*पंजाब सरकार द्वारा बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए तुरंत उपाय स्वरूप 71 करोड़ रुपये जारी*
*35.50 करोड़ रुपये पहले जारी किये गये, 12 सर्वाधिक प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त 35.50 करोड़ रुपये को दी मंजूरी*
*चंडीगढ़, 3 सितम्बर*: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाढ़ के दौरान राज्यवासियों को हुए नुकसान की भरपाई करने तथा उनके लिये समय पर राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए तुरंत उपाय के रूप में कुल 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। पहले चरण में सभी जिलों को 35.50 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं, अब सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के लिए 35.50 करोड़ रुपये की और राशि मंजूर कर दी गई है।
जिलावार विवरण साझा करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) श्री अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन जिलों को यह फंड आवंटित किए गए हैं उनमें अमृतसर को 5 करोड़ रुपये, बठिंडा को 2 करोड़ रुपये, बरनाला को 1 करोड़ रुपये, फरीदकोट को 1 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर को 5 करोड़ रुपये, फाजिल्का को 5 करोड़ रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 1 करोड़ रुपये, गुरदासपुर को 6.5 करोड़ रुपये, होशियारपुर को 3 करोड़ रुपये, जालंधर को 5 करोड़ रुपये, कपूरथला को 5 करोड़ रुपये, लुधियाना को 5 करोड़ रुपये, मोगा को 1.5 करोड़ रुपये, मानसा को 1 करोड़ रुपये, मालेरकोटला को 1 करोड़ रुपये, पटियाला को 5 करोड़ रुपये, पठानकोट को 4 करोड़ रुपये, रूपनगर को 2.5 करोड़ रुपये, श्री मुक्तसर साहिब को 2 करोड़ रुपये, एस.ए.एस. नगर को 2 करोड़ रुपये, एस.बी.एस. नगर को 1 करोड़ रुपये, संगरूर को 1.5 करोड़ रुपये और जिला तरन तारन को 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
स. हरदीप सिंह मुंडियां ने दोहराया कि राज्य सरकार जन-धन की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मान सरकार तुरंत राहत के साथ-साथ पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है और विशेष ध्यान उन किसानों पर दिया जा रहा है जिन्हें फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भारत के प्रधानमंत्री को पंजाब में आई भयावह बाढ़ों के मद्देनजऱ विशेष राहत पैकेज जारी करने के लिए लिखा पत्र
चंडीगढ़, 3 सितंबर: पंजाब विधानसभा के स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को एक अर्ध-सरकारी पत्र लिखकर हाल ही में पंजाब राज्य में आई भयंकर बाढ़ों की ओर उनका त्वरित ध्यान दिलाया जा सके।
पंजाब विधानसभा मुखी होने के नाते,स्पीकर ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करने तथा पंजाब के लिए लंबित 60,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि लंबित फंड जारी करने के संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री पहले भी भारत सरकार को अनुरोध कर चुके हैं।
स्पीकर संधवां ने प्रधानमंत्री से कहा कि इस आपदा के कारण न केवल जान-माल, संपत्ति और पशुधन का भारी नुकसान हुआ है, बल्कि पूरे राज्य में खेत मज़दूरों/औद्योगिक मज़दूरों, दुकानदारों/खुदरा विक्रेताओं और उद्योगों को भी अपार क्षति पहुँची है।
उन्होंने आगे कहा कि यह स्थिति अत्यंत घातक और गंभीर है, जो 1988 की भयंकर बाढ़ों की याद दिलाती है, जब मूसलाधार बारिशों के कारण रावी, ब्यास और सतलुज जैसे नदियों का जलस्तर अब तक के सभी रिकॉर्डों से ऊपर चला गया था।
अधिक जानकारी देते हुए संधवां ने कहा कि हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ों के कारण 29 से अधिक लोगों की मौत हुई है और पूरे पंजाब के 1300 से अधिक गाँव प्रभावित हुए हैं। इस वजह से हज़ारों परिवार विस्थापित हुए और प्रशासन तथा बचाव दलों ने 14,000 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इसके अतिरिक्त, बाढ़ ने लगभग 3 लाख एकड़ में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और खेत आगामी मौसम के लिए उपयोग योग्य नहीं रह गए हैं। साथ ही, अनगिनत पशुओं की मृत्यु हो गई है, जिससे किसान गहरे संकट में हैं और उनकी आर्थिक कठिनाई चरम पर है। हालिया बाढ़ों ने पंजाब के उद्योगों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके कारण उत्पादन इकाइयाँ और सप्लाई चेन बाधित हुई हैं और वस्त्र, कृषि प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स आदि जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी नुकसान हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, संधवां ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वे तुरंत कुछ कदम उठाएँ, जिनमें कृषि, पशुधन, दुकानदारों और उद्योगों को हुए नुकसान की भरपाई तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण शामिल है।
