रदान की गई करियर गाइडेंस आदि को जाता है।

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