*पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने गंभीर प्रदूषण उल्लंघनों के लिए पंजाब केसरी ग्रुप के मालिकाना हक वाले होटल के खिलाफ पंजाब सरकार की कार्रवाई को बरकरार रखा*
*पंजाब सरकार को गंभीर प्रदूषण मामलों में पूर्व सुनवाई के बिना कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार: हाई कोर्ट का आदेश*
**पंजाब केसरी ग्रुप का होटल बिजली के बिना रहेगा, पंजाब सरकार की कार्रवाई सही साबित*
चंडीगढ़:
पर्यावरण उल्लंघनों के प्रति पंजाब सरकार की अपनाई जीरो-टॉलरेंस नीति को मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (क्कक्कष्टक्च) द्वारा चोपड़ा ग्रुप, जिसके पास पंजाब केसरी मीडिया समूह भी है, के मालिकाना हक वाले एक होटल के खिलाफ की गई आपातकालीन कार्रवाई की वैधता को बरकरार रखा।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीजन बेंच ने पंजाब केसरी ग्रुप के द हिंद समाचार लिमिटेड और एक अन्य याचिकाकर्ता द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया, तथा कहा कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की गई कार्रवाई, जिसमें होटल को बंद करना और बिजली आपूर्ति काटना शामिल है, पूरी तरह से कानून के अनुसार थी और जल (प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत वैध थी।
अदालत का फैसला पंजाब सरकार के इस रुख की प्रभावी ढंग से पुष्टि करता है कि पर्यावरण कानून एकसमान रूप से लागू होते हैं, चाहे संबंधित संस्था का कद या प्रभाव कुछ भी हो। सिविल लाइंस, जालंधर में स्थित याचिकाकर्ता होटल चोपड़ा ग्रुप के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का हिस्सा है और पंजाब केसरी तथा हिंद समाचार अखबारों के प्रमोटरों से जुड़ा हुआ है।
सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने दर्ज किया कि 13 जनवरी, 2026 को किए गए एक विस्तृत निरीक्षण में होटल के परिसर में व्यापक और गंभीर उल्लंघन उजागर हुए। इनमें गैर-कार्यशील सीवरेज और निकास उपचार संयंत्र, जानबूझकर असंसाधित गंदे पानी को नगर निगम के सीवर में डालना, खतरनाक अपशिष्ट के नियमों के तहत अनुपालन की कमी, नगर निगम से कानूनी अनुमतियों की अनुपस्थिति, खतरनाक और ठोस अपशिष्ट का गलत प्रबंधन, तथा जल अधिनियम के तहत अनिवार्य सहमति शर्तों का पालन न करना शामिल हैं।
बेंच ने इस तर्क को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया कि होटल को बंद करने से पहले पहले सुनवाई दी जानी चाहिए थी, यह देखते हुए कि पर्यावरण को तत्काल होने वाले नुकसान से संबंधित मामलों में, कानून प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तेजी से कार्रवाई करने का अधिकार देता है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थितियों में पहले से नोटिस देना बोर्ड को दी गई आपातकालीन शक्तियों के उद्देश्य को कम कर देगा और स्पष्ट किया कि कानून में केवल लिखित रूप में कारण दर्ज करने की आवश्यकता होती है, कार्रवाई से पहले सूचित करना अनिवार्य नहीं है।
यहां यह बताना योग्य है कि बिजली आपूर्ति जो पहले ही याचिकाकर्ता के होटल के लिए काट दी गई है और स्थिति ज्यों की त्यों रहेगी क्योंकि माननीय हाई कोर्ट द्वारा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई के बारे में कोई राहत नहीं दी गई है।
हाई कोर्ट ने कार्रवाई को मनमानी या अत्यधिक दर्शाने की कोशिशों को भी खारिज कर दिया, यह नोट करते हुए कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आपातकालीन शक्तियों के उपयोग को उचित ठहराने के लिए विस्तृत कारण दर्ज किए थे। कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ताओं के लिए उचित उपाय जल अधिनियम की धारा 33बी के तहत राष्ट्रीय हरित अधिकरण के सामने है, न कि रिट याचिकाओं के माध्यम से।
याचिका को खारिज करने के साथ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से पंजाब सरकार की कार्रवाई न्यायिक रूप से प्रमाणित हो गई है, जो इस सिद्धांत को मजबूत करती है कि पर्यावरण संरक्षण और जन स्वास्थ्य कॉर्पोरेट विशेषाधिकारों से पहले आते हैं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है पीएसपीसीएल स्टाफ
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
पंजाब राज्य में तेज़ हवाओं के साथ हुई व्यापक बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली आपूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण पेड़ों का उखडक़र बिजली लाइनों पर गिरना रहा, जिससे बिजली के खंभे टूट गए और ट्रांसफार्मर संरचनाओं को नुकसान पहुंचा।
बिजली विभाग के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि निर्माणाधीन एक ट्रांसमिशन टावर बनूड-भाबत 66 केवी लाइन पर गिर गया, जिसके कारण ज़ीरकपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार राज्य भर में 600 से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा वितरण ट्रांसफार्मरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
कठिन मौसम परिस्थितियों के बावजूद पीएसपीसीएल का स्टाफ दिन-रात लगातार कार्य कर रहा है ताकि बिजली आपूर्ति को शीघ्रातिशीघ्र बहाल किया जा सके।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
‘ युद्ध नशों विरुद्ध’ के 328वें दिन पंजाब पुलिस द्वारा 170 नशा तस्कर गिरफ्तार
— नशा मुक्ति संबंधी प्रयासों के तहत पंजाब पुलिस ने 47 व्यक्तियों को नशा छोडऩे का उपचार लेने के लिए प्रेरित किया
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
राज्य से नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू किए गए अभियान " युद्ध नशों विरुद्ध" के 328वें दिन पंजाब पुलिस ने आज 387 स्थानों पर छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप राज्य भर में 96 एफआईआर दर्ज कर 170 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 328 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 46,381 हो गई है।
इन छापेमारियों के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 485 ग्राम हेरोइन, 120 किलोग्राम भुक्की, 1184 नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 7400 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस आयुक्तों, उपायुक्तों और एसएसपी को पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ युद्ध की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का भी गठन किया गया है।
इस अभियान के दौरान 73 गजेटेड अधिकारियों की निगरानी में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 120 से अधिक पुलिस टीमों ने राज्य भर में 387 स्थानों पर छापेमारी की। दिन भर चले इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने 409 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी की।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने राज्य से नशों के उन्मूलन के लिए तीन-स्तरीय रणनीति—इन्फोर्समेंट, डी-एडिक्शन और प्रिवेंशन (ईडीपी)—लागू की है। इस रणनीति के तहत पंजाब पुलिस ने आज 47 व्यक्तियों को नशा छोडऩे और पुनर्वास उपचार लेने के लिए सहमत किया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
सुनियोजित आतंकी हमला टला; होशियारपुर से चार बी.के.आई. कार्यकर्ता आई.ई.डी. और दो पिस्तौल सहित गिरफ्तार
अमेरिका-आधारित बी.के.आई. हैंडलरों के निर्देशों पर काम कर रहे थे गिरफ्तार आरोपी: डी.जी.पी. गौरव यादव
गिरफ्तार व्यक्तियों को हथियार हासिल करने और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का सौंपा गया था काम: एस.एस.पी. होशियारपुर संदीप मलिक
चंडीगढ़/होशियारपुर, 23 जनवरी:
गणतंत्र दिवस के मद्देनजऱ पाकिस्तान की आई.एस.आई. समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए होशियारपुर पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस (सी.आई.), जालंधर के साथ संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बी.के.आई.) से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान मॉड्यूल के चार कार्यकर्ताओं को लगभग 2.5 किलोग्राम वजऩ वाले आरडीएक्स-आधारित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आई.ई.डी.) सहित गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान दिलजोत सिंह, हरमन सिंह उर्फ हैरी उर्फ हरी, अजय उर्फ महिरा और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला के रूप में हुई है। ये सभी एस.बी.एस. नगर जिले के राहों क्षेत्र के निवासी हैं। आरडीएक्स-आधारित आई.ई.डी. के अलावा पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से दो पिस्तौल भी बरामद की हैं।
डी.जी.पी. गौरव यादव ने बताया कि यह आतंकी मॉड्यूल अमेरिका-आधारित बी.के.आई. हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच से यह सामने आया है कि बरामद आई.ई.डी. का इस्तेमाल आगामी गणतंत्र दिवस समारोहों को ध्यान में रखते हुए एक सुनियोजित आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे और पीछे के संबंधों को स्थापित करने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
ऑपरेशन से संबंधित जानकारी साझा करते हुए होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एस.एस.पी.) संदीप मलिक ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर होशियारपुर पुलिस और सी.आई. जालंधर की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से आरडीएक्स-आधारित आई.ई.डी. तथा दो पिस्तौल बरामद कीं।
एस.एस.पी. ने आगे बताया कि जांच से यह भी सामने आया है कि विदेश-आधारित बी.के.आई. हैंडलरों ने एक आतंकी मॉड्यूल स्थापित किया था, जिसे अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों के रास्ते हथियारों की तस्करी के बाद उन्हें प्राप्त करने और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का कार्य सौंपा गया था। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
इस संबंध में होशियारपुर के गढ़शंकर पुलिस थाना में बी.एन.एस. की धाराएं 113(1) और 113(3), आम्र्स एक्ट की धाराएं 25 और 25(1बी)(ए) तथा भारतीय विस्फोटक अधिनियम की धाराएं 4 और 5 के तहत एफआईआर नंबर 11, दिनांक 23/01/2026 दर्ज की गई है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
‘गैंगस्टरों पर वार’ का चौथा दिन: पंजाब पुलिस ने विशेष अभियान के दौरान 8328 किरायेदारों की जांच की; 132 व्यक्तियों को हिरासत में लिया
— ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पंजाब गैंगस्टरों से मुक्त नहीं हो जाता: डीजीपी पंजाब गौरव यादव
— लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गैंगस्टरों के बारे में गोपनीय रूप से सूचना दे सकते हैं
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरों पर वार’ के चौथे दिन, पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को राज्य भर के उप-शहरी क्षेत्रों तथा शहरों और कस्बों के बाहरी इलाकों में स्थित कॉलोनियों में रहने वाले किरायेदारों की पहचान और पृष्ठभूमि सत्यापन के लिए राज्य-स्तरीय अभियान चलाया।
यह कार्रवाई 72 घंटे के ‘ऑपरेशन प्रहार’, जिसे मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत शुरू किया था, के पूरा होने के बाद अमल में लाई गई। ऑपरेशन प्रहार के तहत 12,000 पुलिस कर्मियों वाली 2000 से अधिक पुलिस टीमों को पूरे पंजाब में 60 विदेशी गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिन्हित और मैप किए गए ठिकानों पर छापेमारी के लिए तैनात किया गया था।
इस संबंध में विवरण साझा करते हुए पुलिस के स्पेशल डायरेक्टर जनरल (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना और समाज विरोधी तत्वों में भय उत्पन्न करने के लिए क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना था।
यह कार्रवाई राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ चलाई गई और सीपी/एसएसपी को भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ इस अभियान की योजना बनाने के निर्देश दिए गए थे। एसपी/डीएसपी रैंक के अधिकारियों की अगुवाई में 2500 पुलिस कर्मियों वाली 815 से अधिक पुलिस टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया।
स्पेशल डीजीपी ने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा राज्य भर में 1043 स्थानों की जांच की गई। इस दौरान 8328 किरायेदारों की चेकिंग की गई और 7815 व्यक्तियों की पहचान का सत्यापन किया गया।
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान 132 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और कईयों के कब्जे से आपराधिक सामग्री भी जब्त की गई है, जिसकी आगे जांच जारी है।
स्पेशल डीजीपी ने पुष्टि की कि ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पंजाब गैंगस्टरों से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता।
उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक गैंगस्टरों/वांछित अपराधियों के बारे में गोपनीय रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर—93946-93946 पर सूचना दे सकता है और किसी भी प्रकार के अपराध या आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा दी गई गैंगस्टरों से संबंधित सूचना के आधार पर गिरफ्तारी होती है, तो 10 लाख रुपये तक का इनाम भी दिया जाएगा।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गणतंत्र दिवस के मद्देनजऱ, अमृतसर से बी.के.आई. ऑपरेटिव हैंड ग्रेनेड और ग्लॉक पिस्तौल सहित काबू
सुरक्षा संस्थान पर होने वाले हमले को सफलतापूर्वक टाला गया: डी.जी.पी. गौरव यादव
गिरफ्तार किया आरोपी शरनप्रीत सिंह अपने चचेरे भाई सिम्मा दियोल के माध्यम से इस नेटवर्क में हुआ था शामिल: ए.आई.जी. एस.एस.ओ.सी. सुखमिंदर मान
चंडीगढ़/अमृतसर, 23 जनवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आदेशों के अनुसार गणतंत्र दिवस के शांतिपूर्ण समारोहों को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में कड़े सुरक्षा प्रबंधों के तहत स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एस.एस.ओ.सी.), अमृतसर ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर इसी संगठन से जुड़े आतंकवादी गिरोह द्वारा सुरक्षा संस्थान पर किए जाने वाले आतंकवादी हमले को टाल दिया। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान तरनतारन के गांव दीनेवाल निवासी शरनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उसके कब्जे से एक पी-86 हैंड ग्रेनेड, एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस और 65 ग्राम आई.सी.ई. ड्रग बरामद की है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश स्थित बी.के.आई. संचालकों निशान सिंह उर्फ निशान जौडिय़ां, आदेशबीर सिंह उर्फ आदेश जमाराए और सिमरनजीत सिंह उर्फ सिम्मा दियोल के इशारों पर काम कर रहा था, जो पंजाब में दहशत और भय का माहौल पैदा करने के लिए विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
ए.आई.जी. एस.एस.ओ.सी., अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान ने कहा कि खुफिया ऑपरेशन के तहत एस.एस.ओ.सी. अमृतसर की टीमों ने संदिग्ध शरणप्रीत सिंह को अमृतसर-तरनतारन हाईवे पर बंडाला मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक ग्लॉक पिस्तौल, गोला-बारूद और 65 ग्राम आईसीई ड्रग बरामद की।
निरंतर पूछताछ के दौरान शरणप्रीत सिंह ने खुलासा किया कि हाल ही में उसके हैंडलरों ने एक हैंड ग्रेनेड की डिलीवरी का प्रबंध किया था, जिसे उसने अमृतसर-तरनतारन हाईवे पर चर्च के पास एक स्थान पर छिपाया था। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा किए गए खुलासे पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एस.एस.ओ.सी. अमृतसर की टीम आरोपी को उक्त स्थान पर ले गई, जहां से एक पी-86 हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया।
एआईजी ने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी शरनप्रीत सिंह अपने चचेरे भाई सिम्मा दियोल के माध्यम से इस नेटवर्क में शामिल हुआ था। अपने हैंडलरों के निर्देशों पर आरोपी विस्फोटकों, हथियारों आदि की खेपों की आपूर्ति कर रहा था और अवैध धन का प्रबंधन कर रहा था।
इस संबंध में पुलिस थाना एस.एस.ओ.सी. अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, आम्र्स एक्ट की धारा 25 तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 02 दिनांक 21.01.2026 दर्ज की गई थी और बाद में ग्रेनेड की बरामदगी के उपरांत इसमें विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराएं जोड़ी गईं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग
पंजाब सरकार
मुख्यमंत्री सेहत योजना को पूरे पंजाब में भारी समर्थन
कोई आय सीमा नहीं, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 65 लाख परिवारों को मिलेगी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा: अमन अरोड़ा
भगवंत मान सरकार द्वारा यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड योजना लागू, 820 से अधिक सरकारी एवं निजी अस्पताल पैनल में शामिल: हरदीप सिंह मुंडियां
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब सबसे गरीब परिवार भी बेहतरीन निजी अस्पतालों में इलाज करवा सकेंगे: लालजीत सिंह भुल्लर
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, लाल चंद कटारूचक, लालजीत सिंह भुल्लर और हरदीप सिंह मुंडियां ने पंजीकरण अभियान की अगुवाई की
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
पंजाब में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करते हुए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ की शुरुआत कर दी है। इस पहल के तहत आज कैबिनेट मंत्रियों के नेतृत्व में पूरे पंजाब में लाभार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुनाम ऊधम सिंह वाला में पंजीकरण अभियान का नेतृत्व करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इस योजना की शुरुआत के साथ पंजाब का प्रत्येक परिवार 10 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज कराने का अधिकार प्राप्त करेगा।
इस योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक की छोटी और बड़ी सभी बीमारियों के लिए सभी दवाइयां और जांचें नि:शुल्क उपलब्ध होंगी। अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को केवल अपना स्वास्थ्य कार्ड दिखाना होगा और पूरा इलाज कैशलेस होगा। मंत्री ने कहा कि पंजाब में लगभग 65 लाख परिवार हैं और इन सभी 65 लाख परिवारों (लगभग तीन करोड़ नागरिकों को कवर करते हुए) को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएंगे। यह पहली बार है जब पात्रता के लिए कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जो देश के लिए एक नई मिसाल है। अब तक 850 सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना में सूचीबद्ध किया जा चुका है और शीघ्र ही और अस्पताल भी शामिल किए जाएंगे।
इस योजना के तहत 2,356 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं (पहले 1,600 से अधिक), जिनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी सहित कई अन्य विशेषताएं शामिल हैं।
