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पंजाब

Punjab Latest News 2026

January 29, 2026 08:27 AM

लाला लाजपत राय के जन्म स्थल ढुड्डीके को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

ढुड्डीके में सीवरेज, तालाब, खेल मैदान और सभी बुनियादी ढांचे को किया जाएगा अपग्रेड: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पिछली सरकारों ने लाला जी के जन्म स्थल के विकास के लिए केवल योजनाएं बनाईं; हम ज़मीनी स्तर पर काम करेंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मैं अगले वर्ष लाला जी के जन्मदिन पर फिर आऊंगा; तब तक सभी विकास कार्य पूरे हो जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ढुड्डीके, मोगा में 71वें ‘लाला लाजपत राय जन्म दिवस खेल मेले’ के दौरान कबड्डी मुकाबले का किया उद्घाटन

सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल को दरकिनार कर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गांववासियों के साथ बैठकर कबड्डी मैच देखा

मोगा, 28 जनवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि लाला लाजपत राय के जन्म स्थल ढुड्डीके को पूर्ण रूप से एक मॉडल गांव में तब्दील किया जाएगा, जहां सीवरेज, तालाब, खेल मैदान सहित सभी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। 71वें लाला लाजपत राय जन्म दिवस खेल मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें केवल कागज़ी योजनाएं बनाती रहीं, जबकि उनकी सरकार ने राज्य के विकास के लिए एक वर्ष के भीतर ज़मीनी स्तर पर काम कर दिखाया है।

भगवंत सिंह मान ने वादा किया कि वे लाला जी के अगले जन्मदिवस पर इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद पुन: यहां आएंगे। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल को एक ओर रखते हुए, जनता से अपनी गहरी जुड़ाव को दर्शाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां गांववासियों के साथ ग्रामीण खेल मेले के दौरान पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की स्मृति में आयोजित कबड्डी और हॉकी टूर्नामेंट का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ सेल्फी लेते हुए और बुजुर्गों से आशीर्वाद ग्रहण करते हुए कहा, "मैं एक आम व्यक्ति हूं और अपने भाइयों तथा बुजुर्गों के साथ इस ग्रामीण खेल मेले को देखने आया हूं, जो हमारी आत्मा का हिस्सा है। अपने लोगों के साथ मिलकर मुझे अत्यंत खुशी मिलती है।"

इस दौरान रोमांचक कबड्डी मुकाबले को देखने पहुंचे दर्शकों से मिलते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को दरकिनार कर खिलाडिय़ों से व्यक्तिगत रूप से हाथ मिलाया, जो जनता के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। इस अवसर पर भीड़ ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया।

उन्होंने कहा, "यह आयोजन पंजाब के महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के जन्मदिवस की स्मृति में आयोजित टूर्नामेंट का हिस्सा है।" उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले इस महान राष्ट्रवादी की विरासत युवाओं को सदैव प्रेरित करती रहेगी।

पारंपरिक लोक संगीत और उत्सवपूर्ण माहौल के बीच जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "पंजाब की देसी खेलों को और मज़बूत करना समय की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि "कबड्डी, बैलगाड़ी दौड़ और अन्य पारंपरिक खेल केवल खेल नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत का अभिन्न अंग हैं।" भगवंत सिंह मान ने कहा, "ये खेल पंजाबियों की भावना, शक्ति और एकता को दर्शाते हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते आए हैं।"

खेलों को बढ़ावा देने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेल क्षेत्र में पंजाब की प्राचीन शान को पुन: स्थापित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पारंपरिक खेल एक बार फिर फले-फूले और गांवों के युवाओं को आगे बढऩे का मंच मिले। मुख्यमंत्री ने लोगों को कीला रायपुर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मिनी ओलंपिक में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए बताया कि ये खेल 31 जनवरी से शुरू होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 वर्षों के बाद बैलगाड़ी दौड़ों का दोबारा शुरू होना इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारी समृद्ध परंपराओं को पुनर्जीवित करने और पंजाब की खेल विरासत को मनाने का सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने घोषणा की कि गांव ढुड्डीके की पंचायत द्वारा उठाई गई सभी मांगों को तुरंत पूरा किया जा रहा है, जिनमें नई सीवरेज लाइन बिछाना, गांव के तालाब का नवीनीकरण, एक आधुनिक खेल मैदान का विकास तथा जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के रूप में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को पूरे पंजाब में लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब प्रत्येक पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए बनाई गई इस महत्वपूर्ण योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज़ादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी पंजाब अपनी स्वयं की राजधानी और हाईकोर्ट से वंचित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को पुन: प्राप्त करने के लिए लगातार और दृढ़ प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब और पंजाबियों की भलाई के इस नेक कार्य के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति दें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर, देविंदर सिंह लाडी ढोस, अमृतपाल सिंह सुखानंद, अमनदीप कौर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 333वें दिन पंजाब पुलिस ने 1.1 किलो हेरोइन सहित 73 नशा तस्करों को किया काबू

नशा मुक्ति प्रयासों के तहत पंजाब पुलिस ने 28 व्यक्तियों को नशा छोडऩे का इलाज लेने के लिए किया राज़ी

चंडीगढ़, 28 जनवरी:प्रदेश से नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू की गई मुहिम " युद्ध नशों विरुद्ध’ के 333वें दिन पंजाब पुलिस ने आज 275 स्थानों पर छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश भर में 49 एफआईआर दर्ज कर 73 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 333 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 46,770 हो गई है।

इन छापेमारियों के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 1.1 किलो हेरोइन, 205 नशीली गोलियां तथा 46,440 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों तथा एसएसपीज़ को पंजाब को नशा-मुक्त प्रदेश बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार द्वारा नशों के विरुद्ध युद्ध की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी भी गठित की गई है।

इस अभियान के दौरान 68 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 700 से अधिक पुलिस कर्मियों की 100 से ज्यादा पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में 275 स्थानों पर छापेमारी की। उन्होंने आगे बताया कि दिन भर चले इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने 274 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी की।

यह भी उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने प्रदेश से नशों के उन्मूलन के लिए तीन-स्तरीय रणनीति—इन्फोर्समेंट, डी-एडिक्शन और प्रिवेंशन (ईडीपी)—लागू की है। इसी रणनीति के तहत पंजाब पुलिस ने आज 28 व्यक्तियों को नशा छोडऩे तथा पुनर्वास का इलाज लेने के लिए राज़ी किया है।
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जी.एन.डी.यू. ने रचा इतिहास: अब अंग्रेज़ी के साथ-साथ पंजाबी भी बनेगी शोध की भाषा

अमृतसर, 28 जनवरी:गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जी.एन.डी.यू.), अमृतसर ने पंजाबी-फस्र्ट एजुकेशन, रिसर्च एंड गवर्नेंस पॉलिसी-2026 को मंज़ूरी देकर एक ऐतिहासिक और जन-केंद्रित कदम उठाया है। इस नीति के तहत वैश्विक अकादमिक मानकों से समझौता किए बिना पंजाबी (गुरमुखी) को उच्च शिक्षा के केंद्र में रखा गया है।

इस निर्णय की घोषणा करते हुए गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य उच्च शिक्षा को समाज से दोबारा जोडऩा और विद्यार्थियों को उस भाषा में सीखने की सुविधा देना है, जिसे वे सबसे बेहतर ढंग से समझते हैं।

ऐसे समय में जब उच्च शिक्षा काफी हद तक समाज से कटती जा रही है, यह नीति विश्वविद्यालयों को स्थानीय लोगों की भाषा से पुन: जोडऩे का प्रयास करती है। जी.एन.डी.यू. द्वारा इस नीति को लागू किए जाने के बाद प्रमुख शोध कार्य—जैसे पीएचडी थीसिस, शोध निबंध (डिसर्टेशन), प्रोजेक्ट रिपोर्टें तथा फंडेड रिसर्च आउटपुट—प्राथमिक अकादमिक भाषा (आमतौर पर अंग्रेज़ी) के साथ-साथ पंजाबी (गुरमुखी) में भी जमा कराना अनिवार्य होगा।

प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि यह कदम जितना सरल है, उतना ही सशक्त भी है। पंजाब में उत्पन्न ज्ञान न केवल वैश्विक स्तर पर बल्कि पंजाबी बोलने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, नीति-निर्माताओं और नागरिकों के लिए भी सुलभ होना चाहिए।

वैश्विक ज्ञान और स्थानीय पहुँच

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पंजाबी भाषा में जमा कराए जाने वाले अकादमिक प्रोजेक्ट केवल औपचारिकता नहीं होंगे, बल्कि उनकी अकादमिक शुद्धता, मौलिक शोध-केन्द्रित दृष्टिकोण, स्पष्टता और सटीकता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। जहां शोध की गुणवत्ता का मूल्यांकन मुख्य रूप से उस भाषा में किया जाता रहेगा जिसमें अकादमिक प्रोजेक्ट जमा किया जाना अनिवार्य है, वहीं पंजाबी भाषा में प्रस्तुत कार्य यह सुनिश्चित करेगा कि विचारों, नवाचारों और शोध कार्यों को भाषा संबंधी बाधाओं का सामना न करना पड़े।

यह भी महत्वपूर्ण है कि जब तक अर्थ और शुद्धता बनी रहती है, पंजाबी लेखन की शैली को लेकर विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। इस नीति के तहत सीखने, सहभागिता और आत्मविश्वास को विशेष महत्व देते हुए भाषाई भेदभाव को दूर रखने पर ज़ोर दिया गया है।

यह विद्यार्थियों और पंजाब के लिए क्यों महत्वपूर्ण है

बहुत से विद्यार्थियों—विशेषकर ग्रामीण, सीमावर्ती और प्रथम-पीढ़ी की पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों—के लिए पंजाबी में अपने विचार व्यक्त करना अन्य भाषाओं की तुलना में अधिक सहज होता है। यह नीति उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता बनाए रखते हुए शोध एवं अकादमिक परियोजनाओं से अधिक गहराई से जुडऩे का अधिकार देती है।

पंजाब के लिए इसके व्यापक और रचनात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून, पर्यावरण, उद्यमिता और समाज से जुड़े शोध कार्य अब पंजाबी में भी उपलब्ध होंगे, जिससे व्यापक जन-समझ, बेहतर नीति-निर्माण तथा स्कूलों, स्टार्ट-अप्स, संस्थानों और समुदायों में ज्ञान का तेज़ी से आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।

उपकुलपति ने आगे कहा कि इस कदम से पंजाबी केवल संस्कृति की भाषा न रहकर विज्ञान, नवाचार और लोक-कल्याण की भाषा के रूप में स्थापित होगी।

मज़बूत अकादमिक सहायता प्रणाली

इस नीति के सख़्त और एकरूप क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जी.एन.डी.यू. एक मज़बूत संस्थागत सहायता प्रणाली स्थापित करेगा, जिसमें शामिल होंगे:
विभाग-वार पंजाबी अकादमिक शब्दावली

पंजाबी अकादमिक लेखन और संदर्भ (रेफरेंस) गाइड

शब्दावली और अनुवाद सहायता के लिए समर्पित पंजाबी अकादमिक सहायता इकाई

दोनों भाषाओं में शोध को संचित करने वाली द्विभाषी डिजिटल रिपॉज़िटरी

इसके साथ ही आधुनिक साधनों, जिनमें एआई-आधारित अनुवाद भी शामिल है, का उपयोग किया जा सकेगा। इसकी शुद्धता और अकादमिक एकरूपता के लिए संबंधित शोधकर्ता उत्तरदायी होंगे।

चरणबद्ध और निष्पक्ष क्रियान्वयन

इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा:

पहला वर्ष: डॉक्टरेट थीसिस और फंडेड रिसर्च

दूसरा वर्ष: शोध निबंध (डिसर्टेशन)

तीसरा वर्ष: प्रमुख प्रोजेक्ट रिपोर्टें और संस्थागत शोध

केवल अत्यधिक तकनीकी या कानूनी रूप से सीमित मामलों में आंशिक छूट दी जाएगी, बशर्ते अनिवार्य रूप से पंजाबी सारांश जमा कराया जाए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के पूर्णत: अनुरूप है, जो उच्च शिक्षा में बहुभाषी शिक्षा, मातृ-भाषा आधारित शिक्षा और भाषाई बाधाओं को दूर करने की वकालत करती है। जी.एन.डी.यू. का यह मॉडल दर्शाता है कि क्षेत्रीय भाषाएं किस प्रकार वैश्विक अकादमिक उत्कृष्टता के साथ समन्वय स्थापित कर सकती हैं।

अधिक समावेशी विश्वविद्यालय की ओर महत्वपूर्ण कदम

द्विभाषी शोध को संस्थागत रूप देकर जी.एन.डी.यू. न केवल अंतर-सांस्कृतिक समझ को मज़बूती दे रहा है, बल्कि सरकारी विश्वविद्यालयों की शिक्षा और समाज के बीच सेतु के रूप में भूमिका की भी पुष्टि कर रहा है।

विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रो. करमजीत सिंह ने कहा कि जी.एन.डी.यू. उत्कृष्टता, समानता और सांस्कृतिक नेतृत्व के लिए समर्पित है। पंजाबी-फस्र्ट एजुकेशन, रिसर्च एंड गवर्नेंस पॉलिसी-2026 यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है कि पंजाब में उच्च शिक्षा वैश्विक स्तर की, अपनी जड़ों से जुड़ी और सामाजिक रूप से अर्थपूर्ण बनी रहे।

यह नीति आगामी अकादमिक सत्र से लागू की जाएगी।
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राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह: पंजाब पुलिस ने यारा इंडिया के सहयोग से सडक़ सुरक्षा और रसायनों के प्रबंधन पर वेबिनार आयोजित किया

— सडक़ सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में मानवीय मूल्यों को विशेष स्थान दिया जाना चाहिए: स्पेशल डीजीपी ए.एस. रॉय

— वेबिनार में 600 से अधिक ट्रैफिक एवं सडक़ सुरक्षा फोर्स के कर्मियों ने भाग लिया

चंडीगढ़, 28 जनवरी:चल रहे राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह-2026 के तहत, पंजाब पुलिस के ट्रैफिक एवं सडक़ सुरक्षा विंग ने यारा इंडिया के सहयोग से आज सडक़ सुरक्षा प्रबंधन तथा दुर्घटनाओं के दौरान रसायनों के प्रबंधन के संबंध में फील्ड कर्मियों की तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष वेबिनार आयोजित किया।

पंजाब पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश भर से सडक़ सुरक्षा फोर्स तथा जिला ट्रैफिक एवं सडक़ सुरक्षा टीमों के 600 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रैफिक एवं सडक़ सुरक्षा) ए.एस. रॉय ने सडक़ सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में मानवीय मूल्यों को विशेष स्थान देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सडक़ों पर सुरक्षा, सहानुभूति और जिम्मेदार व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो बहुमूल्य जानों—विशेष रूप से युवाओं की जान—को बचाना सुनिश्चित करता है।

इस दौरान तकनीकी सत्रों का संचालन यारा इंडिया के एचईएसक्यू सिक्योरिटी मैनेजर राजीव पाहुजा, यारा इंडिया के एससीएम मैनेजर संदीप तोमर तथा ट्रैफिक सलाहकार, पंजाब, डॉ. नवदीप असीजा द्वारा किया गया। सत्रों के दौरान सडक़ सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों, ड्राइविंग के दौरान संभावित खतरों की पहचान, संवेदनशील यात्रियों के व्यवहार, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल तथा यातायात और सडक़ आपात स्थितियों के दौरान उर्वरकों के सुरक्षित प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर बोलते हुए यारा साउथ एशिया के एमडी संजीव कंवर ने कहा कि सडक़ सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, जो सीधे तौर पर जन-जीवन और समुदायों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का परिवहन भारत के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इनके परिवहन तथा आपात स्थितियों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस के साथ यारा का यह सहयोग सुरक्षा, स्थिरता और जिम्मेदार तरीके से कार्य सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और विशेषज्ञों के नेतृत्व में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सडक़ सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।
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पंजाब के राज्यपाल द्वारा 16वीं पंजाब विधानसभा के 11वें विशेष सत्र का सत्रावसान
चंडीगढ़, 28 जनवरी:
पंजाब के राज्यपाल द्वारा 28 जनवरी, 2026 को पंजाब विधानसभा, जिसकी 30 दिसंबर, 2025 की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी, का सत्रावसान कर दिया गया है।
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पेडा द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं हेतु शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौते हस्ताक्षरित
क ये समझौते भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करेंगे: अमन अरोड़ा
चंडीगढ़, 28 जनवरी:
राज्य में सतत और दक्ष ऊर्जा आधारित भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ऊर्जा संरक्षण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) ने अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) परियोजनाओं की शुरुआत के लिए प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ दो समझौते हस्ताक्षरित किए हैं।

पंजाब के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाने के लिए ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने हेतु चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ुआं तथा भाई गुरदास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, संगरूर के साथ ये समझौते किए गए हैं।

पेडा को इन समझौतों के लिए बधाई देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य पंजाब में ऊर्जा खपत को कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक समाधानों को प्रोत्साहित करने हेतु सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों के बीच मजबूत सहयोग विकसित करना है। इस पहल के अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को ऊर्जा से संबंधित अनुसंधान, क्षेत्रीय अध्ययन, प्रौद्योगिकी विकास और पायलट परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का बेहतर अवसर प्रदान किया जाएगा।

श्री अरोड़ा ने बताया कि इन समझौतों पर पेडा की सीईओ श्रीमती नीलिमा द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। ये समझौते युवा प्रतिभाओं को निखारने, तकनीकी कौशल को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों में ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि इन समझौतों के अंतर्गत शुरू की जाने वाली अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं राज्य भर में भवनों, उद्योगों और सार्वजनिक स्थलों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने, हरित प्रौद्योगिकियों और श्रेष्ठ प्रथाओं को प्रोत्साहित करने, दीर्घकालिक ऊर्जा योजना के लिए नीतियां तैयार करने तथा ऊर्जा लागत और कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर केंद्रित होंगी। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की, जो पंजाब को ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए एक आदर्श राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के ऊर्जा संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, साथ ही विद्यार्थियों और संस्थानों को राज्य के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार करेगा। यह पहल नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों और फैकल्टी की क्षमताओं में वृद्धि करेगी तथा कार्बन उत्सर्जन को कम कर स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में पंजाब के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
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*पंजाब सरकार संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए प्रतिबद्ध; जायज मांगों का शीघ्र समाधान किया जाएगा: लालजीत सिंह भुल्लर*

*3 फरवरी को परिवहन सचिव के साथ यूनियन सदस्यों की बैठक होगी*

*परिवहन मंत्री ने परिवहन यूनियन के प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात*

चंडीगढ़, 28 जनवरी:पंजाब सरकार परिवहन विभाग के संविदा कर्मचारियों को नियमित करने सहित उनकी सभी जायज मांगों का शीघ्र समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कही। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों की मांगों पर विचार-विमर्श के लिए 3 फरवरी, 2026 को परिवहन सचिव के साथ यूनियन सदस्यों की बैठक तय की गई है।
आज यहां पंजाब रोडवेज, पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान स भुल्लर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग के संविदा कर्मचारियों की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार जहां कर्मचारियों और मुलाजिमों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं राज्य के लोगों और यात्रियों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
मंत्री ने कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे जनहित में अपनी सेवाएं निभाते रहें और सरकार भी अपने कर्मचारियों का पूरा ख्याल रखेगी।
इस अवसर पर परिवहन सचिव वरुण रूज़म, विशेष प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कुमार अमित, निदेशक स्टेट ट्रांसपोर्ट राजीव कुमार गुप्ता, ए.एम.डी. पी.आर.टी.सी. नवदीप कुमार के अलावा रेशम सिंह (प्रदेश प्रधान), समशेर सिंह (जनरल सेक्रेटरी), हरकेश कुमार विक्की (सीनियर उपाध्यक्ष), बलजीत सिंह (कैशियर) और जगतार सिंह सहित अन्य नेता बैठक में उपस्थित थे।
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*पंजाब सरकार कर्मचारियों की जायज़ मांगों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध: डॉ. रवजोत सिंह*

*शिक्षा विभाग की 13 कर्मचारी संगठनों के साथ हुई बैठकें*

चंडीगढ़, 28 जनवरी:पंजाब के संसदीय मामलों और एन.आर.आई. मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने आज राज्य सरकार की कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों सहित कर्मचारियों के कई अहम मुद्दों का समाधान पहले ही किया जा चुका है और शेष जायज़ मांगों पर भी सरकार सक्रिय रूप से विचार कर रही है।

पंजाब सिविल सचिवालय में विभिन्न बैठकों की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने शिक्षा विभाग से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर शिक्षा सचिव सोनाली गिरी सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान डॉ. रवजोत सिंह ने शिक्षा विभाग से संबंधित 13 विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी जायज़ मांगें प्रक्रिया के तहत हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बैठक के दौरान शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को जायज़ मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुन: दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारी-हितैषी सरकार है और सभी जनसेवकों के लिए सहयोगात्मक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पिछड़े श्रेणियों, अल्पसंख्यक वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए पंजाब सरकार प्रतिबद्ध : संदीप सैनी
चंडीगढ़, 28 जनवरी:पंजाब पिछड़ा वर्ग भूमि विकास एवं वित्त निगम (बैकफिंको) द्वारा राज्य के पिछड़े वर्गों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यक वर्गों के व्यक्तियों के आर्थिक स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से स्वरोजग़ार स्थापित करने तथा विद्यार्थियों को देश और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। यह जानकारी बैकफिंको के चेयरमैन श्री संदीप सैनी ने दी।