उन्होंने ग्रामीण विकास फंड की लंबित राशि और ग्रामीण पुनर्वास एवं विकास को सक्षम बनाने वाले सभी अन्य केंद्रीय फंड पंजाब को जारी करने पर जोर दिया। इसके अलावा, बैंकों/वित्तीय संस्थाओं को किसानों और छोटे व्यापारियों को तुरंत राहत प्रदान करनी चाहिए, जैसे कि कर्ज की अदायगी पर रोक, ऋणों का पुनर्निर्धारण और उनकी आर्थिक स्थिरता व नए आरंभ को सुनिश्चित करने हेतु ब्याज में छूट देना शामिल है।
स्पीकर संधवां ने प्रधानमंत्री से यह भी आग्रह किया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में पंजाब के प्रबंधन कोटे को बढ़ाया जाए और महत्वपूर्ण जल संसाधनों व बाढ़ प्रतिक्रिया के प्रबंधन व तालमेल के लिए पंजाब कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
अपने पत्र में, संधवां ने कहा कि मौजूदा बीमा नीतियाँ किसानों की बजाय बीमा कंपनियों को लाभ पहुँचाती हैं, इसलिए इन्हें बदलकर गाँव स्तर पर फसल बीमा योजना शुरू करने की तत्काल आवश्यकता है। यहाँ तक कि जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके लिए भी व्यापक और त्वरित बीमा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पंजाब की बाढ़ों को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने पर जोर दिया ताकि युद्ध स्तर पर राहत और पुनर्वास हेतु व्यापक केंद्रीय संसाधन और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
संधवां ने आगे कहा कि पंजाब इस समय एक बड़ी विपदा का सामना कर रहा है और देश के सर्वोच्च पद की सहानुभूति व हस्तक्षेप पर भरोसा करता है। उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री की माननीय नेतृत्व में राज्य को तुरंत सहायता और स्थायी समाधान प्राप्त होगा। संधवां ने आशा जताई कि इस मामले पर तत्काल ध्यान दिया जाएगा और उच्च स्तर पर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
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बाढ़ के कारण 1.75 लाख हेक्टेयर फसली क्षेत्र बर्बाद हुआ: हरदीप सिंह मुंडियां
राज्य भर में 3.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित, करीब 20,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 167 राहत कैंप सक्रिय
चंडीगढ़, 3 सितम्बर: पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज यहां बताया कि राज्य में आई भयंकर बाढ़ के कारण 1,75,216 हेक्टेयर कृषि भूमि में फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गुरदासपुर, अमृतसर, मानसा, फिरोज़पुर और फाजि़ल्का सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं, जहाँ फसलों का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के 23 जिलों में फसलें, गाँव और वहाँ की आबादी प्रभावित हुई है, जिससे इस आपदा की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
राहत कार्यों का ब्यौरा साझा करते हुए स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि निचले और बुरी तरह प्रभावित इलाकों से 20,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने बताया कि गुरदासपुर में सबसे अधिक 5581 व्यक्ति, फिरोज़पुर में 3495, अमृतसर में 2734, फाजि़ल्का में 2422, होशियारपुर में 1615, कपूरथला में 1428, पठानकोट में 1139, बरनाला में 369, जालंधर में 474, मोगा में 115, मानसा में 16, रूपनगर में 65 और तरनतारन जिले में 21 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए राज्य भर में 167 राहत कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनमें बरनाला में 29 कैंप, पटियाला में 26, एस.बी.एस. नगर में 23, फाजि़ल्का और जालंधर में 11-11, अमृतसर में 16, पठानकोट में 14, गुरदासपुर में 13, फिरोज़पुर में 8, होशियारपुर में 5, रूपनगर में 3, कपूरथला में 4, मोगा में 2 और मानसा व संगरूर में 1-1 कैंप शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन कैंपों में इस समय 5304 लोग रह रहे हैं, जिनमें सबसे अधिक फाजि़ल्का (1468), होशियारपुर (1041), फिरोज़पुर (706), अमृतसर (371), जालंधर (474), बरनाला (369), पठानकोट (417), मानसा (163), मोगा (115), संगरूर (75), कपूरथला (57), रूपनगर (35) और गुरदासपुर (13) के लोग शामिल हैं।