अस्पताल खर्चों के साथ-साथ डायग्नोस्टिक सेवाएं भी इस योजना में शामिल हैं। अब कोई भी नागरिक पंजाब या चंडीगढ़ के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में नि:शुल्क इलाज करवा सकता है। अस्पतालों को इलाज के 15 दिनों के भीतर भुगतान प्राप्त हो जाएगा, क्योंकि राज्य सरकार पहले ही बीमा कंपनी को अग्रिम प्रीमियम का भुगतान कर चुकी है।
पठानकोट में कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने गांव दारो सलाम, भोआ और गोबिंदसर में घर-घर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि जिला पठानकोट के 14 अस्पतालों को इस योजना के अंतर्गत जोड़ा गया है। उन्होंने आगे बताया कि योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए गांवों में शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा ये कार्ड कॉमन सर्विस सेंटरों में भी बनाए जाएंगे। इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए आधार कार्ड और वोटर कार्ड आवश्यक होगा, जबकि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और माता या पिता का वोटर कार्ड आवश्यक होगा। मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से गोबिंदसर गांव के निवासी प्रदीप कुमार, जो एक दुर्घटना में घायल हो गए थे, को उनके घर जाकर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का कार्ड सौंपा।
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज साहनेवाल के गांव मानगढ़ में ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज प्रदान करने हेतु लगाए गए शिविर का उद्घाटन किया।
कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का अपना वादा पूरा किया है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने गांवों और मोहल्लों में लगभग 1,000 मोहल्ला क्लीनिक स्थापित किए हैं, जबकि पिछले 75 वर्षों में सभी सरकारों ने मिलकर केवल 400 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही खोले थे। वर्तमान सरकार ने मात्र चार वर्षों में 1,000 मोहल्ला क्लीनिक स्थापित किए हैं और 500 अन्य निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा अगले चार से पांच महीनों में 2,500 ‘पिंड क्लीनिक’ खोले जाएंगे।
इस पहल के दायरे के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और पंजाब का प्रत्येक मूल निवासी स्वास्थ्य कार्ड के लिए पात्र होगा। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना के तहत 850 सरकारी और निजी अस्पताल पहले ही सूचीबद्ध किए जा चुके हैं और आने वाले समय में और अस्पताल शामिल किए जाएंगे।
तरनतारन जिले के गांव सभरा में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना की शुरुआत करते हुए परिवहन एवं जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि अब गरीब से गरीब व्यक्ति भी निजी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेगा।
इसके अलावा, सुल्तानपुर लोधी में रजिस्ट्रेशन की शुरुआत राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा की गई, होशियारपुर में यह कार्य विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा द्वारा शुरू किया गया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया प्रीसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस में स्पीकर ने की सहभागिता
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
पंजाब विधानसभा के स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने लखनऊ में आयोजित 86वीं ऑल इंडिया प्रीसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (ए.आई.पी.ओ.सी.) में भाग लिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर की विधानसभाओं और विधान परिषदों के अग्रणी सदस्यों ने सहभागिता की।
इस सम्मेलन के दौरान सुशासन, लोकतांत्रिक संस्थाओं के समक्ष वर्तमान चुनौतियाँ तथा विधायी कार्यों में तकनीक के बढ़ते उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। स्पीकर ने कहा कि इस प्रकार की चर्चाएँ आज के डिजिटल युग में लोकतंत्र को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी।
सम्मेलन के दौरान स्पीकर ने उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री स बलदेव सिंह औलख से भी एक सकारात्मक और रचनात्मक भेंट की। बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों तथा किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्पीकर स औलख की सादगी, दूरदर्शी सोच और कृषि संबंधी मुद्दों के प्रति उनकी गंभीरता से अत्यंत प्रभावित हुए तथा उन्होंने कृषि मंत्री के प्रति अपना आभार और आत्मीय सम्मान व्यक्त किया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
भगवंत मान सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना लागू, हर परिवार को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
अमीर और गरीब को समान स्वास्थ्य सुविधाएँ देने वाला देश का एकमात्र राज्य बना पंजाब
इस योजना के तहत पंजाब भर के 820 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा, जिनमें प्रमुख निजी अस्पताल भी शामिल
इस योजना तहत डायलिसिस से लेकर कैंसर देखभाल तक 2,300 से अधिक बीमारियों का इलाज किया जाएगा
आवश्यकता पडऩे पर मरीज स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से राज्य से बाहर के अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे
एकल हेल्थ कार्ड के जरिए लगभग 3 करोड़ लोगों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज मिलेगा
यूथ क्लब के प्रशिक्षित सदस्य घर-घर जाकर नागरिकों को हेल्थ कार्ड बनवाने में मदद करेंगे
चंडीगढ़, 23 जनवरी, 2026:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना लागू की है। यह योजना सुनिश्चित करती है कि राज्य के प्रत्येक निवासी को आर्थिक तंगी की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार उपलब्ध हो। इस योजना के अंतर्गत प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान किया जाएगा, जो इसे देश की सबसे व्यापक स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल करता है।
इस पहल के माध्यम से पंजाब ने बिना किसी आय सीमा या बहिष्करण शर्त के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर एक नया राष्ट्रीय मानक स्थापित किया है। यह योजना भारत में लागू किसी भी अन्य स्वास्थ्य बीमा योजना की तुलना में अधिक समावेशी और व्यापक है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना क्या है?
