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पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 26, 2026 10:41 AM

* गैंगस्टरां ते वार का 36वां दिन: पंजाब पुलिस ने 546 स्थानो की छापेमारी ; 148 गिरफ़्तार*
— पुलिस टीमों ने 143 व्यक्तियों विरुद्ध की एहतियाती कार्यवाही, 134 को जांच के बाद किया रिहा
— लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर दे कर सकते है गैंगस्टरों के बारे जानकारी
— युद्ध नशियां विरुद्ध के 361वें दिन 88 नशा तस्कर 5 किलोग्राम हेरोइन सहित गिरफ़्तार
चंडीगढ़, 25 फरवरी:

मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों में शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘ गैंगस्टरां ते वार’ के 36वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मेप किए 546 टिकानों पर छापेमारी की।

जि़क्रयोग्य है कि ‘ गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक युद्ध है, जो 20 जनवरी, 2026 को पुलिस डायरैक्टर जनरल ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू की गई थी। एंटी- गैंगस्टर टास्क फोर्स ( एजीटीएफ) पंजाब के तालमेल के साथ सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्यवाहियां कर रही है।

36वें दिन पुलिस टीमों ने 148 व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया और उनके कब्ज़े में से दो हथियार बरामद किए, जिसके साथ अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ़्तारियों की संख्या 11, 413 हो गई है।

इसके इलावा 143 व्यक्तियों खि़लाफ़ एहतियाती कार्यवाही की गई है, जबकि 134 व्यक्तियों जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्यवाही दौरान तीन भगौड़े अपराधियों को भी गिरफ़्तार किया है।

उन्होंने कहा कि लोग एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946- 93946 के द्वारा गुप्त तौर पर ज़रुरी अपराधियों और गैंगस्टरों बारे जानकारी दे सकते है और अपराध एंव अपराधिक गतिविधियों बारे सूचना या जानकारी भी सांझी की जा सकती है।

इस दौरान पुलिस टीमों ने नशे विरुद्ध अपनी मुहिम ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध" को 31वें दिन भी जारी रखा है, जिसके अंतर्गत आज 88 नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया गया है और उनके कब्ज़े में से 5 किलो हेरोइन, 175 नशीली गोलियां/ कैप्सूल और 27520 रुपए की ड्रग मनी बरामद की है। इसके साथ सिफऱ् 361 दिनों में गिरफ़्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 51216 हो गई है। बताने योग्य है कि नशा छुड़ाओ मुहिम के अंतर्गत पंजाब पुलिस ने आज 30 व्यक्तियों को नशा छुड़ाओ और पुर्नवास इलाज करवाने के लिए राज़ी किया है।
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*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, मालवा क्षेत्र के चार ज़िलों तक पहुँचा नहर का पानी*

*मालवा क्षेत्र की लाइफ़लाइन मानी जाने वाली फिऱोज़पुर फीडर नहर, फऱीदकोट, फिऱोज़पुर, श्री मुक्तसर साहिब और फ़ाज़िल्का ज़िलों के लिए वरदान साबित होगी- भगवंत सिंह मान*

*पहले नहर की कैपेसिटी 11192 क्यूसिक थी और अब 2681 क्यूसिक बढऩे से इसकी कैपेसिटी बढक़र 13,873 क्यूसिक हो गई है- भगवंत सिंह मान*

*74 सालों में पिछली सरकारों ने नहरों की कैपेसिटी बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया- भगवंत सिंह मान*

*पहले पंजाब के खेतों तक 21 परसेंट नहर का पानी पहुँचता था, 'आप' सरकार ने 68 परसेंट नहर का पानी खेतों तक पहुँचाया है- भगवंत सिंह मान*

*पंजाब के पास सरप्लस पानी नहीं है, पंजाब का हित सबसे ऊपर, हम किसी भी राज्य को पानी की एक बूंद भी नहीं देंगे- भगवंत सिंह मान*

*कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों ने दूसरे राज्यों को पानी देने के समझौते करके पंजाब को धोखा दिया- भगवंत सिंह मान*

*अकाली दल को कमेटी बनाने के लिए 11 लोग नहीं मिल रहे हैं और वह पंजाब में 117 सीटें जीतने का सपना देख रहा है- भगवंत सिंह मान*

