Monday, February 02, 2026
BREAKING
Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी की सब-कैटेगरी में आरक्षण को दी मंज़ूरी

संपादकीय

One chip will change your entire journey – e-passport implemented!: एक चिप बदलेगी आपकी पूरी यात्रा—ई-पासपोर्ट हुआ लागू !

November 18, 2025 08:38 PM

भुपेंद्र शर्मा, मुख्य संपादक , सिटी दर्पण, चंडीगढ़   

भारत तेजी से डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बढ़ रहा है, और इस परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नागरिकों का पहचान तंत्र और अंतरराष्ट्रीय यात्रा व्यवस्था है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अब सरकार ई-पासपोर्ट की ओर कदम बढ़ा रही है, जो न केवल सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी छलांग है, बल्कि भारतीय यात्रियों के लिए सुविधा और भरोसे का नया युग भी लेकर आएगा। ई-पासपोर्ट एक ऐसा आधुनिक दस्तावेज़ है जो अपने छोटे से आकार में अपार तकनीकी क्षमता छिपाए हुए है, इसलिए इसे सही मायने में “गागर में सागर” कहा जा सकता है। ई-पासपोर्ट दिखने में पारंपरिक पासपोर्ट जैसा ही होता है, लेकिन इसके भीतर लगी माइक्रोचिप इसे अत्याधुनिक और सुरक्षित बनाती है। इस चिप में पासपोर्ट धारक की बायोमेट्रिक जानकारी—जैसे फिंगरप्रिंट, चेहरे की पहचान और अन्य डिजिटल विवरण—एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित रहती है। यह पूरी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के मानकों के अनुरूप होती है, जिससे यह विश्व के लगभग सभी आधुनिक हवाई अड्डों पर आसानी से स्कैन की जा सकती है। पारंपरिक पासपोर्ट की तुलना में यह तकनीक पहचान की विश्वसनीयता को कई गुना बढ़ाती है और फर्जी दस्तावेज़ों की समस्या को लगभग समाप्त कर देती है।आज के दौर में सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है। नकली पासपोर्ट, अवैध आव्रजन, पहचान चोरी और मानव तस्करी जैसे अपराध सोच से भी अधिक बढ़ चुके हैं। कागजी पासपोर्ट में बदलाव करना या उसकी नकल तैयार करना अपेक्षाकृत आसान होता है, जिसके कारण कई बार सुरक्षा एजेंसियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन ई-पासपोर्ट की चिप आधारित संरचना इस खतरे को काफी हद तक खत्म कर देती है, क्योंकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या डेटा परिवर्तन तकनीकी रूप से लगभग असंभव है। चिप में लगे डिजिटल सिग्नेचर और एन्क्रिप्शन फीचर्स किसी भी प्रकार के अवैध बदलाव को तुरंत पकड़ लेते हैं। यह व्यवस्था भारत की सुरक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करती है।इसके साथ-साथ ई-पासपोर्ट यात्रियों के लिए सुविधा भी लेकर आता है। आज हवाई अड्डों पर सबसे अधिक समय दस्तावेज़ जांच और इमिग्रेशन प्रक्रिया में ही खर्च हो जाता है। लंबी कतारें, मैनुअल चेकिंग और धीमी प्रक्रिया यात्रियों को थका देती है। ई-पासपोर्ट इस समस्या का समाधान बनकर उभरता है। इसमें मौजूद चिप को मशीनें कुछ सेकंड में स्कैन कर लेती हैं, और बायोमेट्रिक मिलान के बाद यात्री स्वतः इमिग्रेशन पार कर सकता है। इस तरह ई-गेट्स का उपयोग बढ़ेगा और हवाई अड्डों पर भीड़ कम होगी। भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ हर साल लाखों लोग विदेश यात्रा करते हैं, यह सुविधा न केवल समय की बचत करेगी बल्कि हवाई अड्डों की कार्यक्षमता भी बढ़ाएगी।