चंडीगढ़, 4 अप्रैल: हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य ने न केवल निर्धारित बजट लक्ष्य को पार किया, बल्कि राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर से भी बेहतर प्रदर्शन किया।
आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग को एसजीएसटी के लिए 37,498 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य मिला था, जबकि विभाग ने 39,153 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया। यह लक्ष्य से 1,655 करोड़ रुपये अधिक है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती और दक्ष कर प्रबंधन का संकेत देता है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा का कुल सकल जीएसटी संग्रह 2024-25 में 1,19,362 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2023-24 की तुलना में 16% की बढ़ोतरी है। मार्च 2025 में ही राज्य ने 10,648 करोड़ रुपये का संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12% अधिक है। यह राष्ट्रीय औसत वृद्धि (8.79%) से कहीं अधिक है, जिससे हरियाणा इस क्षेत्र में छठे स्थान पर रहा।
एसजीएसटी (प्री-आईजीएसटी निपटान) में भी 15% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत 10% रहा। आईजीएसटी निपटान सहित कुल एसजीएसटी संग्रह 39,743 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14% अधिक है।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए विभाग का कुल राजस्व संग्रह 63,371 करोड़ रुपये रहा, जो 61,950 करोड़ के लक्ष्य का 102.3% है। उत्पाद शुल्क में 12% और वैट-सीएसटी में 1.6% की वृद्धि भी देखी गई।