*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले फेज का उद्घाटन किया

मक्खू, 25 फरवरी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले फेज़ का उद्घाटन किया और इसे किसानों के लिए एक ऐतिहासिक तोहफ़ा बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम भविष्य में पंजाब के पानी को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा। इस नहर को मालवा क्षेत्र की लाइफलाइन बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से सिंचाई की क्षमता बढ़ी है, जिससे पंजाब के खेतों तक नहर का पानी और पहुंचेगा। 180 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से इस नहर की क्षमता 2681 क्यूसिक बढ़ गई है, जिससे इसकी क्षमता 11,192 क्यूसिक से बढक़र 13,873 क्यूसिक हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारें 74 साल तक नहर की कैपेसिटी बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने में नाकाम रहीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने ज़मीनी स्तर पर बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब के खेतों तक सिर्फ़ 21प्रतिशत नहरी पानी पहुंचता था,जबकि आज यह 68 प्रतिशत पहुँच रहा है7  जिससे पूरे राज्य में सिंचाई सिस्टम में बड़ा सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने आज फिर कहा कि पंजाब के पास किसी और को देने के लिए सरप्लस पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब का हित सबसे ऊपर है और किसी दूसरे राज्य को पानी की एक बूंद भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों ने दूसरे राज्यों को पानी देने के एग्रीमेंट करके पंजाब के साथ धोखा किया है। उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी को कमेटी बनाने के लिए 11 सदस्य नहीं मिल रहे, वह पंजाब में 117 सीटें जीतने का सपना देख रही है। इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज पंजाब के लोगों, विशेष रूप से मालवा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और खुशी का दिन है। फिरोजपुर फीडर नहर, जिसे मालवा क्षेत्र के कई जिलों की लाइफलाइन माना जाता है, के नवीनीकरण के पहले फेज का आज उद्घाटन हो रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "नवीनीकरण से यह नहर इंसानों, जानवरों और क़ृषि क्षेत्र की पानी की जरूरतों को पूरा करके वरदान सिद्ध होगी।" मुख्यमंत्री ने कहा, "पहले फेज़ पर 180 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मैं उन इंजीनियरों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देता हूं जिन्होंने 35 दिनों के अंदर युद्ध स्तर पर नहर की 15 किलोमीटर लाइनिंग पूरी की।" उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 126 सरकारी कर्मचारी और 4,000 कर्मचारी लगाए गए थे। उन्होंने कहा, "पहले फेज़ के उद्घाटन के साथ ही नहर की कैपेसिटी 2,681 क्यूसिक बढ़ गई है। पहले नहर की कैपेसिटी 11,192 क्यूसिक थी, जो अब बढक़र 13,873 क्यूसिक हो गई है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट और नहर की चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट कर दी गई है।" हरिके हेडवक्र्स से शुरू होने वाली यह नहर फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का के चार जिलों के क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा देती है। "इस नहर के रेनोवेशन से इन चार जिलों के 14 ब्लॉक  गिद्दड़बाहा, मक्खू, ममदोट, बल्लूआना, जलालाबाद, गुरु हर सहाय, अरनीवाला, खुइयां सरवर, लंबी, मलोट, फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर को सीधा लाभ होगा।" मुख्यमंत्री ने कहा, "इस नहर की रीलाइनिंग से 6,45,200 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का पानी मिलेगा। अब इंटरनेशनल बॉर्डर से लगे बॉर्डर क्षेत्र विशेष तौर पर फाजिल्का और जलालाबाद को फिरोजपुर फीडर से पानी मिलेगा।" उन्होंने कहा कि पहले हुसैनीवाला हेडवक्र्स से फीडर के माध्यम से पानी पाकिस्तान जाता था और गंदा पानी पाकिस्तान के कसूर शहर के पास बहने वाली सतलुज नदी में छोड़ा जाता था, जो फिर देश में आ जाता था। उन्होंने कहा कि "सीमावर्ती गांवों में गंदा पानी आता है लेकिन अब ग्राउंडवाटर बढ़ाने और गांवों को साफ पानी देने के लिए वॉटर रिचार्ज सिस्टम शुरू किया गया है।" नहरों के रेनोवेशन के पहले के कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पिछले साल सरहिंद फीडर, जो फिरोजपुर फीडर सिस्टम का हिस्सा है, की लाइनिंग का काम पूरा हुआ था। फिरोजपुर फीडर की रीलाइनिंग से सरहिंद फीडर की कैपेसिटी बढ़ेगी, जिससे पानी की कमी की समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी।" उन्होंने आगे कहा कि फिरोजपुर फीडर नहर 1952 में बनी थी और पिछले 74 सालों में पिछली सरकारों ने इसकी कैपेसिटी बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा, "नहर का मौजूदा स्ट्रक्चर खराब था, जिसकी वजह से खरीफ सीजन में करीब 1,000 क्यूसिक पानी की कमी हो जाती थी और नहरों को रोटेशनल बेसिस पर चलाना पड़ता था। यह नहर रेनोवेशन प्रोजेक्ट मालवा क्षेत्र के किसानों की आर्थिक खुशहाली में अहम योगदान देगा।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार ने नहर सिस्टम को फिर से शुरू करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और पहली बार राज्य के 1365 गांवों को नहर का पानी मिला है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए नहर के पानी का सिर्फ़ 21 प्रतिशत उपयोग  हो रहा था। "आज, सिंचाई के लिए नहर के पानी का 68 प्रतिशत उपयोग हो रहा है और आने वाले धान के मौसम तक इसे बढ़ाकर 85 प्रतिशत कर दिया जाएगा।" उन्होंने कहा कि अंतिम शोर तक पानी पहुंचाने के लिए 6,900 किलोमीटर लंबाई के  18,349 रजवाहों को फिर से चालू किया गया है।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जिन नेताओं के घर तक नहरी समाप्त हो जाती थी , उन्होंने कभी इसकी चिंता नहीं की। किस तरह के निर्णय मात्र  वही नेता ले सकते हैं जिन्हें ज़मीनी हकीकत पता हो, न कि वे जो पहाड़ों पर कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हों।" उन्होंने आगे कहा, "ये पुरानी राजनीतिक पार्टियां गद्दार थीं जो कभी राज्य और उसके लोगों के प्रति वफ़ादार नहीं रहीं।"
उन्होंने लोगों को याद दिलाया, "जिन लोगों ने सतलुज-यमुना लिंक (स्ङ्घरु) नहर एग्रीमेंट पर साइन किए और उसके सर्वे की इजाज़त दी, उनके हरियाणा में बड़े-बड़े रिसॉर्ट हैं, जबकि दूसरा जिसने उस समय के प्रधानमंत्री को कट लगाने के लिए चांदी की कही( फाबढ़ा )दिया था, आज खुद को 'पानी दा राखा' कहता है। इन लोगों ने अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए राज्य के हितों को नजऱअंदाज़ किया और इसीलिए राज्य के लोगों ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया।" अकाली दल की 'पंजाब बचाओ यात्रा' पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "इस ड्रामे का असली नाम 'परिवार बचाओ यात्रा' है। 15 साल तक राज्य को लूटने के बाद, वे किससे राज्य बचाने की कोशिश कर रहे हैं?"

सीमावर्ती क्षेत्रवासियों के प्रति अपनी सरकार का वायदा दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों, जो देश के सच्चे देशभक्त हैं, के हित के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।" उन्होंने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार ने बॉर्डर फेंस को इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक शिफ्ट करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे फेंस के पार के हजारों एकड़ खेतों में बिना किसी रुकावट के खेती करने का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा, "किसान लंबे समय से सीमा सुरक्षा बल की सुरक्षा में अपने पहचान पत्र दिखाकर फेंस पार करके अपने खेतों तक पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ता है व 532 किलोमीटर  भारत-पाक बॉर्डर पर, जहां यह फेंस पंजाब के क्षेत्र में काफी अंदर लगाई गई है, उन्हें रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।" पानी के बंटवारे पर अपना रुख दोहराते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य को देने के लिए कोई सरप्लस पानी नहीं है और किसी को भी राज्य से एक बूंद भी पानी लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।" उन्होंने आगे कहा, "सतलज यमुना लिंक के मुद्दे सिर्फ यमुना सतलज लिंक के मध्यम से ही हल किए जा सकते हैं, जिससे यमुना के पानी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होगा। पंजाब के पास किसी भी राज्य को देने के लिए कोई सरप्लस पानी नहीं है और पानी देने का सवाल ही नहीं उठता।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अपनी नदियों का पानी होने के बावजूद, पंजाब अपनी पानी की ज़रूरतों को नजऱअंदाज़ करता है व अपना लगभग 60 प्रतिशत पानी उन राज्यों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए देता है, जिनसे रावी-ब्यास और सतलुज नदियाँ नहीं गुजऱती हैं। पंजाब की नदियों का पानी सहयोगी राज्यों के बीच बाँटा जाता है, जबकि सिर्फ़ पंजाब को बाढ़ से होने वाले नुकसान और हर साल भारी फ़ाइनेंशियल बोझ उठाना पड़ता है।" उन्होंने कहा, "राज्य और उसके लोगों के हित सबसे ऊपर हैं और इस मामले में कोई समझौता नहीं हो सकता।" अकाली लीडरशिप पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, "जिन लोगों को अपनी पार्टी कमेटी बनाने के लिए 11 सदस्य भी नहीं मिल रहे हैं, वे राज्य में 117 सीटें जीतने का सपना देख रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "इन नेताओं ने राज्य में गैंगस्टरों को बढ़ावा दिया और ड्रग पेडलर्स को बचाकर राज्य के युवाओं को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया। आज भी, वे गैंगस्टरों को बढ़ावा दे रहे हैं और उनमें से एक को तरनतारन उपचुनाव के दौरान पार्टी टिकट पर मैदान में उतारा गया था।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अकाली दल राजनीतिक रूप से बेअसर नेताओं की पार्टी है, जिन्हें लोगों ने बार-बार नकार दिया है। वे धर्म का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन लोग उनके जाल में नहीं फंसेंगे। लोग उनके पापों के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें फिर से सबक सिखाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "लोगों ने उन्हें बार-बार चुना था, लेकिन उन्होंने राज्य की पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का गलत इस्तेमाल किया, इसलिए उन्हें माफ नहीं किया जा सकता।"

उन्होंने कहा, "पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे जलती हैं, क्योंकि वे यह बात बर्दाश्त नहीं कर सकतीं कि एक साधारण परिवार का बेटा राज्य को अच्छे से चला रहा है।" उन्होंने कहा कि लोगों का ऐसी पार्टियों से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों ने पंजाब और पंजाबियों से ज़्यादा अपने परिवार वालों की चिंता की और इसीलिए लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया। वे सुबह-सुबह मेरे खिलाफ जहर उगलना शुरू कर देते हैं, क्योंकि मैंने लोगों के सामने उनका असली चेहरा दिखा दिया है।" एक और तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कांग्रेस और अकालियों का सिर्फ़ चार पॉइंट का एजेंडा है, जिसके तहत वे अपने पुत्र -भतीजों और साला-जीजा की अच्छाई को पक्का करना चाहते हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "आप सरकार सरकारी खजाने का एक-एक पैसा ज़िम्मेदारी से लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल कर रही है। 90 प्रतिशत से ज़्यादा घरों को फ्ऱी बिजली मिल रही है और किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है, जो एक अनोखी मिसाल है।"
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समय में जब केंद्र सरकार देश की संपत्ति को  अपने हितेशियों को कम दामों पर बांट रही है, पंजाब सरकार ने एक प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है।"
 स्वास्थ्य सुरक्षा पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा, "फ्ऱी हेल्थकेयर देने के लिए 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में अच्छी हेल्थकेयर सर्विस स्थाई की जा रही हैं।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जो पंजाब में रहने वाले प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल इलाज देती है।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भारत का पहला राज्य है जिसने इतना बड़ा हेल्थकेयर कवरेज दिया है, जिससे लोगों पर पैसे का बोझ काफी हद तक कम हुआ है और अच्छी सर्विस भी मिली हैं। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य सभी परिवारों को पूरा हेल्थकेयर देना है।"
उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के युवाओं को 63,000 से ज़्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछली सरकारों ने ड्रग माफिया को बढ़ावा दिया था, लेकिन हमारी सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ ‘ युद्ध नशेयां विरुद्ध’ जंग शुरू की है।" उन्होंने आगे कहा, "इस बुराई को खत्म करने के लिए सही प्लानिंग की गई है और जंग ज़ोरों पर शुरू हो गई है। "ड्रग्स की सप्लाई रोकने के अतिरिक्त, बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाला गया है और ड्रग तस्करों की संपत्ति ज़ब्त की जा रही है।"
 अपील करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "लोगों के सक्रिय सहयोग से इस कैंपेन को लोगों की लहर बनाने की ज़रूरत है। वह दिन दूर नहीं जब लोगों के सहयोग  से पंजाब पूरी तरह से नशा-मुक्त राज्य बन जाएगा।" उन्होंने समाज के हर वर्ग की भलाई और पंजाब की उन्नति के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर व कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां भी मौजूद थे।
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विजीलैंस ब्यूरो पंजाब
*जाली दस्तावेज़ों के द्वारा काऊंसलर की नौकरी लेने वाला शंकर सिंह विजीलैंस ब्यूरो ने किया काबू*
चंडीगढ़, 25 फरवरी:
भ्रष्टाचार विरुद्ध ज़ीरो टालरैंस पहुंच अपनाते हुए विजीलैंस ब्यूरो पंजाब ने आज सिविल अस्पताल बरेटा जि़ला मानसा के नशा छुड़ाओ केंद्र में तैनात शंकर सिंह काऊंसलर को जाली डिग्री/ सर्टिफिकेट के आधार पर काऊंसलर की नौकरी हासिल करने के दोष में गिरफ़्तार किया है।
आज यहां यह जानकारी सांझी करते विजीलैंस ब्यूरो पंजाब के वक्ता ने बताया कि शिकायत की जांच करने के बाद दोषी काऊंसलर शंकर सिंह, निवासी गांव भून्दड़ भैनी, तहसील मूनक, जि़ला संगरूर विरुद्ध कार्यवाही की गई। साल 2023 में एक निजी कंपनी इनोविजऩ लिमटिड के द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए काऊंसलर और कंप्यूटर आपरेटरों की डिग्रीयां/ सर्टीफिकेटों की सिविल सर्जन, मानसा के दफ़्तर द्वारा तस्दीक करवाई गई और यह पाया गया कि उक्त ने जाली डिग्री/ सर्टिफिकेट के आधार पर काऊंसलर की नौकरी प्राप्त की थी।
उसके विरुद्ध पुलिस स्टेशन विजीलैंस ब्यूरो रेंज बठिंडा में अलग- अलग धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है और मामले की आगे वाली जांच जारी है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
* फाजिल्का में सरहद पार चल रहे तस्करी नैटवर्क का पर्दाफाश; 2.1 किलोग्राम हेरोइन, 7 पिस्तौल सहित एक काबू*
* हेरोईन और हथियारों की यह खेप पाकिस्तान- आधारित तस्करों की तरफ से भेजी गई थी: डीजीपी गौरव यादव*
* इस मामले के अगले-पिछले सम्बन्ध स्थापित करने के लिए और जांच जारी: एआईजी एसएसओसी नरेश डोगरा*
चंडीगढ़/ फाजिल्का, 25 फरवरी:

मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा- निर्देशों अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए शुरु की मुहिम दौरान, स्टेट स्पैशल आपरेशन सैल ( एसएसओसी) फाजिल्का ने एक दोषी को 2.1 किलोग्राम हेरोइन और सात आधुनिक पिस्तौल सहित गिरफ़्तार करके सरहद पार चल रहे नशीले पदार्थ और हथियार तस्करी माड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस ( डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

गिरफ़्तार किए गए आरोपी की पहचान गुरनाम सिंह उर्फ गामा निवासी भंगे वाला ( झुग्गे किशोर सिंह वाला), फिऱोज़पुर के तौर पर हुई है। बरामद किए गए हथियारों में एक 9 एमएम गलौक और चार .30 बोर के पिस्तौल और दो 9 एमएम पिस्तौल शामिल है। इसके इलावा 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए है। पुलिस टीमों ने उसका हीरो डीलक्स मोटरसाईकल, जिसका प्रयोग नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा रहा था, भी ज़ब्त कर लिया है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्राथमिक जांच से पता लगा है कि हेरोइन और हथियारों की यह खेप पाकिस्तान स्थित तस्करों की तरफ से ड्रोन के द्वारा राज्य में अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भेजी गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले के अगले- पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए ओर जांच जारी है।

इस आप्रेशन बारे जानकारी देते, एआईजी एसएसओसी फाजिल्का नरेश कुमार डोगरा ने बताया कि भरोसेयोग्य सूचना पर कार्यवाही करते, एसएसओसी फाजिल्का की टीमों ने जलालाबाद क्षेत्र में एक विशेष आप्रेशन चलाया और आरोपी को फाजिल्का के गांव बाघे के उत्तर के पास से उस समय काबू किया, जब वह अपने मोटरसाईकिल पर जा रहा था।

उन्होंने बताया कि तलाशी दौरान उससे 2.1 किलो हेरोइन और तीन पिस्तौल बरामद किए गए। उन्होंने आगे बताया कि खुलासे दौरान गिरफ़्तार आरोपी की तरफ से बताए गए टिकाने से चार ओर पिस्तौल बरामद किए गए।

इस सम्बन्धित, एफआईआर नंबर 02 तारीख़ 24- 02- 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 सी और 25 और आर्मज एक्ट की धारा 25 के अंतर्गत थाना एसएसओसी फाजिल्का में दर्ज की गई है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

* पंजाब सरकार द्वारा फ़सल अवशेष प्रबंधन मशीनों के लिए 5358 लाभपातरियों को 395 करोड़ रुपए की सब्सिडी जारी: गुरमीत खुड्डियां *

* क पराली प्रबंधन में किसानों, पंचायतों और उद्दमियों को सशक्त बनाने के लिए इन-सीटू और एक्स-सीटू निपटारे पर ध्यान किया केंद्रित: खुड्डियां *

* क खरीफ की फ़सल 2025 दौरान पराली जलाने के मामले में 53 फीसद की आई गिरावट, जो इस योजना की सफलता को करती है उजागर: कृषि मंत्री*

चंडीगढ़, 25 फरवरी:

पंजाब के कृषि और किसान भलाई मंत्री स.गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज बताया कि राज्य को पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह मुक्त बनाने की दिशा की तरफ अहम कदम उठाते मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आधुनिक फ़सल अवशेष प्रबंधन ( सीआरएम) मशीनों की खरीद के लिए 395 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई है।

इस सम्बन्धित जानकारी सांझी करते स.खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से ग्राम पंचायतों, कस्टम हायरिंग सैंटरों ( सीएचसी), व्यक्तिगत किसानों और स्पलाई चेन सहित 5358 लाभपातरियों को सीआरएम मशीनों की खरीद पर 50 फ़ीसद से 80 फ़ीसद तक सब्सिडी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन- सीटू और एक्स- सीटू प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है जो पराली जलाने के मामलों को कम करने और किसानों की आमदन बढ़ाने प्रति राज्य सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को उजागर करता है।
अन्य विवरन सांझा करते स.खुड्डियां ने व्यापक बांट नैटवर्क का जि़क्र किया, जो मशीनरी की किसानों तक आसान पुहंच को यकीनी बनाता है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए किफ़ायती पहुंच को यकीनी बनाने के लिए राज्य भर में 66 सहकारी सभाओं की तरफ से 1151 नए कस्टम हायरिंग सैंटर (सी.एच.सी.) स्थापित किए गए। इसमें 1042 ग्रामीण उद्दमी शामिल है, जो स्थानीय उद्यम को चला कर योजना को मज़बूत आधार देते है, 28 किसान उत्पादक संगठन ( एफ.पी.ओ.) पैमाने की आर्थिकता को बढ़ाते है और 15 ग्राम पंचायतों गांव स्तर पर भाईचारक तौर पर हल यकीनी बनाती है।

सीधी मालकी को बड़ा बढावा देते इस योजना ने 4181 व्यक्तिगत किसानों को भी आधुनिक, कुशल सीआरएम मशीने प्रदान करके लाभ पहुंचाया है। इसके इलावा औद्योगिक वैल्यू चेन को मज़बूत करने के लिए एक रणनीतक कदम के अंतर्गत, 26 पैडी स्पलाई चेन स्थापित की गई हैं। यह स्पलाई चेन पराली को बायोमास प्लांटों और औद्योगिक इकाईयों तक पहुंचने और लाने-लेजाने, प्रभावशाली ढंग के साथ अवशेष को राजस्व में बदलने और एक सर्कुलर अर्थ-व्यवस्था का निर्माण करने में अहम योगदान निभाएगी।