ई-पासपोर्ट टेक्नोलॉजी उन्नत होने के बावजूद उपयोग में बेहद सरल है। नागरिक को इसे किसी विशेष तरीके से इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं होती। यह सामान्य पासपोर्ट जैसा ही लगता है और आसानी से जेब या बैग में रखा जा सकता है। लेकिन इसके अंदर मौजूद चिप इसे एक डिजिटल आईडेंटिटी का रूप देती है, जो इसे साधारण और विशेष—दोनों बनाती है। यही कारण है कि इसे “गागर में सागर” कहना बिल्कुल उचित है। छोटा-सा दस्तावेज़ अपने अंदर इतनी ताकत समेटे है कि यात्रा के पूरे अनुभव को बदल सकता है।इसके अलावा, भारत के लिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। दुनिया के कई विकसित देश पहले से ई-पासपोर्ट का उपयोग कर रहे हैं और उन्होंने अपने इमिग्रेशन को डिजिटल रूप में उन्नत किया है। भारत भी अब इस श्रेणी में शामिल होकर वैश्विक यात्रियों की कतार में आधुनिकता और कुशलता का संदेश दे रहा है। इससे भारतीय पासपोर्ट की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और भारतीय यात्रियों को अधिक देशों में प्राथमिकता सुविधा प्राप्त होने की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी। लंबी अवधि में यह कदम भारत की सॉफ्ट पावर को भी मजबूती प्रदान करेगा।हालाँकि, किसी भी तकनीकी बदलाव की तरह ई-पासपोर्ट शुरू करने में कुछ चुनौतियाँ भी रहेंगी। सबसे महत्वपूर्ण चुनौती डेटा सुरक्षा की है। सरकार को नागरिकों के बायोमेट्रिक डेटा की सुरक्षा के लिए कड़े कानून और मजबूत साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि किसी भी परिस्थिति में नागरिकों की जानकारी का दुरुपयोग न हो। साथ ही ई-पासपोर्ट के उत्पादन के लिए उच्च तकनीक वाली मशीनें, प्रशिक्षित कर्मी और सुरक्षित प्रिंटिंग सुविधाओं की भी आवश्यकता पड़ेगी। नागरिकों को भी इस तकनीक के बारे में जागरूक करना जरूरी है ताकि वे इसे सही प्रकार से संजोकर रखें और किसी समस्या आने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचित कर सकें।इन चुनौतियों के बावजूद ई-पासपोर्ट भारत के भविष्य की यात्रा का स्पष्ट संकेत है। यह न केवल सुरक्षा को नई ऊँचाई देगा बल्कि नागरिकों को तेज, सरल और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में ऐसे कदम भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और प्रशासनिक रूप से अधिक पारदर्शी देश बनाने में सहायक होते हैं।अंततः कहा जा सकता है कि ई-पासपोर्ट कोई साधारण दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल उड़ान का प्रतीक है। यह छोटा सा पासपोर्ट सुरक्षा, गति, वैश्विक मानक और तकनीकी क्षमता को एक साथ समेटे हुए है। आने वाले वर्षों में यह न केवल यात्रियों का जीवन आसान बनाएगा बल्कि देश को डिजिटल विश्व की कतार में और ऊँचे स्थान पर स्थापित करेगा। यही कारण है कि ई-पासपोर्ट वास्तव में “अधिक सुरक्षित और गागर में सागर” साबित होने वाला है—छोटा, सरल, लेकिन अत्यंत शक्तिशाली।

 

Have something to say? Post your comment

और संपादकीय समाचार

Youthful enthusiasm vs. political inertia: A clash between the new generation of the BJP and the aging Congress leadership: युवा जोश बनाम सियासी जड़ता: भाजपा की नई पीढ़ी और कांग्रेस के बुजुर्ग नेतृत्व की टक्कर

Youthful enthusiasm vs. political inertia: A clash between the new generation of the BJP and the aging Congress leadership: युवा जोश बनाम सियासी जड़ता: भाजपा की नई पीढ़ी और कांग्रेस के बुजुर्ग नेतृत्व की टक्कर

The world is watching Delhi's toxic air: Foreign advisories and the Beijing model have raised concerns.: दिल्ली की जहरीली हवा पर दुनिया की नजर: विदेशी एडवाइजरी और बीजिंग मॉडल ने बढ़ाई चिंता

The world is watching Delhi's toxic air: Foreign advisories and the Beijing model have raised concerns.: दिल्ली की जहरीली हवा पर दुनिया की नजर: विदेशी एडवाइजरी और बीजिंग मॉडल ने बढ़ाई चिंता

UNESCO grants global recognition to Diwali! The Prime Minister says,

UNESCO grants global recognition to Diwali! The Prime Minister says, "It is not just a festival, it is the soul of our civilization."ਛ यूनेस्को ने दीपावली को दी वैश्विक मान्यता! प्रधानमंत्री बोले— “यह सिर्फ त्योहार नहीं, हमारी सभ्यता की आत्मा है”

Will India become a $1.2 trillion bio-economy superpower by 2047? Experts suggest: भारत 2047 तक बनेगा 1.2 ट्रिलियन डॉलर की बायो-इकोनॉमी का महाशक्ति? विशेषज्ञों ने संकेत दिए

Will India become a $1.2 trillion bio-economy superpower by 2047? Experts suggest: भारत 2047 तक बनेगा 1.2 ट्रिलियन डॉलर की बायो-इकोनॉमी का महाशक्ति? विशेषज्ञों ने संकेत दिए

The Indigo crisis has exposed the weaknesses of government aviation policies, and the government will have to take concrete steps for the future.: इंडिगो संकट ने उजागर की सरकारी एविएशन नीतियों की कमजोरियां, भविष्य के लिए सरकार को उठाने होंगे ठोस कदम

The Indigo crisis has exposed the weaknesses of government aviation policies, and the government will have to take concrete steps for the future.: इंडिगो संकट ने उजागर की सरकारी एविएशन नीतियों की कमजोरियां, भविष्य के लिए सरकार को उठाने होंगे ठोस कदम

The Quran doesn't mandate female circumcision, so why does the Supreme Court's

The Quran doesn't mandate female circumcision, so why does the Supreme Court's "tough questioning" shake the system?: कुरान में नहीं आदेश, फिर क्यों जारी है महिला खतना? सुप्रीम कोर्ट की ‘कड़ी पूछताछ’ से हिला सिस्टम

Modi's message resonated across the world: 'New India bows to no one': पूरे विश्व में गूंजा मोदी का संदेश: ‘नया भारत किसी के सामने झुकता नहीं’

Modi's message resonated across the world: 'New India bows to no one': पूरे विश्व में गूंजा मोदी का संदेश: ‘नया भारत किसी के सामने झुकता नहीं’

Delhi's air poses a growing threat – doctors say the situation is such that it's best to leave the city!: दिल्ली की हवा से बढ़ा खतरा—डॉक्टर्स बोले, हालात ऐसे हैं कि शहर छोड़ना ही बेहतर !

Delhi's air poses a growing threat – doctors say the situation is such that it's best to leave the city!: दिल्ली की हवा से बढ़ा खतरा—डॉक्टर्स बोले, हालात ऐसे हैं कि शहर छोड़ना ही बेहतर !

The rupee is faltering under pressure from the dollar, but a strong comeback is certain if the right policy measures are taken.: डॉलर के दबाव में डगमगाता रुपया, लेकिन सही नीतिगत कदम उठते ही मजबूत वापिसी भी तय !

The rupee is faltering under pressure from the dollar, but a strong comeback is certain if the right policy measures are taken.: डॉलर के दबाव में डगमगाता रुपया, लेकिन सही नीतिगत कदम उठते ही मजबूत वापिसी भी तय !

Delhi has become the toxic air capital of the country, Chandigarh and Haryana are also in danger – PM Modi expressed serious concern!: दिल्ली बनी देश की जहरीली हवा की राजधानी, चंडीगढ़-हरियाणा भी खतरे में—पी एम मोदी ने जताई कड़ी चिंता !

Delhi has become the toxic air capital of the country, Chandigarh and Haryana are also in danger – PM Modi expressed serious concern!: दिल्ली बनी देश की जहरीली हवा की राजधानी, चंडीगढ़-हरियाणा भी खतरे में—पी एम मोदी ने जताई कड़ी चिंता !

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss