श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात दित्वाह अब भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव को देखते हुए दक्षिण भारत के कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों की आशंका के बीच हवाई सेवाओं और रेल यातायात पर भी गंभीर असर दिखने लगा है। कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि ट्रेनों के मार्ग बदलने और देरी से चलने की जानकारी सामने आ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात की गति रविवार रात से तेज हुई है और यह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से से आज भारत के तटीय इलाकों तक पहुंच जाएगा। सबसे ज्यादा प्रभाव तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुदुचेरी और तटीय कर्नाटक में देखने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 80–100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने और अतिवृष्टि की आशंका जताई गई है।
श्रीलंका में दित्वाह ने कई जिलों में बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति पैदा कर दी थी। अब भारत में भी तटीय क्षेत्रों में प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है। एनडीआरएफ की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है, जबकि मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है और तटवर्ती गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया जारी है।
हवाई अड्डों पर यात्रियों की परेशानी बढ़ी है क्योंकि तेज हवाओं और दृश्यता कम होने की वजह से उड़ान संचालन बाधित है। चेन्नई और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पर कई विमानों को डायवर्ट करना पड़ा है। वहीं, भारतीय रेलवे ने सुरक्षित संचालन के लिए कुछ ट्रेनों के मार्गों में बदलाव किया है और कई को रोककर चलाने का निर्णय लिया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि चक्रवात जमीन से टकराने के बाद कमजोर जरूर होगा, लेकिन शुरुआती 24 घंटों में भारी नुकसान पहुंचा सकता है। तेज बारिश से शहरी बाढ़, पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है, क्योंकि आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं।