* भगवंत मान सरकार ने मुख मंत्री सेहत योजना सम्बन्धित रजिस्ट्रेशन को बनाया आसान*
* क लोग सिफऱ् आधार और वोटर आईडी के साथ मौके पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते है: सेहत मंत्री*
* क सीएससी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वीएलईज़ को पंजाब सरकार में तरजीही तौर पर रोजग़ार के मौके दिए जाएंगे: डा. बलबीर सिंह*
चंडीगढ़: 24 फरवरी:
भगवंत मान सरकार ने आज अपनी प्रमुख मुख्य मंत्री सेहत योजना ( एमएमएसवाई) सम्बन्धित रुकावटों को दूर करते घोषणा की कि लोग अब राज्य भर के कामन सर्विस सैंटरें ( सीएससी) में सिफऱ् आधार और वोटर आईडी के साथ तुरंत मौके पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। एक उच्च- स्तरीय समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षीय करते सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह ने गांव स्तर के उद्यमियों के लिए प्रदर्शन- आधारित प्रोत्साहनों की भी शुरुआत की, जिसके अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन करने वालों के लिए पंजाब सरकार में तरजीही तौर पर रोजग़ार के मौके देने का वायदा किया गया। इसके इलावा योजना के 100 प्रतिशत लागूकरन को यकीनी बनाने के लिए एक राज्य स्तरीय लामबंदी मुहिम शुरू की गई।
कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और डिप्टी कमिश्नरों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षीय करते, पंजाब के सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह ने अधिकारियों को रवायती तरीकों से हट कर रजिस्ट्रेशन मुहिम का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पंजाब निवासी जिसके पास आधार कार्ड और पंजाब वोटर आईडी है, वह इस योजना में नाम दर्ज करवाने के लिए किसी भी कामन सर्विस सैंटर ( सीऐससी) या निर्धारित रजिस्ट्रेशन कैंप में जा सकता है।
कुशलता में विस्तार करने के लिए एक अहम कदम उठाते, डा. बलबीर सिंह ने कामन सर्विस सैंटरो को चलाने वाले गांव स्तर के उद्यमियों के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन का ऐलान किया। डिजिटल प्रशासन सम्बन्धित उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देते, उन्होंने कहा, " रजिस्ट्रेशन मुहिम में तेज़ी लाने सम्बन्धित सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांव स्तर के उद्यमियों को पंजाब सरकार में तरजीही तौर पर रोजग़ार के मौके दिए जाएंगे। "
उन्होंने आगे कहा कि यह पहलकदमी संभावी तौर पर गांव स्तर के उद्यमी नैटवर्क को ओर मज़बूत करने के साथ साथ प्रत्येक कामन सर्विस सैंटर को पंजाब के लोगों के लिए सेहत कवरेज हासिल करने के समर्पित गतिविधि केंद्र में बदल देगी।
सरकार की वचनबद्धता पर ज़ोर देते डा. बलबीर सिंह ने कहा, ‘ सेहत संभाल एक अधिकार है, कोई विशेष सुविधा नहीं। मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पंजाब में एक भी परिवार को महंगे डाक्टरी इलाज कारण गरीबी रेखा से नीचे नहीं जाने देगी। सिफऱ् दो ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा दे कर सरकार नागरिकों और उनके मुफ़्त सेहत संभाल के अधिकार दरमियान आती हर रुकावट को दूर कर रही है।’ ’
स्कीम के 100 प्रतिशत लागूकरन को यकीनी बनाने के लिए पंजाब के सेहत मंत्री ने एक ज़मीनी स्तर पर बड़ी लामबंदी मुहिम शुरू की और सभी डिप्टी कमिश्नरों को राज्य के मान्यता प्राप्त सामाजिक सेहत कर्मियों और आंगनवाड़ी वर्करों के व्यापक नैटवर्क को सक्रिय करने के निर्देश दिए। यह फरंटलाईन वर्कर योग्य परिवारों की पहचान करे और उनको पास के नामांकन केन्द्रों बारे सीध देने के लिए घर- घर मुहिम चलाएंगे जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि कमज़ोर वर्ग का कोई निवासी इस स्कीम से खाली न रहे।
इस वर्चुअल मीटिंग में प्रमुख सचिव सेहत और परिवार भलाई श्री कुमार राहुल, मैंबर पंजाब विकास कमिशन श्री अनुराग कुंडू, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य सेहत एजेंसी श्री संयम अग्रवाल, डायरैक्टर सेहत और परिवार भलाई डा. हितिन्दर कौर और सेहत विभाग के अन्य सीनियर अधिकारी शामिल हुए।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
* पंजाब सरकार ने वाछिंत अपराधियों और गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के लिए नई इनाम नीति को किया नोटीफाई*
* — मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट की तरफ से मंज़ूरी देने से एक दिन बाद यह इनाम नीति की लागू*
* — एसएसपी, सीपी/ आईजीपी/ डीआईजी रेंजों और विंग प्रमुखों को 1 लाख से 2 लाख रुपए तक के इनामों के लिए मंज़ूरी के लिए अधिकारित किया गया है: डीजीपी गौरव यादव*
* — वाछिंत अपराधियों, भगौड़ों और आदतन अपराधियों की गिरफ़्तारी में सहायता करने के लिए लोगों को दिया जाएगा इनाम*
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा- निर्देशों पर पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए शुरु किए 'गैंगस्टरां ते वार' मुहिम को ओर मज़बूत करते, पंजाब सरकार ने आज 'वाछिंत अपराधियों की गिरफ़्तारी के लिए पंजाब की इनाम नीति' को नोटीफाई हो गई है जिसके साथ फील्ड अधिकारी और विंग के प्रमुख ( एसडीजीपी/ एडीजीपी) अधिकारित तौर पर उन लोगों जिनकी तरफ से दी गई जानकारी के साथ अपराधियों की गिरफ़्तारी होती है, या फिर असाधारण कार्यवाहियां करने वाले पुलिस अधिकारियों/ कर्मचारियों को इनाम दे सकेंगे।
जि़क्रयोग्य है कि इस नीति को मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट द्वारा सोमवार को परवानगी दी गई थी। इस नीति का उद्देश्य इनाम देने के लिए एक पारदर्शी और योजनाबद्ध विधि को यकीनी बनाना, सूचना देने वालों को प्रेरित करना और ज़रुरी अपराधियों को पकडऩे में कानून लागूकरन वाले अधिकारियों/ कर्मचारियों के यत्नों को मान्यता देना है।
डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने कहा, " इस नीति के अंतर्गत, एसएसपीज़ को 1 लाख रुपए तक, सीपीज़ और आईजीपीज़/ डीआईजीज़ रेंजों को 1.5 लाख रुपए तक, विंग के मुखिया को 2 लाख रुपए तक के इनाम देने के लिए अधिकारित किया गया, जब कि डीजीपी पंजाब 2 लाख रुपए से अधिक के इनाम मंज़ूर कर सकते है। "
इस नीति का उदेश्य लोगों और पुलिस कर्मचारियों दोनों को भरोसेयोग्य और कारवाईयोग्य जानकारी प्रदान करने के लिए उत्साहित करना है जिससे कानून से बचने वाले अपराधियों की पहचान, उनके स्थान का पता लगाने और गिरफ़्तारी की जा सके। इसमें " ज़रुरी अपराधियों" का व्यापक नैटवर्क शामिल है, जिसमें भगौड़े, घोषित अपराधी, आदतन अपराधी और जानबुझ कर गिरफ़्तारी से बचने वाले दोषी व्यक्ति शामिल है।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि इनाम एक एक्स- ग्रेशिया अदायगी है और इसको अधिकार के तौर पर नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इनाम की राशि अपराध की गंभीरता, सूचना देने वाले द्वारा लिए गए जोखिम के स्तर और प्रदान की गई जानकारी की पूरी गुणवत्ता को ध्यान में रखते, केस-दर-केस आधार पर निर्धारित की जाएगी।
पारदर्शिता और सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए, नीति के अंतर्गत एक ढांचागत सिफ़ारिश प्रक्रिया को अनिर्वाय बनाया गया है और कार्यवाही मं शामिल निगरान गज़टिड अधिकारी की तरफ से लाजि़मी तौर पर जानकारी की भरोसे योग्यता और शामिल व्यक्तियों की विशेष भूमिकाओं को प्रमाणित करने सम्बन्धित रिपोर्ट संचित करवानी होगी। डीजीपी ने कहा कि जानकारी प्रदान करने वाले व्यक्तियों की पहचान हर पड़ाव पर गुप्त रखी जाएगी।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
* गैंगस्टरां ते वार का 35वां दिन: पंजाब पुलिस ने 587 स्थानों पर की छापेमारी ; 183 गिरफ़्तार*
— पुलिस टीमों द्वारा 150 व्यक्तियों विरुद्ध एहतियाती कार्यवाही, 133 को पूछताछ के बाद किया रिहा
— लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर दे सकते है गैंगस्टरों बारे जानकारी
— युद्ध नशियां विरुद्ध के 360वें दिन 83 नशा तस्कर गिरफ़्तार
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों में शुरू किए निर्णायक अभियान ‘ गैंगस्टरां ते वार’ के 35वें दिन पंजाब पुलिस ने राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मेप किए 587 टिकानों पर छापेमारी की।
जि़क्रयोग्य है कि ‘ गैंगस्टरां ते वार ’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक युद्ध , जो पुलिस डायरैक्टर जनरल ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव की तरफ से 20 जनवरी, 2026 को शुरू की गई थी। एंटी- गैंगस्टर टास्क फोर्स ( एजीटीएफ) पंजाब के तालमेल के साथ सभी जिलों की पुलिस टीमों से तरफ से राज्य भर में विशेष कार्यवाहियां की जा रही हैं।
35वें दिन पुलिस टीमों ने 183 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया और उनके कब्ज़े में से तीन हथियार बरामद किए, जिससे अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ़्तारियों की संख्या 11, 265 हो गई है।
इसके इलावा 150 व्यक्तियों विरुद्ध एहतियाती कार्यवाही की गई है, जब कि 133 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्यवाही दौरान सात भगौड़े अपराधियों को भी गिरफ़्तार किया है।
उन्होंने कहा कि लोग एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर वाछिंत अपराधियों और गैंगस्टरों बारे रिपोर्ट कर सकते है और अपराध और अपराधिक गतिविधियों बारे सूह/ जानकारी सांझा की जा सकती है।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशे विरुद्ध अपने अभियान ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ को 360वें दिन भी जारी रखते 83 नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया और उनके कब्ज़े में से 431 ग्राम हेरोइन, 12 किलो भुक्की, 323 नशीली गोलियां/ कैप्सूल और 4860 रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई। इससे केवल 360 दिनों में गिरफ़्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 51086 हो गई है। नशा छुड़ाओ मुहिम के अंतर्गत पंजाब पुलिस ने आज 25 व्यक्तियों को नशा छुड़ाओ और पुर्नवास इलाज करवाने के लिए राज़ी किया है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय, पंजाब
अकाली और कांग्रेस सरकारों ने पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा: भगवंत मान
क उन्हें पंजाब के लोगों की तरक्की की कोई चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें सिर्फ अपनी बेटियों-बेटों और रिश्तेदारों की चिंता है: भगवंत मान
क भाजपा दूसरी पार्टियों के नेताओं की मदद से पंजाब चुनाव जीतने का सपना देख रही है: भगवंत मान
क हमारी सरकार ईमानदारी से पंजाब के लोगों का एक-एक पैसा लोगों की भलाई और तरक्की पर खर्च कर रही है: भगवंत मान
क केजरीवाल के नए इंजन ने पंजाब को तरक्की की राह पर डाल दिया है; भाजपा, अकाली और कांग्रेस के इंजन पुराने हो गए हैं: भगवंत मान
क मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरदूलगढ़ में सरकारी आई.टी.आई. का नींव पत्थर रखा, हर साल 240 बच्चे हुनरमंद बनेंगे
मानसा, 24 फरवरी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली और कांग्रेस के दशकों के शासन ने जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन पार्टियों को कभी भी लोगों की तरक्की की चिंता नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपनी बेटियों-बेटों और रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी। सरदूलगढ़ में सरकारी आई.टी.आई., जो हर साल 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगी, का नींव पत्थर रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अब चुनाव सपना पूरा करने के लिए दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर कर रही है लेकिन पंजाब ने अलग रास्ता चुना है।
पंजाब सरकार द्वारा सरकारी खजाने का एक-एक पैसा ईमानदारी से लोगों की भलाई और तरक्की पर खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया कि ‘आप’ सरकार, पंजाब विकास के लिए नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकाली दल खुद एक डायनासोर है, जिसने राज्य और इसके लोगों की कमाई को हड़प लिया। जहां ‘आप’ सरकार पंजाबी नौजवानों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सख्त प्रयास कर रही है, वहीं अकाली दल राज्य के नौजवानों को डायनासोर युग में वापस खींचने पर तुला हुआ है।"
उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि डायनासोर मनुष्यों के लिए घातक थे। उन्होंने कहा कि डायनासोर अकालियों का पसंदीदा जानवर है क्योंकि अकालियों ने भी पंजाब और पंजाबियों की मेहनत की कमाई खाई है। उन्होंने कहा, "लोग कभी भी ऐसे नेताओं को नहीं चुनेंगे, जिन्होंने राज्य को बर्बाद किया है और अपनी घिनौनी हरकतों से हमारी पीढिय़ों को हड़प लिया है।"
अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा पर व्यंग्य कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा, "मैं अकाली नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे यह बताएं कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद वे राज्य को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने अकालियों को चुना था लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा सूबे और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि जब समूची किसानी अपने हकों के लिए लड़ रही थी तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सी बचाने खातिर काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए पंथ की दुरुपयोग किया है, जिस कारण लोगों द्वारा उन्हें माफ नहीं किया जा सकता। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी चुनाव जीतने की उम्मीद में दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "भाजपा की यह रणनीति पंजाब में काम नहीं करेगी क्योंकि दूसरी मशीनों के खराब हुए पुर्जों वाला इंजन ज्यादा देर नहीं चल सकेगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे जलन रखती हैं क्योंकि वे यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम आदमी का बेटा राज्य का शासन प्रभावशाली ढंग से चला रहा है। उन्होंने आगे कहा, "पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के लोग विरोधी और पंजाब विरोधी रुख कारण पंजाब के लोगों का उनसे विश्वास उठ गया है।"
उन्होंने दोहराया कि पुराने शासक पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने पारिवारिक सदस्यों बारे अधिक चिंतित थे, जिस कारण लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद उन्होंने पंजाब की तरक्की और खुशहाली पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पूरे राज्य के स्कूलों को सिर्फ ‘मिड-डे मील’ केंद्रों में बदल दिया था लेकिन अब इन स्कूलों को शिक्षा के केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया, "आप सरकार राज्य में शिक्षा को प्रोत्साहन देने और गरीब विद्यार्थियों तक मानक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के मिशन पर काम कर रही है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौजवानों को मानक शिक्षा देने के लिए सूबे में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं और अध्यापकों का अध्यापन हुनर तराशने के लिए प्रशिक्षण वास्ते फिनलैंड और सिंगापुर भेजा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कांग्रेस और अकालियों का सिर्फ चार बिंदुओं वाला एजेंडा है, जो अपनी, अपने पुत्रों, जीजे और साले की भलाई सुनिश्चित करना है। शिक्षा तरक्की की कुंजी है, हमारी सरकार ने इस क्षेत्र के विकास पर जोर दिया है और आने वाले दिनों में कोई व्यक्ति अपनी दौलत से नहीं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा के पूंजी से अमीर कहाएगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के खजाने का एक-एक पैसा राज्य के लोगों की भलाई के लिए समझदारी से इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, "पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, यहां तक कि किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है, जो बेमिसाल है। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार द्वारा देश की संपत्तियां अपने चहेतों को मामूली कीमतों पर दी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीद कर इतिहास रचा है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय राज्य में 21 प्रतिशत नहरी पानी ही सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा था। यह बहुत मान की बात है कि आज 68 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को फिर से बहाल किया गया है ताकि टेलों पर पानी मुहैया करवाया जा सके जिससे किसानों को बहुत फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा, "लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है जो देश में अपनी किस्म की पहली योजना है। यह योजना पंजाब के हरेक परिवार को 10 लाख रुपए तक का नकदी रहित चिकित्सा इलाज प्रदान करती है। यह बहुत मान वाली बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य संभाल सुविधा देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने मानक स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक घटा दिया है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि "पंजाब के नौजवानों को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं जिससे समाज का हर वर्ग खुश है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहलकदमी करते हुए राज्य सरकार ने 'मेरी रसोई योजना' शुरू की है। "इस योजना तहत 40 लाख परिवारों को अप्रैल से हरेक तिमाही मुफ्त राशन किटें मिलेंगी और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट (एन.एफ.एस.ए.) अधीन गेहूं भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के मेहनती किसानों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अथक मेहनत की है कि देश में कोई भी भूखा न सोए और हमारा राज्य हमेशा देश को अनाज देने में अग्रणी रहा है। हालांकि, पंजाब में अभी भी कुछ परिवार हैं जो रोजाना रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करते हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "इस योजना तहत पंजाब सरकार 40 लाख परिवारों को भोजन किटें प्रदान करेगी और हरेक किट में मासिक खपत के लिए दो किलो दाल, दो किलो शक्कर, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। यह भोजन किटें एन.एफ.एस.ए. अधीन योग्य लाभार्थियों को पहले ही वितरित हो रही गेहूं से अलग प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस क्षेत्र के आभारी हैं, जिसने हमेशा एक कलाकार के रूप में और अब एक राजनीतिज्ञ के रूप में उन्हें बहुत प्यार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं इस प्यार के लिए हमेशा इस क्षेत्र के लोगों का ऋणी रहूंगा। इस क्षेत्र को पहले पिछड़ा क्षेत्र कहा जाता था और यहां तक कि राज्य सरकार भी इसके लिए सर्टिफिकेट जारी करती थी और इस क्षेत्र की तरक्की पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। 'आप' सरकार विकास प्रोजेक्ट शुरू करके इस इलाके से पिछड़ेपन के कलंक को हटाने के लिए सख्त मेहनत कर रही है। नौजवानों को हुनर-आधारित प्रशिक्षण और तकनीकी कोर्स प्रदान करने के लिए गांव फतेहगढ़ साहनेवाली में सरकारी आई.टी.आई. का नींव पत्थर रखा गया है।"
मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए पांच एकड़ जमीन मुफ्त देने के लिए फतेहगढ़ साहनेवाली पंचायत का तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आई.टी.आई. की निर्माण, स्टाफ की भर्ती, बुनियादी ढांचा और अन्य खर्चों पर लगभग 24.50 करोड़ रुपए खर्च आएंगे। उन्होंने कहा, "240 विद्यार्थियों की क्षमता वाली यह संस्था पांच ट्रेडों जैसे इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक इलेक्ट्रिक वाहन, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनर टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन और सी.एन.सी. मशीनिंग टेक्नीशियन में प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इस आई.टी.आई. से क्षेत्र के ग्रामीण नौजवानों को अपने घरों के नजदीक हुनर आधारित शिक्षा का मौका मिलेगा।"
इसी दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 17.31 करोड़ रुपए की लागत से दो नए पुल बन रहे हैं, जिससे घग्गर नदी के साथ लगते सरदूलगढ़ हलके के लगभग 27 गांवों के निवासियों को नदी पार करने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। उन्होंने आगे कहा कि इस समस्या के हल के लिए गांव भलुआणा में 12.03 करोड़ रुपए की लागत से नया पुल बनाया जा रहा है। इसी तरह गांव बार्न में 5.28 करोड़ रुपए की लागत से नया स्टील पुल बनाया जा रहा है, जिससे लोगों का अतिरिक्त सफर 5 से 9 किलोमीटर तक घट जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि सरदूलगढ़ के निवासियों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए शहर में 39 लाख रुपए की लागत से आम आदमी क्लीनिक खोला जा रहा है जिसमें 107 किस्मों की मुफ्त दवाइयां और 47 किस्मों के मुफ्त टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने कहा, "गांव भगवानपुर हिंगा में 55 लाख रुपए की लागत से हेल्थ एंड वेलनेस क्लीनिक बनाया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरदूलगढ़ सब-डिवीजनल अस्पताल के साथ 49 लाख रुपए की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाया जाएगा, जो एक छत के नीचे लैब सेवाएं प्रदान करेगा, साथ ही एक डाटा सेंटर और एस.एम.ओ. मीटिंग-कम-कांफ्रेंस हॉल भी होगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.25 करोड़ रुपए माइनर कंक्रीट लाइनिंग पर खर्च किए जा रहे हैं, एक करोड़ रुपए श्री गुरु तेग बहादुर जी की चरण छोह प्राप्त दो गांवों के विकास प्रोजेक्टों के लिए खर्च किए जा रहे हैं। दानेवाला में 2.33 करोड़ रुपए खर्च करके 66 के.वी. ग्रिड की क्षमता 12.5 एम.वी.ए. बढ़ाकर 20 एम.वी.ए. की गई है जिससे 2.33 करोड़ रुपए की लागत से निर्विघ्न बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी और खास करके धान के सीजन दौरान किसान भाईचारे को बड़ा फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसा-तलवंडी साबो सडक़ को 31.20 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है, 33.07 करोड़ रुपए नए खालों के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं और 12.83 करोड़ रुपए की लागत से गांव झंडा कलां, उल्लक और बणवाला नए में नए ग्रिड स्थापित किए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सरदूलगढ़ शहर में नई सीवरेज पाइपलाइनों बिछाने के लिए 14.76 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं जिससे 24.80 किलोमीटर सीवरेज सिस्टम डालने के साथ-साथ संबंधित प्रोजेक्ट मुकम्मल किए जाएंगे। उन्होंने सरदूलगढ़ के सरकारी अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने का भी ऐलान किया ताकि लोगों को मानक इलाज मिल सके।
अपने संबोधन में वरिष्ठ 'आप' नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने कहा, "यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखा गया है। यह प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास और खुशहाली को प्रोत्साहन देगा। हम ईमानदारी और काम की राजनीति पर चल रहे हैं और नकारात्मक एजेंडे को लोग मुंह नहीं लगाएंगे।"
सभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "वर्ष 2022 का फतवा आम लोगों की भलाई के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के एजेंडे के हक में था। आई.टी.आई. आम आदमी के बच्चों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। राज्य सरकार पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए वचनबद्ध है।"
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और गुरमीत सिंह खुड्डियां, वरिष्ठ 'आप' नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया और अन्य भी मौजूद थे।
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सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग, पंजाब
पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य विजय दत्त की ओर से ‘मेरी रसोई’ योजना खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में अनुकरणीय कदम करार
चंडीगढ़, फरवरी 24:- पंजाब सरकार द्वारा घोषित ‘मेरी रसोई’ योजना के अंतर्गत 40 लाख परिवारों को नि:शुल्क राशन किट प्रदान करने के निर्णय का स्वागत करते हुए पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य विजय दत्त ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की भावना के अनुरूप खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय कदम है।
उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को उनका खाद्य अधिकार समय पर और उचित गुणवत्ता के साथ प्राप्त हो। इस संदर्भ में ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत तिमाही आधार पर दी जाने वाली राशन किटें राज्य में पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।
उन्होनें जानकारी दी कि योजना के अनुसार प्रत्येक पात्र परिवार को दो किलोग्राम दाल, दो किलोग्राम चीनी, एक किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर तथा एक लीटर सरसों का तेल प्रदान किया जाएगा। ये किटें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत वितरित की जा रही गेहूं से अलग होंगी।
उन्होंने कहा कि आयोग इस योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा ताकि वितरण प्रणाली पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनी रहे। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण एवं वितरण के दौरान निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है, और आयोग इस संबंध में संबंधित विभागों के साथ समन्वय करेगा।
उन्होंने आगे कहा कहा कि इस प्रकार की पहल से राज्य में खाद्य सुरक्षा प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी तथा पात्र परिवारों को पोषणयुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पंजाब राज्य खाद्य आयोग नागरिकों के खाद्य अधिकारों की रक्षा हेतु सदैव प्रतिबद्ध है।
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विजीलैंस ब्यूरो पंजाब
* 50000 रुपए रिश्वत की मांग करने वाला सरपंच विजीलैंस ब्यूरो ने किया काबू*
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
मुख्य मंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई ज़ीरो टालरैंस नीति के अंतर्गत पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने गांव देवीनगर ( अभरावन) जि़ला एस.ए.एस. नगर के सरपंच गुरचरन सिंह को 50000 रुपए रिश्वत की मांग करने के दोष में गिरफ़्तार किया है।
आज यहां यह जानकारी देते राज्य विजीलैंस ब्यूरो के वक्ता ने बताया कि यह गिरफ़्तारी मुख्य मंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाईन पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद अमल में लाई गई है। शिकायत की पड़ताल दौरान यह बात सामने आई कि जि़ला एसएएस नगर के गांव देवीनगर (अभरावन) के सरपंच गुरचरन सिंह ने शिकायतकर्ता का ट्रैक्टर, जो पुलिस के पास ज़ब्त था, को थाना बनूड़ से छुडवाने के बदले 100000 रुपए रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के बार-बार विनती करने पर दोषी सरपंच के साथ सौदा 50000 रुपए में तय हुआ। शिकायतकर्ता ने रिश्वत सम्बन्धित पूरी बातचीत रिकार्ड कर ली थी।
इस सम्बन्धित दोषी विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकू कानून के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन एसएएस नगर रेंज में मामला दर्ज किया गया है। वक्ता ने आगे कहा कि इस मामले की आगे वाली जांच जारी है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
* मान सरकार का बुज़ुर्गों के लिए बड़ा कदम, सेहत से सुरक्षा तक पूरी देखभाल: डा. बलजीत कौर*
* 16,000 से अधिक बुज़ुर्ग सरकारी सुविधाओं के साथ जोड़े गए: डा. बलजीत कौर*
* बुज़ुर्गों के कल्याण के लिए 7. 86 करोड़ की अलाटमैंट: डा. बलजीत कौर*
* इलाज, पैन्शन और कानूनी सुरक्षा— सब कुछ एक जगह: डा. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के बुज़ुर्ग नागरिकों को समाज की अनमोल धरोहर मानते उनकी सुरक्षा, सेहत और सामाजिक भलाई को यकीनी बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इस दिशा में सूबा स्तरीय मुहिम " ‘साढ़े बुजुर्ग साढां मान" के अंतर्गत लगाए गए सेहत चैकअप कैंपों दौरान 16, 000 से अधिक बुज़ुर्ग नागरिकों को रजिस्टर्ड करके उनको सरकारी भलाई सहूलतों के साथ जोड़ा गया है।
इस सम्बन्धित ओर जानकारी देते सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास मंत्री डा. बलजीत कौर ने बताया कि सीनियर सिटिजन एक्शन प्लान अधीन वित्तीय साल 2025- 26 दौरान बुज़ुर्गों के लिए लगाए जाने वाले सेहत चैकअप कैंपों और अन्य सम्बन्धित गतिविधियों के लिए 7.86 करोड़ का बजट उपबंध किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन कैंपों दौरान 4543 बुज़ुर्गों का जनरल हैल्थ चैकअप, 2071 का आरथोपैडिक जांच, 3705 की आंखों की जांच, 1129 ने योगा सैशन में भाग, 1489 ने होम्योपैथिक इलाज और 2054 ने आयुर्वेदिक सेवाओं, सहायक उपकरण और अन्य सुविधाओं का लाभ लिया।
उन्होंने ओर बताया कि अलीमको योजना के अंतर्गत 243 बुज़ुर्ग नागरिक रजिस्टर्ड हुए, जिनमें से 89 को वील्हचेयर, ऐनक और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए। इसके इलावा 355 बुज़ुर्गों के बुढापा पैन्शन फार्म तैयार किए गए और 393 को सीनियर सिटिजन कार्ड जारी किए गए।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब के अधिकतर जिलों में सेहत चैकअप कैंप लगाए जा चुके है, जिन में अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला समेत कई जिले शामिल हैं, जबकि फरीदकोट और संगरूर में जल्द यह कैंप लगाए जाएंगे।
इस मुहिम को उचित ढंग के साथ लागू करने के लिए राज्य एक्शन प्लान अधीन इस बजट अलाटमैंट के अंतर्गत जि़ला स्तरीय सेहत चैकअप कैंपों और सम्बन्धित गतिविधियों करवाई गई। इन कैंपों में बुज़ुर्ग नागरिकों को मोतियाबिन्द सजऱ्री, मुफ़्त सहायक उपकरणों की बांट, बुढापा पैन्शन सुविधा, सीनियर सिटिजन कार्ड जारी करने के साथ- के साथ योग कैंपों, कानूनी जागरूकता प्रोगरामों और अन्य जागरूकता गतिविधियों की सुविधा एक ही छत नीचे मुहैया करवाई गई। इसके अंतर्गत 2187 बुज़ुर्ग नागरिकों को " मैनटीनैंस एंड वैलफेयर आफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन एक्ट- 2007" बारे जानकारी दी गई।
इसके इलावा, बुज़ुर्ग नागरिकों को जागरूक समाज के साथ जोड़ कर रखने के लिए प्रोडक्टिव और इंटर-जनरेशनल गतिविधियों भी करवाई गई। इन अधीन 379 बुज़ुर्ग नागरिकों ने प्रोडक्टिव और एक्टिव एजिंग कैंपों में भाग लिया, जबकि 140 बुज़ुर्गों ने गिद्दा, भंगड़ा, कविता और नाटक जैसी सांझी पीढ़ी गतिविधियों में शमूलियत की। इसके साथ ही 1841 बुज़ुर्ग नागरिकों ने योग कैंपों में भाग लेकर शारीरिक और मानसिक तंदरुस्ती की तरफ मज़बूत कदम बढ़ाया।
डा. बलजीत कौर ने कहा कि बुज़ुर्ग हमारे समाज का कीमती अंग हैऔर उनकी संभाल करना मान सरकार की नैतिक और सामाजिक जि़म्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह कोशिश तब ही सफल होगी जब परिवार और समाज मिल कर बुज़ुर्ग नागरिकों को इन सेहत कैंपों तक लाने में सक्रिय सहयोग करेंगे।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
* डा.बलबीर सिंह ने नए पदउन्नत हुए एसएमओज़ के लिए 2 दिवसीय प्रशिक्षण प्रोगराम की शुरुआत की*
क सेहत मंत्री ने जनतक स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूत करने में एसएमओज़ को अग्रणी भूमिका निभाने के लिए कहा
क एसएमओज़ को मुख्य मंत्री सेहत योजना सहित प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावशाली ढंग के साथ लागू करने को यकीनी बनाने के दिए निर्देश*
चंडीगढ़, 24 फरवरी:
पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार भलाई मंत्री डा.बलबीर सिंह ने आज नए पदउन्नत हुए सीनियर मैडीकल अधिकारियों ( एस.एम.ओ.) के लिए व्यापक दो-दिवसीय सामथ्र्य निर्माण प्रशिक्षण प्रोग्राम का उद्घाटन किया, जिसमें जि़ला और ब्लाक स्तर पर जनतक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाली प्रणाली को मज़बूत करने में उनकी अहम भूमिका पर ज़ोर दिया गया।
अधिकारियों को उनकी पदउन्नती पर बधाई देते डा.बलबीर सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण विशेष तौर पर उनकी प्रशासकीय, प्रबंधीकय और प्रोग्राम लागू करने की सामथ्र्य को मज़बूत करने के लिए तैयार किया गया है जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि वह अपनी नई जि़म्मेदारियों को पूरे विश्वास और कुश्लता के साथ निभा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य पहलकदमियों की सफलता ज़मीनी स्तर पर इन अधिकारियों के नेतृत्व, निगरानी और वचनबद्धता पर निर्भर करती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने एसएमओज़ को मुख्य मंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) सहित प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावशाली लागू करने को यकीनी बनाने के निर्देश देते एमएमएसवाई के अंतर्गत लाभपातरियों के 100 प्रतिशत नामांकन और समय पर कार्ड बनाने को यकीनी बना कर प्रगति की नजदीक से निगरानी करने को कहा। एमएमएसवाई के अंतर्गत एसएमओज़ स्थानीय स्वास्थ्य संभाल को और मज़बूत करने के लिए फंडों का प्रयोग कर सकते है।
डा. बलबीर सिंह ने सीनियर मैडीकल अधिकारियों को आम आदमी कलीनिकों में दवाएं और डायगनौस्टिक्स सेवाओं की निर्विघ्न स्पलाई को यकीनी बनाने के निर्देश देते नई सुविधाओं की निगरानी करने के लिए भी कहा। उन्होंने एसएमओज़ को युद्ध नशियां विरुद्ध पहलकदमी के अंतर्गत नशा छुड़ाओ सेवाओं को मज़बूत करने और ओट क्लीनिकों की निगरानी करने का काम भी सौंपा।
स्वास्थ्य मंत्री ने मुफ़्त दवाओं सम्बन्धित पहलकदमी की महत्ता पर ज़ोर दिया, जिसमें ज़रूरी दवाओं की 100 प्रतिशत उपलब्धता को यकीनी बनाने साथ-साथ दवाओं कमी को रोकने के लिए पारदर्शी ढंग के साथ स्टाक प्रबंधन यकीनी बनाया गया है।
उन्होंने एसएमओज़ को 30 साल से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की हाईपरटैनशन, शुगर और कैंसर के लिए एनसीडी स्क्रीनिंग प्रोग्राम की निगरानी करने की जि़म्मेदारी सौंपी और टीबी मुक्त अभियान 100 दिनों मुहिम के अंतर्गत मामलें का पता लगाने और इलाज सम्बन्धित सख़्त निगरानी करने के लिए कहा।
अपने डाक्टरी कॅरियर का एक किस्सा सांझा करते हुए उन्होंने बताया कि एक बार उनका तबादला सीएचसी कौली से जि़ला पटियाला में हुआ परन्तु गांव के लोग उस समय के सेहत मंत्री और मुख्य मंत्री के पास गए ताकि गांव से मेरी ट्रांसफर रोकी जा सके। उन्होंने डाक्टरों को भाईचारो में ऐसे ही जोश के साथ सेवाएं निभाने के लिए उत्साहित किया।
डा. बलबीर सिंह ने नैतिकता, खुश मिजाज और हमदर्दी के साथ सेवा करने के लिए प्रेरित करते भाईचारे के साथ सांझ बनाने पर ज़ोर दिया क्योंकि कई बार साधारण चीजें भी बड़ा प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को एक सेहतमंद, नशा मुक्त और सशक्त पंजाब-सेहतमंद और रंगला पंजाब - सृजित करने के सपने को साकार करने के लिए पूरी तनदेही और जि़म्मेदारी के साथ काम करने के लिए कहा।
डायरैक्टर सेहत और परिवार भलाई डा.हितिन्दर कौर और डायरैक्टर सेहत सेवाएं ( परिवार भलाई) डा. अदिति सलारिया ने भी नए पदउन्नत हुए एसएमओज़ को कुशलता और प्रभावशाली ढंग के साथ सेवाएं निभाने के लिए प्रेरित किया।
प्रोग्राम अधिकारी ( प्रशिक्षण) डा.परविंदर कौर और अन्य स्टेट प्रोग्राम अधिकारी सभी भागीदारों को अलग-अलग स्वास्थ्य प्रोग्रामों के सफलतापूर्वक लागूकरण बारे विस्तार के साथ प्रशिक्षण देंगे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
जबरन वसूली से संबंधित गोलीबारी की घटनाओं में शामिल दो बी.के.आई. कारकुन जालंधर से गिरफ्तार; पिस्तौल बरामद
— गिरफ्तार आरोपियों ने जबरन वसूली के लिए गड़शंकर इलाके में दो बार की गोलीबारी: डीजीपी गौरव यादव
— मामले की अगली जांच जारी; आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां एवं बरामदगी होने की संभावना
चंडीगढ़/जालंधर, 24 फरवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, काउंटर इंटेलीजैंस (सीआई) जालंधर ने जबरन वसूली से संबंधित गोलीबारी की घटनाओं में शामिल बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) द्वारा समर्थित एक मॉड्यूल के दो मुख्य कारकुनों को एक .32 बोर पिस्तौल, मैगजीन और आठ कारतूसों सहित गिरफ्तार करके इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान सुखविंदर सिंह उर्फ सन्नी और रावल दोनों निवासी गांव कुलम, एसबीएस नगर के तौर पर हुई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरूआती जांच से पता लगा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों - गोपी नवांशाहरीया, जस्सी कुलम और सुशांत चोपड़ा - जो बीकेआई से जुड़े हुए है, के निर्देशों पर काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जांच के अनुसार, आरोपियों ने जबरन वसूली के लिए गड़शंकर क्षेत्र में एक ट्रैवल एजेंट के घर पर दो बार गोलीबारी की थी।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए, उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए सीआई जालंधर की टीमों ने जालंधर-अमृतसर हाईवे से जालंधर के सूरानस्सी में लिधड़ां अंडरब्रिज के नजदीक बीकेआई से जुड़े दोनों आरोपियों को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी ने बताया कि इस मॉड्यूल के आगे-पिछले संबंधों का पता लगाने और इसके अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां एवं बरामदगी होने की संभावना है।
इस संबंध में, एफआईआर नंबर 11, तारीख 23.02.2026 को थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सैल (एसएसओसी) अमृतसर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 एवं 61 (2) तथा आर्मज एक्ट की धारा 25 एवं 25(1-बी) (ए) के तहत दर्ज की गई है।
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