मुख्यमंत्री ने पेश किया सरकारी संकल्प, विधानसभा में हुआ पारित
हरियाणा आवासन बोर्ड का एचएसवीपी में हुआ विलय
चंडीगढ़ 20 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, नागरिकों को बेहतर आवासन सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा शहरी योजना एकीकरण में सुधार के उद्वेश्य से आवासन बोर्ड हरियाणा को भंग कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय कर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन हरियाणा विधानसभा में सरकारी संकल्प पेश करते हुए बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवासन बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, दोनों के कार्य लगभग एक समान थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवासन बोर्ड हरियाणा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
यह संकल्प हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत पारित किया गया है। अब बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की होंगी।
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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन महान विभूतियों एवं वीर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
चंडीगढ़, 20 फरवरी — हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन सदन में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महान विभूतियों, उनके सगे-संबंधियों तथा वीर सैनिकों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना प्रकट की। विपक्ष सहित सभी सदस्यों ने शोक प्रस्ताव का समर्थन किया।
सदन में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार, भूतपूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र कुमार मदान, हरियाणा विधानसभा के भूतपूर्व सदस्य आनंद कौशिक के दुखद निधन पर शोक व्यक्त किया गया।
हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण ने भी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक व्यक्त किया। विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और श्री आदित्य चौटाला ने भी अपनी पार्टी की ओर से दिवंगतों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
सदन में प्रदेश के उन वीर सैनिकों को अश्रुपूर्ण नमन किया गया, जिन्होंने मातृभूमि की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इन वीर सैनिकों में सूबेदार हीरा लाल (गांव अकबरपुर, जिला महेंद्रगढ़), सूबेदार धर्मवीर (गांव बिरोहड़, जिला झज्जर), उप-निरीक्षक आकाश चौधरी (गांव रूदड़ौल, जिला चरखी दादरी), हवलदार हरजिंदर सिंह (गांव मंगोली रांगड़ान, जिला कुरुक्षेत्र), हवलदार जोगेंद्र सिंह (गांव बड़कोदा, जिला महेंद्रगढ़), नायक प्रवीण कुमार (गांव शेरिया, जिला झज्जर), नायक दीपक गोयत (गांव कापड़ो, जिला हांसी), सिपाही सुधीर नरवाल (गांव शेरपुर, जिला यमुनानगर), सिपाही जोगेंद्र (गांव मय्यड़, जिला हिसार), सिपाही मोहित (गांव गिजाड़ौद, जिला झज्जर), सिपाही साहिल मीणा (गांव जडथल, जिला रेवाड़ी), सिपाही मनीष कुमार (गांव सुलेहड़ा, जिला जींद) तथा सिपाही सुरजीत (गांव ढुकड़ा, जिला सिरसा) शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त विधायक मामन खान के भतीजे साहिल खान, विधायक राम करण के भाई केसर सिंह तथा विधायक सरदार मनदीप चट्ठा की माता श्रीमती निर्मल दीप चट्ठा के निधन पर भी सदन ने गहरा शोक प्रकट किया।
सदन में सभी दिवंगत आत्माओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं : राज्यपाल
- कहा , अन्नदाता के सम्मान से प्रदेश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है
चंडीगढ़ , 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और उनके जोखिम को न्यूनतम करने के लिए बहुआयामी रणनीतियां अपनाई हैं। अन्नदाता के सम्मान से प्रदेश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा है।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा करने और संसाधनों का दक्षता से वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान रबी सीजन के दौरान ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम के साथ एकीकृत करने से उर्वरक वितरण की पारदर्शिता में सुधार हुआ है। गत 8 अक्टूबर, 2025 से 11 फरवरी, 2026 के बीच यूरिया की खपत 1 लाख 28 हजार 231 मीट्रिक टन और डी.ए.पी. की खपत 24 हजार 168 मीट्रिक टन कम हुई है। इससे केंद्र सरकार को उर्वरकों पर सब्सिडी के तहत 716 करोड़ रुपये की बचत हुई।
राज्यपाल ने कहा कि मृदा की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने के लिए प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 10 हजार 36 किसानों ने प्राकृतिक खेती पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है और उनमें से 7 हजार 580 किसान 18 हजार 559 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इसके अलावा, 163 गांवों में 1 लाख 58 हजार एकड़ लवणीय और जलभराव वाली भूमि का सुधार करके इसे खेती योग्य बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को जोखिमों से बचाने के लिए, खरीफ—2016 से ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत 9 हजार 243 करोड़ रुपये के क्लेम दिए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत, 21 किस्तों में 7 हजार 235 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में सीधे डाले गए हैं। पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु 9 हजार 885 मशीनें सब्सिडी पर दी गई हैं। यह हर्ष की बात है कि 5 लाख 54 हजार किसानों को दिए गए 461 करोड़ 75 लाख रुपये के प्रोत्साहन से वर्ष 2025 के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में 52.9 प्रतिशत की कमी आई है।
प्रोफ़ेसर घोष ने कहा कि गन्ना पिराई सीजन 2025-26 के लिए 415 रुपये प्रति क्विंटल का राज्य सुझावित मूल्य तय किया गया है। सहकारी क्षेत्र में रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र में नई तेल मिलें लगाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं और जाटूसाना में एक मॉडर्न आटा मिल का उद्घाटन माननीय केंद्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा 24 दिसंबर, 2025 को किया गया है।
उन्होंने कहा कि डेयरी किसानों की मदद के लिए, ‘मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना’ के तहत सब्सिडी दी जा रही है। अंत्योदय परिवारों के लिए 10 रुपये प्रति लीटर का विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाता है। ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसानों को बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। ‘भावांतर भरपाई योजना’ के तहत 157.16 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। हाल ही में, मधुमक्खी पालकों को बाज़ार के उतार-चढ़ाव के जोखिम से बचाने के लिए शहद को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती की दिशा में देश के लिए एक मिसाल कायम की है। वर्ष 2021 में जहां फसल अवशेष जलाने की 6 हजार 987 घटनाएं दर्ज की गईं, वहीं सीज़न-2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ़ 662 रह गई है। फ़सल अवशेष प्रबंधन के लिए चालू वित्त वर्ष में प्रोत्साहन राशि 1,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1,200 रुपये कर दी गई है। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की जगह दूसरी वैकल्पिक फसलें बोने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। इसके साथ ही, धान की सीधी बिजाई के लिए प्रोत्साहन राशि 4,000 रुपये से बढ़ाकर 4,500 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
सिंचाई एवं जल प्रबंधन
राज्यपाल ने सिंचाई एवं जल प्रबंधन के मामले में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि 'जल ही जीवन है' और हमारे अस्तित्व के लिए जल प्रबंधन मूलभूत जरूरत है। उन्होंने कहा कि 'Per Drop-More Crop' की अवधारणा को साकार करने के लिए, प्रदेश में सूक्ष्म सिंचाई को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘अमृत सरोवर योजना’ के तहत ग्रामीण तालाबों का जीर्णोद्धार करके ग्रामीण जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, अटल भूजल योजना और नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट को मिशन मोड में लागू करने से भूमिगत जल प्रबंधन और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को अभूतपूर्व शक्ति मिली है।
उन्होंने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2024 में पानी बचाने के लिए हरियाणा को देश के तीसरे श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिलने पर सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए हरियाणा के जल के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने के लिए पूर्णतः वचनबद्ध हैं।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यमुना एक्शन प्लान के तहत यमुना नदी के जल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। यमुना नदी दिल्ली पहुंचने से पहले हरियाणा से 180 किलोमीटर तक और दिल्ली से निकलने के बाद फिर 70 किलोमीटर तक बहती है। यमुना के जल को प्रदूषण रहित करने की एक विस्तृत कार्य योजना के तहत, मार्च 2028 तक 146 एम.एल.डी. क्षमता वाले 8 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETPs) और 622 एम.एल.डी. क्षमता वाले 13 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने का प्रस्ताव है।
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*प्रदेश सरकार 'नारी शक्ति' को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है : राज्यपाल*
सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है*
चंडीगढ़ , 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार 'नारी शक्ति' को राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार मानती है और उनके सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का सबसे सशक्त संकेत महिलाओं की स्थिति से मिलता है। हरियाणा सरकार महिला सशक्तिकरण को महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय क्षमता के विकास के रूप में देखती है। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 'ड्रोन दीदी योजना' के तहत ग्रामीण महिलाओं को राज्य स्वामित्व वाली कंपनी 'ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ हरियाणा लिमिटेड' के माध्यम से 29 सितंबर, 2021 से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। इनमें 33 'ड्रोन दीदियों' को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 15 का प्रशिक्षण जारी है। इनके अतिरिक्त, लगभग 1,350 'ड्रोन दीदियों' के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
उन्होंने महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए बताया कि राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में, 33 महिला पुलिस थाने और 239 महिला हेल्प डेस्क पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। इनके अलावा, अगले वर्ष 7 नए महिला पुलिस थाने - लोहारू, बरवाला (हिसार), नरवाना, समालखा, महम, रादौर और पेहोवा में खोलने का निर्णय किया गया है।
प्रदेश सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उदाहरणीय प्रयास किए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में 'सांझा बाजार' और बस स्टैंडों पर विशेष दुकानें स्थापित की गई हैं। यह सुदृढ़ बाजार ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने और सम्मानजनक आय अर्जित करने में मदद करते हैं। श्रमिकों को भोजन सेवाएं प्रदान करने के लिए इन समूहों को 124 'अटल श्रमिक-किसान कैंटीन' का संचालन भी सौंपा गया है।
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश सरकार के 'लखपति दीदी' कार्यक्रम से राज्य में एक मूक क्रांति आई है, जिसके परिणास्वरूप, 1 लाख 6 हजार 325 महिलाएं 'लखपति दीदी' बन गई हैं। सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के उत्पादों को वैश्विक और डिजिटल पहचान दिलाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किए गए हैं और उन्हें मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से सीधे मुख्य बाजार से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के विज़न को पूरा करने के लिए राज्य के सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पहले एक साल की प्री-प्राइमरी शिक्षा, यानि 'बालवाटिका-III' शुरू की गई है। बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात को 1:30 के आदर्श स्तर पर बनाए रखा गया है। बच्चों को सुरक्षित व घर जैसा माहौल देने के लिए राज्य भर के लगभग 8,600 स्कूलों में बाल अनुकूल और समर्पित क्लासरूम बनाए गए हैं। यह गर्व की बात है कि शैक्षणिक सत्र-2025-26 में बालवाटिका-III में 79,000 से ज़्यादा बाल विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इन बच्चों को खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और भय-मुक्त वातावरण में शिक्षा दी जा रही है। मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के माध्यम से इन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की प्रगति की निरंतर निगरानी की जा रही है। बालवाटिका-III के इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने के लिए खेल सामग्री और आवश्यक सुविधाओं से युक्त 119 मॉडल बालवाटिका बनाई गई हैं।
*राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून का राज*
राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरियाणा में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है। आज इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि तीन नए आपराधिक कानूनों को पूर्णरूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में बेहतर जांच और मॉडर्न पुलिसिंग के परिणामस्वरूप, 1 जुलाई, 2024 से 31 दिसम्बर, 2025 तक पंजीकृत मामलों में सज़ा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है।