उन्होंने बताया कि पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यक वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए पंजाब सरकार निरंतर प्रयासरत है।

श्री सैनी ने बताया कि बैकफिंको द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान एन.एम.डी. योजना के अंतर्गत पंजाब राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग (सिख, मुस्लिम, ईसाई, पारसी, बौद्ध और जैन) के लोगों को 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक 256 लाभार्थियों को 8.25 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने पंजाब के पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यक वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं से अपील की कि वे स्वरोजग़ार शुरू करने के लिए बैकफिंको से संपर्क करें।
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एस.सी. आयोग द्वारा एस.डी.एम. तलब
चंडीगढ़, 28 जनवरी:पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा एक मामले में कार्रवाई करते हुए एस.डी.एम. सचिन पाठक को तलब किया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एस.सी. आयोग के चेयरमैन सरदार जसबीर सिंह गढ़ी ने बताया कि संत इंदर दास निवासी गांव चूहड़वाली, जिला जालंधर द्वारा दायर एक शिकायत के संबंध में आयोग द्वारा सुनवाई की जा रही है। इस मामले में आयोग द्वारा दिनांक 03-02-2026 को श्री सचिन पाठक, एस.डी.एम. नंगल को तलब किया गया है।
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*मान सरकार का गरीब और हाशिए पर खड़े वर्गों के लिए बड़ा कदम; आशीर्वाद योजना अब केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से लागू होगी : डॉ. बलजीत कौर*

*पारदर्शिता, सुविधा और भरोसा सुनिश्चित करने के लिए आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल को सेवा केंद्रों से जोड़ा गया : डॉ. बलजीत कौर*

*आशीर्वाद योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की वित्तीय सहायता की जा रही है प्रदान : सामाजिक न्याय मंत्री*

चंडीगढ़, 28 जनवरी :मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा गरीब, पिछड़े और हाशिए पर खड़े वर्गों के कल्याण के लिए लगातार जनहितैषी फैसले लिए जा रहे हैं। इसी दिशा में आशीर्वाद योजना को और अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जन-मैत्री बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह बात पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही।

पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज पंजाब भवन में आशीर्वाद ऑनलाइन पोर्टल को सेवा केंद्रों के साथ संयुक्त रूप से जोडक़र आधिकारिक तौर पर शुरू किया। उन्होंने जानकारी दी कि अब से आशीर्वाद योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन केवल सेवा केंद्रों के माध्यम से ही जमा किए जा सकेंगे, जिससे योजना की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनेगी।

मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि मान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि सरकारी कल्याण योजनाओं का प्रत्येक रुपया पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थी तक पहुंचे। सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन लेने से भ्रष्टाचार, दलाली और दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा तथा लोगों का सरकारी प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। यह पहल बेटियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आशीर्वाद योजना पंजाब सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है। इस योजना के तहत अनुसूचित जातियों, ईसाई समुदाय, पिछड़ी श्रेणियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तथा सभी जातियों की विधवाओं की बेटियों और अनुसूचित जाति की विधवाओं एवं तलाकशुदा महिलाओं के विवाह के समय ₹51,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले लाभार्थियों को दस्तावेजों सहित आवेदन विभाग के तहसील कार्यालयों में जमा करवाने पड़ते थे, जिससे प्रक्रिया में देरी और तकनीकी खामियां आती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में योजना को ऑनलाइन करने के बावजूद निजी साइबर कैफे द्वारा अधिक फीस वसूलने संबंधी शिकायतें मिलती रहती थीं।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने अब आशीर्वाद पोर्टल को सेवा केंद्रों से जोड़ दिया है। इससे लाभार्थी अपने नजदीकी सेवा केंद्र से कम खर्च में, आसान और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की निदेशक श्रीमती विम्मी भुल्लर विशेष रूप से उपस्थित थीं।
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पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां द्वारा महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार एवं अन्य अधिकारियों के निधन पर शोक व्यक्त
चंडीगढ़, 28 जनवरी:पंजाब विधानसभा के स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार तथा अन्य अधिकारियों, जिन्होंने एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में अपनी जान गंवा दी, के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे एक समर्पित और निडर नेता थे तथा जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमें सदैव प्रेरित करती रहेगी और वे हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।

स्पीकर संधवां ने उनके निधन का समाचार सुनकर गहरा शोक व्यक्त किया और परमात्मा से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवारों को यह अपूरणीय क्षति सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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