‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’: 326वें दिन पंजाब पुलिस ने 152 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार
- ‘नशा मुक्ति’ के हिस्से के रूप में पंजाब पुलिस ने 27 व्यक्तियों को नशा मुक्ति इलाज करवाने के लिए राजी किया
चंडीगढ़, 21 जनवरी-प्रदेश से नशा के खात्मे के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा चलाई जा रही नशा के विरुद्ध जंग "युद्ध नशेयां विरुद्ध" के लगातार 326वें दिन पंजाब पुलिस ने बुधवार को 309 जगहों पर छापेमारी की जिससे प्रदेश भर में 152 नशा तस्करों को गिरफ्तार करके 78 एफआईआर दर्ज की गईं। इसके साथ, 326 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 45,748 हो गई है।
छापेमारी के नतीजे के रूप में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 377 ग्राम हेरोइन, 1529 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 5200 रुपये की ड्रग मनी बरामद हुई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर पुलिस सुपरिंटेंडेंट को पंजाब को नशा मुक्त प्रदेश बनाने के लिए कहा है। पंजाब सरकार ने नशा के विरुद्ध जंग की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का गठन भी किया है।
64 गजेटेड अधिकारियों की निगरानी के तहत 800 से अधिक पुलिस कर्मचारियों की नफरी वाली 100 से अधिक पुलिस टीमों ने राज्य भर में 309 जगहों पर छापेमारी की। पुलिस टीमों ने दिन भर चले इस ऑपरेशन के दौरान 319 संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच की।
राज्य सरकार ने राज्य से नशा के खात्मे के लिए तीन-पक्षीय रणनीति - इन्फोर्समेंट, डी-एडिक्शन एंड प्रिवेंशन - लागू की है, पंजाब पुलिस ने ‘नशा मुक्ति’ के हिस्से के रूप में आज 27 व्यक्तियों को नशा मुक्ति और पुनर्वास का इलाज करवाने के लिए राजी किया है।
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भगवंत मान सरकार की ‘गैंगस्टरों पर वार’ के तहत ‘ऑपरेशन प्रहार’ ने गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसा;दूसरे दिन विदेशी गैंगस्टरों के 1,100 से अधित साथी और सहयोगी गिरफ्तार
60 विदेशी गैंगस्टरों के साथियों के ठिकानों पर छापेमारी जारी रखते हुए पुलिस टीमों ने 48 घंटों में 2,500 आरोपियों को किया गिरफ्तार
लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गोपनीय रूप से दे सकते हैं जानकारी
चंडीगढ़, 21 जनवरी:मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा राज्य को गैंगस्टर मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरों पर वार’ के तहत पंजाब पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के अंतर्गत लगातार दूसरे दिन भी व्यापक कार्रवाई की। इस दौरान विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के चिन्हित और मैप किए गए ठिकानों से जुड़े सहयोगियों के खिलाफ पूरे राज्य में छापेमारी की गई।
मंगलवार को गैंगस्टरों के खिलाफ बड़े स्तर पर जंग का ऐलान करते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ नामक 72 घंटे लंबे अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए लगभग 12,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ 2,000 से अधिक पुलिस टीमें राज्य भर में तैनात की गईं।
ऑपरेशन के दूसरे दिन के परिणाम साझा करते हुए पुलिस के विशेष महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला, जो इस जारी अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी के लिए मोहाली पहुंचे थे, ने बताया कि दूसरे दिन राज्य भर में विदेशी गैंगस्टरों के 1,186 सहयोगियों और सहायक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही कुल गिरफ्तारियों की संख्या 2,500 तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के पहले दिन 1,314 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था।
विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा कि संगठित अपराध को सहारा देने वाली पूरी सहायता प्रणाली को ध्वस्त करने के उद्देश्य से वित्तीय नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, हथियार आपूर्ति श्रृंखला और संचार लिंक सहित विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
नागरिकों से संगठित अपराध के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए विशेष डीजीपी ने कहा कि एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से लोग वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गोपनीय रूप से जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर यदि किसी गैंगस्टर की गिरफ्तारी होती है, तो संबंधित व्यक्ति को 10 लाख रुपये तक की इनामी राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
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10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए हवलदार को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा
चंडीगढ़, 21 जनवरी:पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही अपनी मुहिम के दौरान जिला फिरोजपुर के थाना लक्खोके बहिराम में तैनात हवलदार (हेड कांस्टेबल) हरपाल सिंह को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव सरूप सिंह वाला, तहसील गुरुहरसहाय, जिला फिरोजपुर निवासी की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के भाई के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था और आरोपी हवलदार ने शिकायतकर्ता से उस मामले में मदद करने और उसके भाई को किसी अन्य मामले में नामजद न करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इस संबंध में दोषी हवलदार ने शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये रिश्वत की राशि प्राप्त की और बाकी बची राशि की मांग करता रहा। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग करते हुए आरोपी हवलदार की बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि उसकी शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो के थाना फिरोजपुर में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है।
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चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के प्रमुखों ने लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में भाग लिया
चुनाव प्रशासन के सामने वैश्विक चुनौतियों पर उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श हुआ
चंडीगढ़, 21 जनवरी-1. 42 चुनाव प्रबंधन संस्थाओं (ई.एम.बी.) के प्रमुखों ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आई.आई.सी.डी.ई.एम. - 2026) में भाग लिया।
2. इस संबंध में आयोजन की शुरुआत मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने की।
3. इस आयोजन में लगभग 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के प्रमुख तथा कई देशों के राजदूत/हाई कमिश्नर शामिल थे।
4. चुनाव प्रबंधन संस्था प्रतिभागियों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श के लिए चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के प्रमुख तथा वरिष्ठ नेता, राजदूत/हाई कमिश्नर एक ही स्थान पर एकत्र होते हैं।
5. भारत की ओर से वर्ष 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय आई.डी.ई.ए. के चेयरपर्सन के रूप में विषय संबंधी प्राथमिकताएं साझा की गईं। चुनाव प्रबंधन संस्था के नेताओं तथा देश के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र और चुनाव प्रशासन के सामने वैश्विक चुनौतियों के बारे में अपने विचार साझा किए।
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*लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-2026 शुरू*
*भारत निर्वाचन आयोग ने स्वागत समारोह में देश भर के प्रतिनिधियों का किया स्वागत*
*समागम के दौरान "इंडिया डिसाइड्स" डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की झलकियाँ दिखाई गईं*
चंडीगढ़, 21 जनवरी:1. भारत निर्वाचन आयोग (ई.सी.आई.) का 3-दिवसीय सम्मेलन **लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आई.आई.सी.डी.ई.एम.) 2026** आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो गया।
2. विशेष रूप से आयोजित स्वागत समारोह में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सी.ई.सी.) श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त (ई.सी.) डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने लगभग 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
3. सम्मेलन एक शानदार उद्घाटन सत्र के साथ शुरू हुआ जिसमें देश भर से लगभग 1000 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें 42 चुनाव प्रबंधन संस्थाओं (ई.एम.बी.) के प्रतिनिधि, 27 देशों के राजदूत/हाई कमिश्नर, 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थाओं के विशेषज्ञ तथा भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी और 36 मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सी.ई.ओ.) शामिल थे।
4. सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पिछले दशकों में चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के कार्य में महत्वपूर्ण विकास देखने को मिला है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत 1.5 अरब की आबादी वाले 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों सहित अभूतपूर्व पैमाने पर चुनाव करवाता है।