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसे भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्यभर में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के माध्यम से मुफ्त और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया है। इस योजना के तहत सभी इलाज खर्चों का भुगतान अस्पतालों और कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच सीधे किया जाता है, जिससे मरीजों को अपनी जेब से कोई भी खर्च नहीं करना पड़ता।
योजना के तहत पात्रता
यह योजना पंजाब के सभी मूल निवासियों पर लागू होती है। इसमें आय या श्रेणी आधारित सभी प्रतिबंधों को समाप्त कर इसे पूरी तरह सार्वभौमिक बनाया गया है। पंजाब की वैध वोटर आईडी वाले परिवार इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण के पात्र हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उनके माता-पिता या अभिभावक की वोटर आईडी के माध्यम से कवर किया जाएगा। सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी तथा पंजाब सरकार के विभागों, निगमों, ट्रस्टों और सोसाइटियों में अनुबंध, आउटसोर्सिंग या कंसल्टेंसी आधार पर कार्यरत व्यक्ति भी इस योजना के पात्र हैं। योजना में कोई आय सीमा नहीं है।
कवरेज और लाभार्थी
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत लगभग 65 लाख परिवारों को हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे पंजाब के लगभग 3 करोड़ नागरिकों को कवरेज मिलेगा। प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पूर्व में 5 लाख रुपये की सीमा को दोगुना कर इस योजना के तहत परिवारों के लिए स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को और मजबूत किया गया है।
हेल्थ कार्ड जारी करना
इस योजना के अंतर्गत हेल्थ कार्ड कैशलेस इलाज प्राप्त करने का प्रमुख दस्तावेज होगा। ये कार्ड सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटरों या आधार कार्ड एवं पंजाब की वोटर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं। अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए यूथ क्लब के प्रशिक्षित सदस्य राज्यभर में घर-घर जाकर परिवारों की सहायता करेंगे।
चिकित्सा उपचार और कवर की गई सेवाएँ
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं। इनमें ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसी चिकित्सा विशेषज्ञताओं के अंतर्गत सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की सेवाएँ शामिल हैं। योजना में हृदय शल्य चिकित्सा, कैंसर उपचार, किडनी डायलिसिस एवं ट्रांसप्लांट, मस्तिष्क और रीढ़ की सर्जरी, घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण, मोतियाबिंद सर्जरी, प्रसूति एवं नवजात देखभाल, दुर्घटना एवं आपातकालीन सेवाएँ, आईसीयू देखभाल तथा अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद की सेवाएँ शामिल हैं। संबंधित डायग्नोस्टिक सेवाएँ भी कवर की जाती हैं।
योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पताल
इस योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप अस्पतालों और पंजाब के सभी मेडिकल कॉलेजों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ मिलेंगी। अब तक कुल 823 अस्पताल सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। इनमें चार सरकारी मेडिकल कॉलेज, चार निजी मेडिकल कॉलेज और एक पीपीपी मॉडल पर संचालित मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा 23 जिला अस्पताल, 41 उप-मंडलीय अस्पताल और 151 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी योजना में शामिल हैं, जिस से जिला और उप जिला स्तर पर स्वस्थ संभाल तक पहुंच ओर बेहतर हुई है।
एमएमएसवाई के तहत सूचीबद्ध 559 निजी अस्पतालों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। इनमें पीआईएमएस मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल सोसाइटी जालंधर, आदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बठिंडा, चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज पठानकोट, रिमट मेडिकल कॉलेज फतेहगढ़ साहिब, ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज पटियाला, नीलम अस्पताल पटियाला, श्री गुरु राम दास चैरिटेबल अस्पताल अमृतसर, कैपिटल अस्पताल जालंधर, सोहाना अस्पताल एसएएस नगर और अमर अस्पताल एसएएस नगर प्रमुख हैं। पंजाब सरकार इस नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।
इलाज कहाँ उपलब्ध होगा
लाभार्थी पंजाब भर के किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं। चंडीगढ़ स्थित सूचीबद्ध अस्पताल भी इसमें शामिल हैं, जिससे आवश्यकता पडऩे पर राज्य से बाहर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
कैशलेस इलाज कैसे मिलेगा
इलाज के लिए लाभार्थी को सूचीबद्ध अस्पताल में अपना मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना हेल्थ कार्ड प्रस्तुत करना होगा। मरीज से किसी प्रकार का भुगतान नहीं लिया जाएगा। इलाज पूरा होने के बाद अस्पताल द्वारा दावा प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका भुगतान 15 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। निर्बाध सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार पहले ही बीमा कंपनी को अग्रिम प्रीमियम का भुगतान कर चुकी है।
कार्यान्वयन और वित्तीय प्रबंध
यह योजना एक हाइब्रिड मॉडल के तहत लागू की जा रही है। प्रति परिवार 1 लाख रुपये का बीमा कवरेज यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रदान किया जाता है, जबकि 10 लाख रुपये तक की शेष राशि पंजाब सरकार द्वारा राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के माध्यम से वहन की जाती है। योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 1,200 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना यह सुनिश्चित करने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी नागरिक केवल आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहे। बिना किसी भेदभाव के सार्वभौमिक और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर यह योजना पंजाब को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाती है।
अधिक जानकारी और योजना के अंतर्गत पंजीकरण सहायता के लिए नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से संपर्क कर सकते हैं।
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प्रेस नोट
लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को अपनाने के साथ संपन्न
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
भारत निर्वाचन आयोग का लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को अपनाने के साथ संपन्न हुआ।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त (ईसीज) डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी, 42 चुनाव प्रबंधन संस्थाओं (ईएमबी) के प्रमुख, 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ, निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 36 मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आईआईसीडीईएम-2026 के समापन सत्र में उपस्थित रहे।
समापन सत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 का वाचन किया, जिसे ईएमबीज द्वारा सर्वसम्मति से अपनाया गया। ईएमबी ने घोषणा-पत्र के पाँच स्तंभों—मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनावों का संचालन, अनुसंधान और प्रकाशन, प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण—से संबंधित विषयों पर मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने समय-समय पर अपनी प्रगति की समीक्षा करने का भी संकल्प लिया तथा 3, 4 और 5 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडियन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेमोक्रेसीज़ एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में बैठक करने का प्रस्ताव रखा।
ईएमबीज ने अंतरराष्ट्रीय आईडीईए के नेतृत्व में सात विषयों और आईआईआईडीईएम के नेतृत्व में 36 विषयों पर आधारित विश्व लोकतंत्रों की सह-क्यूरेटेड विश्वकोश तैयार करने; ईसीआई-नेट जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों के सह-विकास; आईआईआईडीईएम द्वारा पारदर्शी प्रथाओं के प्रशिक्षण एवं आदान-प्रदान तथा चुनावों के संचालन और मतदाता सूचियों की तैयारी में पेशेवरता लाने का भी संकल्प लिया।
अपने मुख्य भाषण में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सम्मेलन में आदर्श अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन मानकों पर चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान हुई 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन बैठकों से आपसी सहयोग के विस्तार तथा साझा प्राथमिकताओं और दृष्टिकोणों की समझ में योगदान डाला है।
समापन सत्र में बोलते हुए निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि खुली चर्चा, पारस्परिक सम्मान और एक-दूसरे से सीखने की इच्छा वैश्विक निर्वाचन समुदाय की परिपक्वता और पेशेवरता को दर्शाती है।
अपने संबोधन में निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि ईसीआई-नेट की शुरुआत विशेष रूप से भारत की तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण रही है।
तीन दिवसीय यह सम्मेलन, जो अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा सम्मेलन था, का शुभारंभ एक भव्य स्वागत समारोह और उद्घाटन सत्र के साथ हुआ, जिसमें 42 ईएमबी के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और 27 देशों के मिशन प्रमुखों सहित लगभग 1,000 व्यक्तियों ने भाग लिया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
सरकारी स्कूलों को रिकॉर्ड समर्थन मिलना भगवंत मान सरकार की "शिक्षा क्रांति" पर अभिभावकों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण: हरजोत सिंह बैंस
स्कूल ऑफ़ एमिनेंस और रेजड़िेंशियल स्कूलों में 20 हज़ार सीटों के लिए 2 लाख से अधिक आवेदन आना सरकारी स्कूल शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण: हरजोत सिंह बैंस
क प्रवेश के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी; प्रवेश परीक्षा 1 मार्च को
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के तहत उठाए गए कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। स्कूल ऑफ़ एमिनेंस (एस.ओ.ई.) और रेजड़िेंशियल स्कूल्स फॉर मेरिटोरियस स्टूडेंट्स (आर.एस.एम.एस.) में प्रवेश के प्रति मिल रही भारी समर्थन मिलना सरकारी स्कूलों की शिक्षा पर विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन प्रतिष्ठित संस्थानों में 9वीं और 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए 2 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो लगभग 20,000 उपलब्ध सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सीटों की तुलना में इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरण होना सरकारी स्कूलों में दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर अभिभावकों और विद्यार्थियों के भरोसे को दर्शाता है।
स हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि राज्य में इस समय 118 स्कूल ऑफ़ एमिनेंस और 10 रेजड़िेंशियल स्कूल हैं, जहाँ शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
सीटों की उपलब्धता का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि 9वीं कक्षा के लिए स्कूल ऑफ़ एमिनेंस में कुल 4,248 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें प्रति स्कूल 36 सीटें हैं, जबकि मेधावी विद्यार्थियों के लिए रेजड़िेंशियल स्कूलों में वर्तमान में 50 सीटें उपलब्ध हैं।
इसी तरह 11वीं कक्षा के लिए स्कूल ऑफ़ एमिनेंस में 11,187 सीटें उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 11वीं कक्षा के लिए कुल स्वीकृत प्रवेश सीटें 15,104 हैं, जिनमें से स्कूल ऑफ़ एमिनेंस में पढ़ रहे 10वीं कक्षा के 3,917 विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में इन सीटों के अंतर्गत पदोन्नत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 11वीं कक्षा के प्रवेश के लिए मेधावी विद्यार्थियों हेतु रेजड़िेंशियल स्कूलों में 4,600 सीटें उपलब्ध हैं।
पंजीकरण की स्थिति पर बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि 9वीं कक्षा के प्रवेश के लिए 93,300 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 74,855 आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो चुके हैं। इसी प्रकार 11वीं कक्षा के लिए अब तक 1,10,716 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से 92,624 आवेदन सफलतापूर्वक जमा किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि दोनों कक्षाओं के 36,537 विद्यार्थी अभी अपने आवेदन जमा करने के अंतिम चरण में हैं।
विद्यार्थियों और अभिभावकों से समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अपील करते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी, 2026 है, जबकि प्रवेश परीक्षा 1 मार्च, 2026 को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रवेश पत्रों और परीक्षा केंद्रों से संबंधित अन्य विवरण समय पर आधिकारिक माध्यमों से साझा किए जाएंगे।
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**सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब**
*पंजाब ने विशेष स्टील निर्माण क्षेत्र में 1003.57 करोड़ का ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित किया : संजीव अरोड़ा*
चंडीगढ़, 23 जनवरी :
पंजाब ने विशेष स्टील निर्माण क्षेत्र में एक बड़ा ग्रीनफील्ड निवेश प्राप्त किया है, जिससे राज्य के औद्योगिक जगत को और मजबूती मिली है।
आज यहां यह जानकारी साझा करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन तथा बिजली मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि लगभग 2,200 करोड़ के टर्नओवर वाली ए.आई.एस.आर.एम. मल्टीमेटल्स प्राइवेट लिमिटेड - जो अरोड़ा आयरन ग्रुप का हिस्सा है - ने गांव जसपालों दोराहा-खन्ना रोड, जिला लुधियाना में एक अत्याधुनिक स्टील निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए 1003.57 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव पेश किया है।
यह प्रोजेक्ट लगभग 46 एकड़ के क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा और इससे 920 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक रोजगार को बड़ा उछाल मिलेगा। यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में लागू किया जाएगा और इसका पहला चरण सितंबर 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है।
प्रस्तावित यूनिट की स्थापित क्षमता 5.40 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) होगी और यहां कच्चे माल के रूप में स्क्रैप तथा फेरो अलॉयज का उपयोग करके राउंड बार्स, वायर रॉड, कॉइल तथा फ्लैट तैयार किए जाएंगे। इस सुविधा के तहत साल में लगभग 350 दिनों के लिए ट्रिपल-शिफ्ट के आधार पर काम करने की योजना है ताकि बड़े पैमाने पर और निरंतरता के साथ उत्पादन किया जा सके।
श्री अरोड़ा ने कहा कि प्लांट आधुनिक और उन्नत स्टील निर्माण वाली तकनीकों से लैस होगा, जिसमें इंडक्शन फर्नेस, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ), लैडल रिफाइनिंग फर्नेस (एलआरएफ), वैक्यूम डीगैसिंग, आर्गन ऑक्सीजन डीकार्बराइजेशन, निरंतर कास्टिंग मशीनें तथा रोलिंग मिल्स शामिल हैं। ये तकनीकें वर्तमान दौर में बढ़ती मांग वाली औद्योगिक एप्लीकेशनों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले अलॉय तथा विशेष स्टील उत्पादों के उत्पादन को सक्षम बनाएंगी।
श्री अरोड़ा ने कहा, ‘‘प्रस्तावित निवेश पंजाब के मिश्रित धातु तथा विशेष स्टील इकोसिस्टम को, खासकर ऑटोमोबाइल और ऑटोमोटिव कंपोनेंट सेक्टर के लिए, जहां उच्च-ग्रेड स्टील की मांग लगातार बढ़ रही है, बड़े पैमाने पर मजबूत करेगा।’’ उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोजेक्ट उत्तरी भारत के एक प्रमुख औद्योगिक तथा धातु केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और मजबूत करेगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब सरकार के औद्योगिक विकास, मूल्य वर्धन, रोजगार सृजन तथा टिकाऊ निर्माण को प्रोत्साहित करने पर आधारित है। इसके अलावा यह प्रोजेक्ट राज्य के मजबूत औद्योगिक आधार, कुशल मानव संसाधन तथा रणनीतिक लॉजिस्टिकल लाभों का सुचारू उपयोग सुनिश्चित करेगा।
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने यह भी कहा कि हमारे माननीय राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा माननीय मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की गतिशील अगुवाई के तहत पंजाब जल्द ही देश का सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बन जाएगा।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*मान सरकार के नेतृत्व में पंजाब का विश्व-स्तरीय शिक्षा की ओर बड़ा कदम*
*हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी द्वारा यूनिवर्सल बिजऩेस स्कूल सिडनी के साथ समझौता हस्ताक्षरित*
*वैश्विक स्तर पर अकादमिक सहयोग तकनीकी शिक्षा के मानकों को और ऊँचा उठाएगा तथा अंतरराष्ट्रीय अनुभव बढ़ाएगा: हरजोत सिंह बैंस*
*हरजोत सिंह बैंस ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के माध्यम से शिक्षा सुधारों पर ज़ोर दिया*
*चंडीगढ़, 23 जनवरी:*
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहयोग को मज़बूत करने और राज्य में तकनीकी शिक्षा के मानकों को और ऊँचा उठाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी.पी.टी.यू.), जालंधर ने यूनिवर्सल बिजऩेस स्कूल सिडनी (यू.बी.एस.एस.), ऑस्ट्रेलिया के साथ एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते पर तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
राज्य के विद्यार्थियों को विश्व-स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाला यह समझौता हस्ताक्षर समारोह पंजाब भवन, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। इस सहयोग का उद्देश्य अकादमिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध पहल, फैकल्टी और विद्यार्थियों की गतिविधियाँ तथा शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध में वैश्विक श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाने को प्रोत्साहित करना है।
इस अवसर पर संबोधन के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारियाँ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के शिक्षा-सुधार एजेंडे का केंद्रीय स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल बिजऩेस स्कूल सिडनी जैसी विश्व-स्तरीय प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ सहयोग से पंजाब के तकनीकी संस्थानों में शिक्षा और शोध के मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कैबिनेट मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे समझौते विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों—दोनों के लिए उन्नत एवं सहयोगात्मक शोध, संयुक्त प्रकाशन, नवाचार-आधारित परियोजनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय शोध तक पहुँच के व्यापक अवसर खोलेंगे।
सहयोग के दीर्घकालिक और साकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक साझेदारी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण तथा विदेशों में उच्च शिक्षा, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान कर उनके करियर के लिए नए, बेहतर और व्यापक मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने आगे कहा कि अकादमिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण पहलों तथा अंतरराष्ट्रीय शोध एवं विकास गतिविधियों में भागीदारी फैकल्टी सदस्यों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
पंजाब सरकार की दूरदर्शी सोच को दोहराते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मान सरकार पंजाब के युवाओं को विश्व-स्तर पर प्रासंगिक कौशल, शोध प्रवृत्तियों और पेशेवर दक्षताओं से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बन सकें।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यू.बी.एस.एस. ऑस्ट्रेलिया के साथ आई.के.जी.पी.टी.यू. जालंधर की साझेदारी न केवल दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के उच्च शिक्षा इको-सिस्टम में आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक अनुभव की पहुँच को भी सुदृढ़ करेगी।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक अकादमिक साझेदारी की शुरुआत करने वाले इस समझौते पर आई.के.जी.पी.टी.यू. जालंधर के कुलपति डॉ. सुशील मित्तल और यूनिवर्सल बिजऩेस स्कूल सिडनी के प्रेसिडेंट गैरी मल्होत्रा ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर गैरी मल्होत्रा ने विद्यार्थियों में नवोन्मेषी शोध, उद्यमिता और वैश्विक नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक से अधिक विश्व-स्तरीय संस्थानों के साथ सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया।
वाइस चांसलर डॉ. सुशील मित्तल ने राज्य को विश्व-स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीकी शिक्षा और शोध उत्कृष्टता के केंद्र में परिवर्तित करने की पंजाब सरकार की परिकल्पना के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय एवं द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रति आई.के.जी.पी.टी.यू. की प्रतिबद्धता को दोहराया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*भगवंत मान सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत 2,559 परिवारों को 13.05 करोड़ रुपये से सशक्त बनाया: डॉ. बलजीत कौर*
*12 जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए 51,000 रुपये की विवाह सहायता: डॉ. बलजीत कौर*
*डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुँच रहे हैं आशीर्वाद योजना के लाभ: डॉ. बलजीत कौर*
*भगवंत मान सरकार पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को कर रही है मजबूत: डॉ. बलजीत कौर*
चंडीगढ़, 23 जनवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि भगवंत मान सरकार अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है।
आशीर्वाद योजना का विवरण साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार ने पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित 2,559 परिवारों को लाभ पहुँचाने के लिए 13.05 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा, "आशीर्वाद योजना के तहत दी गई यह सहायता इन परिवारों को राहत देने और उनके वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।"
योजना की पहुँच के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि फरीदकोट, फिरोजपुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, पटियाला, एस.बी.एस. नगर, संगरूर और तरनतारन सहित 12 जिलों से आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्राप्त हुए थे। उन्होंने आगे कहा, "इन जिलों के सभी पात्र लाभार्थियों को कवर करने के लिए 13.05 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।"
जिलावार विवरण साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "फरीदकोट के 19, फिरोजपुर के 45, श्री फतेहगढ़ साहिब के 83, फाजिल्का के 723, गुरदासपुर के 291 और जालंधर के 7 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।" उन्होंने आगे बताया कि इसी प्रकार कपूरथला के 163, लुधियाना के 892, पटियाला के 175, एस.बी.एस. नगर के 43, संगरूर के 37 और तरनतारन के 81 लाभार्थियों को भी इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है।
आशीर्वाद योजना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा, "इस योजना के तहत कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस सहायता का उद्देश्य उनके वित्तीय बोझ को कम करना और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना है।"
पात्रता मानदंडों का विवरण देते हुए मंत्री ने कहा, "योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक पंजाब का स्थायी निवासी हो, गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवार से संबंधित हो तथा अनुसूचित जातियों, पिछड़ी श्रेणियों या अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित होना चाहिए। सभी स्रोतों से कुल वार्षिक पारिवारिक आय 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "एक पात्र परिवार की दो बेटियां आशीर्वाद योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकती हैं।"
योजना की पारदर्शिता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, "वित्तीय सहायता के लाभ डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं, ताकि पारदर्शिता और निधियों की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।"
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "पंजाब सरकार समाज के सभी वर्गों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सशक्त बनाने के लिए तेज़ी से काम कर रही है, जो समानता आधारित और समावेशी पंजाब बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।"