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पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 24, 2026 01:15 PM
*लुधियाना में 3,200 करोड़ रुपए की लागत वाला टाटा स्टील प्लांट मार्च से होगा कार्यशील, उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन और 2,500 युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*भारत में जमशेदपुर के बाद टाटा स्टील का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट अब पंजाब में - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*मेगा टाटा स्टील प्रोजेक्ट लुधियाना के औद्योगिक माहौल को मजबूती देगा - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*पंजाब सरकार ने राज्य में टाटा स्टील के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

*चंडीगढ़, 23 फरवरी*
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि मार्च से लुधियाना में टाटा स्टील के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के कार्यशील होने से पंजाब में उद्योग को बड़ा हौसला मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रोजेक्ट राज्य की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत शासन ढांचे में वैश्विक उद्योग के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।  

टाटा स्टील के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए, जिसमें उपाध्यक्ष (लॉन्ग प्रोडक्ट्स) आशीष अनुपम और कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि टाटा स्टील ग्रुप दुनिया के अग्रणी स्टील निर्माताओं में से एक है, जिसकी कच्चे स्टील की वार्षिक क्षमता लगभग 34 मिलियन टन है और दुनिया के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में इसका मजबूत स्थान है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा स्टील लिमिटेड लुधियाना की हाई-टेक वैली के निकट रीबार मिल के साथ 0.75 एम.टी.पी.ए. इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित स्टील-मेकिंग सुविधा स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि 115 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में शुरू में लगभग 2,600 करोड़ के निवेश का अनुमान था, जो अब बढक़र 3,200 करोड़ हो गया है। इस प्लांट से लगभग 2,500 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक माहौल को मजबूती मिलेगी।  

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह यूनिट 100 प्रतिशत स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में उपयोग करेगी और टिकाऊ तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रक्रिया अपनाएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस रूट पारंपरिक ब्लास्ट फर्नेस तकनीक की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करता है, जो पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ औद्योगिक विकास के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।  

पंजाब सरकार की ओर से निभाई गई सक्रिय भूमिका को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण और संचालन को समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया है, जो पंजाब की उद्योग-समर्थक नीतियों और सक्रिय शासन ढांचे को दर्शाता है।  

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत को राज्य के लिए गौरव की बात बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जमशेदपुर के बाद भारत में टाटा स्टील का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट है और पंजाब में कंपनी के सबसे बड़े निवेश को दर्शाता है। निरंतर औद्योगिक विस्तार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने प्रोजेक्ट के सफल संचालन और भविष्य में और विस्तार के लिए टाटा स्टील को पूरा समर्थन और सहयोग देने का भरोसा दिया।  

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल द्वारा ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ के ऐतिहासिक फैसले को हरी झंडी, एन.एफ.एस.ए. के तहत 40 लाख परिवारों को गेहूं, दाल, चीनी, तेल और नमक मिलेगा*

*भगवंत सिंह मान सरकार ने वर्ष 2026-27 में 12,800 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया, पांच वर्षों में दोगुना होने का अनुमान, जनकल्याण योजनाओं को मिलेगा बढ़ावा*

*मानवता के आधार पर सरकारी जमीन पर खेती करने वाले बाढ़ प्रभावित किसानों को एक बार मिलेगा मुआवजा*

*मंत्रिमंडल द्वारा सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए ओ.टी.एस. योजना में 30 जून, 2026 तक विस्तार*

*वांछित अपराधियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी इनाम नीति को मंजूरी*

*6 से 16 मार्च तक होगा 16वीं पंजाब विधानसभा का बजट सत्र, 8 मार्च को पेश होगा बजट*

*स्टाफ नर्सों के 361 पद पुनर्जीवित होंगे, कोविड वालंटियरों को भर्ती में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक मिलेंगे*

चंडीगढ़, 23 फरवरी :
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने जनकल्याण सेवाओं के विस्तार और वित्तीय मजबूती प्रदान करते हुए एक अहम फैसले के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एन.एफ.एस.ए.) के अंतर्गत आने वाले 40 लाख परिवारों को गेहूं, दाल, चीनी, तेल और नमक उपलब्ध कराने के लिए ऐतिहासिक ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को मंजूरी दे दी है, जो पंजाब के इतिहास का सबसे व्यापक खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी राजस्व में 12,800 करोड़ रुपये का लक्ष्य भी निर्धारित किया है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में जनकल्याण योजनाओं को मजबूत करने के लिए राजस्व संग्रह को दोगुना करने का अनुमान है।

खाद्य कार्यक्रम के साथ-साथ कैबिनेट ने सरकारी भूमि पर खेती करने वाले बाढ़ प्रभावित किसानों को एकमुश्त मुआवजा देने के निर्णय को मंजूरी दी, सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना को 30 जून, 2026 तक बढ़ाया और वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए पारदर्शी इनाम नीति को स्वीकृति दी।