5. देशवासियों द्वारा चुनाव प्रबंधन संस्थाओं में दिखाए गए विश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि प्रत्येक चुनाव नागरिकों पर केंद्रित होता है, जिन्हें विश्वास होता है कि उनके मतदान के अधिकार का सम्मान और संरक्षण करना चुनाव प्रबंधन संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
6. उद्घाटन सत्र के दौरान बोलते हुए निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-2026 चुनाव प्रबंधन संस्थाओं, शोधकर्ताओं, छात्रों और पेशेवरों को एक मंच पर एकत्र करता है जो चुनावों को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखते हैं और अपने-अपने संस्थानों में विशेष योगदान देते हैं।
7. लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन-2026 के विषय पर बोलते हुए इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट के डायरेक्टर जनरल श्री राकेश वर्मा ने कहा कि भारत की अध्यक्षता का विषय एक समावेशी, शांतिपूर्ण और सतत विश्व के लिए लोकतंत्र और इसकी व्यापकता के साथ-साथ 21वीं सदी में लोकतंत्र को क्या प्रदान करना चाहिए, के बारे में बहु-पक्षीय समझ को दर्शाता है।
8. सभी प्रतिभागियों ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के सहयोग से तैयार की गई आने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्मों "इंडिया डिसाइड्स" की झलकियाँ देखीं। वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अर्जुन नोहवार ने अपने भाषण में कहा कि आकर्षक विजुअल्स के माध्यम से डॉक्यूमेंट्री फिल्में संस्था के कार्य करने के तरीकों को आम चुनावों से जोडक़र दर्शाती हैं, जो विश्व के सबसे जटिल कार्यों में से एक है।
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पंजाब पुलिस और एन.एच.ए.आई. ने हाईवे सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए आपसी तालमेल किया मजबूत
स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय और एन.एच.ए.आई. के रीजनल ऑफिसर राकेश कुमार ने एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और संयुक्त प्रवर्तन प्रणाली की समीक्षा की
चंडीगढ़, 21 जनवरी-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच के अनुरूप राज्य की सडक़ों पर सुरक्षित माहौल और बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का सुचारू उपयोग करने हेतु पंजाब पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एन.एच.ए.आई.) ने आज हाईवे सुरक्षा और प्रवर्तन के संबंध में सहयोग को मजबूत करने के लिए उच्च-स्तरीय तालमेल बैठक की।
स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी पंजाब, ए.एस. राय और एन.एच.ए.आई. चंडीगढ़ के रीजनल ऑफिसर राकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्तमान और आगामी हाईवे कॉरिडोरों, जिसमें हाल ही में शुरू किया गया कुराली-खरड़-मोहाली बाइपास भी शामिल है, पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ए.टी.एम.एस.) के प्रभावी उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया।
इस संबंध में विवरण साझा करते हुए स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय ने बताया कि दोनों एजेंसियों ने रीयल-टाइम निगरानी, ऑटोमैटिक वाइलेशन डिटेक्शन और दुर्घटना स्थल पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए ए.टी.एम.एस. डेटा के साथ प्रवर्तन प्रोटोकॉल को एकीकृत करने पर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने रोड साइड विजिबिलिटी और जनता की सहायता बढ़ाने के लिए प्रमुख टोल प्लाज़ा और बिना टोल वाली जगहों पर ट्रैफिक सहायता पोस्टों को अपग्रेड करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि एस.एस.एफ. यूनिटों और एन.एच.ए.आई. टीमों के बीच निर्बाध संचालन संपर्क, प्रमुख कॉरिडोरों में त्वरित एवं सक्रिय सहायता सुनिश्चित करेगा।
बैठक में, दुर्घटनाओं के समय सुचारू ढंग से निपटने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं, रिकवरी वैनों और हाईवे पैट्रोलिंग की तैनाती के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन 1033 और 112 के एकीकरण पर भी समीक्षा की गई ताकि संसाधनों का सुचारू उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान चंडीगढ़ और राजपुरा रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या पर विचार किया गया और एन.एच.ए.आई. द्वारा 2-3 महीनों के अंदर आवश्यक सुधार करने का भरोसा दिया गया। इस दौरान यह सहमति भी बनी कि ब्लैक स्पॉट्स की नियमित पहचान और मूल्यांकन संयुक्त रूप से किया जाएगा और जिसके डेटा विश्लेषण के लिए पी.आर.एस.टी.आर.सी., जो पंजाब पुलिस का अनुसंधान विंग है, द्वारा सहायता की जाएगी।
विशेष डीजीपी ए.एस. राय ने एन.एच.ए.आई. को पूर्ण भरोसा देते हुए कहा, ‘‘हम साथ मिलकर काम करेंगे ताकि राज्य में सडक़ यातायात के दौरान लोगों को अधिकतम सुरक्षा और बेहतरीन सेवाएं प्रदान की जा सकें।’’
रीजनल ऑफिसर चंडीगढ़, राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, ‘‘सडक़ सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के सुचारू प्रवर्तन से इंजीनियरिंग अधिक प्रभावशाली होगी। पंजाब देश का अग्रणी राज्य है और हम हर कीमती जान को बचाने के लिए यातायात को और बेहतर एवं सुचारू बनाने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।’’
इस दौरान मौजूद प्रतिष्ठित व्यक्तियों में पंजाब सरकार के ट्रैफिक सलाहकार डॉ. नवदीप असीजा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीआईयू-चंडीगढ़ आशिम बंसल और डीएसपी ट्रैफिक एवं सडक़ सुरक्षा गणेश कुमार शामिल थे।
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*एस.सी. कमीशन द्वारा डी.डी.पी.ओ. संगरूर तलब*
*चंडीगढ़, 21 जनवरी*-पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग ने एक मामले में कार्रवाई करते हुए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी संगरूर (डी.डी.पी.ओ.) को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि आयोग को श्री जगविंदर सिंह पुत्र जरनैल सिंह, निवासी गांव बख्तड़ी, तहसील भवानीगढ़, जिला संगरूर की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसके संबंध में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी संगरूर (डी.डी.पी.ओ.) को जांच के संबंध में 20 जनवरी, 2026 को आयोग में पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर विभाग का कोई भी प्रतिनिधि हाजिर नहीं हुआ। इसलिए आयोग ने आदेश दिया है कि निर्धारित तिथि 30-01-2026 को श्री जसविंदर सिंह बग्गा, डी.डी.पी.ओ. को आयोग कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए तलब किया गया है।
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*बाल सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्ले-वे स्कूलों हेतु अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च: डॉ. बलजीत कौर*
*छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आंगनवाडिय़ों, प्ले-वे एवं प्राथमिक स्कूलों में एक समान खेल-आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा: डॉ. बलजीत कौर*
*पंजाब सरकार प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है क्योंकि 90 प्रतिशत मस्तिष्क विकास छह वर्ष की आयु से पहले होता है: डॉ. बलजीत कौर*
*मिशन आरंभ के तहत बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया से अभिभावकों को सीधे जोड़ा गया: डॉ. बलजीत कौर*
*1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्रों में से 700 पूर्ण; शेष शीघ्र होंगे तैयार, ₹100 करोड़ की लागत से: डॉ. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, 21 जनवरी 2026:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा बच्चों के समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बुधवार को पंजाब भवन में आयोजित एक मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान प्ले-वे स्कूलों के लिए एक ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत की घोषणा की।
मीडिया को संबोधित करते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "पंजाब में संचालित सभी प्ले-वे स्कूलों तथा छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने वाले निजी स्कूलों के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।"
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने जानकारी दी कि छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक समान पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों, प्ले-वे स्कूलों और प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, "आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण फरवरी के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा। बच्चों पर पुस्तकों का बोझ डालने के बजाय, शिक्षा खेल-आधारित और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से दी जाएगी।"
प्रारंभिक बाल देखभाल के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "किसी बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास शून्य से छह वर्ष की आयु के बीच होता है। इसलिए इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित पोषण प्रदान करना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
उन्होंने आगे बताया कि मिशन आरंभ के तहत अभिभावकों को बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया से सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा, "डिजिटल सामग्री साझा कर बच्चों को घर पर भी अपने अभिभावकों के साथ सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब तक इस मिशन के अंतर्गत 2,941 अभिभावक समूह बनाए जा चुके हैं ताकि बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में अभिभावकों की भागीदारी को सुदृढ़ किया जा सके। अभिभावकों को उनके मोबाइल फोन पर प्रतिदिन गतिविधियाँ भी भेजी जा रही हैं, जिससे वे घर पर अपने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।"
बुनियादी ढांचा विकास के बारे में बोलते हुए मंत्री ने कहा, "1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लक्ष्य के तहत ₹100 करोड़ की लागत से 1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक केंद्र पर लगभग ₹10 लाख खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से 700 केंद्र पहले ही पूरे हो चुके हैं, जिनमें हवादार कमरे, उचित रसोई, शिशु शौचालय, बाला पेंटिंग्स और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। शेष 300 केंद्र भी शीघ्र ही पूरे कर लिए जाएंगे।"
अंत में मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "पंजाब सरकार शिक्षा, पोषण और सुरक्षा के क्षेत्रों में ऐतिहासिक कदम उठा रही है ताकि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सके।"
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सरहद पार से अवैध हथियारों के मॉड्यूल से जुड़े दो व्यक्ति अमृतसर में गिरफ्तार, छह आधुनिक हथियार बरामद
- गिरफ्तार मुलजिम अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देशों के तहत गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई कर रहे थे - डीजीपी गौरव यादव
- मुलजिम विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से पाकिस्तान आधारित तस्करों से सीधे संपर्क में थे: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर
चंडीगढ़/अमृतसर, 21 जनवरी-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान एक बड़ी सफलता में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने दो संचालकों को गिरफ्तार करके पाकिस्तान आधारित तस्करों से जुड़े सरहद पार से चलाए जा रहे अवैध हथियारों के मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है और उनके कब्जे से छह आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (22) निवासी गांव रत्तोके, तरनतारन और सुरजीत सिंह (35) निवासी चेला कॉलोनी, तरनतारन के रूप में हुई है। सुरजीत सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। बरामद किए गए हथियारों में दो जिंदा कारतूसों सहित दो 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल और चार .30 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए मुलजिम विदेशी हैंडलरों के निर्देशों के तहत अवैध हथियारों की तस्करी और गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने में शामिल थे। उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए आगामी जांच जारी है।
पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय जानकारी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने संदिग्ध गुरप्रीत उर्फ गोपी को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से दो जिंदा कारतूसों सहित तीन .30 बोर पिस्तौल और एक ग्लॉक बरामद की। उन्होंने आगे बताया कि लगातार पूछताछ से पता चला है कि आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स के माध्यम से पाकिस्तान-आधारित तस्करों से सीधे संपर्क में थे और गैंगस्टरों को इन हथियारों की सप्लाई करने के लिए अवैध हथियारों की खेप प्राप्त कर रहे थे, जो कि ड्रोन के माध्यम से आ रही थी।
सीपी ने कहा कि गुरप्रीत उर्फ गोपी के खुलासों के आधार पर पुलिस टीमों ने उसके साथी सुरजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से एक ग्लॉक और एक .30 बोर बरामद किया है। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि सुरजीत सिंह एक ही नेटवर्क का हिस्सा होने के नाते विभिन्न स्थानों पर अवैध हथियारों की डिलीवरी में सक्रिय रूप से शामिल था।
इस संबंध में केस थाना इस्लामाबाद, अमृतसर में आम्र्स एक्ट की धारा 25(1-ए) और 25(6,7,8) के तहत एफआईआर नंबर 14 दिनांक 13-01-2026 को दर्ज किया गया है।
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*लीगल मेट्रोलॉजी विंग ने वर्ष 2025 के दौरान अप्रैल से दिसंबर तक 1.40 करोड़ रुपये की कमाई की*
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक द्वारा विभाग के शानदार कार्यप्रदर्शन की सराहना
चंडीगढ़, 21 जनवरी:खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, पंजाब के लीगल मेट्रोलॉजी विंग के प्रदर्शन में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक वसूली गई कंपाउंडिंग फीस, निरीक्षण और की गई सत्यापन आदि जैसे कई मानदंडों के आधार पर वृद्धि दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि लीगल मेट्रोलॉजी विंग ने 2025-26 में 1.40 करोड़ रुपये की कंपाउंडिंग फीस एकत्र की, जबकि वर्ष 2024-25 में इसी अवधि के दौरान विंग ने 1 करोड़ रुपये से थोड़ी अधिक राशि एकत्र की थी। इस प्रकार विंग ने 2025-26 में 22133 निरीक्षण किए जबकि 2024-25 के दौरान निरीक्षणों का आंकड़ा 18419 था। इसके अलावा 2025-26 में विंग ने 2230 चालान किए जबकि 2024-25 के दौरान कुल काटे गए चालानों की संख्या 1397 थी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक ने विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और भी जोश और समर्पण के साथ काम करने के लिए कहा है।
उल्लेखनीय है कि विंग के पास अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में विभाग के स्वामित्व वाली मानक प्रयोगशालाएं हैं, जबकि सरहिंद और खन्ना में नई प्रयोगशालाएं बनाने की योजना है।
लीगल मेट्रोलॉजी विंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेचे और खरीदे गए सामान की वास्तविक मात्रा और माप सही और सटीक हो ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।
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*भगवंत मान सरकार द्वारा मानसा में ‘सत्कार घर’ का उद्घाटन, बुज़ुर्गों की सम्मानजनक देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया*
चंडीगढ़, 21 जनवरी:भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने मानसा में सीनियर सिटीजन होम ‘सत्कार घर’ का उद्घाटन किया है। यह बुज़ुर्गों के लिए एक सुदृढ़ और मानवीय सामाजिक सुरक्षा ढांचा स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा सामाजिक सुरक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उन बुज़ुर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आवासीय देखभाल सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराई जा रही है, जो पारिवारिक सहयोग से वंचित हैं।
‘सत्कार घर’ पहल जिला स्तर पर बुज़ुर्गों की देखभाल, सुरक्षा और भावनात्मक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लंबे समय से संरचित संस्थागत सहायता की प्रतीक्षा कर रहे बुज़ुर्गों के लिए, पंजाब सरकार समर्पित आवासीय सेवाएं उपलब्ध कराकर उनकी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
मानसा में 28 कनाल क्षेत्र में फैला यह सीनियर सिटीजन होम 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसमें कुल 72 बुज़ुर्गों के ठहरने की क्षमता है। इस तीन मंज़िला इमारत की सभी मंज़िलों पर समान सुविधाएं प्रदान की गई हैं। प्रत्येक मंज़िल पर सात कमरों में 24 बुज़ुर्ग ठहर सकते हैं। यह लेआउट सभी बुज़ुर्गों के लिए सुगम पहुंच, आराम और ठहराव की समानता सुनिश्चित करता है।
इन बुज़ुर्गों के लिए सुचारु संचालन और निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने हेतु 19 पदों को मंज़ूरी दी गई है, जो देखभाल, रख-रखाव और प्रशासनिक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। इसके अतिरिक्त, 24 घंटे सहायता प्रदान करने और बुज़ुर्गों की दैनिक आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने के लिए आउटसोर्स स्टाफ के माध्यम से कार्यों का प्रबंधन किया जा रहा है।
जीवन के हर चरण में नागरिकों को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मानसा में ‘सत्कार घर’ का उद्घाटन, पंजाब सरकार के समावेशी शासन और बुज़ुर्गों के कल्याण पर केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है। भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सार्वजनिक संस्थानों को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया है, जो बुज़ुर्गों के लिए सम्मान, देखभाल और सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखते हैं। इस दिशा में सीनियर सिटीजन होम इस दृष्टिकोण के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है।