भारत में तूफान दितवा का असर तेज़ी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान फिलहाल दक्षिण-पूर्वी तटों पर तेज़ हवाओं और भारी बारिश के साथ सक्रिय है। आशंका जताई जा रही है कि इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी में हवा का पैटर्न बदल सकता है, जिससे अगले कुछ दिनों में तटीय राज्यों के मौसम में बड़ा बदलाव दिखेगा। दिसंबर के पहले दिन ही कई इलाकों में आंधी, बारिश और समुद्र में ऊँची लहरों के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दितवा के कारण समुद्री दबाव में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इसका सीधा असर बंगाल की खाड़ी पर पड़ेगा, जहाँ हवा की दिशा और गति में बड़ा परिवर्तन संभव है। इसके चलते ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और तटीय जिलों में प्रशासन को सतर्क मोड पर रखा गया है।
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी जारी की है कि तूफान के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में तापमान तेजी से गिर सकता है और भारी बर्फबारी की संभावना बन रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दिसंबर के शुरुआती हफ्ते में ताज़ा बर्फबारी देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में बर्फबारी के कारण सड़कें प्रभावित हो सकती हैं और पर्यटकों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।
तूफान दितवा से जुड़े हवा के पैटर्न में बदलाव के कारण उत्तर भारत के मैदानी राज्यों—दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश—में भी ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है। इससे शीतलहर की स्थिति बन सकती है और न्यूनतम तापमान में गिरावट की उम्मीद है।
प्रशासन ने तटीय इलाकों में राहत-बचाव दलों को तैनात कर दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। बिजली कटौती, जलभराव और पेड़ों के गिरने जैसी आशंकाओं को देखते हुए आवश्यक सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
दिसंबर की शुरुआत में इतना तीव्र चक्रवात भारत के मौसम में अचानक बदलाव का संकेत दे रहा है। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन की तेज़ होती रफ्तार से भी जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण बताए गए हैं, जब तूफान के आगे बढ़ने के बाद इसके वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होंगे।