स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि 395 करोड़ रुपए की मिसाली सब्सिडी किसान भाईचारे और वातावरण प्रति सरकार के दृढ़ वचनबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह केवल सब्सिडी नहीं बल्कि राज्य के भविष्य, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और सांस लेने वाली स्वच्छ और ताज़ी हवा में एक निवेश है। सरकार की तरफ से गांव स्तर पर मशीनरी की उपलब्धता से ले कर पराली के लिए मज़बूत मार्किट यकीनी बनाने तक सभी हल प्रदान किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने किसान भाईचारे से अपील की कि वह इन उपकरणों का अधिक से अधिक प्रयोग करने और पराली के सभ्यक प्रबंधन को यकीनी बनाए। साल 2025-26 के लिए सीआरएम स्कीम अधीन इस अहम यत्न के प्रभावशाली नतीजे सामने आ रहे है, क्योंकि खरीफ की फ़सल सीजन 2025 दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 53 फ़ीसद की गिरावट आई है, जिससे साल 2024 में मामले 10, 909 से कम होकर 5,114 रह गए, जिसके साथ देश में टिकाऊ कृषि के लिए एक नया मापदंड स्थापित हुआ है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*मान सरकार का 0 से 6 साल के बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा कदम: 6110 आंगनवाड़ी पदो के लिए भर्ती*
*बच्चा- केंद्रित नीति के साथ आंगनवाड़ी सैंटरों को किया जा रहा मज़बूत*
*योग्य स्टाफ के साथ मानक शिक्षा, पोषण और देखभाल यकीनी: डा. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, 25 फरवरी:
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास मंत्री डा. बलजीत कौर ने कहा है कि मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार 0 से 6 साल के बच्चों के सर्वपक्क्षीय विकास और प्राथमिक शिक्षा को मज़बूत करने के लिए उचित और दूरगामी कदम उठा रही है। इसी उदेश्य की पूर्ति के लिए पंजाब सरकार द्वारा आंगनवाड़ी वर्करों और आंगनवाड़ी हैलपरों के कुल 6110 पदों को भरने के लिए आनलाइन आवेदनों की मांग की गई है।
इस सम्बन्धित ओर जानकारी सांझा करते सामाजिक सुरक्षा, स्त्री और बाल विकास मंत्री ने बताया कि कुल 6110 पदों में से 1316 पद आंगनवाड़ी वर्करों और 4794 पद आंगनवाड़ी हैलपरों की है। उन्होंने कहा कि योग्य उम्मीदवार 11 मार्च 2026 रात 11.59 बजे तक अपने आवेदन आनलाइन संचित करवा सकते है।
उन्होंने बताया कि पहले इन पदों के लिए आवेदन देने की आखिरी तारीख़ 10 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी, जिसमें अब विस्तार किया गया है। इस अनुसार अब पंजाब राज्य की योग्य ( केवल स्त्रियों) उम्मीदवारों 25 फरवरी से 11 मार्च 2026 रात 11.59 बजे तक आनलाइन अप्लाई कर सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन ह्यह्य2ष्स्र. श्चह्वठ्ठद्भड्डड्ढ. द्दश1. द्बठ्ठ लिंक के द्वारा, निर्धारित फॉर्मेट और ज़रुरी दस्तावेज़ों सहित केवल आनलाइन मोड के द्वारा ही स्वीकार किए जाएंगे। अन्य किसी भी मोड के द्वारा आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिन उम्मीदवारों की तरफ से इन पदों के लिए पहले ही अप्लाई किया गया है, उनको फिर से आवेदन देने की ज़रूरत नहीं। हालांकि जिन उम्मीदवारों के आवेदन पहले दस्तावेज़ों की कमी कारण रद्द हुए थे, वह उम्मीदवार फिर से अप्लाई कर सकते है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 0 से 6 साल की आयु बच्चो की जि़ंदगी का सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण दौर होता है, जिस दौरान मिलने वाली शिक्षा, देखभाल और पोषण बच्चो के पूरे जीवन की मज़बूत नींव बनते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा, चाहे वह शहर में रहता हो या गांव में, एक सुरक्षित और उत्साह भरपूर माहौल का हकदार है और पंजाब सरकार यह यकीनी बना रही है कि कोई भी बच्चा सिफऱ् साधनों की कमी कारण अपने सपनों से वंचित न रहे।
डा. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उदेश्य प्रत्येक आंगनवाड़ी सैंटर में योग्य और काबिल स्टाफ की उपलब्धता यकीनी बनाना है, जिससे बच्चों को उच्च मानक शिक्षा, संतुलित पोषण और संवेदनशील देखभाल की सेवाएं उचित ढंग के साथ मुहैया करवाई जा सकें। इस भर्ती प्रक्रिया के साथ एक तरफ़ रोजग़ार के नए मौके उपलब्ध होंगे, दूसरे तरफ़ बच्चों के सर्वपक्क्षीय विकास के लक्ष्य को ओर मज़बूती मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के प्रत्येक जिले के शहरों, ब्लाकों और गांव स्तर पर चल रहे आंगनवाड़ी सैंटरों के द्वारा बच्चों को प्राईवेट प्ले-वे स्कूलों के समान गुणवत्ता वाली शिक्षा, उचित फर्नीचर और आधुनिक करीकुलम मुहैया करवाने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है।
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*पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से लड़ रही पंजाब पुलिस - भगवंत सिंह मान*

*पंजाब पुलिस सिर्फ पंजाब की नहीं, देश की पुलिस है जो पाकिस्तान प्रायोजित खतरों के सामने सीना तान कर खड़ी रहती है- भगवंत सिंह मान*

*सरकार का पंजाब पुलिस को आधुनिक संशासनों में लैस करना राष्ट्र की सुरक्षा में भी बड़ा योगदान - भगवंत सिंह मान*

*राज्य की सुरक्षा व शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध, पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए 1100 करोड़ रुपए खर्च करेंगे- भगवंत सिंह मान*

*बीएसएफ के साथ मिलकर पंजाब पुलिस ने कई सफल ऑपरेशन किए और पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स को काबू किया- भगवंत सिंह मान*

*2577 जवान पंजाब पुलिस का हिस्सा बने, सरकार ने अब तक रिकॉर्ड 12 हजार से ज्यादा पुलिस भर्तियां की- भगवंत सिंह मान*

*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर स्थित पीएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित पासिंग आउट परेड को किया संबोधित*

जालंधर, 25 फरवरी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब को हर रोज पाकिस्तान की ओर से समाज विरोधी तत्वों और ड्रोन घुसपैठ के जरिए प्रदेश का माहौल खराब करने के लिए रचे जा रहे नापाक मंसूबों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा के लिए डटकर पहरा दे रही है और पंजाब पुलिस सिर्फ पंजाब की ही नहीं बल्कि पूरे देश की पुलिस है, जो अपना कर्तव्य निभा रही है।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान 2,577 नए पुलिस जवानों को औपचारिक रूप से पंजाब पुलिस में शामिल किया। मुख्यमंत्री की इस पहल ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकार की दोहरी प्रतिबद्धता को दर्शाया।
पंजाब पुलिस की भर्ती मुहिम को ‘आप’ सरकार की रोजगार क्रांति का अहम हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से अब तक 12,010 से अधिक पुलिस जवान नियुक्त किए गए हैं। वैज्ञानिक तरीकों पर फोर्स को अपग्रेड करने के लिए 1100 करोड़ रुपये रखे गए हैं और साइबर अपराध, आतंकवाद तथा नशों का मुकाबला करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विशेष तकनीकी यूनिट और मजबूत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स सहित अत्याधुनिक कदम उठाए जा रहे हैं।

‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत 50,238 गिरफ्तारियों और सडक़ सुरक्षा फोर्स द्वारा बचाई गई 46,399 जिंदगियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब में रिकॉर्ड भर्ती, तेजी से तकनीकी अपग्रेडेशन और अपराध के विरुद्ध बेमिसाल कार्रवाई हो रही है, जो कि पंजाब में अमन-शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उनकी सरकार के दृढ़ संकल्प की गवाही देती है।

‘एक्स’ पर समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज जालंधर में पंजाब पुलिस की प्रतिष्ठित पासिंग-आउट परेड में शामिल होना गर्व की बात थी। कुल 2,577 नए, अत्यंत प्रेरणादायक अधिकारी औपचारिक रूप से पंजाब पुलिस परिवार में शामिल हुए हैं, इन सभी को बधाई। हमारी सरकार के नेतृत्व में 12,000 से अधिक जवानों की पुलिस में भर्ती का रिकॉर्ड कायम किया गया है, उच्च-तकनीकी यूनिटें स्थापित की गई हैं और नशे के दुरुपयोग के विरुद्ध सख्त अभियान जारी है। हम पंजाब की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं। जय हिंद।"
इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पद संभालने के बाद मैंने पंजाब पुलिस को वैज्ञानिक आधार पर अपग्रेड करने पर विशेष जोर दिया और इस उद्देश्य के लिए 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह अत्यंत गर्व की बात है कि पंजाब पुलिस को हर प्रकार की चुनौती का सामना करने और देश की एकता, अखंडता एवं प्रभुसत्ता बनाए रखने के लिए आधुनिक आधार पर सुसज्जित किया गया है।"
पंजाब की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब पुलिस अपनी ड्यूटी को पूरी मुस्तैदी से निभा रही है।"
समारोह में शामिल होने पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैं पासिंग आउट परेड के लिए पंजाब आम्र्ड पुलिस कैंपस में आकर बहुत खुश हूं।" उन्होंने आगे कहा, "आज की पासिंग आउट परेड में पंजाब पुलिस के विभिन्न कैडरों के कुल 2,577 जवान और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। यह परेड उनकी बुनियादी प्रशिक्षण की पूर्णता को दर्शाती है और इन सभी पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के लिए विभिन्न जिलों में तैनात किया जाएगा।"
पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों के महत्व पर बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "विभिन्न रैंकों के इन नए भर्ती पुलिस जवानों ने महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर, पुलिस रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर, जहान खेलां (होशियारपुर) और इन-सर्विस ट्रेनिंग सेंटर, कपूरथला में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।"

उन्होंने आगे कहा, "मार्च, 2022 से लेकर अब तक पंजाब सरकार ने विभिन्न कैडरों और रैंकों के 12,010 से अधिक पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र जारी किए हैं। इनमें 1,062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल, 10,098 कांस्टेबल और 400 सिविलियन स्टाफ शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न पंजाब पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार के तहत भर्ती प्रक्रिया निरंतर जारी रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, पंजाब पुलिस भर्ती प्रक्रिया हर साल जारी रही है। इसी क्रम में वर्ष 2025 से 1,900 से अधिक भर्ती किए गए जवानों के लिए बुनियादी प्रशिक्षण मार्च, 2026 में शुरू हो गया। इसी तरह 1,746 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और उन्हें शीघ्र ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "वर्ष 2026 में की जाने वाली 3,400 पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होगी।"
तकनीकी अपग्रेडेशन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार पंजाब पुलिस को तकनीकी रूप से सुसज्जित करने और अधिक सक्षम बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने तकनीकी विशेषज्ञता में दक्ष 182 सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती की है, जिनमें 112 तकनीकी विशेषज्ञ, 11 फॉरेंसिक विशेषज्ञ, एच.आर. मैनेजर और 30 काउंसलर तथा तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले 1,547 कांस्टेबल शामिल हैं।" उन्होंने कहा, "इस भर्ती का मुख्य उद्देश्य अपनी तकनीकी सेवाओं विंग के माध्यम से साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, गैंगस्टर, आतंकवाद, नशीले पदार्थों और इस प्रकार के अपराधों का मुकाबला करना है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत गर्व की बात है कि इनमें से अधिकांश अधिकारी बी.टेक, एम.टेक और एल.एल.बी. जैसी योग्यताएं रखते हैं।" विशेष भर्ती के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब पुलिस के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन विंग ने 125 कानूनी अधिकारी, 21 फॉरेंसिक विशेषज्ञ, 196 आई.टी. विशेषज्ञ और 77 वित्तीय विशेषज्ञ भर्ती किए हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और विभिन्न पंजाब पुलिस इकाइयों में तैनात होकर अपनी पेशेवर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।"
सडक़ सुरक्षा फोर्स के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सडक़ हादसों को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने सडक़ सुरक्षा फोर्स का गठन किया है, जो पूरे राज्य में हादसे के पीडि़तों को तुरंत सहायता प्रदान कर रही है।" उन्होंने आगे कहा, "सडक़ सुरक्षा फोर्स 146 नए वाहनों और आधुनिक उपकरणों से लैस है, जिससे अब तक 46,399 जानें बचाई गई हैं और घायलों को तुरंत सहायता प्रदान की गई है।"
उन्होंने आगे कहा, "पुलिसिंग के इस अनूठे प्रयास ने दुनिया भर से सराहना प्राप्त की है और राज्य 6 मिनट 20 सेकंड के भीतर हादसे के स्थान पर पहुंचकर सहायता देने वाली विशेष फोर्स वाला पहला राज्य बनकर उभरा है।" भगवंत सिंह मान ने कहा, "एस.एस.एफ. को हर 30 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप हादसों के कारण होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है, जिसकी भारत सरकार ने भी प्रशंसा की है।"
‘युद्ध नशे विरुद्ध’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "नशे की लत को समाप्त करने के लिए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को आधुनिक और अपग्रेड किया गया है, जिसमें आई.टी. बुनियादी ढांचा भी शामिल है।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब सरकार ने मार्च, 2025 में ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था, जिसके तहत 50,238 से अधिक गिरफ्तारियां, 35,133 एफ.आई.आर. और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनमें 2,230 किलोग्राम हेरोइन, 668 किलोग्राम अफीम और 29 टन भुक्की शामिल है।" उन्होंने कहा, "नशों की सप्लाई लाइन तोड़ दी गई है और आम लोगों के सक्रिय सहयोग से निचले स्तर पर नशीले पदार्थों का खात्मा किया जा रहा है।"

पुनर्वास के प्रयासों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "युवाओं को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ नशा मुक्ति केंद्रों को मुफ्त परामर्श सेवाएं और दवाइयां प्रदान की जा रही हैं।"
पुलिस फोर्स की भूमिका के बारे में बात करते हुए मंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब पुलिस ने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा तथा सीमावर्ती राज्य पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है।" उन्होंने आगे कहा, "हमारे पुलिस कर्मियों के बलिदानों के कारण पंजाब में शांति बरकरार रही है।"
बाहरी खतरों के बारे में चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक सीमावर्ती राज्य होने के नाते, पंजाब को पड़ोसी देशों की ओर से हमारे युवाओं को गुमराह करने और पंजाब को काले दौर में वापस धकेलने की नापाक कोशिशों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।"
उन्होंने आशा व्यक्त की कि "पंजाब पुलिस कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और दुश्मन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी ताकत से अपना कर्तव्य निभाती रहेगी।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब पुलिस अपनी जान की परवाह किए बिना राज्य और देश की सेवा करने की अपनी शानदार विरासत को हमेशा कायम रखेगी।"
हाल ही की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "दो पुलिस कर्मियों को शहीद करने के जघन्य अपराध के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पाकिस्तान समर्थित ताकतों ने ऐसी घिनौनी कार्रवाई के जरिए पुलिस फोर्स के मनोबल को ठेस पहुंचाने की कोशिश की थी।"

उन्होंने आगे कहा, "ये नापाक ताकतें भूल गई थीं कि बहादुर पंजाब पुलिस फोर्स राज्य में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शती।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब पुलिस बड़ी मेहनत से हासिल की गई राज्य की शांति को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।"
प्रशिक्षण ढांचे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार ने पंजाब भर में अत्याधुनिक पुलिस प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं, जिनका देश भर में शायद ही कोई मुकाबला हो।" उन्होंने आगे कहा, "देश भर के कई राज्य आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पंजाब पुलिस से संपर्क करते हैं। न केवल देश भर से, बल्कि अन्य देशों की कई फोर्स भी अपनी पुलिस फोर्स को प्रशिक्षण देने के लिए पंजाब से संपर्क करती हैं।"
आधुनिक तकनीक के उपयोग के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य सरकार ने पंजाब पुलिस की दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक पेश की है, ताकि इसे देश की अग्रणी फोर्स बनाया जा सके।" उन्होंने आगे कहा, "यह पहल राज्य में पुलिसिंग को और बेहतर बनाने तथा कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में बेहद अहम भूमिका निभाएगी।" भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह पुलिस फोर्स को बेहतर प्रथाओं से लैस करने और वैज्ञानिक तरीके से इसे विकसित करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।"

उन्होंने कहा, "सीमावर्ती राज्य होने के कारण, राज्य विरोधी ताकतें प्राप्त की गई पंजाब की शांति को भंग करने के लिए नापाक मंसूबे रच रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ने हमेशा ही ऐसी कोशिशों को नाकाम किया है।" उन्होंने आगे कहा, "राज्य को दरपेश बड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि पुलिस फोर्स को जांच, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उन्नत आवश्यकताओं के अनुसार अपडेट किया जाए।" भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब पुलिस पूरी पेशेवराना ढंग से लोगों की सेवा करने की अपनी शानदार विरासत को हमेशा बरकरार रखेगी।"
नव-नियुक्तों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह आपके लिए एक यादगार पल है क्योंकि आप पंजाब पुलिस परिवार का अभिन्न अंग बन गए हो।" उन्होंने नव-नियुक्त जवानों को अपनी ड्यूटी पूरी लगन, कड़ी मेहनत और वचनबद्धता के साथ निभाने के लिए कहा ताकि राज्य की तरक्की और लोगों की खुशहाली में अहम योगदान दिया जा सके।" भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "पुलिस मुलाजिमों को आम लोगों की मुश्किलों को कम करने और उन्हें इंसाफ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।"
इससे पहले डी.जी.पी. पंजाब गौरव यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और नव-नियुक्त जवानों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परेड का निरीक्षण किया और बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया।
समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने परेड का व्यापक निरीक्षण किया, मार्चिंग टुकडिय़ों का नजदीक से जायजा लिया और कार्रवाई की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने नव-नियुक्त पुलिस जवानों द्वारा दिखाए गए अनुशासन, तालमेल और उच्च मानकों की सराहना करते हुए औपचारिक सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के दौरान उनके बेहतरीन प्रदर्शन, समर्पण और वचनबद्धता की प्रशंसा करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं और कैडेटों को पुरस्कार और प्रशंसा पत्र भी वितरित किए। इस कार्यक्रम के दौरान पंजाब की समृद्ध विरासत को दर्शाती सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और पासिंग आउट परेड के माध्यम से इस समारोह को नव-नियुक्त पुलिस जवानों, उनके परिवारों और समूची पंजाब पुलिस के लिए गौरवपूर्ण और यादगार पल बनाया गया।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

मंत्री समूह ने आने वाले गेहूं खऱीद सीजन के प्रबंधों का लिया जायज़ा

सभी भाईवालों की भलाई के लिए निर्विघ्न खऱीद सीजन यकीनी बनाई जाए: मंत्री समूह द्वारा अधिकारियों को निर्देश

स्टोरेज स्पेस का मुद्दा राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के पास ज़ोरदार ढंग के साथ उठाया

चंडीगढ़, 25 फरवरी:

फ़सल खऱीद सम्बन्धित तैयारियों की निगरानी के लिए गठित मंत्री समूह( जीओएम) जिसमें कृषि और किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, जल स्रोत मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर शामिल है, ने आज आने वाले गेहूं खरीद सीजन 2026- 27 की व्यापक समीक्षा करने के लिए मीटिंग की।

मंत्री समूह को इस मौके बताया गया कि गेहूं खऱीद सीजन 1 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है और ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले द्वारा विभाग लगभग 132 लाख मीट्रिक टन ( एल.एम.टी.) उपज की खऱीद की जाएगी। इसके इलावा कम-से-कम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

भंडारन की जगह के मुद्दे सम्बन्धित मंत्री समूह के ध्यान में यह लाया गया कि भारतीय ख़ुराक निगम की तरफ से अगस्त 2025 से अब तक हर महीने 5 एल.एम.टी. गेहूं और 5 एलएमटी चावल की ढुलाई की जा रही है, जबकि 2026- 27 के सीजन में खऱीदी जाने वाली गेहूं के लिए उचित स्टोरेज स्पेस को यकीनी बनाने के लिए हर महीने कम-से-कम 15 एलएमटी गेहूं के उठान की ज़रूरत है। मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने इस सम्बन्ध में समय समय पर और हाल ही में भी ज़ोरदार ढंग के साथ केंद्र सरकार के पास मुद्दा उठाया गया है।

इसके इलावा आने वाले सीजन के सम्बन्धित गेहूं की सुरक्षित स्टोरेज को यकीनी बनाने के लिए विभाग पलिंथ बनाने और चावल मीलों में खाली स्थानों का प्रयोग करने पर विचार कर रहा है। इसके इलावा जि़ला प्रशासनों के साथ खरीद प्रबंधों की नियमित समीक्षा की जा रही है। डीएफएससीज़ द्वारा संकटकाली योजनाओं और परिवर्तनी प्रबंध तैयार करने के लिए एफ.सी.आई. के जि़ला मैनेजरों के साथ तालमेल किया जा रहा है।

सीजन दौरान निर्विघ्न खरीद को यकीनी बनाने के लिए ज़रूरी अन्य वस्तुओं सम्बन्धित 391320 प्लास्टिक के करेट के लिए आर्डर जारी किए गए है, जिनमें से 231055 प्राप्त हो चुके है जबकि बाकी मार्च तक प्राप्त हो जाएंगे। इसके इलावा, 675000 लकडी के करेट की स्पलाई के लिए आर्डर दिए गए है और गेहूं को सुरक्षित ढंग के साथ स्टोर करने के लिए ज़रुरी एलपीईडी कवर ( तिरपालें) भी उपलब्ध हैं।

आढतियों की तरफ से कमिशन की दरों 45 रुपए प्रति क्विंटल से बढा कर 64 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग सम्बन्धित मंत्री समूह के यह भी ध्यान में लाया गया कि सूबा सरकार द्वारा प्रत्येक संभव मौके पर केंद्र सरकार के पास यह मामला ज़ोर शोर के साथ उठाया जा रहा है।

खरीद प्रक्रिया के साथ जुड़े प्रत्येक हिस्सेदारी की भलाई के लिए राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मंत्री समूह ने अधिकारियों को हर कदम पर पारदर्शिता के साथ निर्विघ्न खऱीद सीजन यकीनी बनाने के निर्देश दिए।

इस मौके दूसरे के इलावा प्रमुख सचिव ख़ुराक, सिविल स्पलाई और खपतकार मामले राहुल तिवाड़ी, डायरैक्टर वरिन्दर कुमार शर्मा, अतिरिक्त डायरेक्टर डा. अंजुमन भास्कर और अजैवीर सिंह सराओ, और जी.एम. वित्त सरवेश कुमार मौजूद थे।
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विजीलैंस ब्यूरो पंजाब
विजीलैंस ब्यूरो ने एएसआई को 15000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू
चंडीगढ़ 25 फरवरी, 2026:

पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार विरुद्ध शुरु किए अभियान दौरान, पुलिस चौकी कैलाश चौक, लुधियाना के इंचार्ज के तौर पर तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर जनक राज को 15, 000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है।

इस सम्बन्धित जानकारी देते आज यहां, स्टेट विजीलैंस ब्यूरो के एक सरकारी वक्ता ने बताया कि उक्त दोषी को सिविल लाईन, लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के भाई को एक मामले में गिरफ़्तार किया गया था जिसमें आरोपी एएसआई जांच अधिकारी था। इस सम्बन्धित शिकायतकर्ता ने दोष लगाया कि जब वह थाने में अपने भाई को मिलने गया तो आरोपी एएसआई ने उसके गिरफ़्तार भाई को मिलने बदले मौके पर ही उससे 10,000 रुपए की रिश्वत ली।

उन्होंने आगे बताया कि आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता के भाई को और पुलिस रिमांड पर न रखने बदले एसएचओ के लिए दो लाख रुपए और अपने लिए पचास हज़ार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग सम्बन्धित सारी बातचीत रिकार्ड कर ली।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने विजीलैंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना के साथ संपर्क किया। उसकी शिकायत पर प्राथमिक जांच के बाद, विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने एक जाल बिछाया जिस दौरान आरोपी एएसआई जनक राज को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 15, 000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया।

इस सम्बन्धित, आरोपी विरुद्ध विजीलैंस ब्यूरो के पुलिस स्टेशन लुधियाना में भ्रष्टाचार रोकू कानून के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले में आगे वाली जांच जारी है।

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