प्रदेश सरकार की महिलाओं के प्रति सुरक्षा की प्रतिबद्धता से वर्ष 2025 में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। साइबर क्राइम के खिलाफ़ संघर्ष में हरियाणा देश में सबसे आगे हैं। हरियाणा ने रियल टाइम में 36 प्रतिशत फ्रॉड अमाउंट बचाकर और 1.5 लाख फ्रॉड मोबाइल नंबर ब्लॉक करके हमारे नागरिकों की 256 करोड़ रुपये की संपत्ति सुरक्षित की है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि खुशी की बात है कि पिछले 4-5 वर्षों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के खिलाफ़ हुए अपराधों में कमी आई है। ऐसी महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार के मामलों में पिछले 4 वर्षों में 67 प्रतिशत की कमी आई है, जो वर्ष 2021 में 257 से घटकर वर्ष 2025 में 83 रह गए हैं। बलात्कार के मामले वर्ष 2022 में 211 से घटकर वर्ष 2025 में 105 रह गए हैं, जो 50 प्रतिशत की कमी है। वर्ष 2020 से अपहरण के मामलों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। वर्ष 2020 में ऐसे 23 मामले थे, जो वर्ष 2025 में घटकर 10 रह गए हैं।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आने वाले मामले वर्ष 2021 में 132 से घटकर वर्ष 2025 में 48 रह गए हैं। संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, राज्य पुलिस ने 426 आपराधिक गैंग का भंडाफोड़ किया है और विदेश में शरण लिए हुए 15 गैंगस्टरों का प्रत्यार्पण सुनिश्चित किया है। इससे फिरौती की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है।
राज्यपाल ने जानकारी दी कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है और 5,500 नए पुलिस सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डायल-112 पर 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज़ रिस्पॉन्स टाइम जवाबदेह गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है। नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, सरकार कार्य योजना-2029 के साथ मज़बूती से आगे बढ़ रही है।
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युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है : राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष
- कहा , हरियाणा सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी
चंडीगढ़ , 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि युवा शक्ति नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। हरियाणा सरकार ने भी युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने युवा शक्ति को हरियाणा का भविष्य बताते हुए कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग है। यह वही युवा शक्ति है, जो खेतों में परिश्रम करती है, खेल के मैदानों में देश का नाम रोशन करती है और नवाचार के माध्यम से ‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं और युवाओं में आत्मविश्वास जगा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोज़गार निगम ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। इसके द्वारा अब तक लगभग 1 लाख 18 हजार संविदा कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इन युवाओं को न सिर्फ़ रोज़गार मिला है, बल्कि उन्हें सेवा अवधि की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा लाभ, चिकित्सा और जीवन बीमा सुरक्षा देकर उनका भविष्य सुरक्षित किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा कौशल रोज़गार निगम ने खुद को एक अधिकृत भर्ती एजेंसी के रूप में भी पंजीकृत किया है और विदेशी नियोक्ताओं के साथ तालमेल भी बनाया है। इससे राज्य के युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक रोज़गार के अवसरों के द्वार खुले हैं। राज्य के 200 युवाओं को इज़राइल में कंस्ट्रक्शन वर्कर और 210 अन्य युवाओं को यूनाइटेड अरब अमीरात में बाइक राइडर और वेयरहाउस असिस्टेंट के तौर पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नियुक्त किया गया है।
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण को उच्च प्राथमिकता दे रही है। 'दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना' के तहत 4,826 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। ग्रामीण स्व-रोज़गार प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से इस साल 14 हजार 198 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, इनमें से 70 प्रतिशत युवाओं को स्व-रोज़गार से जोड़ा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि हर हरियाणवी युवा अपने क्षेत्र में हुनरमंद बने। श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के ज़रिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण की शुरुआत इसका जीवंत उदाहरण है। वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों से निपटने के लिए, हमने देश में अपनी तरह का पहला ‘डिपार्टमेंट ऑफ़ फ्यूचर’ बनाया है। यह पहल वर्ष 2047 तक ‘विकसित हरियाणा’ के विज़न को पूरा करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। यह डेटा विश्लेषण और भविष्योन्मुखी नीतियों से प्रशासन को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।
राज्यपाल ने कहा कि देश की सेवा और सुरक्षा प्रदेश के युवाओं के संस्कारों में रची-बसी है। हरियाणा सरकार देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों की आभारी है। उनके बलिदान को सर्वोपरि रखते हुए, अक्तूबर, 2014 से अब तक सशस्त्र बलों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शहीदों के 418 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अग्निवीरों के त्याग और समर्पण को भी पूरा समर्थन दे रही है। हरियाणा के अग्निवीरों को सुरक्षा बलों के नियमित कर्मचारियों की तरह ही एक्स-ग्रेसिया ग्रांट और अवॉर्ड दिए जा रहे हैं।
शिक्षा : ज्ञान से सशक्त समाज
राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की दीर्घकालिक पूंजी होती है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और समान अवसर पर विशेष ध्यान दिया है। विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी केवल डिग्री नहीं, वरन जीवन कौशल भी प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हरियाणा को ज्ञान आधारित समाज बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘गुरु-शिष्य योजना’ के तहत गुरु-शिष्य परंपरा को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से अब तक 219 गुरुओं और 270 शिष्यों को नामांकित किया गया है। इनमें से 126 गुरुओं को सफलतापूर्वक मान्यता दी जा चुकी है। पलवल, फरीदाबाद, सिरसा, ऐलनाबाद, होडल और पंचकूला में चल रहा यह कार्यक्रम कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित कर रहा है। वर्ष 2022-23 के लिए, हरियाणा ने 34.8 प्रतिशत का सकल नामांकन अनुपात (GER) हासिल किया है। लड़कियों का 39.1 प्रतिशत नामांकन महिला सशक्तिकरण की सकारात्मक छवि पेश कर रहा है। यह राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है और हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप इसे 50 प्रतिशत करने के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों, खासकर लड़कियों को उनके घर के नजदीक ही उच्च शिक्षा की सुविधा देने के लिए मेरी सरकार ने 20 किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक कॉलेज स्थापित किया है।
राज्यपाल ने आगे बताया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये के शुरुआती आवंटन के साथ 'हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष' बनाया गया है। यह विद्यार्थियों और शिक्षकों में वैज्ञानिक सोच को एक नई दिशा देगा। इसके अलावा, 22 जिला स्तर के महाविद्यालयों में आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए 24x7 लाइब्रेरी और वाचनालय की सुविधा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि 'सुपर 100' कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देने में एक वरदान सिद्ध हुआ है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 से, सरकारी स्कूलों के बच्चे इस कोचिंग प्रोग्राम के ज़रिए IIT-JEE और NEET में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्ष 2018 से अब तक 198 विद्यार्थियों का IITs व NIT में और 252 विद्यार्थियों का जाने-माने मेडिकल कॉलेजों में चयन इस प्रोग्राम की सफलता का प्रमाण है। इसी तरह, 'मिशन बुनियाद' के तहत, 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव मज़बूत करने के लिए 103 केंद्रों पर 5,000 मेधावी विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें नि:शुल्क वर्दी और लेखन सामग्री भी दी जा रही है। यह सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हमारे विद्यार्थी पीछे न रहें, इसके लिए सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से फ्रेंच भाषा सिखाना शुरू किया गया है।
प्रोफेसर घोष ने बताया कि राज्य सरकार हरियाणा को विज्ञान और नवाचार का वैश्विक हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। अटल टिंकरिंग लैब्स और डिजिटल लैब्स के ज़रिए, हम स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रहे हैं। अंबाला में 85 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 'आर्यभट्ट साइंस सेंटर' और कुरुक्षेत्र में ‘कल्पना चावला स्मृति तारामंडल’ के आधुनिकीकरण से राज्य में वैज्ञानिक चेतना को और बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि लड़कियों को इंजीनियरिंग विषयों की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'कल्पना चावला स्कॉलरशिप स्कीम' शुरू की गई है। इस योजना के तहत, हर साल एक-एक लाख रुपये तक की 250 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इनके अलावा, 'विज्ञान रत्न अवॉर्ड' योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के पुरस्कार दिए जाते हैं।
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हरियाणा सरकार ने सड़कों, परिवहन, शहरी सुविधाओं और डिजिटल ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है : राज्यपाल
-कहा , इंफ्रास्ट्रक्चर है विकास की मज़बूत नींव
चंडीगढ़ , 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सड़कों, परिवहन, शहरी सुविधाओं और डिजिटल ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है , क्योंकि किसी भी राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की मज़बूत नींव होता है।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिना सतत् विकास संभव नहीं है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025-26 के दौरान 6,030 किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत का काम सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। चालू वित्त वर्ष में 68 किलोमीटर लंबी नई सड़कें भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने राज्य की सभी 12 फुट चौड़ी सड़कों को 18 फुट चौड़ा करने का फैसला लिया है। इस दिशा में, मार्च, 2026 तक 1,275 किलोमीटर लंबी सड़कों का काम पूरा हो जाएगा और शेष 2,225 किलोमीटर लंबी सड़कों का काम मार्च, 2027 तक पूरा हो जाएगा। सरकार का विज़न स्पष्ट है कि राज्य का हर ज़िला सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा होना चाहिए, जिससे सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि शहरी जीवन को आसान और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए, हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड एक नई क्रांति ला रही है। वर्तमान में 10 बड़े शहर रोहतक, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, हिसार, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला तथा करनाल में सिटी बस सेवा उपलब्ध है और यहां 65 इको-फ्रेंडली ई-बसें सड़कों पर चल रही हैं।
परिवहन ढांचे को मज़बूत करने के लिए, पानीपत में एक इलेक्ट्रिक बस डिपो बनकर तैयार हो गया है और यमुनानगर-जगाधरी में आगामी 31 मार्च, 2026 तक डिपो बनकर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा, गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे महानगरों और 10 अन्य शहरों के लिए 650 स्टैंडर्ड फ्लोर AC बसें शुरू की जा रही हैं, जो शहरी परिवहन को नई परिभाषा देगा।
राज्यपाल ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए 11,607 करोड़ रुपये की लागत का ‘हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर’ गेम-चेंजर साबित होगा। इसका प्राथमिक सेक्शन, पातली-मानेसर, माल गाड़ियों के लिए खोला जा चुका है और पूरे प्रोजेक्ट को जून, 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है। साथ ही, हम सड़कों पर सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए लेवल क्रॉसिंग खत्म कर रहे हैं। अब तक विभिन्न रेलवे ट्रैक्स पर 100 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) बनाए जा चुके हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि हवाई क्षेत्र में हिसार एक मुख्य हब बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2025 को हिसार-अयोध्या-हिसार रूट पर उड़ान सेवा का औपचारिक उद्घाटन किया था। यह सरकार की आस्था और विकास के संगम को प्रदर्शित करता है। अब तक लगभग 4,000 श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर चुके हैं। हिसार एयरपोर्ट से चंडीगढ़ और जयपुर के लिए भी हवाई सेवाएं शुरू की गई हैं।
ग्रामीण विकास: गांवों से विकास की धारा
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने राज्य में ग्रामीण विकास के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि हरियाणा के गांव इसकी आत्मा हैं। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास को केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सम्मानजनक जीवन स्तर को लक्ष्य बनाया है। डिजिटल सेवाओं को गांवों तक पहुंचाकर प्रशासन को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। पंचायतों को सशक्त बनाकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी है।
उन्होंने बताया कि भारतनेट विस्तार प्रोजेक्ट के माध्यम से सभी 6,222 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जा रहा है। लगभग 82 प्रतिशत पंचायतों में कनेक्टिविटी पहले ही स्थापित हो चुकी है, जिससे राजकीय विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस स्टेशन डिजिटल मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत, हरियाणा हर ग्रामीण घर में नल के पानी का कनेक्शन देने वाले अग्रणी राज्यों में से एक है। महाग्राम योजना के तहत, ग्रामीण इलाकों में शहरी स्तर की सुविधाएं देने की कोशिशें चल रही हैं। इसके तहत, 19 गांवों में परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं और 43 गांवों में कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि गांवों में सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए, सरकार ने 983 अटल लाइब्रेरी, 415 इन्डोर जिम और 616 महिला सांस्कृतिक केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए 830 गांवों में स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और 283 करोड़ रुपये की लागत से गांवों के कच्चे रास्तों को पक्का किया गया है।
राज्यपाल ने बताया कि सभी विधायकों की सिफारिश पर, इस वित्त वर्ष में अब तक 963 करोड़ 40 लाख रुपये की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्रीय विकास में और तेजी आएगी। अमृत सरोवर योजना के तहत, 724 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे भू-जलस्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत हर गांव को ODF-प्लस मॉडल में बदलने की कोशिश की जा रही है, जिसमें हज़ारों सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स पहले ही पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए विकसित भारत-गारंटी लागू करने और 125 दिन प्रतिवर्ष की मज़दूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे गांव के गरीबों के लिए रोज़गार की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
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हरियाणा सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस-राज्य बनाने के लिए लगातार काम कर रही है : राज्यपाल
- कहा , दिसंबर 2027 तक सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणालियां स्थापित करना लक्ष्य
चंडीगढ़ , 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सरप्लस राज्य बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। वर्ष 2020-21 से पूरे राज्य में 4,818 करोड़ रुपये की लागत से 223 नए सब-स्टेशन बनाए गए हैं और 1,302 किलोमीटर लंबी नई ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।
राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र की उपल्बधियां बताते हुए कहा कि कुशल प्रबंधन से सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियां (AT&C) वर्ष 2014-15 के 30 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024-25 में केवल 9.48 प्रतिशत रह गई हैं। ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के विज़न के अनुरूप, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2025 को यमुनानगर में 7,272 करोड़ रुपये की लागत वाली 800 MW की अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल यूनिट की नींव रखी, जो हमारी भविष्य की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने बताया कि ‘म्हारा गांव- जगमग गांव’ योजना के तहत, 6,019 गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत 55,157 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। हमारा लक्ष्य दिसंबर, 2027 तक सभी सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा प्रणालियां स्थापित करना है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2014-15 से अब तक लगभग 3.13 लाख ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए गए हैं। यह वर्ष 2004 से 2014 के पिछले 10 सालों में जारी किए गए 1 लाख 69 हजार 226 नए ट्यूबवेल कनेक्शन से काफी अधिक हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 1,88,116 सोलर पंप लगाकर हरियाणा आज देश में दूसरे स्थान पर है।
प्रोफ़ेसर घोष ने बताया कि गांवों में बड़े पैमाने पर सोलर स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जा रही हैं। ये प्रयास हरियाणा को एक साफ, हरा-भरा और ऊर्जा सुरक्षित राज्य बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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आज हरियाणा निवेशकों की पहली पसंद बना- असीम कुमार घोष
मारुति सुज़ुकी की नई 6,000 करोड़ रुपये की यूनिट का उत्पादन अप्रैल 2026 में खरखौदा में होगा शुरू
चण्डीगढ़, 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि मौजूदा सरकार ने हरियाणा को भारत के सबसे भरोसेमंद इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में से एक बनाने के लिए “रेड टेप” की जगह “रेड कार्पेट” बिछाया है। नीतिगत स्पष्टता, सुदृढ़ अवसंरचना और सुधारोन्मुखी शासन ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है, जिससे रिकॉर्ड निवेश आकर्षित हुए हैं और राज्य में रोजगार सृजन को गति मिली है। इसके अलावा, श्री असीम कुमार घोष ने बताया कि नवंबर, 2025 में भारत सरकार द्वारा प्रकाशित बिज़नेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान रैंकिंग में, राज्य ने 400 मुश्किल सुधारों को लागू करते हुए 99.50 प्रतिशत के शानदार स्कोर के साथ ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा हासिल किया है।
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन सदन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा अब वैश्विक और घरेलू निवेशकों के लिए एक पसंदीदा केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। राज्यपाल ने कहा कि निवेशक-अनुकूल नीतियों, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, मजबूत आधारभूत ढांचे और नीतिगत पारदर्शिता के कारण हरियाणा निवेश के लिए विश्वसनीय गंतव्य बनता जा रहा है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को मूल कार्य संस्कृति के रूप में अपनाया है। इससे सरकार नया निवेश लाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सफल हुई है।
राज्य ने 2.75 लाख करोड़ रुपये के कुल निर्यात और 1,61,707 करोड़ रुपये के माल निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट) के साथ नया एक्सपोर्ट बेंचमार्क बनाया
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थल के रूप में उभरा है। जैसे-जैसे ग्लोबल सप्लाई चेन निरंतर विकसित हो रही है, राज्य का एनसीआर क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित हो रहा है। वर्ष 2023-24 में, राज्य का कुल निर्यात 2.75 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छू गया है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2024-25 में, राज्य से हमारे माल निर्यात (मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट) ने 1 लाख 61 हजार 707 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छूआ है, जो पिछले साल से 10.62 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
हरियाणा की प्रगति रैंकिंग से आगे बढ़ गई है
हरियाणा की प्रगति रैंकिंग से कहीं आगे बढ़कर है। इस सम्मानित सदन ने 22 दिसंबर, 2025 को जन- विश्वास बिल-2025 पास करके इतिहास रचा है, जिससे 42 राज्य कानूनों के 164 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। इससे उद्यमियों में भरोसा और गहरा हुआ है। राज्य सरकार ने प्रमाणन, लाइसेंस और अनुमोदन प्रक्रियाओं में देरी करने वाले पुराने और जटिल नियमों को समाप्त कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के लिए सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया है।
राज्यपाल ने बताया कि ऑटो-सीएलयू अनुमोदन, दस्तावेजीकरण की सरल प्रक्रिया तथा फायर एनओसी के लिए स्व-प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाओं से प्रक्रियाएं सरल हुई हैं। श्रम सुधारों के तहत दुकानों के कार्य-घंटों का विस्तार किया गया है तथा महिलाओं को कड़े सुरक्षा प्रावधानों के साथ रात्रि पाली में कार्य करने की अनुमति दी गई है।
मारुति सुज़ुकी की नई 6,000 करोड़ रुपये की यूनिट का उत्पादन अप्रैल 2026 में खरखौदा में शुरू होगा
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि चालू वित्त वर्ष राज्य में मेगा प्रोजेक्ट्स में महत्त्वपूर्ण निवेश का साक्षी रहा है। मारुति सुज़ुकी ने फरवरी, 2025 में आईएमटी खरखौदा में 9,413 करोड़ रुपये के निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया तथा एक नई इकाई में भी 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो अप्रैल, 2026 में उत्पादन शुरू करेगी। आईएमटी सोहना में एटीएल बैटरी टेक्नोलॉजी द्वारा दुनिया की सबसे बड़ी लिथियम-आयन बैटरी यूनिट की पहली इकाई में, सितंबर, 2025 में 3,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ उत्पादन शुरू किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि स्टेट मिनी क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम के तहत कॉमन फैसिलिटी केंद्र (सीएफसी) बनाने के लिए 49 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 32 कॉमन फैसिलिटी केंद्र अब चालू हैं और 17 पर काम चल रहा है। ‘पदमा’ नीति के तहत हर ब्लॉक के लिए एक खास उत्पाद की पहचान की गई है। पिछले बजट में ‘पदमा’ नीति के तहत घोषित सभी 10 नए क्लस्टर को स्वीकृति मिल गई है।
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प्रदेश सरकार सरकार राजकोषीय स्थिरता और दक्ष कर प्रबंधन को दे रही है प्राथमिकता : प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष
- कहा , हरियाणा ने आर्थिक मजबूती के नए मानदंड स्थापित किए
चंडीगढ़ , 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा सरकार राजकोषीय स्थिरता और दक्ष कर प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है। इसके परिणामस्वरूप, हरियाणा ने आर्थिक मजबूती के नए मानदंड स्थापित किए हैं। इस वित्तीय वर्ष में जनवरी माह तक, कुल राज्य जी.एस.टी. वृद्धि में हरियाणा देश में सभी राज्यों में प्रथम स्थान पर रहा है।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष शुक्रवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ अवसर पर अपना अभिभाषण दे रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में GST संग्रहण में यह ज़बरदस्त बढ़ोतरी न सिर्फ हरियाणा के नागरिकों की उद्यमिता की भावना को दर्शाती है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लगातार विस्तार और बढ़ती मजबूती की ओर भी इंगित करती है। आबकारी, VAT और CST से राजस्व भी बजट लक्ष्य के हिसाब से लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कर-प्रणाली को और अधिक मानवीय और सरल बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम-2025 को नागरिकों का बहुत समर्थन मिला है। इससे 1.15 लाख से अधिक छोटे दुकानदारों को लाभ हुआ है।करदाता-अनुकूल मोबाइल एप्लिकेशन और अलग-अलग ई-गवर्नेंस पहलों के ज़रिए पारदर्शिता को मज़बूत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में, GST 2.0 सुधारों से कर प्रणाली में एक बड़ा बदलाव आया है। इसमें सरलीकृत दो-स्लैब संरचना, तार्किक दरों और तेज़ी से रिफंड शामिल हैं, जिससे GST और अधिक नागरिक केंद्रित और बिज़नेस-फ्रेंडली बन गया है।
आर्थिक विकास को समावेशी, संतुलित और दीर्घकालिक बनाया
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष यह भी कहा कि मज़बूती से बढ़ती अर्थव्यवस्था ही सुशासन, सामाजिक न्याय और भविष्योन्मुखी सतत् विकास को सुनिश्चित करती है। राज्य सरकार ने वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी योजनाओं को केंद्र में रखकर आर्थिक विकास को समावेशी, संतुलित और दीर्घकालिक बनाने का निरंतर प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि देश के भौगोलिक क्षेत्र का केवल 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत होने के बावजूद, हरियाणा राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में 3.8 प्रतिशत का प्रभावी योगदान दे रहा है। हरियाणा का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर 9.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, जो वास्तविक आर्थिक विकास को दर्शाती है। वर्तमान मूल्यों पर, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 3.95 लाख रुपये हो गई है, जो बेहतर जीवन यापन स्तर को दर्शाती है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय GST संग्रहण में 7.34 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ, हरियाणा देश में पांचवें स्थान पर है, जो प्रदेश की सुदृढ़ कर प्रणाली को दर्शाता है।शासन को और अधिक पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए 160 योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में, इन योजनाओं के लाभार्थियों को 11,403 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। विकेंद्रित नियोजन को मज़बूत करने के लिए जिला योजनाओं के लिए आवंटन भी बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर जीडीपी और जीएसटी संग्रह में राज्य के महत्वपूर्ण योगदान, इसके सीमित भौगोलिक क्षेत्र व जनसंख्या आकार तथा सुदृढ़ वित्तीय मानकों को ध्यान में रखते हुए 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा बढ़ाने के लिए मज़बूती से अपना पक्ष रखा। यह हर्ष की बात है कि आयोग ने इन तथ्यों को माना और कर में हिस्सा देने के फ़ॉर्मूले में पहली बार 10 पॉइंट्स के वेटेज के साथ "जीडीपी में योगदान" का एक नया मानदंड पेश किया। परिणामस्वरूप, करों में हरियाणा का हिस्सा 15वें वित्त आयोग के 1.093% से बढ़कर 1.361% हो गया है, अर्थात् इसमें 24.52% की बढ़ोतरी हुई। कुल मिलाकर, हरियाणा को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा में कुल 61,736 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और 16वें वित्त आयोग के अनुमान के अनुसार राज्य को लगभग 1,42,156 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पहले के हिस्से से 2.3 गुना ज़्यादा है।
प्रोफ़ेसर असीम कुमार घोष ने सरकार की बेहतर आर्थिक एवं वित्तीय नीति पर बधाई देते हुए कहा कि हरियाणा ने सभी राज्यों में सबसे ज़्यादा प्रतिशत हिस्सेदारी बढ़ाने वाला टॉप राज्य होने का गौरव प्राप्त किया है।
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हरियाणा सरकार ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को बढ़ाया आगे
हिंदी आंदोलन और आपातकाल के सत्याग्रहियों को उनके योगदान के लिए 20,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी
चण्डीगढ़, 20 फरवरी - हरियाणा के राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि
वर्तमान राज्य सरकार ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, महान विभूतियों के सम्मान तथा सार्वजनिक जीवन, मीडिया और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े योगदानकर्ताओं के लिए कल्याणकारी उपायों को सुदृढ़ करने हेतु कई ऐतिहासिक पहलें की हैं। यह सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत परंपराओं को संजोते हुए समकालीन उपलब्धियों का भी सम्मान किया जा रहा है।
शुक्रवार को यहां 15वीं विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन सदन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बताया कि कुरुक्षेत्र के सेक्टर-33 में सिख गुरुओं को समर्पित सिख संग्रहालय एवं स्मारक के निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना पर लगभग 170 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसी प्रकार सेक्टर-33 में ही संत गुरु रविदास भवन एवं संग्रहालय के लिए 5.39 एकड़ भूमि स्वीकृत की गई है, जिस पर लगभग 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्यपाल ने बताया कि ‘हिंद की चादर’ Guru Tegh Bahadur जी के 350वें शहीदी वर्ष को पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धापूर्वक मनाया गया। 25 नवंबर, 2025 को कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गुरुजी की स्मृति में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया। 18 दिसंबर, 2025 को इस सदन ने उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव भी पारित किया।
राज्यपाल ने श्री खेमराज सुंद्रियाल को पद्मश्री सम्मान प्राप्त होने पर बधाई दी। पानीपत निवासी श्री खेमराज को बुनकर एवं हस्तशिल्प कला में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि हिंदी आंदोलन और आपातकाल के सत्याग्रहियों को उनके योगदान के सम्मान में 20,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। मान्यता प्राप्त मीडिया कर्मियों को 15,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। इसके अतिरिक्त उन्हें 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा तथा 20 लाख रुपये तक का जीवन बीमा रियायती प्रीमियम दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही हरियाणा रोडवेज की बसों में प्रतिवर्ष 4,000 किलोमीटर तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा और चिकित्सा आपात स्थिति या मृत्यु की स्थिति में 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
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बजट सत्र: राज्यपाल ने समावेशी शहरी विकास और नागरिक सेवाओं का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया
पारदर्शी शासन, किफायती आवास और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन, सरकार के विकास एजेंडा के केंद्र में - असीम कुमार घोष
सरकार प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत
चंडीगढ़, 20 फरवरी – हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन सदन को संबोधित करते हुए समावेशी शहरी विकास और नागरिक-केंद्रित सुशासन का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाखों परिवारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने, किफायती आवास उपलब्ध कराने, शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
राज्यपाल ने बताया कि नगर निकाय क्षेत्रों में 11,503 एकड़ में फैली 858 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमितीकरण के लिए अधिसूचित किया गया है। यह ऐतिहासिक कदम लाखों परिवारों को कानूनी मान्यता और आवश्यक नागरिक सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करेगा। इन कॉलोनियों में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़िकरण के लिए 723.18 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि ‘समाधान से विकास’ योजना ने राजस्व वसूली और विकास कार्यों के बीच संतुलन स्थापित किया है और इसे अब 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। अब तक 3,718.14 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही 82 नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा वितरण सुनिश्चित हुआ है।
दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का नरेला से कुंडली तक विस्तार को मिली स्वीकृति किया गया है
राज्यपाल ने बताया कि गुरुग्राम मेट्रो रेल परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है और इसके प्रथम चरण में 11 किलोमीटर लम्बे भाग का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। वर्ष 2014 से अब तक 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से 34.76 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइनें संचालित की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का नरेला से कुंडली तक विस्तार स्वीकृत किया गया है।
दीन दयाल जन आवास योजना के अंतर्गत इस वर्ष 1,100 एकड़ क्षेत्र में 127 लाइसेंस जारी किए गए
उन्होंने कहा कि ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में इस वर्ष दीन दयाल जन आवास योजना के अंतर्गत 1,100 एकड़ क्षेत्र में 127 लाइसेंस जारी किए गए हैं, जिससे मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए 16,797 किफायती प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, किफायती समूह आवास योजना के अंतर्गत 11,525 आवासीय इकाइयों को स्वीकृति दी गई है।
हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति
राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 7,299 गांवों और 85 शहरों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। चालू वित्त वर्ष के दौरान 17 नहर आधारित जल संयंत्र, 287 ट्यूबवेल और 52 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित कर जल ढांचे को और मजबूत किया गया है। अमृत 2.0 के अंतर्गत 1,727 करोड़ रुपये की लागत से 57 नए पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाएं क्रियान्वित की जानी हैं, जिनमें से 56 परियोजनाओं पर कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।
दिसंबर 2027 तक सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2020–21 से अब तक 4,818 करोड़ रुपये के निवेश से 223 नए सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं तथा 1,302 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं। कुशल प्रबंधन के कारण एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (AT&C) हानियां 2014–15 के 30 प्रतिशत से घटकर 2024–25 में 9.48 प्रतिशत रह गई हैं।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल, 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यमुनानगर में 7,272 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल इकाई की आधारशिला रखी, जो भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
प्रो. असीम कुमार घोष ने बताया कि ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना के तहत 6,019 गांवों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 55,157 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं तथा दिसंबर 2027 तक सभी सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2014–15 से अब तक लगभग 3.13 लाख ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि वर्ष 2004 से 2014 के बीच 1,69,226 कनेक्शन जारी हुए थे। पीएम-कुसुम योजना के तहत 1,88,116 सोलर पंप स्थापित कर हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि गांवों में बड़े पैमाने पर सोलर स्ट्रीट लाइटें भी स्थापित की जा रही हैं। ये सभी प्रयास हरियाणा को स्वच्छ, हरित और ऊर्जा-सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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हरियाणा बजट सत्र की शुरुआत सर्वसम्मति, संविधान और जनसेवा के संकल्प के साथ
अंत्योदय और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता – राज्यपाल
एकता, राष्ट्रभक्ति और ‘सबका साथ–सबका विकास’ राज्य की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करेंगे – राज्यपाल
चंडीगढ़, 20 फरवरी – हरियाणा विधानसभा के 15वें विधानसभा सत्र के बजट सत्र के प्रथम दिन आज सदन को संबोधित करते हुए हरियाणा के राज्यपाल श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार राजनीतिक शक्ति को जनसेवा का माध्यम मानती है और इसे समाज के अंतिम एवं सबसे निचले पायदान पर खड़े परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में समर्पित भाव से उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट सत्र सार्थक विचार-विमर्श और संवाद के माध्यम से ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी बनेगा। राज्यपाल ने पुनः दोहराया कि सरकार गरीबों के जीवन स्तर में सुधार, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण तथा प्रत्येक नागरिक को गरिमा, सुरक्षा और अवसर सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत के राष्ट्रीय गीत, 'वंदे मातरम्’ के हाल ही में 150 वर्ष पूरे हुए हैं। यह गीत भारत की आत्मा है और भारत माता के प्रति हमारे समर्पण की अमर गाथा है। हरियाणा की धरा हमेशा से राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रही है। ‘वंदे मातरम्’ का भाव हमारी संस्कृति, लोकगीतों और जीवनशैली में सहज रूप से समाया हुआ है। देश भर में हमारे राज्य के लोगों को खाद्य सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और ओलंपिक मेडल दिलाने के लिए सराहा जाता है। हमारे किसान, सैनिक और खिलाड़ी हमेशा ‘वंदे मातरम्’ की भावना से प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन को बेहतर बनाना, किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोज़गार देना और महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करना ही देश की सच्ची सेवा तथा ‘वंदे मातरम्’ की सच्ची अभिव्यक्ति है।
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दिए गए मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' को सुशासन का आधार बनाया है। यह हम सबका सपना है कि जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 साल पूरे करेगा, तब तक यह एक विकसित, आत्मनिर्भर और दुनिया में सबसे आगे रहने वाला देश होगा। इस राष्ट्रीय संकल्प में हरियाणा की भूमिका बहुत अहम होगी। इसलिए, 'हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट-2047' तैयार किया है। हरियाणा विज़न डॉक्यूमेंट का लोकार्पण गत 24 दिसंबर, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा पंचकूला में किया गया। यह डॉक्यूमेंट वर्ष 2047 तक हरियाणा को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था के रूप में दृढ़ता से स्थापित करने के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट है। इस डॉक्यूमेंट में ‘विकसित हरियाणा’ बनाने के लिए छ: मुख्य संकल्प हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी का ‘अंत्योदय दर्शन’ संवेदनशील शासन की नैतिक प्रतिबद्धता है। इस मार्ग पर चलते हुए सोशल सिक्योरिटी पेंशन अब प्रो-एक्टिव मोड में दी जा रही हैं। परिवार पहचान पत्र के डेटा के ज़रिए योग्य लाभार्थियों की पहचान की जाती है और बिना किसी एप्लीकेशन या सरकारी ऑफिस के चक्कर लगाए पात्रता होने पर पेंशन स्वतः शुरू हो जाती है। हरियाणा देश में सबसे अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने वाले राज्यों में से एक है। वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, दिव्यांगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को हर महीने 3,200 रुपये मिलते हैं। खास बात यह है कि दिव्यांगों के अधिकार अधिनियम-2016 के तहत दिव्यांगता की सभी 21 कैटेगरी को पेंशन स्कीम में शामिल किया गया है। थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसी बीमारियों के लिए अतिरिक्त वित्तीय मदद भी दी जा रही है।
श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को प्रभावी रूप से लागू किया है। इस योजना के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। साथ ही, अब उन माताओं को भी योजना में शामिल किया गया है जो अपने बच्चों की शिक्षा, पोषण और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित कर रही हैं। अब तक 9 लाख 22 हजार 452 लाभार्थी बहनों के खातों में 4 किस्तों में 634 करोड़ रुपये की राशि डाली जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्थान के लिए, ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 71 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा रही है। इस स्कीम को भी प्रो-एक्टिव तरीके से लागू किया जा रहा है। ‘डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्र योजना’ के तहत विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु 12,000 रुपये तक की एकमुश्त अनुदान राशि प्रदान की जाती है। ‘दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना ( दयालु )’ के तहत, 1 लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सुरक्षा दी जाती है। अब तक, 49 हजार 983 लाभार्थियों को 1 हजार 881 करोड़ रुपये की मदद दी गई है। स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘पी.एम. स्वनिधि योजना’ के तहत लोन और ब्याज सब्सिडी भी दी जा रही है।
श्री असीम कुमार घोष ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण)’ के तहत हरियाणा में 1 लाख 56 हजार से ज़्यादा मकान बनाए गए हैं। राज्य में ‘मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना’ के तहत 14 शहरों में 30 वर्ग गज (एक मरला) के 15 हजार 256 प्लॉट दिए गए हैं। इसी तरह, ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना’ के तहत 50 से 100 वर्ग गज तक के 12 हजार 561 प्लॉट दिए गए हैं। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मकान बनाने के लिए वित्तीय मदद भी सुनिश्चित की जा रही है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हज़ारों परिवारों को प्लॉट का कब्ज़ा और निर्माण के लिए सहायता मिली है। ये चुनिंदा झलकियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि अंत्योदय सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि हरियाणा में शासन की नींव है।
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