डॉ. रवजोत सिंह ने मध्य पूर्व में फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
कहा, भगवंत सिंह मान सरकार युद्ध के कारण खाड़ी देशों में फंसे सभी पंजाबियों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रतिबद्ध
यूएई में फंसे पंजाबियों से बातचीत कर उन्हें पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया
चंडीगढ़, 1 मार्च: एन.आर.आई. मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने युद्ध के कारण मध्य पूर्व में फंसे पंजाबियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
केंद्रीय विदेश मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध की स्थिति के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वापसी के संबंध में तत्काल बैठक करने का आग्रह किया। डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि मध्य पूर्व में उत्पन्न यह तनाव हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। स्थिति की नाजुकता को देखते हुए उन्होंने कहा कि वहां फंसे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनकी सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने चल रहे युद्ध के कारण यूनाइटेड अरब एमिरेट्स के विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे पंजाब के पर्यटकों और निवासियों से टेलीफोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने इस गंभीर संकट की घड़ी में उन्हें आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और मध्य पूर्व में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
डॉ. रवजोत सिंह ने फंसे हुए लोगों को आश्वस्त किया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार उनकी सुरक्षित पंजाब वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
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पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई. टी. ओ. ने आज नई दिल्ली में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से भेंट की।
मुलाक़ात के दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल को फर्जी शराब घोटाले के मामले में बाइज्जत बरी होने पर हार्दिक बधाई दी।
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*भारत में तानाशाही राजनीति बदलने में पंजाब साथ, 2027 म़ें ‘‘आप’’ को देगा 100 सीटों का तोहफा- भगवंत सिंह मान*
*- अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत पूरी आम आदमी पार्टी चट्टान की तरह डटकर देश की लड़ाई लड़ रही- भगवंत सिंह मान*
*- भाजपा ने साजिश के तहत ‘‘आप’’ को खत्म करने की कोशिश की, अब वह देश के सामने बेनकाब हो चुकी है- भगवंत सिंह मान*
*- मोदी सरकार पंजाब विरोधी है, आरडीएफ, जीएसटी समेत पंजाबियों के हक का करोड़ों रुपए रोककर बैठी है- भगवंत सिंह मान*
*- हम देश से नफऱत और झूठ की राजनीति को ख़त्म करने आए हैं और उस तरफ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे- भगवंत सिंह मान*
*- यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई है- भगवंत सिंह मान*
नई दिल्ली, 01 मार्च 2026 आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में जंतर मंतर पर आयोजित रैली में पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने भाजपा और मोदी सरकार को आइना दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत में तानाशाही राजनीति को बदलने में पंजाब आम आदमी पार्टी के साथ खड़ा है। 2027 म़ें पंजाब की जनता ‘‘आप’’ को 100 सीटों का तोहफा देगी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत पूरी आम आदमी पार्टी चट्टान की तरह डटकर देश की लड़ाई लड़ रही है। भाजपा ने एक साजिश के तहत ‘‘आप’’ को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन अब वह साजिश देश के सामने बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पंजाब विरोधी है। इसलिए आरडीएफ, जीएसटी समेत पंजाबियों के हक का करोड़ों रुपए रोककर बैठी है। हम देश से नफऱत और झूठ की राजनीति को ख़त्म करने आए हैं और उस तरफ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं।
जंतर मंतर पर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आयोजित रैली को वर्चुअली संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जब भी आम आदमी पार्टी पर कोई मुसीबत आती है, तो वह दोगुनी-चौगुनी ताकत से उभरती है। भगवान हमें हमेशा उसी नीम के पेड़ के नीचे, इसी जंतर-मंतर पर ले आते हैं, जो आम आदमी पार्टी का जन्म स्थान है। यह कार्यक्रम पहले से ही तय था, लेकिन हमें यह नहीं पता था कि जज साहब का यह ऐतिहासिक फैसला इतनी जल्दी आ जाएगा। आज पूरे देश को यह बताने का मौका मिला है कि सच हमेशा सच ही होता है।