राजस्व मंत्री ने बताया कि 1655 गाँव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 3,55,709 लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गुरदासपुर (324 गाँव), अमृतसर (190), कपूरथला (123), होशियारपुर (121), मानसा (114), फिरोज़पुर (111), पठानकोट (88), फाजि़ल्का (77), संगरूर (107), तरनतारन (70), जालंधर (64), पटियाला (53) और एस.बी.एस. नगर (44) गाँव शामिल हैं। कम प्रभावित जिलों में बठिंडा (13), फरीदकोट (15), रूपनगर (5), लुधियाना (26), बरनाला (37), श्री मुक्तसर साहिब (24), मालेरकोटला (7), एस.ए.एस. नगर (13) और मोगा (29) गाँव शामिल हैं।
स. हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि बाढ़ के कारण कुल 3,55,709 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें अमृतसर (1,17,534), गुरदासपुर (1,45,000), फिरोज़पुर (39,076) और फाजि़ल्का (21,562) के लोग सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं। अन्य जिलों में पठानकोट (15,053), कपूरथला (5728), एस.ए.एस. नगर (7000), होशियारपुर (1966) और जालंधर (991) लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि कम प्रभावित जिलों में बरनाला (476), मोगा (800), रूपनगर (300), मानसा (163) और जिला तरनतारन के (60) लोग शामिल हैं।
फसली क्षेत्र के नुकसान के बारे में बताते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य में 1,75,216 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, जिनमें अकेले गुरदासपुर में 40,169 हेक्टेयर से अधिक फसली क्षेत्र का नुकसान हुआ है। इसके बाद मानसा (24,967), अमृतसर (23,000), फाजि़ल्का (17,786), फिरोज़पुर (17,620), कपूरथला (14,934), तरनतारन (12,828), संगरूर (6560), होशियारपुर (5971), पठानकोट (2442), जालंधर (3000), एस.ए.एस. नगर (2000), पटियाला (600), मोगा (2240), बठिंडा (586), रूपनगर (300), एस.बी.एस. नगर (181) और लुधियाना में (32) हेक्टेयर फसली क्षेत्र बर्बाद हुआ है।
स. मुंडियां ने बताया कि 12 जिलों में 37 लोगों की जान गई है, जबकि पठानकोट के तीन व्यक्ति अब भी लापता हैं। सबसे अधिक मौतें होशियारपुर (7), पठानकोट (6), बरनाला (5), अमृतसर और लुधियाना (4-4), बठिंडा और मानसा (3-3), गुरदासपुर, पटियाला, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर और संगरूर (1-1) में दर्ज की गयी हैं।
उन्होंने कहा कि बचाव कार्यों में कुल 22 एन.डी.आर.एफ. टीमें लगी हुई हैं, जिनमें अमृतसर और गुरदासपुर (4-4), पठानकोट, फिरोज़पुर और फाजि़ल्का (3-3), जालंधर (2), बठिंडा, रूपनगर और कपूरथला (1-1) टीम तैनात हैं। इंजीनियर टीमों के साथ सेना, वायुसेना और नौसेना की टुकडिय़ाँ भी लगाई गई हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि गुरदासपुर (3), पठानकोट, रूपनगर और अमृतसर (2-2) और कपूरथला, फिरोज़पुर व फाजि़ल्का (1-1) टुकडिय़ाँ तैनात हैं।
उन्होंने कहा कि राहत सामग्री पहुँचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगभग 35 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। बी.एस.एफ. की ओर से सीमावर्ती जिला गुरदासपुर में राहत और बचाव कार्य सक्रिय रूप से जारी हैं। राज्य सरकार ने राहत कार्यों को तेज़ करने के लिए 117 नावें और एक सरकारी हेलीकॉप्टर भी काम में लगाया हुआ है।
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हरजोत बैंस द्वारा श्री आनंदपुर साहिब हलके में राहत कार्यों की अगुवाई; संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों से 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला
बैंस द्वारा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से राहत कैंपों में जाने की अपील
शिक्षा मंत्री ने बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने के कार्यों में व्यक्तिगत तौर पर सहयोग दिया
चंडीगढ़, 3 सितंबर: श्री आनंदपुर साहिब हलके में बचाव और राहत कार्यों की अगुवाई करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज बाढ़ से प्रभावित दो दर्जन से अधिक गांवों का दौरा किया और सतलुज दरिया के किनारे बसे गांवों से परिवारों को सुरक्षित निकालने के कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की।
राहत और बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों से 200 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक निकालकर राहत कैंपों में ठहराया गया है।
उन्होंने बताया कि नंगल सब-डिवीजन में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल भलाण, सरकारी मिडिल स्कूल भनाम, सरकारी शिवालिक स्कूल नंगल और सिंहपुर प्लासी कम्युनिटी सेंटर में चार राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 137 व्यक्तियों को ठहराया गया है। बचाव कार्यों संबंधी विभिन्न प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि गांव लोअर बेला ध्यानि से नाव द्वारा 18 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और गांव हरसा बेला व सैसोवाल से 48 व्यक्ति अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से राहत कैंपों में पहुंचे।
राहत कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने नहर के किनारों को मज़बूत करने के कार्य में भी सहयोग दिया। शिक्षा मंत्री ने लोधीपुर गांव के पास बाढ़ सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाते हुए तटबंध/रिवेटमेंट को मज़बूत करने हेतु रेत की बोरियां पहुँचाने के कार्य में सहयोग दिया।
स. हरजोत सिंह बैंस ने सतलुज नदी के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों और राहत कैंपों में जाने की अपील करते हुए उन्हें कैंपों में सभी ज़रूरी सुविधाएं और प्रबंध मुहैया कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इस चुनौतीपूर्ण समय में अपने लोगों के साथ खड़ी है। कैबिनेट मंत्री ने राहत कार्यों में सहयोग और समर्पण के लिए यूथ क्लबों, पंचायतों और वलंटियरों की भी प्रशंसा की और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए उनके द्वारा इसी तरह निरंतर सहयोग देने की अपील की।
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पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपनी एक दिन की तनख्वाह का योगदान
चंडीगढ़, 3 सितम्बर: प्रदेश में आई भयंकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आते हुए, पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन (पीपीएचसी) के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी एक दिन की तनख्वाह, जो कि 2.27 लाख रुपये बनती है, का योगदान दिया है।
इंजीनियरिंग और क्लेरिकल स्टाफ (चौथे दर्जे के कर्मचारियों को छोडक़र) सहित कॉरपोरेशन के कुल 146 सदस्यों ने अपनी एक दिन की तनख्वाह का योगदान दिया है।
हाल ही में मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और बाढ़ ने पूरे प्रदेश में मुश्किलें खड़ी कर दीं, जिसके कारण राज्य को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कॉरपोरेशन के अनुसार यह योगदान राज्य में हुए नुकसान की तुलना में बहुत कम है, लेकिन यह योगदान ईमानदारी और मुसीबत में फंसे नागरिकों के साथ सहयोग की भावना से दिया गया है।
कॉरपोरेशन का मानना है कि यह योगदान सिर्फ वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों के साथ एकजुटता का प्रतीक है और मुसीबत के समय कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना सबसे बड़ी ताक़त है।
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‘युद्ध नशों के विरुद्ध’: 186वें दिन, पंजाब पुलिस ने 376 स्थानों पर की छापेमारी; 83 नशा तस्कर गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान 56 एफआईआर दर्ज, 631 ग्राम हेरोइन बरामद
‘नशा छुड़ाने’ के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने 53 व्यक्तियों को नशामुक्ति उपचार के लिए किया राजी
चंडीगढ़, 3 सितंबर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा राज्य से नशों के पूरी तरह खात्मे के लिए चलाई जा रही मुहिम "युद्ध नशों के विरुद्ध" के 186वें दिन, पंजाब पुलिस ने बुधवार को 376 स्थानों पर छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप राज्यभर में 56 एफआईआर दर्ज की गईं और 83 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह 186 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या अब 28,142 हो गई है।
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किये गये तस्करों के कब्जे से 631 ग्राम हेरोइन, 6082 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 1000 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ की गई।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस आयुक्तों, उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार ने नशों के विरुद्ध जंग की निगरानी हेतु वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 5 सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का भी गठन किया है।
विवरण साझा करते हुए, विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि 76 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 1200 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 150 से ज्यादा पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में छापेमारी की। उन्होंने आगे कहा कि दिनभर चले इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने 423 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी की।
विशेष डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नशों के खात्मे के लिए लागू की गई तीन-स्तरीय रणनीति - एन्फोर्समेंट, डी-एडिक्शन और प्रिवेंशन (इडीपी) - के अंतर्गत, पंजाब पुलिस ने आज 53 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार कराने के लिए राजी किया है।
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बंधों की मज़बूती के लिए त्वरित कदम: कैबिनेट मंत्री भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ ब्यास नदी के कमज़ोर हिस्सों की मज़बूती करने के कार्य में सहयोग दिया
लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए पंजाब का समूचा अमला हरकत में
लोगों से सतर्क रहने की अपील
चंडीगढ़/तरन तारन, 3 सितंबर: पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ ने आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ आज जिला तरन तारन के गांव मरड़ और किडिय़ां का दौरा कर ब्यास नदी के संवेदनशील हिस्सों का जायज़ा लिया।
इस दौरान नेताओं ने बंधों की स्थिति का निरीक्षण किया और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर नदी का जलस्तर बढऩे से सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी ली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्रियों और श्री सिसोदिया ने स्थानीय समुदाय व जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग से बोरी और क्रेटों की मदद से नदी के कमज़ोर हिस्सों को मज़बूत करने के कार्य में भागीदारी की।
इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जा रहे हैं तथा दीर्घकालिक समाधान के लिए योजनाएँ भी तैयार की जा रही हैं।
कैबिनेट मंत्रियों ने गांववासियों और अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा समय रहते बंधों को मज़बूत करने में दिए गए सहयोग की सराहना की और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए स्थिति पर पूरी नजऱ रखे हुए है।
कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि इस संकट की घड़ी में पंजाब सरकार का पूरा अमला पहले दिन से सक्रिय है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और आप की पूरी नेतृत्व टीम इस कठिन समय में पंजाबवासियों के साथ मज़बूती से खड़ी है।
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राज्य भर में भारी वर्षा के मद्देनजऱ सरकार द्वारा बचाव कार्यों में तेज़ी
नदियों, नालों और दरियाओं के किनारों को मज़बूत करने पर ज़ोर, प्रशासन को 24&7 सतर्क रहने के निर्देश
हरजोत सिंह बैंस ने सतलुज किनारे गांवों में राहत कार्यों की कमान संभाली
लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
हरदीप सिंह मुंडियां 4 ट्रक राहत सामग्री लेकर सुलतानपुर लोधी पहुँचे
डॉ. रवजोत सिंह ने विभिन्न गांवों में घर-घर जाकर लोगों की मुश्किलें सुनीं
मोहिंदर भगत ने चिट्टी वेईं में बढ़े जल प्रवाह को देखते हुए प्रशासन को लगातार चौकस रहने को कहा
मीत हेयर और कुलदीप सिंह धालीवाल ने अजनाला में राहत सामग्री वितरित की
मालविंदर कंग ने जि़ला प्रशासन के साथ मिलकर खुड्डा लाहौरा-नाडा सडक़ के नुकसान का जायज़ा लिया
सरकार ने संभावित बाढग़्रस्त इलाकों से लोगों को निकालने पर ज़ोर दिया
चंडीगढ़, 3 सितंबर: पंजाब सहित पहाड़ी इलाकों में पिछले दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण राज्य में बने बाढ़ जैसे हालातों के मद्देनजऱ राज्य सरकार द्वारा बचाव कार्यों में और अधिक तेज़ी लाई गयी है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने दरियाओं के किनारों और बांधों को मज़बूत करने तथा संभावित बाढग़्रस्त इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
रूपनगर जि़ले के विधान सभा क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब में बहने वाली नहरों, नालों और दरियाओं के किनारों की लगातार निगरानी कैबिनेट मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस की अगुवाई में जि़ला प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त सतलुज नदी के साथ लगते इलाकों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिये मुनादी भी करवायी गयी और कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लोगों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में ठहरें।
इस दौरान नंगल क्षेत्र के गांव हरसा बेला, बेला रामगढ़, बेला ध्यानि अपर, बेला ध्यानि लोअर, सैंसोवाल, एल्गरा, बेला शिव सिंह, भलाण, भनाम, सिंहपुरा, पलासी, तरफ़ मजारा, मजारी, इसके अलावा श्री आनंदपुर साहिब के बुरज, चंदपुर बेला, गजपुर बेला, शाहपुर बेला, निक्कूवाल, अमरपुर बेला, लोधीपुर के निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है, जबकि रूपनगर और श्री चमकौर साहिब के सभी वे गांव जो सतलुज दरिया के किनारे बसे हैं, उन्हें सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने भारी वर्षा के चलते अपने विधानसभा क्षेत्र शामचौरासी के विभिन्न गांवों के लोगों की परेशानियों और ज़रूरतों का हल निकालने के लिए घर-घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने गांव शिवालिक नगर ढोलवाहा, खलवाणा, दियोवाल और बादोवाल गांव के निवासियों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसुविधा और सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जि़म्मेदारी है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बारिश या प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसी भी नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैबिनेट मंत्री पंजाब स. लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ ने आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के इंचार्ज मनीष सिसोदिया के साथ आज जि़ला तरन तारन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव मरड़ और किडिय़ां में दरिया के कारण ज़मीन और फसलों को हुए नुकसान का भी जायज़ा लिया और प्रभावित लोगों व किसानों की परेशानियां सुनीं।
इस दौरान राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां 4 ट्रक राहत सामग्री लेकर सुलतानपुर लोधी पहुँचे जिसमें पशओं के लिए फीड और अन्य राहत सामग्री शामिल है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गाँवों मंड इन्दरपुर और यूसफपुर दारेवाल में लोगों को फीड बाँटी।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने आज जालंधर जि़ले के कुक्कड़ गांव में चिट्टी वेईं में बढ़े जल प्रवाह को देखते हुए राहत सामग्री वितरित करने के साथ-साथ राहत कार्यों का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रशासन को लगातार चौकस रहने के लिए कहा। जालंधर जि़ले के गांव सांगोवाल में सतलुज नदी के किनारों को मज़बूत करने के लिए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने सेना की मदद ली। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने बचाव कार्यों का जायज़ा भी लिया।
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा लगातार अजनाला में पीडि़त परिवारों के पास पहुँचकर उन्हें राहत सामग्री बाँटी गयी।
साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर के नयागांव में पटियाला की राओ नदी के साथ खुड्डा लाहौरा-नाडा सडक़ के नुकसान की रिपोर्ट मिलते ही जि़ला प्रशासन, डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल की अगुवाई में और सांसद मालविंदर सिंह कंग ने नुकसान वाले हिस्से की मरम्मत व दरार भरने के कार्य की निगरानी की। जि़ला प्रशासन ने घग्गर और सुखना चोअ के किनारे बसे गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
इसी तरह शहीद भगत सिंह नगर के डिप्टी कमिश्नर अंकुरजीत सिंह ने आज धेंगरपुर में सतलुज बांध की मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेते हुए बताया कि मौजूदा समय में पानी का स्तर 65,000 क्यूसेक है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने बताया कि देर रात धेंगरपुर में बांध को थोड़ा नुकसान पहुंचा था जिसे ग्रामीणों के सहयोग से समय रहते रोक लिया गया और बांध की मज़बूती का कार्य लगातार जारी है।
बरनाला जि़ले में डिप्टी कमिश्नर टी. बैनिथ ने जि़लेवासियों से अपील की कि वे असुरक्षित इमारतों को छोडक़र सरकार द्वारा स्थापित राहत शिविरों में चले जाएं।
पटियाला जि़ले में घग्गर नदी की स्थिति गंभीर होने की संभावना को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर प्रीति यादव ने सेना को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कुछ गांवों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की भी अपील की गई है। कैबिनेट मंत्री श्री लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ ने आज जि़ला तरन तारन के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव मरड़ और किडिय़ां में दरिया के कटाव के कारण ज़मीन और फसलों को हुए नुकसान का भी जायज़ा लिया और प्रभावित लोगों व किसानों की परेशानियां सुनीं। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भी राहत कार्यों का जायज़ा लिया।
फ़ाजि़ल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने जि़लावासियों से अपील की कि हुसैनीवाला हेडवक्र्स से सतलुज नदी में 3 लाख 11 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसलिए फ़ाजि़ल्का के सीमा क्षेत्र के सतलुज क्रीक पार के गांवों के लोग सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि जि़ला प्रशासन की टीमें हर समय आपकी मदद के लिए तैयार हैं।
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पंजाब अन-एडिड कॉलेज एसोसिएशन ने पंजाब बाढ़ राहत कार्यों के लिए 11 लाख रुपये दिए
एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री बाढ़ राहत फंड में योगदान देने हेतु शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को चेक सौंपा
चंडीगढ़, 3 सितंबर: बाढ़ के कारण बने कठिन हालातों में एकजुटता की मिसाल पेश करते हुए पंजाब अन-एडिड कॉलेज एसोसिएशन (पुक्का) ने राहत कार्यों में अपना योगदान देने के लिए नंगल में पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस को 11 लाख रुपये का चेक सौंपा।
आर्यन्स ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ के चेयरमैन और पुक्का के प्रधान डॉ. अंशु कटारिया की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल नंगल में शिक्षा मंत्री से मिला, जहाँ स. हरजोत सिंह बैंस प्रभावित लोगों की सहायता के लिए बचाव और राहत कार्यों की अगुवाई कर रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में पंजाब के सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल श्री सुमनदीप सिंह वालिया, लैमरिन टेक यूनिवर्सिटी के चांसलर निर्मल सिंह रियात, स्वाइट ग्रुप से श्री अशोक गर्ग, राम देवी जिंदल कॉलेज से राजीव जिंदल और क्वेस्ट ग्रुप से हरिंदर कांडा शामिल थे।
स. हरजोत सिंह बैंस ने पुक्का और इसकी सदस्य संस्थाओं के इस योगदान की सराहना की और इस कठिन समय में दी गई इस मदद के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस समय पुक्का का योगदान बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में राज्य सरकार को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करने में मदद करेगा।
डॉ. अंशु कटारिया ने शिक्षा मंत्री को भरोसा दिलाया कि पुक्का और इसके सदस्य कॉलेज प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार के साथ एकजुट हैं। यह संकेत पुक्का और इसकी सदस्य संस्थाओं की राज्य के राहत कार्यों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्विफ्ट ग्रुप, लैमरिन टेक यूनिवर्सिटी, सीजीसी यूनिवर्सिटी, जी.एन.ए. यूनिवर्सिटी, अमृतसर ग्रुप, क्वेस्ट ग्रुप, ग्लोबल ग्रुप, राम देवी जिंदल ग्रुप, इंडो ग्लोबल, अकाल ग्रुप, एलसीईटी ग्रुप, गुलज़ार ग्रुप, बीआईएस ग्रुप, स्वाइट ग्रुप, आर्यन ग्रुप, बाबा श्री चंद कॉलेज, बाबा कुंदन कॉलेज और एसबीएस ग्रुप ने पंजाब मुख्यमंत्री बाढ़ राहत फंड में योगदान दिया है।
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आर.टी.आई. आयोग द्वारा भगोड़े को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने संबंधी मामले की जांच करने के लिए एस.आई.टी. गठित करने के आदेश
चंडीगढ़, 3 सितम्बर: पंजाब राज्य सूचना आयोग द्वारा एक मामले की सुनवाई करते हुए भगोड़े व्यक्ति को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने संबंधी मामले की जांच करने के लिए एस.आई.टी. गठित करने के आदेश दिए गये हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य सूचना आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि गीतिका़ पुत्री श्री अनिल कुमार, निवासी गुरुद्वारा मार्ग, मक्खू तहसील ज़ीरा, जि़ला फिरोज़पुर द्वारा लोक सूचना अधिकारी कार्यालय ए.डी.सी.पी.-3 पुलिस आयुक्त लुधियाना और प्रथम अपीलीय प्राधिकरण कार्यालय पुलिस आयुक्त लुधियाना के विरुद्ध दायर अपील केस नं. 3820/2023 की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि साहिल मल्होत्रा पुत्र राकेश मल्होत्रा और ममता रानी, निवासी प्लॉट नं. 90, गली नं. 5, न्यू शिवपुरी रोड, प्रीत नगर, लुधियाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 498-ए और 406 के अंतर्गत वूमेन सेल फिरोज़पुर में एफ.आई.आर. नं. 22 दिनांक 03/12/2018 को दर्ज हुई थी। इसके बावजूद उक्त व्यक्ति को पंजाब पुलिस द्वारा पासपोर्ट संबंधी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की सुनवाई के उपरांत पंजाब राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह धंना ने आदेश जारी करते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे इस पूरे मामले में एस.आई.टी. बनाकर जांच करवाएं और इसकी रिपोर्ट छह महीने के भीतर आयोग को प्रस्तुत करें। साथ ही, इस पूरे मामले में पंजाब राज्य सूचना आयोग को गलत जानकारी उपलब्ध करवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।
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पंजाब के सभी शैक्षणिक संस्थान 7 सितंबर तक रहेंगे बंद: हरजोत बैंस
चंडीगढ़, 3 सितंबर: पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों को 7 सितंबर, 2025 तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। स. बैंस ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ के प्रभाव को कम करने और अपने नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी नागरिकों से स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं हिदायतों का पालन करने की अपील की और लोगों से सहयोग करने तथा अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने की भी अपील की।
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पंजाब के सभी हुनर विकास केंद्र, सी-पाइट कैंप और आम्र्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट 7 सितंबर तक रहेंगे बंद: अमन अरोड़ा
चंडीगढ़, 3 सितंबर: पंजाब के रोजग़ार उत्पत्ति, हुनर विकास और प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि भारी बारिश और बाढ़ की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मोहाली स्थित आम्र्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, पूरे पंजाब के सभी हुनर विकास केंद्र और सी-पाइट कैंप दिनांक 7 सितंबर, 2025 तक बंद रहेंगे।
मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने यह निर्णय विद्यार्थियों, स्टाफ और साझेदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती तौर पर लिया है। इन संस्थानों में छुट्टियां होने से अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
श्री अमन अरोड़ा ने विद्यार्थियों और साझेदारों से स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और राज्य सरकार अपने नागरिकों तथा उनके जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर निकट से नजऱ रख रही है।
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