सरकार ने यह भी घोषणा की कि 16वीं पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित किया जाएगा और राज्य का बजट 8 मार्च को प्रस्तुत किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 361 स्टाफ नर्सों के पद पुन: बहाल किए जाएंगे तथा कोविड वालंटियरों को भर्ती में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, जो भगवंत सिंह मान सरकार के तहत जनकल्याण, वित्तीय एकजुटता और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़े कदम का संकेत है।

आज यहां यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस जनपक्षीय पहल के तहत सरकार राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 (एन.एफ.एस.ए.) के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के साथ-साथ चीनी, दाल, सरसों का तेल और नमक वितरित करेगी। इससे राज्य के लोगों, विशेषकर समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों, जिनमें 40 लाख एन.एफ.एस.ए. कार्डधारक शामिल हैं, को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे वे अपने बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा सकेंगे। इस कदम से अप्रैल महीने से सुदृढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की आपूर्ति से आम आदमी को बड़ा लाभ होगा।


*भगवंत सिंह मान सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया, पांच वर्षों में दोगुना होने का अनुमान*

मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की आबकारी नीति को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य रखा गया है, जो कि वित्त विभाग द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 11,200 करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य की तुलना में 1,600 करोड़ रुपये (12.5त्न) की वृद्धि दर्शाता है। आबकारी राजस्व, जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में लगभग 6,200 करोड़ रुपये था, के पांच वर्षों की अवधि में दोगुना होने का अनुमान है।

*सरकारी भूमि पर खेती करने वाले किसानों को मुआवजा देने की मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2025 में भारी वर्षा के दौरान आई बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान के लिए उन किसानों (जो सरकारी भूमि पर खेती कर रहे हैं) को मुआवजा देने की भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के अनुसार जिन किसानों की वर्ष 2025 की विशेष गिरदावरी के दौरान फसल नुकसान का आकलन किया गया था, लेकिन उन्हें फसल मुआवजा नहीं दिया गया था क्योंकि उनकी गिरदावरी 15 सितंबर, 2015 के माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों और 25 सितंबर, 2015 के राज्य सरकार के पत्र के अनुपालन में सरकार के पक्ष में बदल दी गई थी, उन्हें भी फसल मुआवजा दिया जाएगा। यह मानवता के आधार पर एकमुश्त समाधान के रूप में किया जाएगा और किसी भी प्रकार से किसी को भी स्वामित्व अधिकार प्रदान नहीं करेगा।
इस हेतु जहां भी 25 सितंबर, 2015 से पहले खसरा गिरदावरी में दर्ज व्यक्ति अभी भी भूमि की खेती कर रहा है या उसके कानूनी वारिस भूमि की खेती कर रहे हैं, मुआवजा उस व्यक्ति या उसके कानूनी वारिसों को दिया जाएगा, जैसा भी मामला होगा। यदि कब्जे में कोई परिवर्तन पाया जाता है जो वर्ष 2015 के राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप नहीं है, तो कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। सरपंच, नंबरदार और पटवारी की समिति इस संबंध में पुष्टि करेगी और किसानों को मुआवजा वितरित करने के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

*सरकारी विभागों तथा सार्वजनिक संस्थानों के लिए ओ.टी.एस. योजना में 30 जून तक विस्तार*

मंत्रिमंडल ने 13 मार्च, 2025 को अधिसूचित की गई एकमुश्त निपटान योजना (ओ.टी.एस.) को 31 दिसंबर, 2025 से बढ़ाकर 30 जून, 2026 तक लागू रखने की मंजूरी दे दी है। यह विस्तार केवल उन प्लॉटों पर लागू होगा जो सरकारी विभागों/सार्वजनिक संस्थानों को आवंटित किए गए हैं तथा उन आवंटियों पर भी लागू होगा जिन्होंने 7 मई, 2025 की नीति के तहत प्लॉटों की बहाली के लिए अपीलें दायर की थीं और जो ओ.टी.एस. योजना के अंतर्गत अपने बकाया का निपटान करने के पात्र थे तथा जिनके प्लॉट पी.एस.आई.ई.सी. के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा बहाल किए गए हैं।
उन्हें 13 मार्च, 2025 से 30 जून, 2026 तक ओ.टी.एस. योजना के तहत ब्याज सहित अपने बकाया का निपटान करने की अनुमति होगी।


*वांछित अपराधियों पर कार्रवाई को मजबूती से सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी इनाम नीति को मंजूरी*
मंत्रिमंडल ने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पंजाब की इनामी नीति को भी मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य इनाम देने के लिए एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया को संस्थागत रूप देना है, ताकि सूचना देने वालों को प्रोत्साहित किया जा सके और वांछित अपराधियों को पकडऩे में कानून लागू करने वाले जवानों के प्रयासों को मान्यता दी जा सके। विभिन्न स्तरों पर स्वीकृति देने की शक्तियां एस.एस.पी., पुलिस कमिश्नरों, डीजीपी और अन्य सक्षम अधिकारियों को प्रदान की गई हैं।
मंत्रिमंडल ने आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड में वाइस-चेयरपर्सनों के दो अतिरिक्त पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। परिणामस्वरूप, बोर्ड में वाइस-चेयरपर्सनों की संख्या मौजूदा तीन से बढक़र पांच हो जाएगी। इससे क्षेत्र-आधारित फोकस, योजनाओं की बेहतर निगरानी, विभागों और जिला योजना समितियों के साथ बेहतर समन्वय तथा त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

*16वीं विधानसभा का बजट सत्र 6 से 16 मार्च तक, 8 मार्च को पेश होगा बजट*
मंत्रिमंडल ने 16वीं पंजाब विधानसभा का 12वां सत्र (बजट सत्र) 6 मार्च से 16 मार्च तक बुलाने की मंजूरी दे दी है। 6 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण होगा और 8 मार्च को वित्त मंत्री वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करेंगे।

कोविड वालंटियरों को भर्ती में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक मिलेंगे
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में महामारी के दौरान कार्य करने वाले कोविड वालंटियरों के साथ-साथ विभाग के अंतर्गत ठेका/आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के रिक्त पदों पर अतिरिक्त अंक तथा ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट का लाभ देने की मंजूरी भी प्रदान की। यह लाभ कोविड महामारी के दौरान दी गई सेवाओं को उपयुक्त अनुभव के रूप में मानते हुए चालू वर्ष के दौरान 31 दिसंबर, 2026 तक की सीधी भर्ती में लागू होगा।

*स्टाफ नर्सों के 361 पदों को पुनर्जीवित करने और भरने को हरी झंडी*
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में स्टाफ नर्सों (ग्रुप-सी) के 361 रिक्त पदों को पुन: सृजित करने और भरने की मंजूरी दे दी है। इनमें 224 ऐसे पद शामिल हैं जो एक वर्ष से अधिक समय से रिक्त हैं और 137 पद ऐसे हैं जो एक वर्ष से कम समय से रिक्त हैं। इन पदों को पंजाब अधीनस्थ चयन सेवा बोर्ड के दायरे से बाहर रखते हुए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट के माध्यम से भरा जाएगा।
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*सीएम मान का ऐतिहासिक एलान, ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत 40 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त राशन*


*राशन किट में 2 किलो मूंग-छोले की दाल-चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी, 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा- भगवंत सिंह मान*


*इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा पंजाब के लाखों गरीब और दलित परिवार को होगा -हरपाल सिंह चिमा*

*पंजाब की जनता को एनएफएसए के तहत मिलने वाले गेहूं से अलग ये किट दी जाएंगी- भगवंत सिंह मान*


*आम आदमी पार्टी की ईमानदार सरकार जनता का एक-एक पैसा लोगों की सेवा पर खर्च कर रही है - भगवंत सिंह मान*

*अकाली-भाजपा और कांग्रेस की सरकार में जनता का पैसा लूटकर नेता अपनी जेब भरते थे - भगवंत सिंह मान*

*सरकार का लोक-हितैषी बजट समाज के हर वर्ग के हितों का ख्याल रखते हुए कल्याणकारी उपायों और मजबूत करेगा- भगवंत सिंह मान*

*चंडीगढ़, 23 फरवरी*
पंजाब में पहली बार व्यापक स्तर पर खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने आज ‘मेरी रसोई’ योजना की शुरुआत का ऐलान किया, जिसके तहत 40 लाख परिवारों को अप्रैल से तिमाही आधार पर मुफ्त फूड किट (भोजन किट) का वितरण शुरू किया जाएगा उल्लेखनीय है कि ये फूड किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए जाने वाले गेहूं से अलग तौर पर प्रदान की जाएंगी।

इस योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार "जन कल्याण योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना अच्छी तरह जानती है, जो पूरी ईमानदारी और दूरदर्शिता के साथ चलती है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना सिर्फ एक वादा नहीं बल्कि हमारा नैतिक फर्ज है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले लोक-हितैषी बजट में भी समाज के हर वर्ग के हितों का ख्याल रखते हुए लोक भलाई उपायों का दायरा और विस्तृत किया जाएगा।

मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल पंजाब के हर परिवार के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के शानदार योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के मेहनती और जुझारू किसानों ने अथक मेहनत से यह सुनिश्चित किया कि देश में कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य ने देश का पेट भरने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हालांकि पंजाब में अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोज संघर्ष करते हैं, जिनकी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह महत्वाकांक्षी 'मेरी रसोई योजना' शुरू की है।

इस योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार 40 लाख परिवारों को फूड किट प्रदान करेगी। प्रत्येक किट में मासिक खपत के लिए दो किलो दाल, दो किलो चीनी, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। ये फूड किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत योग्य लाभार्थियों को पहले वितरित की जा रही गेहूं से अलग तौर पर प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने आगे बताया कि मार्कफेड इस पहल के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मार्कफेड इन किटों के वितरण के लिए नोडल एजेंसी होगी और ये किट खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा मुफ्त में सप्लाई की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई है।

पंजाब की विरासत के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने पिछले समयों में देश को अनाज संकट से बाहर निकाला था और यह पहल हमारी सरकार द्वारा लोक भलाई के लिए की जा रही लोक-हितैषी नीतियों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह गारंटी न तो लिखी गई थी और न ही हमारी पार्टी के मेनिफेस्टो का हिस्सा थी, लेकिन यह पंजाब के लोगों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और हम इसे पूरा कर रहे हैं।

बच्चों और परिवारों पर इस योजना के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के हर बच्चे को पौष्टिक भोजन मिले, जो पंजाब भर में खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूती देगा।

उन्होंने ऐलान किया कि इन किटों का वितरण अप्रैल में शुरू होगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अप्रैल महीने से शुरू होकर हर तिमाही के बाद इन किटों का मुफ्त वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि किसी भी हालत में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पंजाब सरकार सप्लाई की जाने वाली सभी खाद्य वस्तुओं की सख्त गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता या अनियमित सप्लाई संबंधी किसी भी शिकायत से सख्ती से निपटा जाएगा।

अपनी सरकार की लोक-हितैषी सोच का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का आगामी लोक-हितैषी बजट पंजाब के लोगों के लिए भलाई उपायों को और मजबूत करेगा।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क द्वारा "मेरी रसोई योजना" को हरी झंडी देने के लिए मुख्य मंत्री का धन्यवाद

इस नई योजना को एन.एफ.एस.ए. लाभपातरियों के हितों के लिए अहम पहल बताया

चंडीगढ़, 23 फरवरी:

राष्ट्रीय ख़ुराक सुरक्षा एक्ट ( एन.एफ.एस.ए.), 2013 के रजिस्टर्ड लाभपातरियों के लिए सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य के साथ आज मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट की तरफ से 'मेरी रसोई' योजना शुरू करने के ऐलान के साथ ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने लोक कल्याण के लिए यह बड़ा कदम उठाने के लिए मुख्य मंत्री का धन्यवाद किया है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने लाभपातरियों के हितों को ध्यान में रखते यह रचनात्मक पहल की है।

जि़क्रयोग्य है कि राज्य में एन.एफ.एस.ए. अधीन 40 लाख लाभपातरी है और अब तक नीले कार्ड धारक लाभपातरियों को गेहूं ही दी जाती रही है, परन्तु मंत्री मंडल की तरफ से मंज़ूर की गई 1 अप्रैल से शुरू होने वाली इस योजना के अंतर्गत ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले विभाग द्वारा हर तीन महीनों बाद लाभपातरियों को विशेष राशन किटें प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इस राशन किट में 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो आइओडीन युक्त नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और 1 लीटर सरसों का तेल शामिल होगा।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग पंजाब
* स्पीकर ने विद्यार्थी रणवीर सिंह सचदेवा को ए.आई. तकनालोजी में योगदान देने के लिए शुभकामनाएं दी*
चंडीगढ़ 23 फरवरी:
पंजाब विधान सभा के स्पीकर सरदार कुलतार सिंह संधवा ने आठ वर्षीय रणवीर सिंह सचदेवा को आर्टिफिशियल इंटेलीजैंस आधारित प्रौद्योगिकियों में योगदान देने के लिए बधाई दी और उसके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते कहा कि परमात्मा उसके भविष्य के सपने पूरे करे और वह अपनी जि़ंदगी में कामयाबी के शिखर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य है और यदि वह मानक शिक्षा प्राप्त करते है तो हमारा देश ख़ुशहाल होगा। उन्होंने आगे कहा कि पूरे सिख भाईचारे को उस पर गर्व है।
इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए विद्यार्थी रणवीर सिंह सचदेवा ने कहा कि वह प्राचीन भारतीय फिलासफीज़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकियों के द्वारा आज के दौर से जोडऩे का यत्न कर रहा है। आने वाले समय में दुनिया इसको अपनाएगी। वह ए.आई.से संचालित प्रौद्योगिकियों में योगदान देना चाहता है क्योंकि भविष्य में एआई, भारत के जी.डी.पी. के विकास में बहुत अहम योगदान देगी।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

जसवीर सिंह गढ़ी ने पंजाब के समूह एस.सी.कर्मचारी संगठन की मुश्किलें सुनी

दलित कर्मचारी संगठन द्वारा मुख्य तौर पर आरक्षण नीति के मुल्यांकन और 85वीं संशोधन लागू करने की मांग

कच्चे कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने सम्बन्धित की गई मांग

चंडीगढ़, 23 फरवरी:
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति कमिशन के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने अनुसूचित जाति वर्ग के साथ सम्बन्धित पंजाब की एस.सी कर्मचारी संगठन की समस्याओं और संवैधानिक अधिकारों को लागू करवाने में आ रही परेशानियों को हल करवाने के लिए पंजाब भवन, चंडीगढ़ में विशेष मीटिंग की अध्यक्षीय की गई।

इस मीटिंग में राज्य के ज़्यादातर एस.सी. कर्मचारी संगठन ने हिस्सा लिया। संगठन के प्रतिनिधियों ने मीटिंग दौरान आरक्षण/ प्रतिनिधता सम्बन्धित पंजाब में लागू नियमों का पुन मूल्यांकन करने की मांग करते कहा कि पंजाब राज्य में आरक्षण नीति 1971 के जनगणना अनुसार तय की गई थी, जिस में 50 साल बीतने के बावजूद की कोई मूल्यांकन नहीं किया गया जबकि पंजाब राज्य में दलित आबादी 38 फीसद से ज़्यादा हो गई है। इसके साथ ही इन नेताओं द्वारा 85वीं संवैधानिक संशोधन लागू करने, 10- 10- 2014 को जारी किए गए ग़ैर संवैधानिक पत्र को वापिस लेने रोस्टर रजिस्टरों और बैकलाग के साथ सम्बन्धित भर्ती के साथ सम्बन्धित मामलों को उठाया गया और कमिशन से मांग की गई कि इस सम्बन्धित जल्द कार्यवाही करके इन मसलों को हल करवाया जाए।

कर्मचारी संगठनों ने कच्चे कर्मचारियों का भी मुद्दा उठाते कमिशन से मांग की कि इनकी सेवाओं को रेगुलर करवाने के लिए उद्यम किए जाएं।

आज की इस बैठक में स.जसवीर सिंह पाल, स.अवतार सिंह कैंथ, स. अमरीक सिंह बंगड़, स.कृष्ण सिंह और कई अन्य उपस्थित थे।
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*सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब*

*पंजाब सरकार द्वारा जल्द करवाई जाएगी एन.आर.आई. मिलनी: डॉ. रवजोत सिंह*

*एन.आर.आईज की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा*

*एन.आर.आई. सभा का चुनाव जल्द करवाने के आदेश*

चंडीगढ़, 23 फरवरी:

पंजाब सरकार द्वारा जल्द ही जिला वार एन.आर.आई. मिलनियां आयोजित की जाएंगी। यह जानकारी आज यहां एन.आर.आई. मामलों से संबंधित विभागीय उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने दी।

डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा विदेशों में बसे पंजाबी एन.आर.आई.ज की समस्याओं को हल करने के लिए एन.आर.आई. मिलणियां लगातार आयोजित की जा रही हैं और इसी दिशा में चालू वर्ष के दौरान राज्य के प्रत्येक जिले में एन.आर.आई. मिलनियां करवाई जाएंगी।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य एन.आर.आई.ज को सामने आने वाली समस्याओं का समाधान उनके पास पहुंचकर करना है ताकि उन्हें सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एन.आर.आईज के मामले और शिकायतें निर्धारित समय के अंदर हल की जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विदेशों में बैठे पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार विदेशों में बसे एन.आर.आईज़. पंजाबियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एन.आर.आईज़ की पंजाब में पड़ी जमीन-जायदाद के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एन.आर.आई.ज सभा के चुनाव जल्द करवाए जाएं और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई को तेजी से पूरा किया जाए।

इस मौके पर एन.आर.आई. विभाग के सचिव श्री वी एन. जा़दे, डिवीजनल कमिश्नर जालंधर तथा सचिव सूचना एवं लोक संपर्क विभाग श्री रामवीर, विशेष सचिव एन.आर.आई. श्रीमती अमनदीप कौर, ए.डी.जी.पी. एन.आर.आई. श्री आर. के. जैस्वाल, अतिरिक्त सचिव एन.आर.आई. श्री आर. बी.एस. बराड़ और ए.आई.जी. श्री अजिंदर सिंह उपस्थित थे।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

‘गैंगस्टरां ते वार’ का 34वां दिन: पंजाब पुलिस ने 487 स्थानों पर की छापेमारी ; 208 काबू

— पुलिस टीमों ने 86 व्यक्तियों विरुद्ध की एहतियाती कार्यवाही, 151 को पूछताछ के बाद किया रिहा

— लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर दे सकते है गैंगस्टरों के बारे जानकारी

— युद्ध नशियां विरुद्ध के 359वें दिन 99 नशा तस्कर 6.9 किलो हेरोइन और 6 किलो आईस सहित गिरफ़्तार

चंडीगढ़, 23 फरवरी:

मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चल रही निर्णायक मुहिम ’ गैंगस्टरां ते वार’ के 34वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मेप किए 487 टिकानों पर छापेमारी की।

जि़क्रयोग्य है कि ‘ गैंगस्टरां ते वार ’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त सूबा बनाने के लिए निर्णायक जंग है, जिसकी सुरूआत 20 जनवरी, 2026 को डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने की थी। इस अभियान के अंतर्गत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ( एजीटीएफ) पंजाब के पूरे तालमेल के साथ सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्यवाहियां कर रही है।

मुहिम के 34वें दिन, पुलिस टीमों ने 208 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया और आरोपियों के कब्ज़े में से एक हथियार बरामद किया है, जिससे अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ़्तारियों की कुल संख्या 11,082 हो गई है।

इसके इलावा 86 व्यक्तियों विरुद्ध एहतियाती कार्यवाही की गई है, जब कि 151 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्यवाही दौरान 9 भगौड़े अपराधियों ( पीओ) को भी गिरफ़्तार किया है।

उन्होंने कहा कि लोग ज़रुरी अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर जानकारी दे सकते है और इस पर अपराध और अपराधिक गतिविधियों बारे सूह/ जाणकारी भी सांझी की जा सकती है।

इस दौरान पुलिस टीमों ने नशे विरुद्ध अपनी मुहिम ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ को 359वें दिन भी जारी रखते आज 99 नशा तस्करों को गिरफ़्तार करके उनके कब्ज़े में से 6.9 किलो हेरोइन, 6 किलो आईस, 1 किलो अफ़ीम, 210 किलो भुक्की, 577 नशीली गोलियां/ कैप्सूल और 7870 रुपए की ड्रग मनी बरामद की। इसस केवल 359 दिनों में गिरफ़्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 50, 964 हो गई है। नशा छुड़ाओ मुहिम के अंतर्गत पंजाब पुलिस ने आज 30 व्यक्तियों को नशा छोडऩे और पुर्नवास का इलाज लेने के लिए राज़ी किया।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

* नशा तस्करी से संबंधित नैटवर्क के तीन कारकुन 6 किलो हेरोइन और 6 किलो आईसीई सहित अमृतसर से काबू*

— पाकिस्तानी तस्कर के साथ सीधे संपर्क में थे गिरफ़्तार किए दोषी, ड्रोन के द्वारा प्राप्त कर रहे थे नशीले पदार्थों की खेप: डीजीपी गौरव यादव

— अगले-पिछले संबंध स्थापित करने के लिए और जांच जारी

चंडीगढ़/ अमृतसर, 23 फरवरी:

मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम दौरान बड़ी सफलता के अंतर्गत काउंटर इंटेलीजैंस ( सीआई) अमृतसर ने नशा तस्करी के साथ जुड़े माड्यूल के तीन कारकुनों को 6 किलो हेरोइन और 6 किलो आईसीई ( क्रिस्टल मेथामफेटामाईन) बरामद करके, इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस ( डीजीपी), पंजाब गौरव यादव ने आज यहां सांझा की।

गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान फिऱोज़पुर के गांव सुरसिंह वाला के निवासी प्रताप सिंह, अमृतसर के गांव कोहाला के निवासी अजैपाल सिंह और अमृतसर के गांव ख्याला कलां के निवासी जोबनदीप सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस टीमों ने नशीले पदार्थों की खेप बरामद करने के इलावा दोषियों का काले रंग का स्पलैंडर मोटरसाईकल ( पीबी 02 एफ.ई. 1185) और सफ़ेद रंग की एक्टिवा (पीबी 02 ईटी 8995) भी ज़ब्त कर लिया है, जो खेप की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्राथमिक जांच से पता लगा है कि गिरफ़्तार किए गए आरोपी, प्रताप सिंह और अजैपाल सिंह पाकिस्तानी तस्कर के सीधे संपर्क में थे।

उन्होंने कहा कि गिरफ़्तार किए गए आरोपी अमृतसर के गांव अटलगढ़ और रतन के बाड़ वाले क्षेत्र से ड्रोन के द्वारा सरहद पार तस्करी की खेप प्राप्त कर रहे थे और उनको राज्य में आगे अन्य को यह नशीले पदार्थ स्पलाई करने का काम सौंपा गया था।

आपरेशन सम्बन्धित विवरन सांझे करते उन्होंने कहा कि सीआई अमृतसर को पुख्ता ख़ुफिय़ा जानकारी मिली थी कि प्रताप सिंह और अजैपाल सिंह को हाल ही में ड्रोन के द्वारा नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप मिली है और वह इस खेप को गांव स्तर में श्मशानघाट की पानी वाली टैंकी नज़दीक अपने साथी जोबनदीप सिंह तक पहुंचाने जा रहे है। उन्होंने कहा कि तेज़ी के साथ कार्यवाही करते सी.आई. अमृतसर की पुलिस टीम ने उस जगह पर छापा मारा और तीनों शक्कियों को 6 किलो हेरोइन और 6 किलो आईसीई सहित गिरफ़्तार किया।

डीजीपी ने कहा कि मामले में पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए अगले- पिछले सम्बन्ध स्थापित करने के लिए और जांच की जा रही है और अन्य गिरफ़्तारियां होने की उम्मीद है।

इस सम्बन्ध में एफआईआर नंबर 10 तारीख़ 23.02.2026 को पुलिस स्टेशन स्टेट स्पैशल आपरेशन सैल, अमृतसर में एन.डी.पी.एस.एक्ट की धाराओं 21, 22, 25 और 29 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

* साल 2026-27 में पंजाब का आबकारी राजस्व 12, 800 करोड़ रुपए तक पहुंचेगा; स्कूलों, अस्पतालों और लोक- समर्थकीय योजनाओं के लिए फंड के साथ जनतक कल्याण को मिलेगा बढावा: हरपाल सिंह चीमा*

* अकाली- भाजपा सरकार के समय 2,755 करोड़ रुपए से ज्यादा कर आबकारी राजस्व 2025-26 में 11, 200 करोड़ रुपए तक पहुंचा; आबकारी सुधारों ने पंजाब के राजस्व का नया अध्याय सृजित किया : हरपाल सिंह चीमा*

* नई आबकारी नीति पारदर्शिता, 'इज आफ डुईंग बिजऩस' और नाजायज शराब विरुद्ध कार्यवाही पर केंद्रित: हरपाल सिंह चीमा*

* तस्करी विरुद्ध ज़ीरो टालरैंस; 26, 000 छापेमारियां और 4,400 से अधिक एफ.आई.आर दर्ज की गई: हरपाल सिंह चीमा*

चंडीगढ़, 23 फरवरी

साल 2026- 27 के लिए 12, 800 करोड़ रुपए के आबकारी राजस्व का अनुमान लगाते हुए, पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां दावा किया कि पंजाब के आबकारी सुधारों ने न केवल सूबे के राजस्व का नया अध्याय सृजित किया है, बल्कि अब यह स्कूलों, अस्पतालों और अन्य लोक-समर्थकीय योजनाओं को फंड देकर सीधे तौर पर जनतक कल्याण में विस्तार किया  है।

नई आबकारी नीति की घोषणा करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य पिछली कांग्रेस और अकाली- भाजपा सरकारों की रुकावट से निर्णायक तौर पर बाहर निकल आया है। उन्होंने कहा कि आबकारी क्षेत्र को एक पारदर्शी, इनफोर्समैंट- प्रेरित और विकास- प्रमुख क्षेत्र में बदल दिया गया है, जो नाजायज व्यापार पर शिकंजा कसने के साथ-साथ रिकार्ड राजस्व एकत्रित कर रहा है।

पंजाब भवन में एक प्रैस कान्फ्ऱेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जिनके साथ आबकारी और कर कमिश्नर जतिंदर जोरवाल भी उपस्थित थे, ने राज्य के आबकारी सफऱ का विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया। उन्होंने बताया, " साल 2011-12 में अकाली- भाजपा शासन दौरान आबकारी राजस्व केवल 2,755 करोड़ रुपए था। अगले दशक दौरान भी आबकारी राजस्व प्राप्ति की कार्यगुज़ारी सुस्त रही और 2021-22 में कांग्रेस शासन दौरान यह केवल 6,255 करोड़ रुपए तक ही पहुंच सका। "

आबकारी और कर मंत्री ने ज़ोर दे कर कहा, " हालांकि, मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा 2022-23 में एक मज़बूत नीतिगत ढांचा लागू किए जाने के बाद, राज्य ने तुरंत 8,428 करोड़ रुपए का आबकारी राजस्व प्राप्ति में बढा कदम आगे बढाया। यह रफ़्तार बेरोक जारी रही है, जिससे यह राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 में 10, 744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया और वित्तीय साल 2025-26 के लिए भी 11, 200 करोड़ रुपए का मौजूदा लक्ष्य पूरा किया जा रहा है। "

साल 2026- 27 की नई आबकारी नीति के मुख्य नुक्तों बारे जानकारी देते वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, " पंजाब सरकार ने कामकाज को उचित बनाने और मौजूदा कारोबारों की सहायता के लिए कई अहम कदम उठाए है। इनमें वित्तीय वर्ष 2025- 26 की फ़ीसों में 6.5त्न वृद्धि के साथ मौजूदा रिटेल लायसैंसों का नवीनीकरण शामिल है। जिन मामलों में ग्रुपों का नवीनीकरण नहीं होता, वहां अलाटमैंट एक पारदर्शी ई-टैंडर प्रक्रिया के द्वारा की जाएगी। "

उन्होंने आगे बताया, " मार्किट को नियंत्रित करते हुए खपतकारों की मांग को पूरा करने के लिए 50 और 65 डिगरी वाली पंजाब मीडियम लीकर ( क्करूरु) का कोटा 3 फीसदी बढा दिया गया है, जिससे कुल कोटा 8.79 करोड़ प्रूफ़ लीटर हो गया है। इसके इलावा, नाजायज शराब की बिक्री को रोकने के लिए, सरकार आबकारी एक्ट के अधीन उच्च- अपराध वाले क्षेत्रों के तौर पर पहचाने गए इलाकों में विशेष तौर पर 40- डिगरी पी.एम.एल सब-वैंड शुरू करेगी। "

कारोबार करने की सुविधा ( इज आफ डुईंग बिजऩस) पर पंजाब सरकार के ध्यान पर ज़ोर देते वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ऐलान किया, " ई.डी.पी और ई.बी.पी अधीन ब्रांड की कीमतों में 4 फीसदी तक की वृद्धि अब एक आटो-प्रवानगी विधि के अधीन होंगे, जिससे दफ़्तरी कामकाज सम्बन्धित देरी में काफ़ी कमी आएगी। " उन्होंने कहा कि सरकार यूनिटों की कार्य कुश्लता में सुधार करने के लिए यूनिटों के संचालन और डिस्पैच घंटों को बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है। "

औद्योगिक स्व- निर्भरता और आर्थिक विभिन्नता की तरफ एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, वित्त मंत्री ने घोषणा की कि पंजाब में अब माल्ट मैनुफ़ेक्चरिंग यूनिटों की स्थापना को उत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा, " यह रणनीतक पहलकदमी राज्य की औद्योगिक नीति में एक बढिय़ा विकास का संकेत देती है, जिससे पंजाब जहां केवल शराब की बोटलिंग करता था अब बदल कर एक मानक उत्पादन हब में तबदील हो जाएगा। "

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, " जौं की प्रोसेसिंग से ले कर प्रीमियम माल्ट की कशीदगी तक के पूरे उत्पादन चक्कर को राज्य के अंदर ही विकसित करने पीछे राज्य का उदेश्य कच्चे स्पिरिट के लिए बाहरी स्पलयरों पर अपनी निर्भरता को ख़त्म करना है। यह तबदीली न केवल राज्य की सरहदों के अंदर उत्तम और गुणवत्ता वाली घरेलू स्पिरिट के उत्पादन को यकीनी बनाएगी, बल्कि एक मज़बूत फार्म-टू-फैक्ट्री ईकोसिस्टम भी स्थापित करेगी जिससे पंजाब के कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ होगा। "

उन्होंने कहा कि यह तबदीली राज्य के अंदर पूंजी को बरकरार रखने, विशेष तकनीकी रोजग़ार पैदा करने और उच्च- स्तरीय औद्योगिक कशीदगी में पंजाब की स्थिति को मज़बूत करने के लिए तैयार की गई है।

इस मौके इनफोर्समैंट के आंकड़े सांझा करते वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पड़ोसी राज्यों और चंडीगढ़ से शराब की तस्करी विरुद्ध पंजाब सरकार की 'ज़ीरो- टालरैंस' नीति को दोहराया। उन्होंने कहा, " कानून लागू करने वाली एजेंसियां बेहद सक्रिय रही है, जिसके नतीजे के तौर पर 4,406 एफ.आई.आर. दर्ज की गई और 4,324 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया। इन कार्यवाहियों में 26, 218 छापेमारी और 24, 832 नाके लगाना शामिल है, जिससे 455 वाहन और 1,76, 552 शराब की बोतलों ज़ब्त की गई। इसके इलावा आबकारी विभाग ने 38, 23, 576 लीटर लाहन नष्ट की, 82, 990 लीटर ईथानौल और ई.एन.ए, 66, 794 लीटर नाजायज शराब ज़ब्त की गई और 374 चलती भट्टियों को तबाह किया गया, जो जनतक सुरक्षा और कानूनी अखंडता प्रति राज्य सरकार की वचनबद्धता को दर्शाता है।

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