भगवंत मान ने कहा कि सच बोलने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि उसे एक बार बोलकर दोबारा याद नहीं रखना पड़ता, जबकि झूठ बोलने वालों को हमेशा याद रखना पड़ता है कि पिछली बार क्या कहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले जीएसटी का विरोध करते थे, लेकिन बाद में उन्हें ही इसे लागू करना पड़ा। पहले वे तेल की बढ़ती कीमतों पर बोलते थे, लेकिन अब जब कीमतें उससे भी ज्यादा बढ़ गई हैं, तो वे इसे मास्टर स्ट्रोक कहते हैं। आम आदमी पार्टी देश की राजनीति को बदलने और उसमें ईमानदारी भरने आई है। अरविंद केजरीवाल ने दूसरी राजनीतिक पार्टियों को मजबूर कर दिया है कि वे नफरत और धर्म की बातों के बजाय अपने घोषणापत्र में स्कूलों, अस्पतालों, बिजली, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर की बात लिखें।
भगवंत मान ने बताया कि कैसे निजी अस्पताल वालों ने प्रधानमंत्री से शिकायत की होगी कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और अच्छा इलाज होने के कारण उनका धंधा ठप हो गया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने सत्येंद्र जैन को जेल में डाल दिया। इसी तरह, निजी स्कूल वालों ने शिकायत की होगी कि बच्चे सरकारी स्कूलों में जा रहे हैं और वे अब पार्टी को चंदा नहीं दे पाएंगे, तो प्रधानमंत्री ने मनीष सिसोदिया को जेल में डाल दिया। जब देखा गया कि मुफ्त बिजली, मुफ्त दवाइयां, बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, बजट 30 करोड़ से बढक़र 60 हजार करोड़ हो गया और इस कारण चुनाव में जीतना मुश्किल हो जाएगा, तो कोई झूठा मामला ढूंढकर अरविंद केजरीवाल और उनकी पूरी टीम को ही अंदर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में सजा शायद उतनी कड़ी नहीं होती, लेकिन अदालतों के चक्कर काटना ही असल सजा होती है।
भगवंत मान ने उस मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि जब पार्टी के शीर्ष पांच नेता और पूरा थिंक टैंक जेल में था, तब जालंधर का उपचुनाव आ गया था। फैसला लेने वाली कोई अथॉरिटी बाहर नहीं थी। ऐसे में हमने अपनी बैकअप टीम के साथ मिलकर काम चलाया। जेल में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के दौरान मिले मार्गदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने हमें हिम्मत दी थी कि भगवान साथ देगा, लोगों के दरवाजे खटखटाओ। इसके बाद हमने जालंधर उपचुनाव और दूसरी सांसद सीट भी बड़े अंतर से जीती, जिससे हमारा हौसला और बढ़ा।
भगवंत मान ने बताया कि जब मैं जेल में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के लिए जाता था, तब भी अरविंद केजरीवाल केवल पंजाब और वहां के लोगों का हाल पूछते थे। वे पूछते थे कि लोगों को मुफ्त बिजली मिल रही है या नहीं, खेतों के लिए पानी का काम चल रहा है या नहीं और क्या कोई दिक्कत तो नहीं है? वे हमेशा यही निर्देश देते थे कि जो भी भ्रष्टाचार करे, जिसकी भी रिपोर्ट आए, उसे अंदर कर दो, क्योंकि हमें देश को सुधारना है।
भगवंत मान ने आगे कहा कि क्रांतिकारियों के लिए जेल घी की तरह काम करती है। उन्होंने शहीद भगत सिंह का उदाहरण देते हुए बताया कि जब असेंबली में बम फेंकने की योजना बनी थी, तब सूची में उनका नाम नहीं था। भगत सिंह ने अपना नाम खुद सूची में जोड़ा था। इस पर चंद्रशेखर आजाद (नौजवान भारत सभा के प्रमुख) ने उन्हें चेतावनी दी थी कि सांडर्स की हत्या के मामले में उन्हें लाहौर ले जाकर फांसी दे दी जाएगी। लेकिन भगत सिंह ने तर्क दिया कि पार्टी की लहर थोड़ी धीमी पड़ गई है और उसे उभारने की जरूरत है। भगत सिंह ने कहा था कि बम फेंकने वालों में केवल वे ही अंग्रेजी बोल सकते हैं, इसलिए वे अपना मुकदमा खुद लड़ेंगे और अदालत में मीडिया को बुलाएंगे, जिससे उनकी बात पूरे देश में जाएगी और पार्टी को ताकत मिलेगी। भगवंत मान ने कहा कि ठीक वैसा ही हुआ और पूरे देश में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के नाम की धूम मच गई।
भगवंत मान ने इस ऐतिहासिक प्रसंग को वर्तमान से जोड़ते हुए कहा कि आज इतिहास खुद को दोहरा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने भी जेल से यही संदेश दिया था कि झुकना नहीं है। आम आदमी पार्टी अब और बड़ी होकर निकलेगी। आम आदमी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि जब अदालत का फैसला आया, तो लोग मुझे बधाई देते हुए कह रहे हैं कि अब आम आदमी पार्टी को कोई नहीं रोक सकता, जैसे दरिया अपना रास्ता खुद बनाता है, उस पर कोई रोक नहीं लगा सकता।
भगवंत मान ने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संदेश दिया कि वे देश की गद्दी पर बैठे किरायेदार हैं, यह देश उनका निजी मकान नहीं है। इस देश की मिट्टी में भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा और अशफाक उल्ला खान जैसों का खून शामिल है, यह किसी के बाप का हिंदुस्तान नहीं है।
भगवंत मान ने पंजाब के साथ केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश की आजादी में 90 फीसदी कुर्बानियां पंजाबियों ने दीं, लेकिन आज केंद्र सरकार पंजाब का 8000 करोड़ रुपए का आरडीएफ रोक लेती है और जीएसटी का पैसा नहीं देती। पंजाब में आई ऐतिहासिक बाढ़ के लिए मात्र 1600 करोड़ रुपए की घोषणा की गई, लेकिन उसमें से कुछ भी नहीं दिए गए।
भगवंत मान ने कहा कि भाजपा पंजाब विरोधी और आम आदमी पार्टी विरोधी हो चुकी है। उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से इतना डर लगने लगा है कि सपने में भी आम आदमी पार्टी और झाड़ू नजर आता होगा। उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर केंद्र सरकार का बस चले तो वे राष्ट्रगान से भी पंजाब शब्द निकाल कर उसे ‘यूपी सिंध गुजरात मराठा’ कर दें।
सीमाओं की सुरक्षा और देश के लिए पंजाब के योगदान को याद करते हुए भगवंत मान ने कहा कि जब भी दुश्मन की पहली गोली आती है, तो सरहदों पर पंजाबियों के सीने ही तने होते हैं। जब देश में अनाज की कमी हुई, तो पंजाबियों ने अपनी मिट्टी से सोना (हरित क्रांति) उगाकर देश के भंडार भर दिए। जब देश को आजादी की जरूरत थी, तब भी पंजाबियों ने 90 फीसदी कुर्बानियां दीं। भगवंत मान ने याद दिलाया कि जब आम आदमी पार्टी का पौधा लगा था, तब भी सबसे पहले चार हरे पत्ते (सांसद) पंजाबियों ने ही दिए थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी पंजाब भारी बहुमत (सेंचुरी) के साथ आम आदमी पार्टी की सरकार बनाकर हमें तोहफा देगा।
विरोधी दलों पर कटाक्ष करते हुए भगवंत मान ने एक शेर सुनाया, ष्झूठों ने झूठों से कहा कि सच बोलो, घर के अंदर झूठों की मंडी है, दरवाजे पर लिखा है सच बोलो। गंगा मैया, डूबने वाले सभी अपने थे, यह कश्ती में छेद किसने किया है? सच बोलो।ष् उन्होंने कहा कि सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन सच का सूरज कभी छुपता नहीं है।
भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पूरी टीम को विश्वास दिलाते हुए कहा कि पंजाब हमेशा एक चट्टान की तरह उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कहीं भी आफत आए, चाहे तुर्की में भूकंप हो, श्रीलंका में सुनामी या नेपाल में बाढ़, रेड क्रॉस की टीम पहुंचे न पहुंचे, लेकिन पंजाबियों और गुरु नानक देव जी का लंगर सबसे पहले शुरू हो जाता है। पंजाबी सरबत दा भला (सबका भला) मांगने और कुर्बानियां देने वाले लोग हैं। उन्होंने कश्मीरी पंडितों और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को भी याद किया और सच के साथ खड़े रहने का प्रण लिया।
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गैंगस्टरों पर वार का 40वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 499 स्थानों पर छापेमारी; 179 काबू
— पुलिस टीमों ने 80 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई, 113 को पूछताछ के बाद रिहा किया
— गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन 93946-93946 पर लोग गोपनीय रूप से दे सकते हैं सूचना
— ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के 365वें दिन 86 नशा तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 1 मार्च: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चल रही निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरों पर वार’ के 40वें दिन पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिन्हित एवं मैप किए गए 499 ठिकानों पर एक साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया।
उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान की शुरुआत 20 जनवरी 2026 को पुलिस महानिदेशक गौरव यादव द्वारा की गई थी। इस अभियान का उद्देश्य पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाना है। इस मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें लगातार संयुक्त और समन्वित कार्रवाई कर रही हैं।
अभियान के 40वें दिन पुलिस ने 179 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 4 हथियार बरामद किए। अभियान की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 12,203 हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त 80 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की गई, जबकि 113 व्यक्तियों को पूछताछ और जांच के बाद रिहा कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान 7 भगोड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया गया।
जनता गैंगस्टरों और वांछित अपराधियों के संबंध में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गोपनीय रूप से सूचना दे सकती है। प्राप्त हर सूचना को पूर्ण गोपनीयता के साथ लिया जाएगा।
इस दौरान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के 365वें दिन पुलिस ने 86 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 878 ग्राम हेरोइन, 105 किलोग्राम भुक्की, 523 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 3,720 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। पिछले 365 दिनों में कुल 51,734 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नशा मुक्ति और पुनर्वास अभियान के तहत आज 23 व्यक्तियों को नशा छोडऩे और उपचार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
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पंजाब को नागरिक-केंद्रित सुधारों के लिए मिला प्रतिष्ठित ‘डिजिटल एक्सीलेंस अवॉर्ड’
क तकनीक आधारित प्रशासन हमारी प्रमुख प्राथमिकता: अमन अरोड़ा
क पंजाब सरकार जन सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है पंजाब सरकार: अमन अरोड़ा
क डायरेक्टर विशेष सारंगल ने हैदराबाद में आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान पुरस्कार प्राप्त किया
चंडीगढ़, 1 मार्च:
नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत पारदर्शिता, दक्षता और जन सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में अग्रणी पहलों के चलते पंजाब सरकार को टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्रतिष्ठित "डिजिटल एक्सीलेंस" अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर श्री विशेष सारंगल ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्राप्त किया। इस समारोह में देशभर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
इस पुरस्कार को राज्य के नागरिकों और विभागीय टीम को समर्पित करते हुए सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पारदर्शी, पेपरलेस और जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार के सुशासन और नागरिक-केंद्रित सुधारों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ‘विचौलिया संस्कृति’ को समाप्त करने और नागरिकों को उनके घर-द्वार पर सम्मानजनक एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनस्र्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
उन्होंने राज्य सरकार की अभिनव डिजिटल पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "भगवंत मान सरकार आपके द्वार" योजना के तहत नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे 430 से अधिक सरकारी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि पंजाब के सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसिलरों (एमसी) को ऑनलाइन आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे आवश्यक प्रमाण-पत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है और तकनीक को जमीनी नेतृत्व से जोड़ा गया है।
पटवारियों और फील्ड स्टाफ की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद राज्य सरकार द्वारा 12.5 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा चुकी है। इस डिजिटल एकीकरण के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की दर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो सिस्टम की दक्षता को दर्शाती है।
इसके अतिरिक्त, एम-सेवा और कनेक्ट पंजाब एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली प्रदान करते हैं, जिससे नागरिक अपने आवेदनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं और वास्तविक समय में फीडबैक दर्ज करा सकते हैं। इससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।
भविष्य की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए श्री विशेष सारंगल ने कहा, "हम इस उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेंगे। पंजाब की डिजिटल यात्रा के अगले चरण में सेवा वितरण को और अधिक सरल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) को एकीकृत किया जाएगा। हमारा लक्ष्य आय, निवास और जाति प्रमाण-पत्र सहित सभी प्रमुख सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह पुरस्कार लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा तथा आम नागरिकों के लिए हर सरकारी सेवा को एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा।"
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कुलतार सिंह संधवां ने ईरान-इजऱाइल टकराव के बीच अरब देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने हेतु प्रधानमंत्री से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की
चंडीगढ़, 1 मार्च 2026:
पंजाब विधानसभा के स्पीकर स.कुलतार सिंह संधवां ने ईरान-इजऱाइल टकराव के दौरान दुबई हवाई अड्डे तथा विभिन्न अरब देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
वर्तमान परिस्थितियों के कारण अनेक भारतीय नागरिकों के कठिनाई में फंसे होने की रिपोर्टों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्पीकर ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार को उनकी सुरक्षित एवं सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
स.कुलतार सिंह संधवां ने इस मामले में प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील करते हुए आग्रह किया कि वे संबंधित मंत्रालयों और प्राधिकरणों को तुरंत निर्देश जारी करें, ताकि प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था सहित आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जा सकें।
उन्होंने बल देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे संकटपूर्ण हालात के दौरान त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक होती है, ताकि कोई भी भारतीय नागरिक सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने आगे कहा कि विदेशों में प्रत्येक भारतीय नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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भगवंत मान सरकार ने ‘नौकरी मांगने वालों’ को ‘नौकरी देने वालों’ में बदला; चंडीगढ़ में पहले 2-दिवसीय विद्यार्थी उद्यमी कैंप की शुरुआत
भगवंत मान सरकार के उद्यमिता मानसिकता/व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत, विद्यार्थी पहले से ही उद्यमिता का अध्ययन कर रहे हैं और सक्रिय रूप से व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, जिनमें से कई आय अर्जित कर रहे हैं और कई मजबूत विकास की संभावनाएं प्रस्तुत कर रहे हैं
छोटे स्तर पर मशरूम की खेती से लेकर डिजिटल सेवा उद्यमों तक, सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक के युवा उद्यमी पंजाब में नई उद्यमिता लहर को उजागर कर रहे हैं
भगवंत मान सरकार ने युवा उद्यमियों को बिजनेस मॉडलिंग, गो-टू-मार्केट रणनीति, यूनिट इकॉनॉमिक्स और उद्यम प्रमाणीकरण में संरचित प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने इनोवेशन मिशन पंजाब और सफल स्टार्टअप उद्यमियों को एक मंच पर लाया
त्रैमासिक श्रृंखला के रूप में पहली बार, पंजाब सरकार ने राज्यभर के सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों से छात्र-नेतृत्व वाले उद्यमों की श्रृंखला तैयार की
आईटीआई और पॉलिटेक्निक में 36,139 विद्यार्थी वास्तविक व्यावसायिक विचारों का कर रहे अध्ययन और सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं; विशेष बूटकैंप के लिए 40 वास्तविक उद्यमों की पहचान की गई
चंडीगढ़, 1 मार्च:भगवंत मान सरकार ने राज्य के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनाने वाले पारंपरिक शिक्षा मॉडल को बदलकर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से रोजगार सृजनकर्ता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी दृष्टिकोण के तहत, पंजाब सरकार द्वारा राज्यभर के सरकारी आईटीआई और सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों से चयनित 40 उच्च संभावनाशील युवा उद्यमियों के लिए महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमजीसीपा), चंडीगढ़ में पहला दो-दिवसीय आवासीय स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप बूटकैंप आयोजित किया गया।
यह केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक त्रैमासिक श्रृंखला की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य युवा-नेतृत्व वाले उद्यमों का निर्माण करना और यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब में तकनीकी शिक्षा सीधे व्यापार वृद्धि, आय सृजन और स्थानीय रोजगार के अवसरों से जुड़ी हो।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 322 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्यमिता मानसिकता/व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिनमें 137 सरकारी आईटीआई और 26 सरकारी पॉलिटेक्निक शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थी केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक व्यावसायिक विचारों का विकास भी करें।
आज पंजाब भर में 36,139 विद्यार्थी (28,967 आईटीआई से और 7,172 पॉलिटेक्निक से) केवल सैद्धांतिक रूप से उद्यमिता का अध्ययन नहीं कर रहे, बल्कि एक संरचित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यावसायिक विचारों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे वास्तविक ग्राहकों की समस्याओं की पहचान कर रहे हैं, उत्पाद एवं सेवाएं डिज़ाइन कर रहे हैं, विचारों का परीक्षण कर रहे हैं, प्रोटोटाइप बना रहे हैं, ग्राहकों तक पहुंच बना रहे हैं और राजस्व अर्जित कर रहे हैं।
पहले बूटकैंप के लिए 40 वास्तविक छात्र-नेतृत्व वाले उद्यमों का चयन किया गया है, जो खुदरा, पेशेवर सेवाएं, ई-कॉमर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंजीनियरिंग सेवाएं, निर्माण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं।
बूटकैंप के लिए चयनित 40 युवा उद्यमियों (20 सरकारी आईटीआई और 20 सरकारी पॉलिटेक्निक से) का चयन कोर्स पूर्णता, असाइनमेंट की गुणवत्ता, व्यावसायिक विचार की स्पष्टता, ग्राहक तक पहुंच के प्रयास, प्रोटोटाइप निर्माण, सेवा प्रदान करने और राजस्व सृजन के आधार पर किया गया। ये प्रतिभागी अमृतसर और गुरदासपुर से लेकर फिरोजपुर और फाजिल्का तक; लुधियाना और बठिंडा से रूपनगर और एस.ए.एस. नगर तक पूरे पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
यह उल्लेखनीय है कि इस पहल से पहले ही आय सृजन शुरू हो चुका है। जहां कुछ उद्यम विचार या परीक्षण चरण में हैं, वहीं कई उद्यमी पेशेवर सेवाओं, खुदरा और उत्पाद-आधारित उद्यमों से प्रति माह 5,000 से 12,000 रुपये तक कमा रहे हैं। यह स्पष्ट व्यवहारिक परिवर्तन को दर्शाता है, जहां युवा प्रवेश-स्तर की नौकरियों की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं रोजगार सृजित कर रहे हैं।
सरकारी आईटीआई मुक्तसर का एक युवा उद्यमी स्थानीय उपभोक्ताओं, दुकानों और रेस्टोरेंटों को सीधे आपूर्ति करने वाला छोटा मशरूम उत्पादन व्यवसाय चला रहा है। सरकारी आईटीआई बठिंडा का एक अन्य युवा उद्यमी जैविक स्किनकेयर पहल के तहत हाथ से बने साबुन और हर्बल हेयर ऑयल तैयार कर रहा है और इंस्टाग्राम तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से उनका विपणन कर रहा है। सरकारी आईटीआई (महिला), एसएएस नगर (मोहाली) का एक कॉस्मेटोलॉजी विद्यार्थी नेल स्टूडियो चला रहा है, जिसकी मार्केटिंग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही है। सरकारी आईटीआई लुधियाना का एक रेफ्रिजरेशन एवं एयर-कंडीशनिंग विद्यार्थी जस्टडायल जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर एसी मरम्मत एवं रखरखाव सेवा चला रहा है। अन्य उद्यमों में ऑनलाइन ट्यूशन सेवाएं, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन खुदरा, टेलरिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण शामिल हैं।
ये उदाहरण दर्शाते हैं कि किस प्रकार तकनीकी कौशलों को सीधे आजीविका के अवसरों में बदला जा रहा है।
दो दिवसीय आवासीय बूटकैंप इन उद्यमों को और मजबूत करेगा। पहले दिन बिजनेस मॉडल कैनवस के माध्यम से समस्या की पहचान, मूल्य प्रस्ताव, ग्राहक वर्ग, राजस्व स्रोत और लागत संरचना पर ध्यान केंद्रित किया गया। दूसरे दिन बाजार में प्रवेश रणनीति, ग्राहक अधिग्रहण, मार्केटिंग सामग्री (ब्रॉशर/पिच डेक) निर्माण तथा मूल्य निर्धारण और वित्तीय व्यवहार्यता पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन छात्र उद्यम प्रदर्शनी के साथ हुआ, जहां इन युवा उद्यमियों ने अपने उद्यम प्रस्तुत किए और संरचित प्रतिक्रिया प्राप्त की।
इनोवेशन मिशन पंजाब के माध्यम से इस बूटकैंप को संचालित किया गया और कार्यक्रम में उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषज्ञता सुनिश्चित की गई। चार स्थापित उद्यमियों ने व्यापार की स्थापना, संचालन और विस्तार के संबंध में व्यावहारिक जानकारी साझा करने के लिए बातचीत करेंगे। इन भागीदारों में सी एस सॉफ्ट सालयुशन इंफोटेक से श्री छोटू शर्मा, विजऩ ए आई से श्री पुनीत जिंदल, डिज़ीवाह से श्री बिपनजीत सिंह और नेचकिन से श्रीमती मनपिंदर कौर शामिल हैं।
सरकारी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में उद्यमिता को शामिल कर तथा युवाओं को कक्षा से बाहर मार्गदर्शन और अनुभव प्रदान कर, भगवंत मान सरकार पंजाब की शिक्षा प्रणाली में एक संरचनात्मक परिवर्तन सुनिश्चित कर रही है। तकनीकी शिक्षा अब केवल प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह व्यवसायिक स्वामित्व, आय सृजन और स्थानीय रोजगार निर्माण का माध्यम बन रही है।
यह पहल एक व्यापक नीति को दर्शाती है, जिसके तहत पंजाब के युवा सीमित नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करने के बजाय स्वयं और दूसरों के लिए अधिकतम नए रोजगार अवसर सृजित करेंगे।
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